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Uttarakhand Rain Alert:उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर अलर्ट

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उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर अलर्ट, मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए सतर्क रहने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को राज्यभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

राहत और बचाव दल रहें पूरी तरह तैयार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां कहीं भी भारी बारिश, भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने या अन्य आपदा संबंधी स्थिति उत्पन्न हो, वहां जिला प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करे। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह तैयार रहें ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं की त्वरित बहाली पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण यदि सड़क, बिजली, पेयजल या संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो उनकी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा।

यात्रियों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और उत्तराखंड आने वाले यात्रियों से मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी ढलानों तथा उफनते नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें।

सरकार अलर्ट मोड पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी असुविधा, आपदा या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें।

केंद्रीय विद्युत मंत्री से मिले सीएम धामी, उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली और ₹3,638 करोड़ की पारेषण परियोजना पर हुई चर्चा

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केंद्रीय विद्युत मंत्री से मिले मुख्यमंत्री धामी, ऊर्जा परियोजनाओं और अतिरिक्त बिजली आवंटन पर की अहम चर्चा

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों, जल विद्युत परियोजनाओं, पम्प्ड स्टोरेज योजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पिटकुल की एडीबी (ADB) सहायतित पारेषण परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों, कम वर्षा और जलाशयों में घटते जलस्तर के कारण आगामी महीनों में जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।

जुलाई और अगस्त के लिए मांगी अतिरिक्त बिजली

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से जुलाई 2026 की शेष अवधि के लिए 150 मेगावाट और अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में बढ़ती मांग को संतुलित करने में मदद मिलेगी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता की मांग

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर जल विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं और यहां ऊर्जा अवसंरचना विकसित करने की लागत भी अधिक है।

10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने का लक्ष्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता या वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगी।

BESS क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्वीकृत क्षमता 500 मेगावाट आवर से बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर करने तथा उसके अनुरूप वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

पिटकुल की ₹3,638 करोड़ की ADB परियोजना पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने पिटकुल की 3,638.26 करोड़ रुपये लागत वाली एडीबी सहायतित पारेषण परियोजना का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि परियोजना के लिए प्रस्तावित 80:20 के मूल वित्तीय मॉडल (ADB ऋण और राज्यांश) को यथावत रखा जाए।

उन्होंने बताया कि परियोजना में 2,910.61 करोड़ रुपये का एडीबी ऋण प्रस्तावित है और यह व्यवस्था विशेष श्रेणी के हिमालयी राज्यों के लिए निर्धारित वित्तीय ढांचे के अनुरूप है। यदि एडीबी की हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत की जाती है तो राज्य को मिलने वाले वित्तीय लाभ प्रभावित होंगे।

ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत में उत्तराखंड की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड की विशाल जल विद्युत क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र, पारेषण अवसंरचना और सतत विकास को नई गति मिलेगी।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Visual Learning Curriculum:समावेशी शिक्षा मिशन-2030

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सीएम धामी ने किया समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का शुभारंभ, विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग पाठ्यक्रम का विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में शाइन अवी लर्निंग समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए तैयार किए गए विजुअल लर्निंग करिकुलम आधारित पुस्तकों और शिक्षण सामग्री का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शाइन अवी लर्निंग की यह पहल शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

नई शिक्षा नीति से मिलेगा नवाचार और आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें समझने, सोचने, नवाचार करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

उत्तराखंड में शिक्षा क्षेत्र में तेजी से हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल शिक्षण सामग्री और विज्ञान आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए विद्यालयों में रैंप, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। राज्य के 11 विशेष विद्यालयों में 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रारंभिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा शेष रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

हर बच्चे को मिले समान अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल परीक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है।

रिवर्स पलायन का प्रेरक उदाहरण बनी शाइन अवी लर्निंग

मुख्यमंत्री ने शाइन अवी लर्निंग की संस्थापक शिक्षाविद अनीता शर्मा और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि विदेश से उत्तराखंड लौटकर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करना रिवर्स पलायन का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासी अपने गांवों और राज्य में लौटकर नई संभावनाओं को आकार दे रहे हैं।

कई क्षेत्रों में देश के लिए उदाहरण बन रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कई क्षेत्रों में देश के लिए मिसाल बन रहा है। राज्य ने सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की, सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया और युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, शिक्षाविद अनीता शर्मा सहित शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने 180 नेचर गाइडों को रोजगार प्रमाण-पत्र दिए, बोले- उत्तराखंड के जंगलों और संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर हैं युवा

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मुख्यमंत्री धामी ने 180 नेचर गाइडों को दी बधाई, बोले- रोजगार और रिवर्स पलायन का मजबूत माध्यम बन रहा ईको-टूरिज्म

देहरादून/रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार से वर्चुअल माध्यम के जरिए तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फांटो जोन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान 180 प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, कौशल और प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

नेचर गाइड आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ताकत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नेचर गाइड स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन युवाओं की सराहना की जो रिवर्स पलायन कर अपने गांव लौटे हैं और पर्यटन आधारित रोजगार से जुड़कर नई पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गांवों में बढ़ते रोजगार और नई संभावनाओं का संकेत है।

फांटो जोन बना ईको-टूरिज्म का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनगर का फांटो जोन आज ईको-टूरिज्म और समुदाय आधारित पर्यटन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, घने जंगल और वन्यजीव देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फांटो जोन तेजी से टाइगर साइटिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना रहा है। यहां विकसित ट्री हाउस और प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियां पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान कर रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है।

पर्यटन से मजबूत हो रही स्थानीय अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म से होमस्टे संचालकों, महिला समूहों, वाहन चालकों, स्थानीय उत्पाद निर्माताओं और छोटे व्यापारियों को नए अवसर मिल रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार होमस्टे, एडवेंचर टूरिज्म, शीतकालीन पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अब उत्तराखंड के गांव केवल पुरानी यादों का हिस्सा नहीं, बल्कि रोजगार और विकास की नई संभावनाओं के केंद्र बन रहे हैं।

जंगलों और संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर हैं नेचर गाइड

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर गाइड का कार्य केवल पर्यटकों को जंगल घुमाना नहीं है। वे उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा, जैव विविधता और “अतिथि देवो भवः” की भावना के सच्चे प्रतिनिधि हैं।

उन्होंने कहा कि नेचर गाइड पर्यटकों को प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व से परिचित कराते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों और प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने की पूजा-अर्चना; 147 करोड़ के मास्टर प्लान से बदलेगी तस्वीर

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

हरेला पर्व पर पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

147 करोड़ रुपये से विकसित हो रहा जागेश्वर धाम

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि जागेश्वर मास्टर प्लान के तहत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में प्राचीन मंदिरों की मूल सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

पीएम मोदी के दौरे के बाद बढ़ा श्रद्धालुओं का आकर्षण

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और स्वरोजगार को लाभ मिला है।

धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना है। डबल इंजन सरकार धार्मिक पर्यटन, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि

श्रावणी मेले के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

हरेला पर्व पर मुख्यमंत्री धामी ने वृद्ध जागेश्वर धाम में की पूजा-अर्चना

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हरेला पर्व पर वृद्ध जागेश्वर धाम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश की खुशहाली के लिए की विशेष पूजा

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर प्रसिद्ध वृद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने देवाधिदेव महादेव से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए राज्य के निरंतर विकास एवं जनकल्याण का आशीर्वाद मांगा।

भगवान शिव से प्रदेश के कल्याण की प्रार्थना

पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की उन्नति, सामाजिक समृद्धि और जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में उपस्थित कन्याओं को प्रसाद वितरित कर उनका आशीर्वाद भी लिया।

हरेला पर्व की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वृद्ध जागेश्वर धाम उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख और प्राचीन शिव धामों में से एक है, जिसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पूरे देश में है।

धार्मिक धरोहरों के संरक्षण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से है तथा सरकार इन धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंदिर परिसर का किया निरीक्षण

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने वृद्ध जागेश्वर मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह मेहरा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, मंदिर समिति के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

लखवाड़ परियोजना का मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने किया निरीक्षण, 2031 तक निर्माण कार्य पूरा करने के दिए निर्देश

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लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, 2031 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य

देहरादून/देहरादून जनपद। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को देश की महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजनाओं में शामिल लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को परियोजना को निर्धारित समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।

2031 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) और कार्यदायी संस्था एलएंडटी को वर्ष 2031 तक परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया।

गौरतलब है कि पहले परियोजना को दिसंबर 2034 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब सरकार इसे तीन वर्ष पहले पूरा कराने की दिशा में काम कर रही है।

मशीन और मैनपावर बढ़ाने के निर्देश

आनंद बर्द्धन ने कहा कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन की आवश्यकता होने पर तुरंत व्यवस्था की जाए। उन्होंने अधिकारियों से अगले दो से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।

मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए PERT Chart तैयार करने और उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

गुणवत्ता और तकनीकी परीक्षण पर जोर

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अनिवार्य तकनीकी परीक्षण समय पर पूरा कराने और केंद्रीय जल आयोग की आवश्यकताओं के अनुरूप रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने यूजेवीएनएल और एलएंडटी के अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से मौके पर रहकर दैनिक, पाक्षिक और मासिक समीक्षा करें, ताकि कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रभावित लोगों को जल्द मिले मुआवजा

मुख्य सचिव ने अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कई राज्यों को मिलेगा लाभ

लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के पूर्ण होने पर उत्तराखंड सहित कई राज्यों को सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा। इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना माना जाता है और लंबे समय से इसके निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक ए.के. सिंह, एलएंडटी के महाप्रबंधक प्रभु कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर विष्णु मोहन श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गदरपुर में भाजपा की संगठनात्मक बैठक, 2027 चुनावी तैयारियों पर फोकस

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गदरपुर में भाजपा की संगठनात्मक बैठक, चुनावी रणनीति और बूथ मजबूती पर मंथन

गदरपुर। ऊधमसिंह नगर के गदरपुर स्थित मोदी बैंक्विट हॉल में भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठन विस्तार और बूथ सशक्तिकरण को लेकर रणनीति बनाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक अरविंद पांडे, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक हुड़िया तथा मुख्य वक्ता एवं काशीपुर जिला सह प्रभारी भारत भूषण चुघ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विकास कार्यों को लेकर सरकार का पक्ष रखा

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य का कोई भी क्षेत्र विकास से अछूता नहीं रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही हैं और यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

2027 चुनाव की तैयारियों का दिया संदेश

मुख्य वक्ता भारत भूषण चुघ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। चुघ ने जोर देते हुए कहा कि पार्टी का हर बूथ मजबूत होना चाहिए और युवा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।

संगठन को मजबूत बनाने पर जोर

बैठक में वक्ताओं ने संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक जिला उपाध्यक्ष चंकित हुड़िया रहे, जबकि संचालन मंडल महामंत्री अनिल जेटली ने किया। कार्यक्रम का समापन प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक हुड़िया ने किया।

बैठक में दिनेशपुर मंडल अध्यक्ष विश्वजीत मंडल, केलाखेड़ा मंडल अध्यक्ष शशिप्रीत सिंह, अजय बठला, प्रकाश कोश्यारी, जितेंद्र गुप्ता, महेंद्र कालरा, रेनू बिष्ट, कंचन सिंह, अभिषेक वर्मा समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चमोली को CM धामी की बड़ी सौगात, ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

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चमोली को CM धामी की बड़ी सौगात, ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़ा के तहत गोपेश्वर में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में चमोली जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने जनपद में कुल ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर विकास कार्यों को नई गति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने ₹113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹41.37 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण किया।

चमोली के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन, पशुपालन और आपदा सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चमोली जिले का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है।

इन प्रमुख योजनाओं का हुआ शिलान्यास

मुख्यमंत्री द्वारा जिन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें शामिल हैं—

  • जोशीमठ-नीति मार्ग पर जुग्जू में स्टील ट्रस पुल – ₹4.34 करोड़
  • लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर 78 मीटर लौह सेतु – ₹9.62 करोड़
  • चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग विस्तार – ₹2.20 करोड़
  • विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग – ₹2.57 करोड़
  • नन्दानगर क्षेत्र की 13 पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार – ₹2.51 करोड़
  • मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग – ₹4.36 करोड़
  • सेम-तोप सामुदायिक भवन एवं पार्किंग – ₹3.03 करोड़
  • नन्दानगर पार्किंग निर्माण – ₹3.20 करोड़
  • नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मोटर मार्ग – ₹6.99 करोड़
  • हरनीचक-मुन्दोली मार्ग – ₹7.42 करोड़
  • थराली-घाट (डुंग्री) मोटर मार्ग – ₹9.36 करोड़

इसके अलावा कई बाढ़ सुरक्षा, पुल, सिंचाई, शिक्षा और पशुपालन से जुड़ी परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण किया उनमें शामिल हैं—

  • गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य – ₹1.42 करोड़
  • सेमी-मासों मोटर मार्ग – ₹2.71 करोड़
  • हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग – ₹2.34 करोड़
  • नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग डामरीकरण – ₹1.15 करोड़
  • जिला चिकित्सालय चमोली एवं बीपीएचयू पोखरी में डीआईपीएचएल भवन
  • बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी – ₹3.50 करोड़
  • स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में दो कोर्ट वाला बैडमिंटन हॉल – ₹2.45 करोड़
  • कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज – ₹40.50 लाख
  • तेफना-कण्डारा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन – ₹5.63 करोड़
  • कुलसारी-गैरवारम मोटर मार्ग अपग्रेडेशन – ₹9.32 करोड़
  • लोल्टी-मालबज्वाड़-पास्तोली मोटर मार्ग – ₹7.75 करोड़

सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा लाभ

इन परियोजनाओं के पूरा होने से चमोली जिले में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा व्यवस्था, खेल अवसंरचना, मत्स्य पालन, पर्यटन और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। साथ ही सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।

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उत्तराखंड में बनेगी राज्य की पहली एविएशन एकेडमी, पराग फार्म में पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने के निर्देश

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उत्तराखंड में हवाई सेवाओं के विस्तार और सुरक्षित एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक में उधम सिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी और पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड के लिए हवाई सेवाएं केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन रेखा हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को देहरादून से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाना चाहिए।

सभी जिला मुख्यालयों को हवाई सेवा से जोड़ने पर जोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों तक नियमित हवाई सेवाओं का नेटवर्क विकसित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से पौड़ी जनपद और पर्यटन नगरी लैंसडाउन को भी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा।

उन्होंने कहा कि राज्य में हेलिपोर्ट और हेलीपैड का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित हो सके।

पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी

बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उधम सिंह नगर स्थित पराग फार्म में एविएशन एकेडमी स्थापित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यह संस्थान भविष्य में पायलट प्रशिक्षण, विमानन तकनीक और एविएशन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तैयार करेगा।

बदरीनाथ और केदारनाथ में जल्द स्थापित होगा एयर ट्रैफिक कंट्रोल

मुख्य सचिव ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को देखते हुए सुरक्षित उड़ान संचालन के लिए आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल नेटवर्क जरूरी है।

उन्होंने यूकाडा (UCADA) को पूरे प्रदेश में एटीसी सिस्टम विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा।

सुरक्षित उड़ानों के लिए मौसम निगरानी तंत्र मजबूत होगा

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की सटीक जानकारी हवाई सेवाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आदि कैलाश और गुंजी में भी हवाई सुविधाओं की तैयारी

सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन को देखते हुए मुख्य सचिव ने गुंजी और आदि कैलाश क्षेत्र में एयरस्ट्रिप या हेलिपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। इससे पर्यटन, आपदा प्रबंधन और स्थानीय कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलेगा।

पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से कुमाऊं को मिलेगा लाभ

बैठक में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार के बाद पूरे कुमाऊं मंडल के लिए व्यापक हवाई कनेक्टिविटी योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत नए हवाई रूट प्रस्तावित करने को भी कहा गया।

उत्तराखंड में एयर कनेक्टिविटी का नया विजन

राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को हेलिपोर्ट, हेलीपैड, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और आधुनिक विमानन सुविधाओं से लैस कर देश के अग्रणी हवाई संपर्क वाले राज्यों में शामिल करना है। एविएशन एकेडमी और नए एयर नेटवर्क से पर्यटन, रोजगार, निवेश और आपदा प्रबंधन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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