उत्तराखंड में बनेगी राज्य की पहली एविएशन एकेडमी, पराग फार्म में पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने के निर्देश

0
1
उत्तराखंड में हवाई सेवाओं के विस्तार और सुरक्षित एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक में उधम सिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी और पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड के लिए हवाई सेवाएं केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन रेखा हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को देहरादून से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाना चाहिए।

सभी जिला मुख्यालयों को हवाई सेवा से जोड़ने पर जोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों तक नियमित हवाई सेवाओं का नेटवर्क विकसित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से पौड़ी जनपद और पर्यटन नगरी लैंसडाउन को भी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा।

उन्होंने कहा कि राज्य में हेलिपोर्ट और हेलीपैड का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित हो सके।

पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी

बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उधम सिंह नगर स्थित पराग फार्म में एविएशन एकेडमी स्थापित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यह संस्थान भविष्य में पायलट प्रशिक्षण, विमानन तकनीक और एविएशन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तैयार करेगा।

बदरीनाथ और केदारनाथ में जल्द स्थापित होगा एयर ट्रैफिक कंट्रोल

मुख्य सचिव ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को देखते हुए सुरक्षित उड़ान संचालन के लिए आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल नेटवर्क जरूरी है।

उन्होंने यूकाडा (UCADA) को पूरे प्रदेश में एटीसी सिस्टम विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा।

सुरक्षित उड़ानों के लिए मौसम निगरानी तंत्र मजबूत होगा

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की सटीक जानकारी हवाई सेवाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आदि कैलाश और गुंजी में भी हवाई सुविधाओं की तैयारी

सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन को देखते हुए मुख्य सचिव ने गुंजी और आदि कैलाश क्षेत्र में एयरस्ट्रिप या हेलिपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। इससे पर्यटन, आपदा प्रबंधन और स्थानीय कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलेगा।

पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से कुमाऊं को मिलेगा लाभ

बैठक में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार के बाद पूरे कुमाऊं मंडल के लिए व्यापक हवाई कनेक्टिविटी योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत नए हवाई रूट प्रस्तावित करने को भी कहा गया।

उत्तराखंड में एयर कनेक्टिविटी का नया विजन

राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को हेलिपोर्ट, हेलीपैड, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और आधुनिक विमानन सुविधाओं से लैस कर देश के अग्रणी हवाई संपर्क वाले राज्यों में शामिल करना है। एविएशन एकेडमी और नए एयर नेटवर्क से पर्यटन, रोजगार, निवेश और आपदा प्रबंधन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Tags:

#Uttarakhand #AviationAcademy #AnandBardhan #UCADA #PilotTrainingSchool #AirConnectivity #PantnagarAirport #HeliServices #Badrinath #Kedarnath #AadiKailash #UttarakhandDevelopment #Bhadas4India #CivilAviation #HeliportNetwork #UdaanScheme #DehradunNews #UttarakhandNews

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here