केंद्रीय विद्युत मंत्री से मिले मुख्यमंत्री धामी, ऊर्जा परियोजनाओं और अतिरिक्त बिजली आवंटन पर की अहम चर्चा
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों, जल विद्युत परियोजनाओं, पम्प्ड स्टोरेज योजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पिटकुल की एडीबी (ADB) सहायतित पारेषण परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों, कम वर्षा और जलाशयों में घटते जलस्तर के कारण आगामी महीनों में जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
जुलाई और अगस्त के लिए मांगी अतिरिक्त बिजली
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से जुलाई 2026 की शेष अवधि के लिए 150 मेगावाट और अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में बढ़ती मांग को संतुलित करने में मदद मिलेगी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता की मांग
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर जल विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं और यहां ऊर्जा अवसंरचना विकसित करने की लागत भी अधिक है।
10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता या वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगी।
BESS क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्वीकृत क्षमता 500 मेगावाट आवर से बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर करने तथा उसके अनुरूप वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
पिटकुल की ₹3,638 करोड़ की ADB परियोजना पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने पिटकुल की 3,638.26 करोड़ रुपये लागत वाली एडीबी सहायतित पारेषण परियोजना का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि परियोजना के लिए प्रस्तावित 80:20 के मूल वित्तीय मॉडल (ADB ऋण और राज्यांश) को यथावत रखा जाए।
उन्होंने बताया कि परियोजना में 2,910.61 करोड़ रुपये का एडीबी ऋण प्रस्तावित है और यह व्यवस्था विशेष श्रेणी के हिमालयी राज्यों के लिए निर्धारित वित्तीय ढांचे के अनुरूप है। यदि एडीबी की हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत की जाती है तो राज्य को मिलने वाले वित्तीय लाभ प्रभावित होंगे।
ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत में उत्तराखंड की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड की विशाल जल विद्युत क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र, पारेषण अवसंरचना और सतत विकास को नई गति मिलेगी।
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

