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धामी मंत्रीमंडल निर्णय एक अधिकारी, एक वाहन

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धामी मंत्रीमंडल निर्णय एक अधिकारी, एक वाहन
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
वर्क फ्रॉम होम
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नो व्हीकल डे
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों  के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।
ईवी पॉलिसी
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
“मेरा भारत, मेरा योगदान”
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।
खाद्य तेल की खपत घटाना
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।  होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

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प्रतीक यादव

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

प्रतीक यादव, जो दिवंगत समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे, का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 6 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। फिलहाल उनकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और अस्पताल की ओर से अभी कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।

प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई और कई नेता सिविल अस्पताल पहुंचने लगे।प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, हालांकि वह एक चर्चित राजनीतिक परिवार का हिस्सा होने के कारण अक्सर सुर्खियों में रहे। वे फिटनेस और व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे।

इस साल जनवरी में उन्‍होंने पत्‍नी अपर्णा पर परिवार को तोड़ने और किसी की परवाह नहीं करने के आरोप लगाए थे. उन्‍होंने एक इंस्‍टा पोस्‍ट में कहा था कि अपर्णा यादव केवल फेमस और प्रभावशाली होना चाहती हैं.उनकी वजह से मेरा परिवार टूटा और मेरे पारिवारिक रिश्‍ते खराब हुए. उन्‍होंने अपर्णा को बुरी आत्‍मा (Bad Soul) तक कहा और जल्‍द से जल्‍द तलाक लेने की बात कही थी

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने दर्ज की एफआईआर, परीक्षा रद्द

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NEET UG 2026

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने दर्ज की एफआईआर, परीक्षा रद्द

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित यह परीक्षा आरोप सामने आने के बाद रद्द कर दी गई है।

केंद्र सरकार ने मामले की व्यापक जांच सीबीआई को सौंप दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुसार परीक्षा के चार दिन बाद, यानी 7 मई की शाम कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट प्राप्त हुए थे। इसके बाद 8 मई की सुबह मामले को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया।

सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।

जांच के लिए सीबीआई की विशेष टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर भेजी गई हैं। एजेंसी अब कथित पेपर लीक नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

दोबारा होगी नीट यूजी परीक्षा

एनटीए ने बयान जारी कर कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।

तमिलनाडु में सीएम विजय सरकार का पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

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तमिलनाडु में सीएम विजय सरकार का पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

तमिलनाडु में सीएम विजय सरकार का पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली नई टीवीके सरकार ने सत्ता संभालने के बाद पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए अहम विभागों की जिम्मेदारियां बदली हैं। इसे नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कामकाज में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्य सचिव एम. साई कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, एन. मुरुगानंदम को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं एम. ए. सिद्दीक को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि के. नंदकुमार को टास्माक (TASMAC) का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में राजस्व, वित्त, पर्यटन और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। नई सरकार अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से अधिकारियों की नई टीम तैयार कर रही है।

सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विजय का यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक बदलाव के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी नए समीकरण और कार्यशैली देखने को मिल सकती है। अनुभवी अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां देकर सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

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मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध श्री कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने माँ कामाख्या से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए देवभूमि उत्तराखण्ड की निरंतर प्रगति, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और राज्य में सुख-शांति बनाए रखने की भी कामना की। कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

असम के मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्व सरमा

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असम के मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्व सरमा

असम के मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्व सरमा

हिमंत बिस्व सरमा ने गुवाहाटी में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार की औपचारिक शुरुआत की। गुवाहाटी का खानापारा परिसर केवल शपथ ग्रहण समारोह का मंच नहीं बना, बल्कि यह असम की राजनीति में भाजपा की ताकत और पूर्वोत्तर में बढ़ती पकड़ के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी सामने आया।

समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों के प्रमुख नेता भी समारोह में शामिल हुए।

भाजपा ने इस शपथ ग्रहण समारोह को पूर्वोत्तर में अपनी लगातार मजबूत होती राजनीतिक स्थिति के प्रतीक के रूप में पेश किया। पार्टी का दावा है कि विकास, कानून-व्यवस्था और मजबूत संगठनात्मक रणनीति के दम पर एनडीए ने राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है।

इस दौरान नवनिर्वाचित विधायक रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ समारोह में शिवराज सिंह चौहान, पुष्कर सिंह धामी, एन. चंद्रबाबू नायडू, प्रमोद सावंत समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। साथ ही विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं की उपस्थिति ने समारोह को राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।

आईसीसीसीसी सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा

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आईसीसीसीसी सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा

आईसीसीसीसी सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हेली सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में स्थापित यह आधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम की परिस्थितियों में भी हेली सेवाओं की हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी बनाए हुए है।

आईसीसीसीसी में तैनात नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की छह सदस्यीय टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ समन्वय स्थापित कर हेली संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में जुटी है। केंद्र से हेली रूट, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रत्येक हेली ट्रिप एवं शटल सेवा की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

सभी हेली रूटों पर लगाए गए पीटीजेड कैमरों के माध्यम से हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सके। आईसीसीसीसी के जरिए पूरी हेली यात्रा व्यवस्था को नियंत्रित और मॉनिटर किया जा रहा है।

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चारधाम हेली यात्रा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप सहस्त्रधारा और सिरसी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां डीजीसीए और आईएमडी के अधिकारी तैनात हैं।

डॉ. चौहान ने कहा कि प्रत्येक हेली उड़ान की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक शटल सेवा को मंजूरी दी जा रही है। खराब मौसम, विजिबिलिटी और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी हेली सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

हेली टिकटिंग में अब तक नहीं मिली धोखाधड़ी की शिकायत

चारधाम यात्रा के दौरान हेली टिकट बुकिंग में अब तक किसी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे हैं। यूकाडा अधिकारियों के अनुसार अभी तक हेली टिकटिंग से जुड़ी किसी भी प्रकार की फ्रॉड शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया हेली सेवा का लाभ

यूकाडा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए 17,976 यात्रियों को दर्शन कराए गए हैं, जबकि 10 मई तक चार्टर्ड सेवाओं के माध्यम से 3,974 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बोले मुख्यमंत्री धामी, सेना के शौर्य को किया नमन

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बोले मुख्यमंत्री धामी, सेना के शौर्य को किया नमन

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बोले मुख्यमंत्री धामी, सेना के शौर्य को किया नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने सेना के साहस, समर्पण और शौर्य को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारतीय सेना के पराक्रम के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि सेना के साहस और त्याग के कारण दुश्मन कभी भारत की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाओं ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान में संचालित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। साथ ही भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को विफल कर दिया और कोई भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का सेना से विशेष भावनात्मक जुड़ाव है क्योंकि राज्य के लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में सेवाएं देता है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण और संसाधनों का निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पांच गुना तक वृद्धि की गई है तथा शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सरकारी नौकरी के आवेदन की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है जिसमें राष्ट्र की संप्रभुता, नागरिकों की सुरक्षा और मातृशक्ति के सम्मान के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने उच्चीकृत क्रिकेट मैदान जनपदवासियों को किया समर्पित

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मुख्यमंत्री धामी ने उच्चीकृत क्रिकेट मैदान जनपदवासियों को किया समर्पित

मुख्यमंत्री धामी ने उच्चीकृत क्रिकेट मैदान जनपदवासियों को किया समर्पित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया और इसे जनपदवासियों को समर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरकर क्रिकेट और फुटबॉल खेलते हुए युवाओं का उत्साह बढ़ाया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। खेल मैदान में उनका आत्मीय और उत्साहपूर्ण अंदाज खिलाड़ियों और युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने फुटबॉल, हॉकी और अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई और उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से राज्य में चल रहे नशा मुक्ति अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौ खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मंच मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता दी जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का जाना हालचाल

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मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का जाना हालचाल

मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का जाना हालचाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन के बाद जिला अस्पताल बी.डी. पाण्डेय पहुंचकर इमरजेंसी और चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं।

मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार और संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।