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उत्तराखंड मौसम: उत्तराखंड में आसमान से आग बरस रही, पहाड़ों में भी गर्मी का कहर, 20 मई से बारिश-बर्फबारी के संकेत

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Uttarakhand Weather Heatwave Alert
Uttarakhand Weather Heatwave Alert

Uttarakhand Weather Heatwave Alert – गर्मी ने उत्तराखंड में अभी भी लोगों को पसीने-पसीने कर दिया है। ऊपर वाले इलाकों में भी चिलचिलाती धूप आई, जबकि नीचे के इलाकों में तो हाल ही बुरा हो चुका था। देहरादून के बाद हरिद्वार में भी धूप ने घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया। ऋषिकेश में हवाएं ऐसी आईं कि छत पर बैठे लोग झट से अंदर भाग गए।
गर्मी ने पहाड़ों तक का रास्ता पकड़ लिया है, मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। ऐसा इसलिए भी ध्यान खींच रहा है क्योंकि पहले पहाड़ी इलाके इस झुलसाहट से दूर रहा करते थे। लेकिन अब उम्मीद की किरण दिखने लगी है – 20 मई के बाद मौसम टूटने के आसार हैं। आगे के पूर्वानुमान में बारिश की घोषणा है, ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना छुपी है।

उत्तराखंड में क्यों बढ़ रही है इतनी ज्यादा गर्मी

गर्मी तेज होते जा रही है, यह मौसम विशेषज्ञों की मानें तो साफ आसमान और कम नमी की वजह से है। पहाड़ियों में भी धूप का असर इतना तीखा है कि मैदानों जैसा महसूस हो रहा है। दोपहर को घर से बाहर निकलना अब लोगों के लिए झुलसाऊ हो चला है।

जिला तापमान स्थिति मौसम प्रभाव
देहरादून सामान्य से अधिक तेज गर्म हवाएं
हरिद्वार भीषण गर्मी लू जैसे हालात
ऋषिकेश लगातार बढ़ता तापमान दोपहर में तेज धूप
नैनीताल हल्की गर्मी बढ़ी पर्यटकों पर असर
चमोली और उत्तरकाशी पहाड़ों में भी तापमान बढ़ा बर्फ तेजी से पिघल रही

आधिकारिक मौसम अपडेट: https://mausam.imd.gov.in

पहाड़ी इलाकों में भी क्यों बढ़ी चिंता

ऊपर की ओर, पहाड़ों में गर्मी के मौसम में आमतौर पर ठंडक रहती है, फिर भी इस बार तापमान उछल रहा है। बर्फ कई ऊँचे इलाकों में अब जल्दी पिघलने लगी है, ऐसे में पानी के स्रोतों के लिए खतरा घिर रहा है।
तेज धूप में घूमने वालों को गर्मी का अहसास हो रहा है, खासकर दिन के उस वक्त। इधर, आसपास के लोग बता रहे हैं कि पिछले कई सालों में पहली बार इतनी चिलचिलाहट महसूस हो रही है।

20 मई के बाद बारिश और बर्फबारी के क्या संकेत हैं

मौसम विभाग के अनुसार, 20 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के संकेत भी मिल रहे हैं।

  • कुमाऊं क्षेत्र में बारिश की संभावना
  • गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम बदलेगा
  • कुछ जगह तेज हवाएं चल सकती हैं
  • ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी संभव
  • तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है

गर्मी और बदलते मौसम का लोगों पर क्या असर पड़ रहा है

गर्मी के चलते सेहत पर अब असर साफ़ दिख रहा है। अस्पतालों में सिरदर्द या थकान से परेशान लोगों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ गई है। इस बीच डॉक्टर ज्यादा पानी पीने के साथ-साथ दोपहर में घर से बाहर न निकलने की बात कर रहे हैं।
उधर, मौसम में बदलाव की संभावना से किसानों को थोड़ी सहूलत मिल सकती है। अचानक बारिश शुरू होने पर लोगों को गर्मी से छुटकारा मिल सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी

सावधानी क्यों जरूरी है
दोपहर में बाहर निकलने से बचें लू और तेज गर्मी से बचाव
ज्यादा पानी पिएं डिहाइड्रेशन रोकने के लिए
हल्के कपड़े पहनें शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए
मौसम अपडेट देखते रहें बारिश और तेज हवाओं की जानकारी के लिए

अभी उत्तराखंड के समतल इलाकों से लेकर पहाड़ियों तक गर्मियों का असर स्पष्ट है। उठता पारा धीरे-धीरे आम जन की चिंता में इजाफा कर रहा है, हालाँकि 20 मई के बाद मौसम में बदलाव की संभावना थोड़ी राहत दे सकती है। बारिश हो सकती है, ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी है, ऐसे में ठंडक लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, साथ ही मौसम विभाग के आधिकारिक सूचना पर नजर रखने को कहा गया है।

देहरादून में जन दर्शन फरियादियों की संख्या 300 पार

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देहरादून में जन दर्शन फरियादियों की संख्या 300 पार

देहरादून में जन दर्शन अब लोगों के लिए उम्मीद और समाधान का बड़ा मंच बनता जा रहा है। सोमवार को आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में फरियादियों की संख्या 300 के पार पहुंच गई, जहां किसी ने घर से निकाले जाने की शिकायत की, तो किसी ने इलाज, शिक्षा और आर्थिक मदद की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने कई मामलों में मौके पर ही सख्त निर्देश दिए। देखिए ये रिपोर्ट।

देहरादून कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जन दर्शन कार्यक्रम में 300 से अधिक शिकायतें सामने आईं। भूमि विवाद, अवैध कब्जा, राशन कार्ड, बिजली, पेयजल, आर्थिक सहायता और मुआवजा जैसे मामलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

जनसुनवाई में कई भावुक मामले भी सामने आए। प्रेमनगर निवासी एक बुजुर्ग ने बेटे और बहू द्वारा घर से निकाले जाने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

एक महिला ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मशीन खरीदने के बाद सब्सिडी अटकने और ऊपर से कुर्की नोटिस मिलने की परेशानी बताई, जिस पर डीएम ने जांच कर राहत देने के निर्देश दिए।

वहीं तलाकशुदा महिला ममता रानी ने राशन कार्ड न बनने की शिकायत रखी। दस्तावेज और बिजली बिल न होने से परेशान महिला की गुहार पर डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

डालनवाला क्षेत्र के अभिभावकों ने सैमसै पब्लिक स्कूल पर बच्चों के उत्पीड़न, फीस वसूली और टीसी न देने के आरोप लगाए, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए।

इसके अलावा पति के निधन के बाद ई-रिक्शा ऋण चुकाने में असमर्थ विधवा की आर्थिक मदद के लिए प्रशासन आगे आया, जबकि इलाज, बच्चों की फीस और शिक्षा सहायता मांगने वाले जरूरतमंदों को भी राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सिंचाई गूल पर अवैध कब्जे से किसानों की परेशानी, अवैध डेयरी से फैल रही गंदगी, क्षतिग्रस्त पुलिया, सार्वजनिक परिवहन बहाली और मुआवजा विवाद जैसे कई मामलों पर भी डीएम ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

प्रशासन का कहना है कि जन दर्शन सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि समाधान और राहत का भरोसा बन चुका है।

300 से ज्यादा शिकायतें और हर समस्या के समाधान की कोशिश… देहरादून का जन दर्शन अब आम लोगों के लिए उम्मीद का दरवाजा बनता नजर आ रहा है, जहां फरियाद सीधे प्रशासन तक पहुंच रही है और फैसले मौके पर हो रहे हैं।

उत्तराखंड वालों के लिए बड़ी खबर! समय से पहले आ सकता है मानसून, जानें मौसम का हाल

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Uttarakhand Rain Alert
Uttarakhand Rain Alert

Uttarakhand Rain Alert – उत्तराखंड वालों के लिए मौसम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है इस बार मानसून के समय से पहले सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में 26 मई 2026 के आसपास पहुंचने की संभावना है। सामान्य तौर पर मानसून केरल में 1 जून के आसपास आता है, ऐसे में अगर यह अनुमान सही रहता है तो देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल पहले से तेज हो सकती है। हालांकि मानसून की आधिकारिक एंट्री की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है लेकिन शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं!

उत्तराखंड में कब बदलेगा मौसम?

गर्मियों के बीच उत्तराखंड में अभी तक मानसून पूरी तरह नहीं पहुँचा है। बदलाव की संभावना 20 मई के बाद पहाड़ी इलाकों में देखी जा रही है। कई जिलों में आसमान में गरज के साथ तेज हवाओं का अनुमान है। इस वजह से चिलचिलाती धूप से थोड़ा सुकून मिल सकता है। फिर भी, ऐसी बारिश को मानसून की घोषणा नहीं कहा जाएगा।

  • 18 और 19 मई को ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना
  • 20 से 24 मई तक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश के आसार
  •  इन जिलों में गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं
  •  मैदानी इलाकों में फिलहाल गर्मी और शुष्क मौसम का असर जारी रह सकता है

क्या उत्तराखंड में जल्द होगी भारी बारिश?

हेडिंग पूरी जानकारी
मानसून को लेकर बड़ा अपडेट उत्तराखंड में इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियां जल्द तेज हो सकती हैं।
पहाड़ी जिलों में बदलेगा मौसम उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बन सकती है।
मैदानी इलाकों में गर्मी जारी देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।
प्री-मानसून बारिश से राहत अगर प्री-मानसून बारिश सक्रिय होती है तो तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
तेज हवा और बिजली का अलर्ट बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली चमकने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए सलाह किसान भाई कटी हुई फसल और पशुओं के चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि अचानक बारिश से नुकसान न हो।
यात्रियों के लिए जरूरी सूचना पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले लोग यात्रा से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर लें, क्योंकि बारिश के दौरान रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है।

क्या इस बार उत्तराखंड में जल्दी पहुंचेगा मानसून?

मौसम विभाग का कहना है कि इस साल केरल में मानसून 26 मई के आसपास आ सकता है। मजबूत शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में भी मानसून का असर दिखेगा। उत्तराखंड में यह आमतौर पर जून के आखिर में आता है। इस बार इससे पहले ही बारिश और ठंडक का एहसास लोगों को हो सकता है

  • केरल में मानसून सामान्य तारीख से पहले पहुंचने का अनुमान है।
  • प्री-मानसून बारिश पहाड़ी जिलों में धीरे-धीरे सक्रिय हो सकती है।
  • गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले स्थानों से बचें।
  • किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • यात्रा करने वाले लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनी जरूर देखें।

सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गांवों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच

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सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गांवों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच

देहरादून से एक अच्छी और बड़ी खबर… अब सरकार की योजनाएं उन लोगों तक भी पहुंचेंगी जो अब तक व्यवस्था की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गांवों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत शुरू हुए इस अभियान का मकसद है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत “जनभागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान की शुरुआत की गई है।

18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाला यह विशेष अभियान देहरादून जनपद के चार चयनित विकासखंडों के 80 गांवों में संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार पंजीकरण और बैंकिंग सेवाओं जैसी कई योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।

सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि गांवों में विशेष शिविर लगाकर पात्र लोगों का मौके पर पंजीकरण भी किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो।

जनभागीदारी सप्ताह का शुभारंभ जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने पौधरोपण कर किया। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जिससे जनजातीय समुदायों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार का दावा है कि “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के जरिए अब दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक भी योजनाओं की सीधी पहुंच बनाई जाएगी… ताकि विकास की दौड़ में कोई पीछे न छूटे।

Uttarakhand News Today: उत्तराखंड में आज की 10 बड़ी खबरें, मौसम से राजनीति तक सबकुछ!

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Uttarakhand News Today
Uttarakhand News Today

Uttarakhand News Today – आज उत्तराकण्ड के मैदानों में धूप चली आ रही है वहीं पहाड़ों पर हवा थोड़ी सी गरम लगने लगी है इधर राजनीति में छोटे-छोटे झगड़े फिर से शुरू हो गए हैं, जबकि आम बातचीत में मौसम के बारे में ज्यादा बहस हो रही है अगले कुछ दिनों में कहीं-कहीं बारिश का मौका है, ऊंचे इलाकों में ठंड के साथ बर्फ भी दिख सकती है शहरों जैसे देहरादून और मसूरी में गाड़ियों की लंबी कतारें सड़कों पर घुटन भर रही हैं। हरिद्वार के बाजार भी भीड़ से भरे हैं  नैनीताल झील के पास चहल-पहल अब रोज बढ़ रही है

उत्तराखंड मौसम की 10 बड़ी खबरें

उत्तराखंड मौसम की 10 बड़ी खबरें आज लोगों के लिए काफी अहम हैं, क्योंकि पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक गर्मी, बारिश, तेज हवा और यात्रा मार्गों को लेकर लगातार नजर रखी जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा दिख सकता है, जबकि पहाड़ी जिलों में शाम के समय मौसम बदलने की संभावना बनी रहती है। चारधाम यात्रा, स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और यात्रियों के लिए मौसम की जानकारी बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं उत्तराखंड मौसम से जुड़ी 10 बड़ी अपडेट।

1. उत्तराखंड में गर्मी का तेज असर

गर्मी दिन में मैदानी इलाकों में असहज कर सकती है। जब तेज धूप चढ़ जाए, बाहर घूमने वालों को सावधानी का ख्याल आना चाहिए।

  • गरमी के बीच में धूप अचानक तेज हो सकती है।
  • उम्र के हिसाब से देखभाल की ज़रूरत अलग-अलग होती है।
  • दोपहर के समय तभी घर से बाहर जाएं जब वाकई कोई ज़रूरत पड़े।

2. देहरादून में मौसम बदलने के संकेत

गर्मी का एहसास देहरादून में तब भी रहता है जब दिन ढल रहा हो। बादल आकाश में फैल सकते हैं, इसके बाद हवा का झोंका ठंडक पहुँचा दे।

  • शायद सुबह के समय हल्की धूप निकले।
  • गर्मी का असर दोपहर तक चढ़ सकता है।
  • थोड़ी देर के लिए आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं।

3. पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश की संभावना

ऊंचाई वाले इलाकों में, जैसे उत्तरकाशी या चमोली, छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। कहीं-कहीं पिथौरागढ़ में हल्की बारिश भी देखी जा सकती है। रुद्रप्रयाग के कुछ हिस्सों में आसमान धुंधला रह सकता है।

  • बर्फीले इलाकों में हवा का रुख पल-पल में घटिया हो सकता है।
  • बारिश हो सकती है, इसलिए यात्रा में रेनकोट ले जाना बुद्धिमानी होगी।
  • गुदगुदी करते ढलानों पर चौकस रहना समझदारी है।

4. चारधाम यात्रा पर मौसम का असर

बारिश होने पर पहाड़ी रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। यात्रा के दौरान अचानक हवा तेज हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।

  • शायद आपको सफर की शुरुआत से पहले हवा का हाल पता करना चाहिए।
  • ठंड में त्वचा ढकने के लिए कपड़े चुनें, जब आसमान में पानी गिरने लगे तो छतरी या रेनकोट हाथ में होना चाहिए।
  • हर बार जब प्रशासन कुछ सुझाए, तो उसे ध्यान से समझिए।

5. मैदानी जिलों में लू जैसी स्थिति

गर्म हवाएं हरिद्वार से लेकर रुड़की तक में महसूस हो सकती हैं। काशीपुर और रुद्रपुर में भी यही स्थिति रहेगी। पानी कम होने के कारण थकान आ सकती है। इसलिए ध्यान रखना जरूरी है।

  • पानी कम नहीं पीना चाहिए दिनभर में।
  • सूरज के सामने जब बाहर जाएँ, तो सिर पर कुछ ओढ़ लें।
  • हल्के कपड़े पहनें।

6. किसानों के लिए मौसम सलाह

खेती के काम तय करते वक्त मौसम पर नज़र रखना ज़रूरी है। बारिश या झोंके भरी हवा से कई फसलें खराब हो सकती हैं।

  • पानी देना सुबह के समय अच्छा होता है। वैसे शाम में भी किया जा सकता है।
  • हवा तेज होने पर छिड़काव की संभावना कम हो जाती है।
  • जब मौसम अचानक बदले, तो फसल की हिफाजत ज़रूर कर लें।

7. स्कूल बच्चों के लिए सावधानी जरूरी

गर्मी में स्कूल जाते बच्चों को सतर्क रहना चाहिए। उनके साथ पानी की बोतल हो, यह ठीक रहेगा। टोपी पहनाना भी फायदेमंद है। हल्का खाना देना शामिल करना अच्छा होगा।

  • सुबह बच्चे का पेट खाली होने पर स्कूल जाना ठीक नहीं।
  • हमेशा पानी की बोतल साथ रखना चाहिए।
  • अगर धूप तेज हो, तो बच्चे को लंबे समय तक वहीं न छोड़ें।

8. पर्यटकों को मौसम देखकर यात्रा करनी चाहिए

शायद मसूरी या फिर नैनीताल में भीड़ हो जाए। कभी-कभी धनोल्टी व चकराता भी घुसपैठियों से भर जाते हैं। इसलिए ठंड का हाल या फिर सड़कों की सच्चाई पहले ही पता कर लेना बेहतर होता है।

  • पहले से रास्ते के बारे में पता होना चाहिए।
  • गीली सड़कों पर ढलान उतरते हुए ध्यान से गाड़ी चलाएं।
  • अगर आप होटल में रुकने की सोच रहे हैं, तो प्लान जल्दी बना लें।

9. तेज हवा और बिजली चमकने की आशंका

कुछ पहाड़ी इलाकों में शाम के समय तेज हवा और बिजली चमकने जैसी स्थिति बन सकती है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सावधान रहना चाहिए।

  • पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • बिजली चमकने पर खुले मैदान से दूर रहें।
  • मोबाइल चार्जिंग और बिजली उपकरणों में सावधानी रखें।

10. अगले 24 घंटे मौसम पर नजर जरूरी

उत्तराखंड में अगले 24 घंटे मौसम मिलाजुला रह सकता है। मैदानी इलाकों में गर्मी और पहाड़ी इलाकों में हल्के बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।

  • मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें।
  • यात्रा प्लान मौसम देखकर बनाएं।
  • स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें।

मुख्यमंत्री धामी ने लिखा नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र

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मुख्यमंत्री धामी ने लिखा नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार वर्षों में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने उन्हें दूसरी बार प्रदेश का मुख्य सेवक बनने का दायित्व सौंपा। जनादेश की भावना के अनुरूप कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही राज्य में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए व्यापक भर्ती अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर सरकारी सेवा में चयनित हो रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के साथ राज्य सरकार के सख्त नकल विरोधी कानून को युवाओं को उचित अवसर और सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय सेवक के रूप में चयन केवल कार्मिकों और उनके परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से ईमानदारी, निष्पक्षता और मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। साथ ही आमजन की सेवा को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर संवाद कर उन्हें जनसेवा में समर्पण और उत्साह के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने HDFC बैंक द्वारा प्रदत्त 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को किया फ्लैग ऑफ

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मुख्यमंत्री धामी ने HDFC बैंक द्वारा प्रदत्त 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री धामी ने HDFC बैंक द्वारा प्रदत्त 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से HDFC बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत जनहित के लिए उपलब्ध कराई गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थाओं द्वारा जनहित में किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद आवश्यक है, ऐसे में HDFC बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गईं एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने HDFC बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं बेहद उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने भविष्य में अन्य पर्वतीय जिलों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी CSR के माध्यम से अतिरिक्त एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई।

बैंक अधिकारियों के अनुसार इन एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक आपातकालीन उपकरण मौजूद हैं। साथ ही आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट और चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

प्रारंभिक चरण में ये एम्बुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं देंगी। भविष्य में इनका उपयोग राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी किया जाएगा।

नानकमत्ता में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

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नानकमत्ता में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती पर महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायक मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह सीख देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, आवास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अटल आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही जनजातीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

माँ वाराही धाम का पुनर्निर्माण सीएम धामी का निरीक्षण

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माँ वाराही धाम का पुनर्निर्माण सीएम धामी का निरीक्षण

चंपावत के ऐतिहासिक माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा को जल्द ही भव्य और दिव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम पहुंचकर मंदिर के नवनिर्माण और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाराही धाम को आस्था और धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत स्थित ऐतिहासिक माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुंचकर मंदिर के पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और संबंधित समिति से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर का विकास इसकी पौराणिक गरिमा और मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय में माँ वाराही धाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

करीब 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य अगले दो से तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि स्थापत्य कला और शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

जसपुर से बड़ी खबर: सहकारी क्रय-विक्रय समिति चुनाव में बढ़ी हलचल

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जसपुर से बड़ी खबर: सहकारी क्रय-विक्रय समिति चुनाव में बढ़ी हलचल

जसपुर में सहकारी क्रय-विक्रय समिति के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी के काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने नामांकन दाखिल किया है।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी की ओर से आवेदकों की सूची भी जारी कर दी गई है। सूची सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और अब सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया पर टिक गई हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल के चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। क्षेत्र में समिति चुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, जबकि समर्थकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला किस दिशा में जाता है और सहकारी क्रय-विक्रय समिति की कमान आखिर किसके हाथ में जाती है।