देहरादून से एक अच्छी और बड़ी खबर… अब सरकार की योजनाएं उन लोगों तक भी पहुंचेंगी जो अब तक व्यवस्था की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गांवों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत शुरू हुए इस अभियान का मकसद है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत “जनभागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान की शुरुआत की गई है।
18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाला यह विशेष अभियान देहरादून जनपद के चार चयनित विकासखंडों के 80 गांवों में संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार पंजीकरण और बैंकिंग सेवाओं जैसी कई योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि गांवों में विशेष शिविर लगाकर पात्र लोगों का मौके पर पंजीकरण भी किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
जनभागीदारी सप्ताह का शुभारंभ जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने पौधरोपण कर किया। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जिससे जनजातीय समुदायों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार का दावा है कि “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के जरिए अब दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक भी योजनाओं की सीधी पहुंच बनाई जाएगी… ताकि विकास की दौड़ में कोई पीछे न छूटे।

