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चारधाम यात्रा: ट्रैफिक कंट्रोल के लिए SSP श्वेता चौबे मैदान में, ड्रोन से निगरानी

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चारधाम यात्रा: ट्रैफिक कंट्रोल के लिए SSP श्वेता चौबे मैदान में, ड्रोन से निगरानी

चारधाम यात्रा के मद्देनज़र तपोवन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए श्वेता चौबे खुद मैदान में उतरीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

टिहरी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसएसपी द्वारा मुनि की रेती से तपोवन तक निरीक्षण कर ट्रैफिक, पार्किंग और संवेदनशील स्थानों की स्थिति का आकलन किया गया। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।

टिहरी पुलिस का कहना है कि उनका लक्ष्य चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बंगाल में चुनावी जंग: ‘शब्द प्रहार’ के बीच हिंसा का साया

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बंगाल में चुनावी जंग: ‘शब्द प्रहार’ के बीच हिंसा का साया

बंगाल में चुनावी जंग: ‘शब्द प्रहार’ के बीच हिंसा का साया

तेज होते भाषण, बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप… और जमीन पर टकराव की घटनाएं

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है। एक ओर नेताओं के बीच तीखे “शब्द प्रहार” हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों से हिंसा और टकराव की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण होता दिख रहा है।

 चुनावी मंच से शब्दों की जंग

राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं।

  • आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
  • रैलियों में तीखी भाषा का इस्तेमाल
  • सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी चरम पर

चुनावी भाषण अब केवल वादों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे विरोधियों पर हमले तक पहुंच चुके हैं।

 जमीन पर बढ़ती हिंसा

कई क्षेत्रों से झड़प, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं।

  • कार्यकर्ताओं के बीच टकराव
  • चुनावी रैलियों के दौरान तनाव
  • प्रशासन की बढ़ी निगरानी

हिंसा की इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।

 लोकतंत्र पर असर?

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • चुनावी हिंसा लोकतंत्र की सेहत के लिए खतरा है
  • स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए शांत माहौल जरूरी
  • प्रशासन को सख्ती से कानून व्यवस्था बनाए रखनी होगी

 आगे क्या?

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे,

  • राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है
  • सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी होगी
  • मतदाताओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी

बंगाल की चुनावी तस्वीर इस समय दो हिस्सों में बंटी दिख रही है—एक तरफ शब्दों की जंग, दूसरी तरफ हिंसा की चुनौती। ऐसे में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।

बंगाल चुनाव में बढ़ी हिंसा और बयानबाजी | राजनीतिक टकराव तेज

अलकनंदा नदी में बहा NIT छात्र श्रीनगर में SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

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अलकनंदा नदी में बहा NIT छात्र श्रीनगर में SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

अलकनंदा में बहा NIT छात्र, दोस्तों के सामने हादसा; SDRF सर्च ऑपरेशन जारी

तेलंगाना का 23 वर्षीय छात्र श्रीनगर में दोस्तों संग नहाने उतरा था, तेज बहाव बना हादसे की वजह

उत्तराखंड के श्रीनगर में बड़ा हादसा सामने आया है। अलकनंदा नदी के तेज बहाव में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर का एक छात्र बह गया। घटना के बाद पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

 कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना निवासी 23 वर्षीय छात्र आनंद सोहन अपने चार दोस्तों के साथ नदी में नहाने उतरा था।

  • समय: शाम करीब 4 बजे
  • अचानक तेज बहाव में फंसा
  • दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बचा सके

कुछ ही पलों में छात्र नदी की तेज धारा में ओझल हो गया।

 रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही:

  • पुलिस प्रशासन
  • जल पुलिस
  • SDRF टीम

मौके पर पहुंची और छात्र की तलाश शुरू कर दी गई है।

कोतवाली प्रभारी विनय कुमार के अनुसार, लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

 खतरे में नदियों में नहाना

अलकनंदा जैसी पहाड़ी नदियों में:

  • अचानक जलस्तर बढ़ सकता है
  • बहाव बेहद तेज होता है
  • किनारों पर फिसलन और गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है

विशेषज्ञ लगातार सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि पहाड़ी नदियों में बिना सुरक्षा के उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।

अलकनंदा नदी में बहा NIT छात्र | श्रीनगर में SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: CM धामी को पहले जत्थे के विदाई समारोह का निमंत्रण

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हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: CM धामी को पहले जत्थे के विदाई समारोह का निमंत्रण 23 मई को खुलेंगे कपाट, 20 मई को रवाना होगा पहला जत्था, सरकार ने दिए बेहतर व्यवस्थाओं के संकेत

हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: CM धामी को पहले जत्थे के विदाई समारोह का निमंत्रण

23 मई को खुलेंगे कपाट, 20 मई को रवाना होगा पहला जत्था, सरकार ने दिए बेहतर व्यवस्थाओं के संकेत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगामी हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री को पहले जत्थे के विदाई समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

 कब शुरू होगी यात्रा?

  • पहला जत्था रवाना: 20 मई 2026
  • कपाट खुलेंगे: 23 मई 2026

यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

 पंज प्यारों के नेतृत्व में रवाना होगा जत्था

पहले जत्थे का नेतृत्व पारंपरिक रूप से पंज प्यारों द्वारा किया जाएगा, जो सिख परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन श्रद्धा और परंपरा का भव्य प्रतीक माना जाता है।

 सरकार की तैयारी पर CM धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है
  • यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है
  • सरकार यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

 आस्था का केंद्र—हेमकुंड साहिब

श्री हेमकुंड साहिब सिख धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जिसे गुरु गोबिंद सिंह जी की तपोभूमि माना जाता है। हर वर्ष यहां लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय यात्रा कर दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। सरकार और ट्रस्ट मिलकर इस पवित्र यात्रा को सफल और सुगम बनाने में जुटे हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 | 23 मई को खुलेंगे कपाट, CM धामी को मिला निमंत्रण

CM धामी ने सुना ‘मन की बात’ का 133वां एपिसोड

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CM धामी ने सुना ‘मन की बात’ का 133वां एपिसोड

CM धामी ने सुना ‘मन की बात’ का 133वां एपिसोड

देहरादून में आमजन के साथ सुना प्रसारण, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात का 133वां संस्करण सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरणा देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है।

 “मन की बात” से मिलती है प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक कार्यों, स्टार्टअप्स, नवाचार, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को सामने लाया जाता है।
इससे आमजन को आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है।

 आमजन को मिला मंच

सीएम धामी ने कहा कि इस कार्यक्रम ने देशभर में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह मंच उन लोगों की कहानियों को सामने लाता है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

भारत की बढ़ती ताकत पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत:

  • आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है
  • विज्ञान, रक्षा और AI के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है
  • रक्षा उपकरणों का निर्यात कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है

 उत्तराखंड का बढ़ता योगदान

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” बताए जाने के संकल्प को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है।उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 कानून और विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा:

  • दंगारोधी कानून
  • धर्मांतरण कानून
  • नकल विरोधी कानून
    जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं।

‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक को जोड़ने और प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है, जो सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।

CM धामी ने सुना मन की बात 133वां एपिसोड | बोले- प्रेरणा देने वाला कार्यक्रम

सुनील शेट्टी का आध्यात्मिक अनुभव परमार्थ निकेतन में विशेष संवाद

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माना शेट्टी हुईं भावविभोर, गंगा तट पर प्रार्थना और संस्कृति-पर्यावरण पर गहन चर्चा

सुनील शेट्टी ने जिया आध्यात्मिक अनुभव, परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती संग विशेष संवाद

ऋषिकेश में सुनील शेट्टी ने जिया आध्यात्मिक अनुभव, परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती संग विशेष संवाद

माना शेट्टी हुईं भावविभोर, गंगा तट पर प्रार्थना और संस्कृति-पर्यावरण पर गहन चर्चा

सुनील शेट्टी और उनकी पत्नी माना शेट्टी ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में दिव्य और आध्यात्मिक क्षणों का अनुभव किया। इस दौरान भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और समाज निर्माण में फिल्मों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।

 आध्यात्मिक माहौल ने छुआ मन

माँ गंगा के पावन तट पर दीपों की रोशनी, वेदमंत्रों की गूंज और शंखनाद की ध्वनि ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दिव्य माहौल ने सुनील शेट्टी और माना शेट्टी के अंतर्मन को गहराई से प्रभावित किया।

 फिल्मों के जरिए समाज निर्माण पर चर्चा

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने जोर दिया कि फिल्मों के माध्यम से:

  • भारतीय संस्कृति
  • परिवारिक मूल्य
  • नारी सम्मान
  • पर्यावरण संरक्षण
    जैसे विषयों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
  • सुनील शेट्टी का संदेश

सुनील शेट्टी ने कहा:
“परमार्थ निकेतन एक अनुभव है, जहां आकर मन शांत हो जाता है और जीवन की प्राथमिकताएं स्पष्ट हो जाती हैं।”

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय संस्कृति और मूल्यों को समझें, क्योंकि यही भारत की असली ताकत है।

 माना शेट्टी हुईं भावुक

माना शेट्टी ने आश्रम के अनुशासित और सात्त्विक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे स्थान आत्मा को सुकून देते हैं। बच्चियों से आत्मीय मुलाकात

सुनील शेट्टी ने रेस्क्यू फाउंडेशन की बच्चियों से मुलाकात कर उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। उनके शब्दों ने बच्चियों के चेहरे पर नई उम्मीद जगाई।

 विश्व शांति के लिए प्रार्थना

अंत में सभी ने मिलकर राष्ट्र, समाज और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की, जो इस आध्यात्मिक मुलाकात का सबसे भावपूर्ण क्षण रहा।

ऋषिकेश की पावन धरती पर यह मुलाकात सिर्फ एक विजिट नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण, संस्कृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश बनकर उभरी।

ऋषिकेश में सुनील शेट्टी का आध्यात्मिक अनुभव | परमार्थ निकेतन में विशेष संवाद

राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री पुत्र की शादी पर एक्शन, विभाग ने रुकवाए इंतजाम

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राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री पुत्र की शादी पर एक्शन, विभाग ने रुकवाए इंतजाम सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद सख्ती, मंदिर समिति पर मुकदमा दर्ज

राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री पुत्र की शादी पर एक्शन, विभाग ने रुकवाए इंतजाम

सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद सख्ती, मंदिर समिति पर मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में प्रस्तावित एक शादी समारोह को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे के विवाह आयोजन से जुड़े इंतजामों पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्यक्रम रुकवा दिया और मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

 क्या है पूरा मामला?

हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में रविवार को विवाह समारोह प्रस्तावित था। इसके लिए मंदिर परिसर को सजाया गया था और आयोजन से जुड़े सामान भी पहुंच चुके थे।

लेकिन जैसे ही विभाग को जानकारी मिली, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी तैयारियां रुकवा दीं और सामान हटवा दिया। इसके बाद केवल पूजा-अर्चना तक ही कार्यक्रम सीमित रहा।

 सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल

मामले ने तूल तब पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि:

  • कोर जोन में बड़े स्तर पर विवाह आयोजन किया जा रहा है
  • जनरेटर और अन्य व्यवस्थाएं वन्यजीवों को प्रभावित कर सकती हैं
  • बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना थी

इन आरोपों के बाद वन विभाग हरकत में आया और जांच शुरू की गई।

 वन विभाग की कार्रवाई

राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर:

  • शादी से जुड़े इंतजाम हटवाए
  • जांच के आदेश दिए
  • मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया

प्रभारी निदेशक राजीव धीमान के अनुसार शिकायत मिलने के बाद तुरंत टीम भेजी गई और आवश्यक कार्रवाई की गई।

 मंत्री खजान दास का बयान

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने सफाई देते हुए कहा:

  • केवल वैवाहिक रस्म और भंडारे का कार्यक्रम था
  • कोई शोर-शराबा या ढोल-नगाड़े नहीं थे
  • वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई कार्य नहीं किया गया

उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में पहले भी भंडारे होते रहे हैं।

 पर्यावरण बनाम आयोजन

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि:

  • क्या संरक्षित क्षेत्रों में निजी आयोजन की अनुमति होनी चाहिए?
  • क्या नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है?

राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील इको-ज़ोन में इस तरह के आयोजन पर रोक लगाकर वन विभाग ने साफ संकेत दिया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री पुत्र की शादी पर कार्रवाई | वन विभाग सख्त

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बद्रीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले, आस्था से गूंजा धाम

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बद्रीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले, आस्था से गूंजा धाम

केदारनाथ धाम में घटना पर प्रशासन की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई

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केदारनाथ धाम में घटना पर प्रशासन की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई

केदारनाथ धाम में घटना पर प्रशासन की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई

उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम में 22 अप्रैल 2026 को एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें गुजरात के एक 69 वर्षीय श्रद्धालु का निधन हो गया। इस संबंध में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ माध्यमों में प्रसारित हो रही सूचनाएं भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

 घटना की जानकारी और त्वरित एक्शन

सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि व्हाइट हाउस क्षेत्र के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।

युवा मंगल दल फोर्स (वाईएमएफ) के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर श्रद्धालु को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केदारनाथ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 सम्मानजनक तरीके से की गई आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पार्थिव शरीर के सम्मानजनक प्रबंधन को प्राथमिकता दी—

  • वाईएमएफ के सहयोग से शव को केदारनाथ हेलीपैड तक पहुंचाया गया
  • उस समय हेली सेवा अस्थायी रूप से बाधित थी
  • सेवा शुरू होते ही शव को हेलीकॉप्टर से जामू हेलीपैड भेजा गया
  • वहां से शव वाहन द्वारा रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया

 अफवाहों से बचने की अपील

जिला प्रशासन ने अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

 सुरक्षा के प्रति प्रशासन प्रतिबद्ध

प्रशासन ने दोहराया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन मौसम और लंबी यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक स्वास्थ्य और राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।इस घटना में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता ने संकट की घड़ी में मानवीय दृष्टिकोण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश

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एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन,

एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश

ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण के साथ सेवा करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपलब्धि का नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारी की शुरुआत का प्रतीक है।

 कोविड काल और भारत की भूमिका

उपराष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया और “वैक्सीन मैत्री” के माध्यम से 100 से अधिक देशों को सहायता प्रदान की।

 स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की सराहना

उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।

  • टेलीमेडिसिन सेवाएं
  • हेली एम्बुलेंस
  • ड्रोन के माध्यम से दवा आपूर्ति
    इन पहलों को उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

 पहाड़ी क्षेत्रों में सेवा का आह्वान

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने युवा डॉक्टरों से अपील की कि वे पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों को अवसर में बदलें और दूरस्थ इलाकों में सेवाएं दें।

 चिकित्सा सेवा = मानवता की सेवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश आज कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।

साथ ही ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

 इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास की सराहना

उपराष्ट्रपति ने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की।

 जीवनभर सीखने की जरूरत

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखते रहना आवश्यक है और मरीजों के साथ प्रभावी संवाद ही बेहतर उपचार का आधार है। इस अवसर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत, नरेश बंसल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समापन संदेश स्पष्ट रहा—डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है, और सच्ची सफलता सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण में ही निहित है।