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कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जरूरी वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता पर सरकार की सख्त नजर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ की समीक्षा बैठक

कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड में खाद्यान्न और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं कीमतों को लेकर सरकार अलर्ट मोड में है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन को जरूरी वस्तुएं उचित दरों पर बिना किसी बाधा के उपलब्ध हों और बाजार में किसी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में खाद्यान्न एवं दैनिक आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा से प्रदेश में जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति और मूल्य स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने साफ कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए बाजारों, गोदामों और थोक विक्रेताओं की नियमित जांच और निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जरूरी वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है… आमजन को राहत देने और बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

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उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश 07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर शुरू होगी प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब

उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर शुरू होगी प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब

कुंभ 2027 को देखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा तैयारियां तेज करने के निर्देश

उत्तराखंड में सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब को आगामी 07 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की छठी बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खाद्य सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाने, मिलावटखोरी में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई करने और न्यायालयों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आम जनता की शिकायतों के लिए सरल चार अंकों का हेल्पलाइन नंबर जारी कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही, ताकि खाद्य मिलावट जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा की तैयारियां अभी से शुरू करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में परीक्षण और निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात करने तथा डेडिकेटेड वेंडिंग जोन चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेशन को सरकारी संस्थानों, छात्रावासों, वृद्धाश्रमों, बाल गृहों और नारी निकेतनों तक विस्तार देने की बात कही गई। वहीं मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार अब और सख्त नजर आ रही है… मिलावटखोरी पर कार्रवाई से लेकर कुंभ 2027 की तैयारियों तक, हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दी शुभकामनाएं पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त आवाज और समाज-शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु बताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दी शुभकामनाएं

पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त आवाज और समाज-शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु बताया

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने निष्पक्षता और जनहित को बताया पत्रकारिता की आत्मा

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और पत्रकार जगत को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने हिंदी पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त आवाज बताते हुए समाज में जनजागरूकता और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है और यह लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता आज समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में देश के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी हिंदी पत्रकारिता का स्वर्णिम इतिहास रहा है और प्रदेश सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी हिंदी पत्रकारिता दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित की भावना आज भी पत्रकारिता की मूल आत्मा है। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सफल पत्रकारिता की पहचान है और पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम भी है।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारिता की भूमिका को लोकतंत्र की ताकत बताया… वहीं पत्रकार हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

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SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, तेज होगा मतदाता पुनरीक्षण अभियान

देहरादून में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई है।

 

देहरादून में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ा जाए, जबकि अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम सावधानीपूर्वक हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।

डीएम ने सभी ईआरओ को राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ पर बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को व्यापक प्रशिक्षण देने तथा उनकी शंकाओं का समाधान समय रहते करने को कहा गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों की तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा, जबकि 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। जनपद देहरादून में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है… SIR अभियान के तहत अब घर-घर पहुंचकर मतदाता सत्यापन का काम तेज किया जाएगा।

हारी सीटों पर भाजपा का फोकस, बूथ प्रबंधन से साधेगी 2027 का रण

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हारी सीटों पर भाजपा का फोकस, बूथ प्रबंधन से साधेगी 2027 का रण राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कोर कमेटी बैठक में दिया जीत का मंत्र

हारी सीटों पर भाजपा का फोकस, बूथ प्रबंधन से साधेगी 2027 का रण

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कोर कमेटी बैठक में दिया जीत का मंत्र

जहां रह गई थी कोर कसर, वहां दो-दो दिन प्रवास करेगी कोर कमेटी


उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब उन विधानसभा सीटों पर खास फोकस करने जा रही है, जहां पिछले चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बूथ प्रबंधन को मजबूत करने का मंत्र देते हुए जीत की हैट्रिक के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया।


भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को जीत का मंत्र दिया। बैठक में विशेष रूप से उन विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई, जहां पार्टी को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

पार्टी ने इन सीटों को जीतने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और युद्ध जैसी रणनीति के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश कोर कमेटी का प्रत्येक सदस्य हारी हुई विधानसभा सीटों में दो-दो दिन का प्रवास करेगा और बूथ प्रबंधन की कमियों को दूर करने का काम करेगा।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ जीतने के टिप्स देते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया। भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने का है।


हारी सीटों पर भाजपा का विशेष फोकस, बूथ स्तर पर मजबूत होगी रणनीति… 2027 के चुनावी रण के लिए संगठन अभी से मैदान में उतर चुका है।

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति: सीएम धामी ने लॉन्च की सौर जागरूकता स्मारिका 2 साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता

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उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति: सीएम धामी ने लॉन्च की ‘सौर जागरूकता स्मारिका’, 2 साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता

उत्तराखंड में हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया है, जबकि निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यही नहीं, पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड आज देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक केवल दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखंड अब तक करीब 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है। इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

सीएम धामी ने यूपीसीएल, ऊरेडा और इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखंड की सामूहिक प्रतिबद्धता और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सौर कौथिग, जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ सोलर संयंत्र लगाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सहभागी बनाना है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।

उत्तराखंड अब नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सामने एक आदर्श मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

धीरेंद्र शास्त्री का पांच दिवसीय दिव्य दरबार, हनुमान कथा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

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बदरीनाथ धाम में आज से शुरू होगा धीरेंद्र शास्त्री का पांच दिवसीय दिव्य दरबार, हनुमान कथा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में आज से बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पांच दिवसीय दिव्य दरबार शुरू होने जा रहा है। 27 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

कथा का आयोजन बदरीनाथ धाम के अराइवल प्लाजा परिसर में किया जाएगा, जहां प्रतिदिन अपराह्न दो बजे से धीरेंद्र शास्त्री श्रद्धालुओं को हनुमान कथा का श्रवण कराएंगे। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

आयोजन समिति से जुड़े जयदीप मेहता के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कथा का शुभारंभ दिव्य जल कलश यात्रा के साथ किया जाएगा, जो धार्मिक आस्था और परंपरा का विशेष आकर्षण होगी।

हनुमान कथा के साथ-साथ आयोजन में भजन संध्या और सनातन जागरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा बदरीनाथ धाम में धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

चारधाम यात्रा के बीच आयोजित यह धार्मिक आयोजन बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।

देहरादून डीएम का कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और आपदा तैयारी पर जोर

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देहरादून डीएम का कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और आपदा तैयारी पर जोर

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम और आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, कार्यालयों की स्वच्छता, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रखरखाव और मानसून से पहले आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न शाखाओं में पत्रावलियों और अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी दस्तावेजों और फाइलों को व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तुरंत उपलब्ध हो सकें। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश भी दिए।

रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सुरक्षित संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों को श्रेणीवार और व्यवस्थित ढंग से रखा जाए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके।

कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी डीएम ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई और कार्यालय परिसर को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केंद्र का गहन निरीक्षण करते हुए जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन प्रभावित इलाकों और दूरस्थ गांवों की जानकारी ली। मानसून को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों की अद्यतन सूची, वैकल्पिक मार्ग, संचार व्यवस्था और राहत कार्यों की तैयारी पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतर्कता और तत्परता बनाए रखें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर संचालित किए जा सकें।

उत्तराखंड में आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर, टेक होम राशन वितरण में लागू होगा फेस रिकग्निशन सिस्टम

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उत्तराखंड में आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर, टेक होम राशन वितरण में लागू होगा फेस रिकग्निशन सिस्टम

उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने टेक होम राशन (टीएचआर) का 100 प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों तक राशन की पारदर्शी और सही वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।

मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें समयबद्ध और नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके।

बैठक में प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिन केंद्रों में अभी तक ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहां अनुपयोगी पुराने पंचायत भवनों का उपयोग किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इन भवनों की मरम्मत कर आंगनवाड़ी संचालन के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि जर्जर और असुरक्षित भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा।

इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सभी राजकीय और स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

महिला एवं बाल विकास योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सरकार की यह पहल राज्य में पोषण, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती दे सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त, पूरे प्रदेश में लगेगा एएनपीआर कैमरा नेटवर्क

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सड़क सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त, पूरे प्रदेश में लगेगा एएनपीआर कैमरा नेटवर्क

देहरादून में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की द्वितीय बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरे प्रदेश के लिए आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को पूरे उत्तराखंड के लिए एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों से जुड़ी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस तकनीक के जरिए वाहनों की निगरानी, ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर नियंत्रण और चालान व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्यकर और खनन विभागों को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की आवश्यकता होगी, इसलिए प्रदेश स्तर पर एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही, परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे चालानों की मासिक संकलित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल करते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने पर भी बल दिया गया। रोड फर्नीचर, सड़क संकेतक (साइनेज) और अन्य नियमित कार्यों को विभागीय बजट से प्राथमिकता के आधार पर कराने की बात कही गई, जबकि बजट की कमी वाले आवश्यक कार्य सड़क सुरक्षा कोष से पूरे किए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि प्रस्ताव समिति के सामने लाने से पहले एक उपसमिति द्वारा उनकी स्क्रूटिनी की जाए, ताकि कार्यों में दोहराव न हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और डिजिटल ट्रैफिक मॉनिटरिंग की दिशा में यह पहल आने वाले समय में सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।