उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने टेक होम राशन (टीएचआर) का 100 प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों तक राशन की पारदर्शी और सही वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें समयबद्ध और नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके।
बैठक में प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिन केंद्रों में अभी तक ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहां अनुपयोगी पुराने पंचायत भवनों का उपयोग किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इन भवनों की मरम्मत कर आंगनवाड़ी संचालन के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि जर्जर और असुरक्षित भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सभी राजकीय और स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सरकार की यह पहल राज्य में पोषण, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती दे सकती है।

