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पद्म भूषण सम्मान मिलने पर CM धामी ने भगत सिंह कोश्यारी को दी बधाई, बताया उत्तराखण्ड का गौरव

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पद्म भूषण सम्मान मिलने पर CM धामी ने भगत सिंह कोश्यारी को दी बधाई, बताया उत्तराखण्ड का गौरव

पद्म भूषण सम्मान मिलने पर CM धामी ने भगत सिंह कोश्यारी को दी बधाई, बताया उत्तराखण्ड का गौरव

CM धामी ने भगत सिंह कोश्यारी से की मुलाकात, पद्म भूषण सम्मान पर दी शुभकामनाएं

पद्म भूषण’ से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री धामी बोले- पूरे देश और उत्तराखण्ड के लिए गर्व का क्षण

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari के आवास पहुंचकर उन्हें भारत सरकार के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय बताया।

 

मन की बात सुनने के बाद CM धामी ने छात्राओं से किया संवाद, शिक्षा के साथ खेलकूद पर दिया जोर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्राओं के साथ सुना प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ का 134वां संस्करण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री Narendra Modi के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण को सुना। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 134वां संस्करण सुना। कार्यक्रम के बाद छात्राओं से संवाद कर उन्हें शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक सोच का संदेश दिया।

CM धामी ने छात्राओं के साथ सुना PM मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि ‘मन की बात’ देशवासियों को प्रेरित करने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम के बाद उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें शिक्षा, खेलकूद और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

 

देहरादून में मानसून की तैयारी तेज, डीएम आशीष चौहान बोले- 7 जून तक पूरे करें सभी जरूरी काम, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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देहरादून में मानसून की तैयारी तेज, डीएम आशीष चौहान बोले- 7 जून तक पूरे करें सभी जरूरी काम, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मानसून सीजन से पहले देहरादून प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी संबंधित विभागों को 7 जून तक प्राथमिकता वाले कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागों के बीच समन्वय की कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट!
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी विभागों को 7 जून तक प्राथमिकता वाले कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। जलभराव, सड़क मरम्मत और जनहित परियोजनाओं की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।

मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और जनजीवन को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने रविवार को सड़क, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, नगर निगम, पुलिस तथा अन्य रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग ही आपदा की चुनौतियों का प्रभावी समाधान है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम और वार रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी तैनात कर सड़कों पर संचालित जनहित परियोजनाओं के प्राथमिकता वाले सभी कार्य हर हाल में 7 जून तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित सड़कें तत्काल लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर उनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागों के बीच किसी भी प्रकार का संचार अभाव (कम्युनिकेशन गैप) कार्यों में बाधा का कारण नहीं बनना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मानसून से पूर्व नदी, नहरों एवं बरसाती नालों के चौनलाइजेशन का कार्य हर स्थिति में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जल प्रवाह सुचारु बना रहे और संभावित नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने, सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने तथा सड़क किनारे नालियों एवं स्कवरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

भाजपा का 2027 मिशन शुरू! नितिन नवीन के दौरे के बाद उत्तराखंड में हैट्रिक की रणनीति तेज

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भाजपा का 2027 मिशन: नितिन नवीन के तीन दिवसीय दौरे से क्या मिला चुनावी संदेश?

देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय दौरा समाप्त हो चुका है, लेकिन उनके इस प्रवास की राजनीतिक गूंज अभी भी प्रदेश के सियासी गलियारों में सुनाई दे रही है। पार्टी संगठन से लेकर सरकार तक, हर स्तर पर इस दौरे को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने यानी “हैट्रिक” का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इस दौरान पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी को कम करने और संगठन व सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा है कि कई नाराज विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाने का फार्मूला भी तैयार किया गया है, ताकि चुनाव से पहले किसी प्रकार की अंदरूनी असंतुष्टि पार्टी के लिए चुनौती न बने।

प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चेहरा भाजपा के सबसे मजबूत राजनीतिक आधार के रूप में उभरकर सामने आया है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, निवेश और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार के फैसलों को भाजपा अपनी उपलब्धियों के रूप में जनता के बीच रख रही है। यही कारण है कि पार्टी के अंदर भी धामी के नेतृत्व को 2027 के चुनावों के लिए प्रमुख माना जा रहा है।

हालांकि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती एंटी-इंकम्बेंसी फैक्टर को नियंत्रित करना है। फिलहाल राज्य में धामी सरकार के खिलाफ कोई व्यापक जनआंदोलन या खुला जनविरोध दिखाई नहीं देता, लेकिन चुनावी वर्ष नजदीक आते ही सत्ता विरोधी माहौल का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह किसी भी लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार के लिए स्वाभाविक स्थिति होती है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा एक बार फिर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सर्वेक्षण करा रही है। सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि कौन से सिटिंग विधायक जनता के बीच मजबूत स्थिति में हैं और किन क्षेत्रों में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। पिछले चुनावों की तरह इस बार भी टिकट वितरण में जीत की संभावना को प्रमुख आधार बनाया जा सकता है।

भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता और सरकार की योजनाएं चुनाव तक उसी प्रभाव के साथ बनी रहेंगी, जैसा वर्तमान में दिखाई दे रहा है। यदि सरकार विकास कार्यों, जनसंपर्क और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत बनाए रखने में सफल रहती है, तो 2027 में भाजपा की हैट्रिक की राह आसान हो सकती है।

फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि नितिन नवीन का यह दौरा केवल संगठनात्मक बैठकें भर नहीं था, बल्कि भाजपा के 2027 मिशन की शुरुआती राजनीतिक पटकथा का महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।

देहरादून में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, प्रशासन ने की स्पष्ट अपील

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देहरादून में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, प्रशासन ने की स्पष्ट अपील जिला पूर्ति अधिकारी बोले— पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं

देहरादून में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, प्रशासन ने की स्पष्ट अपील

जिला पूर्ति अधिकारी बोले— पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं

अफवाहों से बचें, अनावश्यक स्टॉकिंग न करें— प्रशासन

देहरादून में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की बात कही है। जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन का कहना है कि जनपद में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद देहरादून में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर सभी पेट्रोल पंपों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया है।

जनपद में विभिन्न तेल कंपनियों के कुल 167 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, नायरा और रिलायंस के पंप शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार सभी पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है।

29 मई 2026 की स्थिति के अनुसार जनपद के पेट्रोल पंपों पर 2526 किलोलीटर पेट्रोल और 2074 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि कहीं से भी ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की कोई सूचना नहीं है और सभी पंपों को मानकों के अनुरूप स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करें। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।देहरादून में पेट्रोल-डीजल को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है… प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार सृजित करने वाला बनाने पर सरकार का फोकस

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युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार सृजित करने वाला बनाने पर सरकार का फोकस

विकसित भारत 2047 की आधारशिला है उच्च शिक्षा” — सीएम धामी

शिवालिक कॉलेज में विचार गोष्ठी में बोले मुख्यमंत्री, शिक्षा और नवाचार को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार सृजित करने वाला बनाने पर सरकार का फोकस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा की अहम भूमिका पर जोर दिया है। देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला है।

देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को मजबूती देंगे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने वाली ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है। राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना चाहती है। इसके लिए उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय, इंटर्नशिप, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा और कौशल विकास को सबसे बड़ा आधार बताया जा रहा है… मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया है।

गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त

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गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त प्रेजेंटेशन नहीं, धरातल पर दिखें परिणाम— अधिकारियों को डीएम डॉ. आशीष चौहान की दो टूक

गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त

प्रेजेंटेशन नहीं, धरातल पर दिखें परिणाम— अधिकारियों को डीएम डॉ. आशीष चौहान की दो टूक

अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के बीच एसटीपी, नाला टैपिंग और अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा

देहरादून में गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला गंगा संरक्षण समिति और अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ प्रेजेंटेशन नहीं, बल्कि धरातल पर सकारात्मक परिणाम नजर आने चाहिए। बैठक में सीवरेज, एसटीपी, नाला टैपिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज और स्वच्छता परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं।

टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन में हो रही देरी पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवर लाइन और सीवेज पम्पिंग स्टेशन परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने को कहा गया।

बैठक में बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में देरी, मसूरी के कैमल बैक एसटीपी निर्माण में लंबित कार्य और अर्केडिया जोन की परियोजना में देरी पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएम ने नगर निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने, डंपिंग जोन पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 को देखते हुए खाद्य एवं पर्यावरणीय स्वच्छता मानकों पर विशेष तैयारी सुनिश्चित करने को कहा।गंगा संरक्षण और स्वच्छता को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है… अर्धकुंभ 2027 से पहले हर परियोजना को समय पर और जमीन पर असरदार बनाने की कवायद तेज हो गई है।

2027 चुनाव में भाजपा सांसदों की होगी असली परीक्षा! 23 हारी विधानसभा सीटों का मिला टास्क

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2027 चुनाव में भाजपा सांसदों की होगी असली परीक्षा!

23 हारी विधानसभा सीटों पर जीत दिलाने की जिम्मेदारी सांसदों के कंधों पर

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सांसदों को दिया स्पष्ट संदेश— जमीन पर उतरकर करनी होगी मेहनत

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन इस बार पार्टी की असली परीक्षा सिर्फ विधायकों या संगठन की नहीं, बल्कि प्रदेश के सांसदों की भी मानी जा रही है। भाजपा जिन 23 विधानसभा सीटों पर पिछला चुनाव हारी थी, वहां जीत का जिम्मा अब सांसदों के कंधों पर रखा गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों में 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ संकेत दिए कि 2022 विधानसभा चुनाव में जिन 23 सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, वहां जीत सुनिश्चित करना अब राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

इन सीटों पर सांसदों को अपने राजनीतिक अनुभव, संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ का परिचय देना होगा। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व सांसदों की राजनीतिक सक्रियता और क्षेत्रीय पकड़ को भी इसी कसौटी पर परखेगा।

भाजपा ने यमुनोत्री, बदरीनाथ, प्रतापनगर, चकराता, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर, मंगलौर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, धारचूला, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, लोहाघाट, हल्द्वानी, जसपुर, बाजपुर, किच्छा, नानकमत्ता और खटीमा जैसी सीटों पर विशेष रणनीति बनाने का फैसला किया है। इन क्षेत्रों में संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ता भी तैनात किए जाएंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 चुनाव में इन सीटों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि सांसद अपनी राजनीतिक जमीन कितनी मजबूत बनाए रख पाए हैं और भाजपा जीत की हैट्रिक के लक्ष्य के कितना करीब पहुंचती है।2027 के चुनावी रण में उत्तराखंड के सांसदों की भूमिका बेहद अहम होने जा रही है… 23 हारी सीटों पर जीत दिलाना ही उनकी राजनीतिक परीक्षा का सबसे बड़ा पैमाना माना जाएगा।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा, टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन

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नितिन नवीन

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा, टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन

बूथ समिति बैठक और प्रबुद्ध गोष्ठी में शामिल हुए, आज युवा संवाद कार्यक्रम में लेंगे भाग

पार्टी नेताओं को दिया संदेश— अनुशासन और एकजुटता से ही लगेगी जीत की हैट्रिक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। देवभूमि प्रवास के तीसरे दिन नितिन नवीन ने देहरादून के टपकेश्वर मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेते हुए कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं को 2027 चुनाव को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार सुबह देहरादून स्थित टपकेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान टपकेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। गढ़ी कैंट स्थित मंदिर परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद नितिन नवीन ने सुबह बूथ समिति बैठक में हिस्सा लिया और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, शिगनीवाला में आयोजित प्रबुद्ध गोष्ठी कार्यक्रम में भी उन्होंने सहभागिता की। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में भी वह हिस्सा लेंगे।

इससे पहले शुक्रवार को अपने दूसरे दिन के प्रवास के दौरान नितिन नवीन ने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और महापौरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों में उन्होंने संगठन की कमियों की ओर इशारा करते हुए अनुशासन और एकजुटता पर विशेष जोर दिया।

सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन विधानसभा और बूथ स्तर तक की जमीनी रिपोर्ट के साथ पहुंचे थे और नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी की आंतरिक बातें सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक नहीं जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर कार्य करने और संगठन को मजबूत करने की सलाह दी।

उत्तराखंड दौरे पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का फोकस साफ नजर आ रहा है… संगठन को मजबूत करने, अनुशासन बनाए रखने और 2027 की चुनावी तैयारी को धार देने का संदेश दिया जा रहा है।

नितिन नवीन बोले— गंगा और ऋषिकेश भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जीवंत पहचान

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नितिन नवीन बोले— गंगा और ऋषिकेश भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जीवंत पहचान

परमार्थ निकेतन पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गंगा आरती में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संत समाज की मौजूदगी में किया गंगा पूजन

नितिन नवीन बोले— गंगा और ऋषिकेश भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जीवंत पहचान

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा पूजन और भव्य गंगा आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत बड़ी संख्या में संत समाज और श्रद्धालु मौजूद रहे।

परमार्थ निकेतन पहुंचने पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का संत समाज ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा आरती में शामिल होकर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि गंगा के पावन तट पर आना एक आत्मीय अनुभूति है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश और मां गंगा केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत पहचान हैं। उन्होंने संत समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संतों ने हर कठिन परिस्थिति में देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। संत परंपरा ने भारत की संस्कृति और सभ्यता को सदियों तक जीवित रखा है और आज भी समाज को संस्कारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है।

गंगा तट पर आस्था और आध्यात्म का संगम देखने को मिला… भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल होकर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।