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उत्तराखंड के गांवों को मिलेगी नई पहचान, सभी ग्राम पंचायतों के लिए बन रहा मास्टर प्लान

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देहरादून। उत्तराखंड की ग्राम पंचायतों को विकास की नई रफ्तार देने के लिए पंचायतीराज विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को पेयजल, सड़क, बिजली, दूरसंचार और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह आच्छादित करने के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए।

विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को ग्राम विकास के क्षेत्र में देश का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इसके लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए जिसे जल्द कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

विकास कार्यों की होगी संयुक्त मॉनिटरिंग

मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग समिति गठित की जाए। यह समिति विभिन्न विभागों द्वारा ग्राम पंचायतों में किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राम पंचायत में किसी विभाग द्वारा कोई कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है तो उसी कार्य के लिए दोबारा बजट खर्च न किया जाए। इसके बजाय उस गांव की अन्य आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग होगा और पंचायतों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

केंद्र से अधिक फंड लाने की तैयारी

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार की राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक धनराशि प्राप्त करने के लिए प्रभावी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उनका कहना था कि अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने से पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा।

382 पंचायत भवनों के निर्माण पर जोर

मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश की 382 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पंचायत भवनों के निर्माण के लिए राज्य सेक्टर के अनुपूरक बजट में आवश्यक धनराशि की मांग का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही तय करने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों तक सभी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाकर ग्रामीण जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जाए। बैठक में पंचायतीराज विभाग के सचिव, निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

पूर्व सैनिकों के लिए नई शस्त्र लाइसेंस नीति पर विचार, मुफ्त कानूनी सहायता और अग्निवीर रोजगार योजना पर धामी सरकार का फोकस

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पूर्व सैनिकों के लिए नई शस्त्र लाइसेंस नीति पर विचार, मुफ्त कानूनी सहायता और अग्निवीर रोजगार योजना पर धामी सरकार का फोकस

देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के लिए नई शस्त्र लाइसेंस नीति, भूमि विवादों में निशुल्क कानूनी सहायता और अग्निवीरों के रिटायरमेंट के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से मंथन कर रही है।

जानकारी के मुताबिक गृह विभाग स्तर पर पूर्व सैनिकों को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। लंबे समय से पूर्व सैनिक संगठन यह मांग उठाते रहे हैं कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद आत्मरक्षा और सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के मद्देनजर उन्हें शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

भूमि विवादों के समाधान के लिए विशेष पहल

राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के बढ़ते भूमि और संपत्ति विवादों को देखते हुए उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पूर्व सैनिकों को कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिल सकेगी।

अग्निवीरों के लिए रोजगार और आरक्षण पर फोकस

धामी सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए पुलिस, जेल प्रहरी और वन विभाग की भर्तियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की घोषणा कर चुकी है। सरकार ने संबंधित विभागों को आगामी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए तैयारी तेज करने और रिक्त पदों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का मानना है कि सेना से प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के शामिल होने से सुरक्षा तंत्र को मजबूत आधार मिलेगा और प्रशिक्षण पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।

निजी क्षेत्र और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार निजी कंपनियों से भी अपील कर रही है कि वे अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करें। इसके साथ ही स्वरोजगार आधारित योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।

पूर्व अर्धसैनिक बलों के लिए भी बन सकती हैं नई योजनाएं

सूत्रों के अनुसार सरकार पूर्व सैनिकों की तर्ज पर पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर भी अंतिम चरण की चर्चा कर रही है। इसके अलावा सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके बच्चों को राष्ट्र निर्माण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

कर्नल अजय कोठियाल ने जताई उम्मीद

अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़े विषयों पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। शासन स्तर पर भी विभिन्न प्रस्तावों पर संवाद हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सकारात्मक निर्णय ले सकती है।

क्या बोले मुख्यमंत्री धामी?

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह स्वयं सैनिक परिवार से जुड़े हैं और राज्य सरकार पूर्व सैनिकों तथा पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए नए प्रस्तावों पर विचार कर रही है। साथ ही उत्तराखंड में निर्माणाधीन सैन्य धाम परियोजना भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

डोईवाला में कथित अनधिकृत धार्मिक परिसर सील, एमडीडीए और प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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डोईवाला में कथित अनधिकृत धार्मिक परिसर सील

देहरादून। जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने डोईवाला क्षेत्र में एक कथित अनधिकृत धार्मिक परिसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मंजिला भवन को सील कर दिया। सोमवार को की गई इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रानीपोखरी थाना क्षेत्र के कंडोगल-कुडियाला गांव स्थित एक भवन को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में निर्माण मानकों के उल्लंघन और भूमि उपयोग से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। मामले की जांच के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया।

बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण का आरोप

प्रशासनिक जांच में पाया गया कि लगभग 800 वर्ग फुट क्षेत्रफल में निर्मित दो मंजिला भवन का नक्शा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसके अलावा भवन के उपयोग को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं।

अधिकारियों के अनुसार विकास प्राधिकरण के नियमों के तहत किसी भी निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृतियां अनिवार्य हैं। निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

सोमवार को एसडीएम डोईवाला और एमडीडीए की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि संबंधित प्रकरण की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन कर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

लंबे समय से उठ रही थीं शिकायतें

स्थानीय स्तर पर इस परिसर को लेकर लंबे समय से शिकायतें और आपत्तियां सामने आ रही थीं। प्रशासन का कहना है कि मामले में आवश्यक जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध निर्माण, भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन और बिना स्वीकृति किए गए निर्माण कार्यों पर भविष्य में भी निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

देहरादून में हर सोमवार होगा समाधान दिवस, अब हर शिकायत की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग: डीएम आशीष चौहान

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देहरादून में हर सोमवार होगा ‘समाधान दिवस’, अब हर शिकायत की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग; डीएम ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए देहरादून प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जनता दरबार ‘समाधान दिवस’ के रूप में आयोजित किया जाएगा, जहां दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर उसकी नियमित मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जाएगी।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे शिकायतों के समयबद्ध समाधान की जवाबदेही तय होगी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी निगरानी की जा सकेगी।

132 शिकायतें पहुंचीं, भूमि विवाद सबसे बड़ी समस्या

समाधान दिवस में कुल 132 लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, अतिक्रमण, कब्जा, सार्वजनिक रास्तों, ऋण माफी और आर्थिक सहायता से जुड़ी थीं।

भूमि विवादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर एक हाई-लेवल स्पेशल सेल गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह सेल सीमांकन, कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदारी विवाद और अन्य राजस्व मामलों का फास्ट ट्रैक मोड में निस्तारण करेगा।

दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं की होगी विशेष निगरानी

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़क संपर्क से वंचित दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय रहते सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे लंबी कतारों में लगने की परेशानी कम होगी।

बुजुर्गों की शिकायत पर तत्काल एक्शन

समाधान दिवस में 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम ने किरायेदार द्वारा मकान खाली न करने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी तरह बुजुर्ग भरत भूषण मित्तल द्वारा अवैध कब्जे और धमकी की शिकायत पर एसडीएम सदर को त्वरित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

फसल नुकसान और आर्थिक सहायता के मामलों पर भी निर्देश

ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को पीएम फसल बीमा योजना के तहत जल्द मुआवजा दिलाने के लिए उद्यान विभाग को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं आर्थिक तंगी के कारण स्कूल फीस जमा न कर पाने वाले परिवारों और आर्थिक सहायता मांगने वाले जरूरतमंद नागरिकों के मामलों पर भी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।

जनजातीय क्षेत्रों में एंबुलेंस और नई बस सेवा पर विचार

चकराता, क्वांसी और लाखामंडल जैसे जनजातीय क्षेत्रों में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस या सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

Sri Lanka Civil Service Delegation Visits Uttarakhand, Studies Advanced Disaster Management Systems

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Sri Lanka Civil Service Delegation Visits Uttarakhand, Studies Advanced Disaster Management Systems

Sri Lanka Civil Service Delegation Visits Uttarakhand, Studies Advanced Disaster Management Systems

40 Sri Lankan Civil Service Officers Learn Uttarakhand’s Disaster Management Model During USDMA Visit

From Early Warning Systems to Landslide Management, Sri Lankan Officers Study Uttarakhand’s Disaster Preparedness Framework

A 40-member delegation of Sri Lankan Civil Service Officers visited the Uttarakhand State Disaster Management Authority under a capacity-building program coordinated by the National Centre for Good Governance. The delegation was briefed on Uttarakhand’s disaster management framework, including early warning systems, emergency response mechanisms, community participation, and advanced technologies used for disaster risk reduction in the Himalayan state.

 

केदारनाथ यात्रा पर गढ़वाल आयुक्त सख्त, 10 लाख श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा और आपदा तैयारियों की समीक्षा

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केदारनाथ यात्रा में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक, आपदा प्रबंधन और फर्जी सूचनाओं पर सख्त निर्देश जारी किए।

केदारनाथ यात्रा पर गढ़वाल आयुक्त सख्त, सुरक्षा, स्वच्छता और आपदा तैयारियों की ली विस्तृत समीक्षा

रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की आमद के बीच गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने यात्रा व्यवस्थाओं और आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोमवार को रुद्रप्रयाग जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने विभिन्न विभागों से यात्रा संचालन, चुनौतियों और समाधान को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जबकि एक लाख से अधिक यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जानकारी दी कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं लगातार संचालित की जा रही हैं। यात्रा मार्ग पर गैस सिलेंडर और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।

घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण और सख्ती

प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर संचालित 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण और बीमा कराया है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नियमित जांच और रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।

स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर

आयुक्त ने यात्रा मार्ग पर स्थापित शौचालयों, पेयजल व्यवस्था, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट और शटल सेवाओं की समीक्षा करते हुए साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

मानसून से पहले आपदा तैयारियों की समीक्षा

आगामी मानसून को देखते हुए आयुक्त ने आपदा प्रबंधन विभाग को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ड्राई राशन, खाद्य सामग्री और आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए। मध्यमहेश्वर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

शॉर्टकट रास्तों पर रोक, चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा शॉर्टकट मार्गों के उपयोग को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, साइनेज और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों को अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर भी चिंता व्यक्त की गई। आयुक्त आनंद स्वरूप ने निर्देश दिए कि ऐसी खबरों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और तथ्यात्मक जानकारी जारी कर तत्काल खंडन किया जाए। उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

गढ़वाल आयुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च न्यायालय और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

CM धामी ने 276 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- पारदर्शी भर्ती से मिल रही योग्यता को पहचान

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CM धामी ने 276 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

CM धामी ने 276 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- पारदर्शी भर्ती से मिल रही योग्यता को पहचान

उत्तराखंड में 276 युवाओं को सरकारी नौकरी, CM धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र और दिया बड़ा संदेश

धामी सरकार का युवाओं को बड़ा तोहफा, 276 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र; 33 हजार नौकरियों का भी किया जिक्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्यसेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 276 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। वन विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत है।

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग लेकर निकले कांवड़ यात्री को गोली लगी

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गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग लेकर निकले कांवड़ यात्री को गोली लगी

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर 221 लीटर गंगाजल के साथ हरिद्वार से नोएडा की पैदल यात्रा पर निकले एक कांवड़ यात्री को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है। गोली चलने की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घायल श्रद्धालु को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए ऋषिकेश स्थित AIIMS Rishikesh रेफर कर दिया गया।

हरिद्वार से नोएडा जा रहे कांवड़ यात्री को लगी गोली।

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर 221 लीटर गंगाजल के साथ पैदल यात्रा कर रहे एक श्रद्धालु को गोली लगने से गंभीर चोट आई। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद AIIMS Rishikesh रेफर किया गया है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

 

 

 

हरिद्वार बना ‘जाम नगर’, पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात व्यवस्था चरमराई

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पूर्णिमा स्नान और वीकेंड पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, शहर से हाईवे तक लगा लंबा जाम

हरिद्वार बना ‘जाम नगर’, पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात व्यवस्था चरमराई

हरकी पैड़ी से हाईवे तक वाहनों की लंबी कतारें, पूर्णिमा स्नान पर हरिद्वार में रिकॉर्ड भीड़

धर्मनगरी Haridwar में वीकेंड और अधिक मास की पूर्णिमा स्नान के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के कारण शहर की सड़कें वाहनों से भर गईं। स्थिति ऐसी रही कि हरकी पैड़ी से लेकर हाईवे तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए दिनभर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

सतपाल महाराज की कार पर गिरा पहाड़ी से पत्थर, बाल-बाल बचे मंत्री और अमृता रावत

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उत्तराखंड के मंत्री सतपाल महाराज की कार पर गिरा पहाड़ी से पत्थर, बाल-बाल बचे मंत्री और अमृता रावत

उत्तराखंड के मंत्री सतपाल महाराज की कार पर गिरा पहाड़ी से पत्थर, बाल-बाल बचे मंत्री और अमृता रावत

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर बड़ा हादसा टला, सतपाल महाराज की कार पर गिरा पत्थर, शीशा टूटा

मूसलाधार बारिश के बीच सतपाल महाराज के काफिले पर खतरा, कार का शीशा तोड़कर गिरा पहाड़ी पत्थर

उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग मंत्री Satpal Maharaj शनिवार शाम एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोटद्वार और दुगड्डा के बीच अचानक पहाड़ी से गिरा एक पत्थर उनकी कार के आगे के शीशे से टकरा गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय कार में उनकी पत्नी एवं पूर्व मंत्री Amrita Rawat भी मौजूद थीं।