देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के लिए नई शस्त्र लाइसेंस नीति, भूमि विवादों में निशुल्क कानूनी सहायता और अग्निवीरों के रिटायरमेंट के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से मंथन कर रही है।
जानकारी के मुताबिक गृह विभाग स्तर पर पूर्व सैनिकों को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। लंबे समय से पूर्व सैनिक संगठन यह मांग उठाते रहे हैं कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद आत्मरक्षा और सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के मद्देनजर उन्हें शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
भूमि विवादों के समाधान के लिए विशेष पहल
राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के बढ़ते भूमि और संपत्ति विवादों को देखते हुए उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पूर्व सैनिकों को कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिल सकेगी।
अग्निवीरों के लिए रोजगार और आरक्षण पर फोकस
धामी सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए पुलिस, जेल प्रहरी और वन विभाग की भर्तियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की घोषणा कर चुकी है। सरकार ने संबंधित विभागों को आगामी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए तैयारी तेज करने और रिक्त पदों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का मानना है कि सेना से प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के शामिल होने से सुरक्षा तंत्र को मजबूत आधार मिलेगा और प्रशिक्षण पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
निजी क्षेत्र और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार निजी कंपनियों से भी अपील कर रही है कि वे अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करें। इसके साथ ही स्वरोजगार आधारित योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
पूर्व अर्धसैनिक बलों के लिए भी बन सकती हैं नई योजनाएं
सूत्रों के अनुसार सरकार पूर्व सैनिकों की तर्ज पर पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर भी अंतिम चरण की चर्चा कर रही है। इसके अलावा सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके बच्चों को राष्ट्र निर्माण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
कर्नल अजय कोठियाल ने जताई उम्मीद
अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़े विषयों पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। शासन स्तर पर भी विभिन्न प्रस्तावों पर संवाद हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
क्या बोले मुख्यमंत्री धामी?
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह स्वयं सैनिक परिवार से जुड़े हैं और राज्य सरकार पूर्व सैनिकों तथा पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए नए प्रस्तावों पर विचार कर रही है। साथ ही उत्तराखंड में निर्माणाधीन सैन्य धाम परियोजना भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

