उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर शुरू होगी प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब
कुंभ 2027 को देखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा तैयारियां तेज करने के निर्देश
उत्तराखंड में सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब को आगामी 07 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सचिवालय में आयोजित सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की छठी बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खाद्य सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाने, मिलावटखोरी में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई करने और न्यायालयों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आम जनता की शिकायतों के लिए सरल चार अंकों का हेल्पलाइन नंबर जारी कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही, ताकि खाद्य मिलावट जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा की तैयारियां अभी से शुरू करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में परीक्षण और निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात करने तथा डेडिकेटेड वेंडिंग जोन चिन्हित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेशन को सरकारी संस्थानों, छात्रावासों, वृद्धाश्रमों, बाल गृहों और नारी निकेतनों तक विस्तार देने की बात कही गई। वहीं मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार अब और सख्त नजर आ रही है… मिलावटखोरी पर कार्रवाई से लेकर कुंभ 2027 की तैयारियों तक, हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

