Friday, March 6, 2026
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तीर्थनगरी प्रयागराज में आज भी कई रास्तों पर भीषण जाम

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महाकुंभ में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का प्रवाह दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे संगम क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार देर शाम से लेकर मंगलवार तक, लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए पहुंच गए। इस भीड़ के कारण संगम जाने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई है और तीर्थनगरी में चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

रेलवे स्टेशन और सड़कों पर दबाव:
तीर्थनगरी के प्रमुख रेलवे स्टेशन जैसे प्रयाग स्टेशन, झूंसी, रामबाग प्रयागराज, नैनी, छिवकी, और फाफामऊ पर भी भारी भीड़ देखी गई। रेलवे द्वारा तैयार किए गए रैन बसेरे और होल्डिंग एरिया भी भर चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप, श्रद्धालु सड़कों पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।

जाम की स्थिति:
संगम क्षेत्र की ओर जाने और वापस लौटने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। मिर्जापुर और लखनऊ मार्ग पर स्थिति सबसे खराब रही, जहां 8 से 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इसके अलावा, प्रयागराजलखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। प्रवेश प्वाइंट्स पर छह किलोमीटर से ज्यादा जाम लगा रहा।

जाम से जूझते श्रद्धालु:
संगम से घर लौट रहे श्रद्धालुओं को भी जाम से जूझना पड़ा। फाफामऊ तक वाहनों की रेंगती कतारें नजर आईं, और शहर के विभिन्न इलाकों जैसे चौफटका पुल, सुलेमसराय, और हाईकोर्ट पानी टंकी पर भीषण जाम रहा।

आगे की स्थिति:
हालांकि, तीन दिनों के मुकाबले सोमवार को शहरवासियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन जाम की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। संगम के आसपास की सड़कों पर श्रद्धालुओं का तांता लगातार जारी है, और जाम की स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को और भी कदम उठाने की आवश्यकता है।

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है, जिसके कारण आज भी शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लग गया है। संगम में स्नान करने के लिए आने वाले आस्थावान श्रद्धालु लगातार शहर की सड़कों पर रुक-रुक कर यात्रा कर रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

मुख्य जाम वाले इलाके:

  • प्रवेश प्वाइंट्स पर लंबी कतारें लगी हुई हैं।
  • चौफटका पुल, सुलेमसराय, हाईकोर्ट पानी टंकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जाम की स्थिति बनी रही।
  • फाफामऊ, झूंसी, दारागंज जैसे इलाकों में भी वाहनों की रेंगती कतारें नजर आ रही हैं।
  • शहर के अन्य प्रमुख स्थानों जैसे अलोपीबाग चुंगी, बांगड़ चौराहा, मेडिकल चौराहा, तेलियरगंज आदि पर भी यातायात ठहर सा गया है।

डिजिटल असेंबली “गो ग्रीन” की तरफ एक और कदम, हमारे राष्ट्रीय खेल भी इसी तर्ज पर हुए सफल : रेखा आर्या

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मंगलवार को बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा भवन के अंदर एक बहुद्देशीय भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ई विधान का भी उद्घाटन हुआ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण के साथ उद्घाटन में खेल मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रही।

रेखा आर्या ने इस मौके पर कहा कि हाल ही में संपन्न हुए “ग्रीन” नेशनल गेम्स के बाद यह उत्तराखंड का पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और कदम है। रेखा आर्या ने कहा कि इस नई पहल से विधानसभा के विधायी कामों में तेजी और सुगमता आएगी, साथ ही विधानसभा के पेपरलेस बनने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को बचाया जा सकेगा।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इसी तरह राष्ट्रीय खेलों में ग्रीन थीम के जरिए हम पूरे देश को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पदक विजेताओं की यादगार के तौर पर रुद्राक्ष के पौधे रोपने और खेल वन तैयार करने की घोषणा सरकार पहले ही कर चुकी है।

डिजिटल हुई उत्तराखंड की विधानसभा, मुख्यमंत्री धामी ने किया ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का लोकापर्ण

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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने विधानसभा के उपवेशन के लिए ई-विधानसभा एप्लीकेशन का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की उपस्थिति में मंगलवार को ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का लोकापर्ण किया। इस बार विधानसभा का बजट सत्र नेशनल ई- विधान एप्लीकेशन के तहत संचालित किया जा रहा है।

कागज रहित होगी कार्यवाही – ई-विधानसभा एप्लिकेशन के जरिए विधानसभा की कार्यवाही अब डिजिटल रूप से संचालित होगी, जिससे कागज की बचत होगी और कार्य प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

विधायकों को मिलेगी ऑनलाइन सुविधा – विधायक अब प्रश्न, प्रस्ताव, नोटिस और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा में वृद्धि होगी।

पारदर्शिता और दक्षता में सुधार – डिजिटल प्रणाली से विधानसभा की सभी प्रक्रियाएँ अधिक प्रभावी और पारदर्शी होंगी, जिससे निर्णय लेने में तेजी आएगी और जनता को सटीक जानकारी मिल सकेगी।

उत्तराखण्ड में विधानसभा के कार्यों को डिजिटल और पेपरलेस बनाने के लिए ई-विधानसभा प्रणाली अपनाई गई है। इसके माध्यम से विधायकों को कार्यसूची, विधानसभा में पूछे गये प्रश्नों के जवाब और अन्य दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध कराये जायेंगे।

इसके तहत विधानसभा में विधायकों की टेबल पर टैबलेट लगाए गए हैं, और सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही भी अधिक दक्षता से संपन्न होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रीगण और विधायकगण उपस्थित थे।

खनन पर बड़ी कार्रवाई स्टोन क्रशर सील

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उत्तराखंड प्रशासन द्वारा खनन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में, सतपुली क्षेत्र में दो स्थानों पर सख्त कदम उठाए गए हैं:

  1. बिलखेत स्थित खनन पट्टा का संचालन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।
  2. सतपुली तहसील के पास स्थित स्टोन क्रशर को सील कर दिया गया।

जिला खनन अधिकारी राहुल नेगी और उपजिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पाया गया कि खनन पट्टे पर नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके कारण खनन कार्य को तुरंत रोक दिया गया और ई-खनन पोर्टल को भी बंद कर दिया गया। साथ ही, खनन पट्टे के संचालकों को सख्त हिदायत दी गई कि वे भविष्य में नियमों का पालन करें।

इसी तरह, सतपुली तहसील के पास स्थित स्टोन क्रशर में भी निर्धारित नियमों का उल्लंघन और भंडारित उपखनिज में गड़बड़ी पाई गई। प्रशासन ने स्टोन क्रशर को सीज कर दिया और प्लांट संचालक को आदेश दिए हैं कि खनिज भंडारण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए, जब तक प्रशासन से अगला आदेश न मिले।

प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वह अवैध खनन और नियमों की अनदेखी के मामलों पर कड़ी निगरानी रखेगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

भाजपा बनाएगी 304 मंडल अध्यक्ष, पैनलों में आए नामों पर मंथन शुरू, 20 फरवरी तक पार्टी करेगी घोषणा

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उत्तराखंड में बीजेपी मंडल अध्यक्ष की नियुक्तियों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और उलटी गिनती शुरू हो गई है। पार्टी ने विभिन्न जिलों के मंडल अध्यक्षों के नामों को फाइनल कर लिया है, और अब आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के अनुसार, प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें छह जिलों की 20 विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों के साथ पैनलों पर मंथन किया गया।

इस बैठक में 104 मंडलों के लिए नामों पर चर्चा की गई, जो गंगोत्री, यमुनोत्री, पुरोला, बदरीनाथ, कर्णप्रयाग, थराली, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, नरेंद्र नगर, टिहरी, प्रताप नगर, देवप्रयाग, धनौल्टी, घनसाली, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, पौड़ी, लैंसडाउन, कोटद्वार और यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्रों में स्थित हैं। पार्टी ने 20 फरवरी तक 304 मंडलों की घोषणा करने का लक्ष्य रखा है, और 19 फरवरी तक सभी पैनलों पर विचार करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश चुनाव अधिकारी एवं राजपुर विधायक खजान दास, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, और खिलेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। इस बैठक में मंडल अध्यक्षों के चयन में सामाजिक, क्षेत्रीय और वर्गीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों पर विचार किया गया।

इसके बाद, 20 से 28 फरवरी के बीच जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। पार्टी की योजना है कि संगठन चुनाव के निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 फरवरी तक सभी मंडल अध्यक्षों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

उत्तराखंड बजट सत्र 20 फरवरी को पेश होगा बजट

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उत्तराखंड बजट सत्र 20 फरवरी को पेश होगा बजट

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 18 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले बजट सत्र के तीन दिन के एजेंडे का निर्धारण किया गया।

बैठक के अनुसार, 18 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण सुबह 11 बजे होगा, जिसके बाद दोपहर तीन बजे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अभिभाषण पढ़ा जाएगा। 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी और उसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। अंत में, 20 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने दलीय नेताओं से सदन को शांतिपूर्वक और सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग का आग्रह किया, ताकि बजट और जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की जा सके। सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को विधिक तरीके से चलाने का भरोसा दिया।

विस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश के विकास और जनहित में उठाए गए सभी मुद्दों पर सदन में सकारात्मक चर्चा होगी और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष को समान अवसर प्रदान किया जाएगा। उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाना है ताकि जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह, बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद, भा.ज.पा. विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव विधायी धनंजय चतुर्वेदी और प्रभारी सचिव विधानसभा हेम पंत भी मौजूद थे।

उत्तराखंड बजट सत्र 20 फरवरी को पेश होगा बजट

रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर मानसखण्ड मंदिर माला मिशन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अलर्ट

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के संबंध में सचिवालय में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। यह परियोजना देहरादून शहर में बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की संख्या और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यातायात में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र सरकार से सहयोग प्राप्त करने और राज्य सेक्टर से कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके तहत रिस्पना नदी के तल पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी के तल पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में नदी के भीतर स्थित जनसेवा की विद्युत लाइन, हाई टेंशन लाइन और सीवर लाइन का विस्थापन भी किया जाएगा, और बाढ़ सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नदी किनारों पर रिटेनिंग वाल का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी रेखीय विभागों के समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने राज्य के अन्य शहरों में भी बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए सुनियोजित योजना पर कार्य करने की आवश्यकता जताई।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर भी निर्देश दिए और कहा कि आगामी यात्रा के लिए उचित योजना बनाई जाए। उन्होंने यूआईआईडीबी, देहरादून एलिवेटेड रोड, गढ़वाल और कुमाऊं की कनेक्टिविटी, और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के काम की नियमित समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह स्वयं समय-समय पर इन कार्यों की समीक्षा करेंगे।

बैठक में राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन, और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एलिवेटेड रोड परियोजना की समीक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की

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देहरादून एलिवेटेड रोड परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को रिस्पना और बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। यह परियोजना देहरादून शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम है।

समीक्षा बैठक में विशेष रूप से इस परियोजना को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों को केंद्र सरकार से सहयोग प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही, स्टेट सेक्टर से संबंधित कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने की बात भी की गई, ताकि परियोजना का निर्माण समय पर पूरा हो सके और शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

यह परियोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होगी।

पीएम मोदी स्वागत फूलों से सजेगा मुखबा गांव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने मुखबा और हर्षिल में स्थल निरीक्षण किया। उनके दौरे के दौरान इन दोनों स्थानों को शानदार तरीके से सजाने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने की योजना बनाई जा रही है।

मुखबा में गंगोत्री मंदिर के साथ पूरे गांव को फूलों से सजाने की योजना है। पर्यटन सचिव ने मंदिर समिति और ग्राम पंचायत के साथ मिलकर इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने गांव में व्यू प्वाइंट निर्माण, रंग रोगन, पैदल मार्ग और अन्य जरूरी कार्यों का निरीक्षण किया, ताकि पीएम मोदी के दौरे के दौरान हर चीज परफेक्ट दिखे। इसके साथ ही, स्थानीय हस्तशिल्प से बने उपहार पीएम को भेंट किए जाने की योजना बनाई गई है।

हर्षिल में उन्होंने जनसभा स्थल, बगोरी हेलिपैड, सड़क और पार्किंग स्थलों के साथ प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को जनसभा स्थल पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निर्देशित किया और प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प से बने सामानों को प्रमुखता देने को कहा।

गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक में पीएम के पूजा और स्वागत की योजना पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

यह दौरा न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को भी उजागर करेगा, जिससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।

उत्तराखंड बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत

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देहरादून विधानसभा के 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की, ताकि सत्र के दौरान कोई असुविधा न हो।

एक अहम निर्णय यह लिया गया कि इस बार सत्र का संचालन ई-नेवा (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) के तहत किया जाएगा, जिससे सत्र की प्रक्रिया और भी अधिक डिजिटल और पारदर्शी होगी। इसके लिए विधानसभा भवन में दो तकनीकी इंजीनियरों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि विधायकों को किसी भी तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, इंटरनेट सेवा में सुधार किया जाएगा और पूरे विधानसभा परिसर में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सत्र के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विधानसभा परिसर में प्रवेश पत्र के बिना किसी भी वाहन की एंट्री पर रोक होगी। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि सत्र के दौरान कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति या वाहन परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके अतिरिक्त, सत्र में आगंतुकों के लिए भी प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, हालांकि ये सिर्फ विधायकों और मंत्रियों की सिफारिश पर होंगे।

विधानसभा कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी सख्ती बरती जाएगी। कार्यवाही के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए, मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, और यदि किसी विधायक को मोबाइल का उपयोग करना आवश्यक हो, तो उन्हें सदन से बाहर जाकर इसका उपयोग करने की अनुमति होगी।

इन तमाम उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सत्र की कार्यवाही व्यवस्थित, सुरक्षित, और सुचारू रूप से चल सके, और विधायकों और अधिकारियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।