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चारधाम यात्रा 2025 में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त: 49 स्थायी केंद्र, 154 एंबुलेंस, और केदारनाथ में 17-बेड अस्पताल

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चारधाम यात्रा 2025 में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त: 49 स्थायी केंद्र, 154 एंबुलेंस, और केदारनाथ में 17-बेड अस्पताल

देहरादून उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2025 को सफल एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष विशेष तैयारियों के साथ यात्रा मार्गों पर मेडिकल व्यवस्थाओं को व्यापक रूप से मजबूत किया है।

तीन चरणों में स्वास्थ्य सेवाएं, पहाड़ी जोखिमों पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस बार का फोकस उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, ठंड और पुरानी बीमारियों से ग्रसित श्रद्धालुओं के लिए प्रोएक्टिव स्वास्थ्य प्रबंधन रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग, हृदय व सांस रोगियों की स्क्रीनिंग एवं प्राथमिक देखभाल को प्राथमिकता दी गई है।

रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 49 स्थायी केंद्र, 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट

  • 49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) को रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी जिलों में सक्रिय किया गया है।
  • हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जैसे गेटवे जिलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।
  • 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं; जिनमें दो-दो स्क्रीनिंग सेंटर हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर में और एक कालियासौड़ (पौड़ी) में जोड़ा गया है।

केदारनाथ में 17-बेड का अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती

  • केदारनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए 17-बेड का आधुनिक अस्पताल शुरू किया गया है।
  • यात्रा मार्गों पर 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर और 381 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं।
  • डॉक्टरों में 47 विशेषज्ञ राज्य स्वास्थ्य सेवा, 13 केंद्र सरकार और 5 निजी मेडिकल कॉलेज से उपलब्ध कराए गए हैं।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से डिजिटल निगरानी

  • स्वास्थ्य विभाग ने “ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल” के माध्यम से यात्रियों के स्वास्थ्य की डिजिटल निगरानी शुरू की है।
  • चारधाम जिलों को 50 टैबलेट डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सभी स्क्रीनिंग सेंटर और MRP का डेटा तुरंत डिजिटल रूप में संकलित हो रहा है।

154 एंबुलेंस और हेली सेवा सतर्क, 29 श्रद्धालुओं को यात्रा से रोका गया

  • यात्रा मार्ग पर कुल 154 एंबुलेंस और हेली एंबुलेंस सेवा सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
  • अब तक 369 श्रद्धालुओं को एंबुलेंस से और 33 श्रद्धालुओं को हेली एंबुलेंस से रेफर कर उचित इलाज हेतु भेजा गया।
  • 29 श्रद्धालुओं को चिकित्सकीय कारणों से यात्रा न करने की सलाह दी गई, उन्हें उनके स्वास्थ्य के मद्देनजर लौटाया गया।

स्वास्थ्य विभाग का संदेश

स्वास्थ्य सचिव ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या पर तत्काल स्क्रीनिंग या एमआरपी केंद्र से संपर्क करें।

मुख्य तथ्य (Highlights):

  • ✅ 49 स्थायी केंद्र और 20 एमआरपी
  • ✅ 154 एंबुलेंस और हेली सेवा
  • ✅ केदारनाथ में 17-बेड का अस्पताल
  • ✅ 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर
  • ✅ 57 स्क्रीनिंग कियोस्क
  • ✅ 29 यात्रियों को रोककर लौटाया गया
  • ✅ ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से डिजिटल डेटा संग्रह

राजनैतिक बनवास सत्ता का सूखा अपनों से झेलती उत्तराखंड कांग्रेस

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राजनैतिक बनवास सत्ता का सूखा अपनों से झेलती उत्तराखंड कांग्रेस देहरादून उत्तराखंड में कांग्रेस आपसी गुटबाजी से कभी भी उभर नहीं पाई अगर उभर पाती तो पिछले दो विधानसभा चुनाव सत्ता से बहार रहकर बनवास नहीं झेल रही होती उत्तराखंड में वर्तमान कांग्रेसी सियासत में कुमायु से लेकर गढ़वाल हर जगह गुटों के खेमे बताते है अपनों की राह में अपने रोड़े बने रहे लोकसभा चुनाव इसका सबसे बड़ा राजनैतिक उदहारण है।

कांग्रेस में एक नेता जो कभी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सबसे खास हुआ करते थे उनके अनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस सत्ता में वापिसी कर लेते अगर हरीश रावत पारिवारिक लोगो को टिकट नहीं देते या दो जगह से चुनाव नहीं लड़ते हलाकि उनका ये कहना ऑफ़ दा रिकॉर्ड रहा लेकिन समय बदला उत्तराखंड में बीजेपी सत्ता की कुर्सी पर विराजमान हो गई जिसकी कसक आज तक कांग्रेस के कई बड़े नेता अपनी पाला बदल लेने वाली कदम ताल को देते है।

उत्तराखंड कांग्रेस 2027 में सत्ता में वापिसी का सपना देख रही है सत्ता से बहार होने का सूखा कांग्रेस नेताओं को दिन रात परेशान करता है मौजूदा हालात ऐसे है अकेला चलो वाले नेता जी अपनी दावतों से जख्मो पर नमक छिड़क रहे है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा भी उत्तराखंड में गुटबाजी से परेशान है उनकी मेहनत पर भी दावत वीर हावी हो गए है करे तो क्या करे परेशान होकर कांग्रेस दरबार में हजारी लगाकर दावत वाले नेता को सबको साथ में लेकर चलने का हुक्म करवा बैठे है नतीजा कोई खास नहीं रहा नेता की फिर हल्द्वानी कुमायु में जलेबी से लेकर दावतों में मशगूल हो गए।

बरहाल उत्तराखंड कांग्रेस सत्ता में वापिसी के लिए एक नहीं दूसरी पात में मौजूद युवा छात्र सियासत भी कमजोर हो गई है जैसा जोश एक दशक पहले देखा जाता था वो अब नहीं रहा दोहरी मार से परेशान कांग्रेस अपना राजनैतिक बनवास कैसे पूरा करेगी ये भी देखना दिलचप्स होगा हलाकि एक गट गढ़वाल से गणेश गोदियाल को आगे कर नयी सियासत की पैरवी कर चूका है लेकिन इसको बड़े बरगद कैसे पनपने देंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं।

नारसन में सीएम धामी ने ट्रैक्टर से पहुंचकर किया धन्यवाद रैली का शुभारंभ, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक परिवर्तन

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नारसन में सीएम धामी ने ट्रैक्टर से पहुंचकर किया धन्यवाद रैली का शुभारंभ, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक परिवर्तन

हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारसन स्थित महाराजा महेंद्र प्रताप स्नातक महाविद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत चौधरी ओमपाल ढाबा लिब्बरहेड़ी से होकर स्वीटी फार्म तक की गई।

रैली की एक विशेष बात यह रही कि मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जिससे उनका किसान समुदाय के प्रति जुड़ाव और सम्मान प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।


UCC: संविधान निर्माता के सपने को साकार करने की दिशा में पहला राज्य — सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:

“उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है, जहां समान नागरिक संहिता कानून लागू किया गया है। यह कदम बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के उस सपने को साकार करता है, जिसमें हर नागरिक के लिए समान कानून की कल्पना की गई थी।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह रैली उनका नहीं, बल्कि “सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों का सम्मान है” और इस भीषण गर्मी में उपस्थित होकर जनभागीदारी निभाने वाले महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों का उन्होंने विशेष आभार प्रकट किया।


किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसान हित में लिए गए निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए कहा:

  • किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की गई
  • किसानों को 80% सब्सिडी के साथ बागवानी में प्रोत्साहन
  • गेहूं पर ₹20/कुंटल बोनस और गन्ना मूल्य में ₹20/कुंटल की वृद्धि
  • ₹1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू
  • 14,000 करोड़ की लागत से 7 नई परियोजनाएं प्रारंभ

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा:

“प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हाल ही में हरिद्वार भूमि घोटाले में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है।”


मंगलौर विधानसभा को मिले विकास के उपहार

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के लिए दो बड़ी घोषणाएं की:

  1. ग्राम सभा लिब्बरहेड़ी में महाराजा सूरजमल के नाम पर खेल स्टेडियम का निर्माण
  2. मंगलौर से गुरुकुल-लंढौरा बाईपास तक सर्की रजवाहे की पटरी पर पक्की सड़क निर्माण

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी

इस अवसर पर मंच पर मौजूद प्रमुख जनप्रतिनिधियों में शामिल रहे:

  • विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना
  • आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिला, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल
  • सभी मंडल अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, प्रशासनिक अधिकारी — डीएम मयूर दीक्षित, एसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम प्रेमलाल सहित अनेक अधिकारी और सैकड़ों की संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स):

  • ✅ सीएम धामी ने ट्रैक्टर चलाकर किया रैली स्थल का आगमन
  • ✅ UCC को बताया सामाजिक समानता की दिशा में क्रांतिकारी कदम
  • ✅ किसानों के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा
  • ✅ भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया
  • ✅ मंगलौर क्षेत्र के लिए स्टेडियम और सड़क निर्माण की घोषणाएं

सीएम धामी का ऐतिहासिक जनसंवाद: ट्रैक्टर चलाकर किसानों को दिया सम्मान, UCC को बताया समानता का प्रतीक

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लिब्बरहेड़ी में सीएम धामी का ऐतिहासिक जनसंवाद: ट्रैक्टर चलाकर किसानों को दिया सम्मान, UCC को बताया समानता का प्रतीक

हरिद्वार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के लिब्बरहेड़ी में आयोजित भव्य रोड शो और जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर एक बार फिर यह दर्शा दिया कि उनकी राजनीति का केंद्र बिंदु जनता के बीच रहकर, जमीन से जुड़कर सेवा करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल मंच से जनसभा को संबोधित किया, बल्कि खुद ट्रैक्टर चलाकर किसानों के प्रति सम्मान और उनके श्रम का प्रत्यक्ष रूप से आदर व्यक्त किया। इस अनूठी पहल ने जनमानस को गहराई से प्रभावित किया और मुख्यमंत्री की “जमीन से जुड़े जननेता” की छवि को और प्रबल किया।


ट्रैक्टर की सवारी: किसान सम्मान का प्रतीक

मुख्यमंत्री धामी जब खेतों की पगडंडियों से होते हुए ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालते नजर आए, तो चारों ओर उत्साह की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भीड़ ने इस दृश्य को देखा और भावविभोर होकर तालियों से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा:

“जब मैं ट्रैक्टर चलाता हूं, तो यह केवल एक वाहन नहीं चलाना है, यह हमारे अन्नदाता भाइयों के श्रम को नमन करने की एक विनम्र कोशिश है।”


UCC: समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम

लिब्बरहेड़ी यात्रा का मुख्य उद्देश्य था — समान नागरिक संहिता (UCC) के हालिया लागू किए गए कानून को लेकर जनता से संवाद करना और उनके समर्थन के लिए आभार प्रकट करना। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:

“UCC न किसी मजहब के खिलाफ है, न किसी वर्ग के। यह समानता, पारदर्शिता और न्याय का मूल है। यह बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के उस सपने को साकार करता है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की परिकल्पना की गई थी।”

धामी ने इसे प्रदेश में एकता, सामाजिक समरसता और नागरिक अधिकारों के समान अवसरों की दिशा में मील का पत्थर बताया।


विकास का एजेंडा: गांव, किसान और युवा केंद्र में

जनसंवाद में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार गांव-गांव तक सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और डिजिटल सेवाएं पहुंचा रही है। युवाओं के लिए स्टार्टअप योजनाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, और रोजगार के अवसर सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

“हमारा लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं, बल्कि विकास को हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। यही असली सुशासन है,” — मुख्यमंत्री धामी।


नए उत्तराखंड की ओर एक और कदम

लिब्बरहेड़ी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक नई राजनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है — जिसमें जनता की भागीदारी, किसान सम्मान, और कानूनों पर प्रत्यक्ष संवाद शामिल है।

मुख्यमंत्री की ट्रैक्टर सवारी और UCC पर सहज, सरल संवाद इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तराखंड आज विकास और संवेदना के संतुलित पथ पर आगे बढ़ रहा है।


मुख्य संदेश:

  • ✅ मुख्यमंत्री ने खुद ट्रैक्टर चलाकर किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया
  • ✅ समान नागरिक संहिता को “सामाजिक न्याय” और “राष्ट्रीय एकता” का आधार बताया
  • ✅ युवाओं, किसानों और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया
  • ✅ जनसंवाद की शैली ने मुख्यमंत्री को जन-जन का नेता साबित किया

Haridwar Politics New Plan Pushkar Singh Dhami

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लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती पर मुख्यमंत्री धामी का संबोधन — “पाल-धनगर समाज भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक नींव” haridwar poltics new plan pushkar singh dhami

हरिद्वार, ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में धनगर समाज द्वारा आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की त्रिशताब्दी जयंती समारोह में प्रतिभाग करते हुए लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम सभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने की घोषणा की, बशर्ते आवश्यक प्रस्ताव एवं अनापत्ति पत्र प्राप्त हो जाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि पाल-धनगर समाज न केवल पशुपालन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का मूल आधार रहा है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

“लोकमाता अहिल्याबाई: नारी सशक्तिकरण का प्रतीक”

मुख्यमंत्री धामी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को नारी सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके द्वारा काशी विश्वनाथ, द्वारका, अयोध्या, मथुरा सहित देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण और संरक्षण किया गया। उन्होंने कहा:

“उस कालखंड में अहिल्याबाई होल्कर जी ने जिस दृढ़ता और नेतृत्व का परिचय दिया, वह आज भी प्रेरणा देता है।”

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों के योगदान को अब उचित स्थान मिल रहा है। उन्होंने राम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक, और विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों को इसका प्रमाण बताया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र व राज्य सरकारों की पहल

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों — महिला आरक्षण बिल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, और ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को देश में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ करने वाला बताया।

राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा 30% महिला आरक्षण, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, आंचल अमृत योजना और नारी सशक्तिकरण योजना जैसे कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे हैं।

राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, और दंगा फैलाने वाली मानसिकताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। दंगारोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून राज्य में लागू किए गए हैं ताकि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफिक संरचना सुरक्षित रह सके।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

धामी ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक, हर किसी पर कार्रवाई हो रही है। हाल ही में हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित किया गया है।

उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चैंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, और अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और धनगर समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे।

हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन, मुख्यमंत्री धामी बोले – “यह केवल नाटक नहीं, समाज को प्रेरणा देने वाला संदेश है

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हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन, मुख्यमंत्री धामी बोले – “यह केवल नाटक नहीं, समाज को प्रेरणा देने वाला संदेश है”

देहरादून, 8 जून। उत्तराखंड सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी और श्री गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन दून मेडिकल कॉलेज सभागार में किया गया। यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री नजिंदर सिंह सिरसा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा,

“‘हिंद दी चादर’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित करने वाला एक जीवंत संदेश है। हमारे सभी गुरुओं ने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। उनके बलिदान, त्याग और शिक्षाएं आज भी हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देती हैं।”

मुख्यमंत्री ने इस दौरान साहिबज़ादों के इतिहास को पाठ्यक्रमों में शामिल किए जाने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने कहा कि यह इतिहास प्रत्येक नागरिक, विशेषकर नई पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।

हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जल्द होगी शुरू

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को जल्द शुरू करने जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी। उन्होंने इसे राज्य के लिए “आध्यात्मिक समर्पण और बुनियादी ढांचे के विकास का संगम” बताया।

इस अवसर पर नाटक ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को अत्यंत प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे सभागार में मौजूद दर्शक भावविभोर हो गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सिख गुरुओं के बलिदान, धार्मिक सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश गूंजता रहा।

कालूसिद्ध मंदिर में भाजपाइयों को रोके जाने पर विवाद, सीएम के हस्तक्षेप का इंतजार

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कालूसिद्ध मंदिर में भाजपाइयों को रोके जाने पर विवाद, सीएम के हस्तक्षेप का इंतजार

हल्द्वानी, 7 जून। शहर के प्रतिष्ठित श्री कालूसिद्ध मंदिर में शनिवार को आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एसएसपी पीएन मीणा द्वारा भाजपा नेताओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया। इस घटनाक्रम ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा को प्रभावित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं, जिनसे मामले में स्पष्ट रुख की अपेक्षा की जा रही है।

विवाद का कारण: रस्सी के इस पार भाजपा नेता

घटना के दौरान भाजपा नेता चंदन सिंह बिष्ट ने जब जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष आनंद दरम्वाल और पार्षद राजेंद्र अग्रवाल उर्फ मुन्ना को मंदिर में प्रवेश दिलाने की बात कही, तो एसएसपी का जवाब था, “पार्षद हो या मेयर, कोई फर्क नहीं पड़ता।” इस बयान से भाजपा नेता नाराज़ हो गए और काफी देर तक पुलिस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस और तनाव की स्थिति बनी रही।

भावनात्मक क्षण और आरोप

चंदन सिंह बिष्ट ने इसे भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान बताया और सार्वजनिक रूप से भावुक हो गए। दायित्वधारी रेनू अधिकारी ने भी पुलिस पर कार्यकर्ताओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। बाद में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस पूरे मामले की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के साथ कुछ को मिली एंट्री, बाकी हुए बाहर

कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री धामी पहुंचे तो उनके साथ कुछ चुनिंदा नेता और कार्यकर्ता मंदिर परिसर में प्रवेश कर सके, लेकिन बाकी को पुलिस ने रोके रखा। इससे भाजपा के अंदर ही अंदर नाराजगी की चिंगारी सुलग रही है।


व्यंग्य में वायरल: “गंजा बंदर और खबरों का भोपू”

सोशल मीडिया पर एक कथित “गंजा बंदर” नामक चरित्र द्वारा व्यंग्यात्मक पोस्टों और टिप्पणियों के जरिए इस प्रकरण को लेकर खबरें वायरल हो रही हैं। उसे एक “नेता का खबरी” कहा जा रहा है, जो अपनी तोप जैसी पोस्टों से खबरों का भोपू बजा रहा है। यह टिप्पणी आमजन में चर्चा का विषय बनी हुई है और घटना को हल्के-फुल्के मगर चुभते अंदाज़ में व्याख्यायित कर रही है।


फिलहाल माहौल शांत, लेकिन लपटें बाकी हैं

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल विवाद शांत नजर आ रहा है, लेकिन भाजपा के कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के भीतर असंतोष बना हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले में किस तरह का निर्णय लेते हैं और प्रशासन तथा पार्टी के बीच संतुलन कैसे स्थापित करते हैं।

Ias Sabeen Bansal Good Work मजबूरी, मौनता और निष्क्रियता सुशासन का प्रतीक नहीं हो सकते :डीएम

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जौनसार-बावर में दो महीने से चला आ रहा राशन संकट खत्म, डीएम बोले – “जनता को उनके हक से वंचित रखना असंभव”

देहरादून, 07 जून 2025। (जिला सूचना अधिकारी) जौनसार-बावर क्षेत्र में दो महीने से चल रहा सरकारी सस्ता गल्ला वितरण संकट अब समाप्त हो गया है। उचित दर विक्रेताओं द्वारा लंबे समय से गोदाम से राशन और ई-पॉस मशीनें नहीं उठाई जा रही थीं, जिससे क्षेत्र में धात्री महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए गंभीर खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया था। इसके कारण मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रभावित हो रही थीं।

इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित संज्ञान लिया और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर क्षेत्र में भेजा। समिति ने जौनसार-बावर जनजातीय क्षेत्र के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के साथ वार्ता की और उन्हें उनके कर्तव्यों एवं प्रशासन की शक्ति का स्पष्ट रूप से आभास कराया।

डीएम का स्पष्ट संदेश: “हमारे रहते क्षेत्र में अन्न संकट नामुमकिन”

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त लहजे में कहा:

“सीएम के प्रताप से कोई विक्रेता, व्यापारी या कर्मचारी वर्ग इतना शक्तिशाली नहीं कि जनता को उनके हक से वंचित रख सके।”
“हमारे होते हुए क्षेत्र में धात्री महिला, बुजुर्ग और बच्चे अन्न संकट से पीड़ित नहीं हो सकते।”
“भयादोहन की स्थिति में प्रशासन को घर-घर राशन पहुंचाना आता है।”

उन्होंने दो टूक कहा कि मजबूरी, मौनता और निष्क्रियता सुशासन का प्रतीक नहीं हो सकते। प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों का पूरा भान है।

राशन वितरण को लेकर प्रशासन की ठोस कार्य योजना

प्रशासन द्वारा तय किया गया कि अगले सप्ताह से आंतरिक गोदामों से खाद्यान्न उठान पुनः प्रारंभ किया जाएगा। यदि कोई विक्रेता वितरण से पीछे हटता है तो प्रशासन खुद घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर काम कर चुका है।

इसके अतिरिक्त, ई-पॉस मशीन के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई है। अब सभी उचित दर विक्रेता 10 से 12 की संख्या में प्रतिदिन गोदामों से खाद्यान्न और ई-पॉस मशीनें उठाएंगे और प्रशिक्षित होंगे।

समिति की बैठक और सहमति

गठित समिति ने जौनसार-बावर सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की। सहमति बनी कि:

  • 07 जून से ई-पॉस मशीन का प्रशिक्षण शुरू होगा।
  • सभी गोदाम प्रभारी दैनिक रूप से गोदाम खोलकर वितरण सुनिश्चित करेंगे।
  • कर्मचारियों को गोदामों में निरंतर उपस्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह प्रशासनिक कार्यवाही न केवल तत्काल संकट से उबरने का माध्यम बनी, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि जनहित में लापरवाही, टालमटोल और अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Nainital Pushkar Singh Dhami मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद की ₹126.69 करोड़ की 27 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

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मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद की ₹126.69 करोड़ की 27 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लालकुआं (नैनीताल)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लालकुआं में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नैनीताल जनपद की 126.69 करोड़ रुपये लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, सीवरेज, नगर विकास, गौवंश संरक्षण और सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 25.93 करोड़ रुपये की लागत से 9 परियोजनाओं का लोकार्पण और 100.76 करोड़ रुपये की लागत से 18 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये योजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूती देंगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक बदलावों और विकास कार्यों की सराहना की, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, और कश्मीर में विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल निर्माण जैसे उदाहरण देकर भारत की वैश्विक शक्ति और संकल्प का उल्लेख किया।

नैनीताल को आदर्श जनपद बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि नैनीताल जनपद को आदर्श जिला बनाने के उद्देश्य से मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम, एस्ट्रो पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

हल्द्वानी को क्लीन एंड ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन और सीवरेज व्यवस्था की योजनाएं लागू की गई हैं, जबकि ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही जमरानी बहुउद्देश्यीय बांध और खुरपिया इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाएं तराई क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

सांस्कृतिक पहचान और सुशासन को लेकर प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है, और यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी प्रभावी है।

गौवंश संरक्षण के लिए गौ संरक्षण कानून के तहत ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है

मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की इस यात्रा में भागीदार बनें।


लोकार्पण की गई प्रमुख योजनाएं:

  • ओखलकांडा में क्षतिग्रस्त 11 नहरों का पुनर्निर्माण
  • भीमताल में जिला आयुर्वेदिक भवन
  • रामगढ़ में मल्ला सूफी-रूसानी-दीगड़-कफूवा लोधिया मोटर मार्ग
  • बेतालघाट में मल्ली सेठी लिफ्ट सिंचाई योजना
  • हल्द्वानी में पशु चिकित्सालय में पार्किंग व ऑपरेशन थिएटर
  • कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन
  • गंगापुर कबडवाल में गौशाला (फेज-1)
  • रामनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन
  • पांडे नवाड़, हल्द्वानी में पुनर्वास केंद्र का जीर्णोद्धार

शिलान्यास की गई प्रमुख योजनाएं:

  • इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा
  • फतेहपुर, कमलुवागांजा, गुनीपुर आदि में क्षतिग्रस्त नहरों का निर्माण
  • कोटाबाग में पॉलीटेक्निक भवन
  • रामपुर चकलुवा में नलकूप
  • कैंचीधाम परिसर का विकास
  • भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत
  • नैनीताल में पर्यटन कार्यालय भवन
  • ग्रामीण मोटर मार्गों का सुधार
  • झीड़ापानी वाटरफॉल का विकास
  • हल्द्वानी में सीवरेज योजनाएं
  • लालकुआं में गौशाला (फेज-2)
  • राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में पुस्तकालय पुनरुद्धार

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियाँ:

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, प्रताप बिष्ट, पान सिंह मेवाड़ी, रंजन बर्गली, कमलेश कबडवाल, मुकेश बोरापूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के आयुक्त/सचिव दीपक रावत, डीआईजी रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पी.एन. मीणा, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय और नगर आयुक्त ऋचा सिंह की उपस्थिति भी रही।

साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से राज्य के उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ जैसे पुरस्कारों के तहत राज्य के वरिष्ठ साहित्यकारों को हाल ही में ₹5 लाख की सम्मान राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता योजना के माध्यम से साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी साहित्यिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकें और उसे आगे बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में फन् संस्था द्वारा आयोजित ‘डेरा कवि सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास सहित अनेक ख्यातिप्राप्त कवि मंच पर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सभी कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि, “कवि केवल शब्दों के सर्जक नहीं होते, वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं। जब समाज संकट या भ्रम की स्थिति में होता है, तब कवियों की लेखनी दिशा दिखाने और समाज को जागरूक करने का कार्य करती है।”

उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी साहित्यकारों और कवियों की रचनाओं से ऊर्जा मिली। उनकी कविताएं और लेखन आम जनमानस को देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनीं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि यह देवभूमि सदा से रचनात्मकता की भूमि रही है। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, सुमित्रानंदन पंत, गिरीश तिवारी ‘गीर्दा’ और नागार्जुन जैसे महान रचनाकारों की कृतियाँ आज भी हमारी वादियों में गूंजती हैं। उन्होंने कहा, “यहाँ हिमालय की ऊँचाइयों से ऊँचे विचार जन्म लेते हैं और नदियों की कल-कल ध्वनि में कविता की लय समाहित होती है।”

इस अवसर पर श्री भरत कुकरेती, श्री मयंक अग्रवाल, श्री आशुतोष, श्री कुशल कुशलेन्द्र, श्री सुदीप भोला, सुश्री कविता तिवारी, श्री रमेश मुस्कान सहित फन् संस्था के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।