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कालागढ़ में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप

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कालागढ़ (उत्तराखंड) – कालागढ़ की नई कॉलोनी स्थित आवास संख्या बी-227 में रविवार शाम एक 19 वर्षीय नवविवाहिता तहजिबा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता मंसूर खान की शिकायत पर पति समेत ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या और गला घोंटकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

मृतका के पिता ने अपने दामाद आमान खान पर एक अन्य महिला से प्रेम संबंध रखने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि इसी कारण उनकी बेटी की हत्या की गई।

जनवरी में हुई थी शादी

जानकारी के अनुसार, आमान खान उत्तराखंड वन विभाग में कार्यरत है और कालागढ़ में अपने सरकारी आवास पर परिवार के साथ रहता है। उसका विवाह इसी वर्ष जनवरी 2025 में बिजनौर के कासमपुरगढ़ी निवासी मंसूर खान की बेटी तहजिबा से हुआ था।

मंसूर खान ने बताया कि रविवार को उन्होंने जब बेटी से संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन नहीं उठा। कुछ देर बाद पड़ोसियों से सूचना मिली कि तहजिबा की मृत्यु हो गई है। जब वे मौके पर पहुंचे, तो देखा कि बेटी का शव पलंग पर पड़ा था और घर के अन्य सदस्य वहां से फरार थे।

दहेज प्रताड़ना और प्रेम प्रसंग का आरोप

मृतका के पिता का आरोप है कि विवाह के बाद से ही तहजिबा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने तहरीर में आमान खान के अलावा उसकी मां, बहन, भाई और भाभी को भी आरोपित किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक युवती का भी जिक्र किया है, जिसके साथ आमान के प्रेम संबंध होने की बात उन्होंने अपनी बेटी से सुनी थी।

मामले की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा

पुलिस ने आरोपी आमान खान को हिरासत में ले लिया है। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कोटद्वार में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया है। सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर दहेज हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

आमान खान के आवास को सील कर दिया गया है ताकि सभी साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री खट्टर से की मुलाकात, ऊर्जा व शहरी विकास परियोजनाओं पर मांगा सहयोग

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मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री खट्टर से की मुलाकात, ऊर्जा व शहरी विकास परियोजनाओं पर मांगा सहयोग

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास तथा शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और उत्तराखंड की प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत और स्वचालित किए जाने की मांग रखी ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके।

उन्होंने राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं को गति देने के लिए भी विशेष आग्रह किया। इसके तहत:

  • कुमाऊं और अपर यमुना क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹4000 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड की मांग की गई।
  • दुर्गम व पहाड़ी क्षेत्रों में पंप स्टोरेज परियोजनाओं के विकास के लिए ₹3800 करोड़ की अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता जताई।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने विशेष वित्तीय सहायता की भी मांग की, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लाभार्थियों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए बैंकों, एनबीएफसी और अन्य वित्तीय संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मोदीपुरम, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ शहरीकरण और आर्थिक विकास को भी गति देगी।

हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर सख्त हुए मुख्यमंत्री धामी, हेली सेवाओं पर नई एसओपी के निर्देश

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हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर सख्त हुए मुख्यमंत्री धामी, हेली सेवाओं पर नई एसओपी के निर्देश

उत्तराखंड में हाल ही में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली सेवाओं के संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राज्य में हेलिकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि हेली सेवाओं के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाए। इस एसओपी में हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण और समयबद्ध जांच, साथ ही उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य होगा।

तकनीकी समिति का गठन होगा

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली सेवा संचालन से जुड़ी सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और नियमानुसार संचालित हों।

पिछली दुर्घटनाओं की भी होगी दोबारा जांच

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य में अब तक हुई सभी हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति आज की दुर्घटना की भी हर पहलू से गहराई से जांच करे। समिति प्रत्येक दुर्घटना के पीछे के कारणों की पहचान करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

तीर्थाटन और आपात सेवाओं में हेली सेवाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हेली सेवाएं तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सरकार हरसंभव प्रयास करेगी कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस: बाबा नीब करौरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस: बाबा नीब करौरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

रविवार को कैंची धाम अपना 61वां स्थापना दिवस मना रहा है। तड़के सुबह से ही बाबा नीब करौरी महाराज के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस वर्ष का कैंची मेला ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसकी झलक पहले ही देखने को मिल गई थी। शुक्रवार शाम मेले से एक दिन पूर्व ही 10,000 से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके थे।

भोर से शुरू हुई पूजा-अर्चना

रविवार सुबह 4:45 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के देवी-देवताओं और बाबा नीब करौरी महाराज को भोग अर्पित किया गया। इसके साथ ही पारंपरिक मालपुए के प्रसाद का वितरण शुरू हो गया। देशभर से श्रद्धालु कैंची धाम में दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।

शटल सेवा से सुगम आवागमन

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी, भीमताल, भवाली और नैनीताल से विशेष शटल सेवाएं चलाई जा रही हैं, ताकि यातायात में कोई व्यवधान न हो और श्रद्धालु आसानी से कैंची धाम पहुंच सकें।

मंदिर प्रबंधक ने दी जानकारी

धाम के प्रबंधक प्रदीप साह ‘भय्यू’ ने बताया कि सुबह बाबा को भोग लगाने के साथ ही प्रसाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंदिर परिसर में व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रशासन और स्वयंसेवक लगातार कार्यरत हैं।

Kedarnath Helicopter Crash केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसा: 7 की मौत, 23 महीने की बच्ची भी शामिल

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केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसा: 7 की मौत, 23 महीने की बच्ची भी शामिल

रविवार सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। केदारनाथ मार्ग पर आर्यन एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 23 महीने की बच्ची भी शामिल है। हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन राजीव की भी मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने अगले आदेश तक हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 5:30 बजे हेलीकॉप्टर गौरी माई खर्क के ऊपर जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी की ओर जा रहा था। शुरुआती जांच में खराब मौसम को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।हेलीकॉप्टर नोडल अधिकारी राहुल चौबे और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने दुर्घटना की पुष्टि की है। सबसे पहले गौरीकुंड क्षेत्र में घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने क्रैश की सूचना दी।

मृतकों की पहचान

हादसे में महाराष्ट्र के जयसवाल परिवार के तीन सदस्य — राजकुमार जयसवाल, श्रद्धा जयसवाल और उनकी 23 महीने की बेटी काशी जयसवाल — की जान चली गई। इनके अलावा तुष्टि सिंह, विनोद नेगी, विक्रम सिंह रावत और पायलट कैप्टन राजीव की भी मौत हुई। विक्रम सिंह रावत बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) में कार्यरत थे।बताया जा रहा है कि हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई, जिससे सभी शव बुरी तरह झुलस गए।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। बाबा केदार से प्रार्थना है कि सभी यात्रियों को शांति प्रदान करें।”

मखेत गांव में महिला पर हमलावर गुलदार को वन विभाग ने मार गिराया

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मखेत गांव में महिला पर हमलावर गुलदार को वन विभाग ने मार गिराया

रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक स्थित मखेत गांव में एक महिला पर जानलेवा हमला करने वाले गुलदार को आखिरकार वन विभाग की टीम ने ढेर कर दिया। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात एक बजे के बाद की गई, जिसकी सूचना बुधवार सुबह ग्रामीणों को मिली।

घटना मंगलवार शाम की है, जब गांव की रामेश्वरी देवी अपने घर के पास बगीचे में निराई-गुड़ाई कर रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पातीं, गुलदार ने उनकी गर्दन पर गंभीर वार कर उन्हें झाड़ियों की ओर घसीट लिया।

शाम करीब साढ़े सात बजे रामेश्वरी देवी का बेटा चंद्रशेखर दुकान से घर लौटा और मां को न पाकर बुजुर्ग पिता से पूछा। पिता ने बताया कि वह खेत गई हैं। खेत पर पहुंचने पर चंद्रशेखर की नजर खून के धब्बों पर पड़ी। शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंचे और खोजबीन शुरू की गई। कुछ देर बाद महिला का शव खेत से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में मिला।

इस घटना से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि गुलदार का आतंक पिछले कई दिनों से बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 30 मई को डांडा गांव में 59 वर्षीय रूपा देवी को भी गुलदार ने खेत में काम करते समय मार डाला था, जबकि 25 फरवरी को देवल गांव में एक बुजुर्ग महिला की भी इसी तरह जान गई थी। इसके बावजूद वन विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी।

ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने बीते दिनों मखेत गांव में शिकारी तैनात किया था, जिसके द्वारा मंगलवार रात को गुलदार को ढेर कर दिया गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और 34 के सुधार कार्यों के लिए ₹720.67 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

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राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और 34 के सुधार कार्यों के लिए ₹720.67 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

देहरादून, 10 जून 2025 — उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी और यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (देहरादून–लालटप्पर–नेपाली फार्म खंड) और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (नेपाली फार्म–मोतीचूर खंड) के सुधार कार्यों हेतु ₹720.67 करोड़ की लागत वाली परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। परियोजना की कुल लंबाई 36.82 किमी होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही यह चारधाम यात्रा मार्ग को भी अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत प्रमुख जंक्शनों पर ग्रेड सेपरेशन (Grade Separation) किया जाएगा, जिससे स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक को अलग कर यातायात दबाव कम किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, सर्विस रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आने और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है।

श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास हो रहा है। यह परियोजना भी राज्य को एक नई गति देने वाली है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार को भी मजबूती प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “गंगा पुत्र” हैं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “गंगा पुत्र” हैं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून, 10 जून 2025 — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को “गंगा पुत्र” की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका गंगा मैया से गहरा आत्मिक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “जैसे गंगा मैया ने उन्हें बनारस बुलाया, वैसे ही अब उन्हें उनके मायके — देवभूमि उत्तराखंड — ने पुकारा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यात्रा सीजन लगभग छह माह तक सीमित रहता है, परंतु शीतकालीन समय में भी राज्य में पूजा-पाठ और दर्शन की अपार संभावनाएं हैं। “हमने लोगों को बताया कि शीतकाल में भी गद्दी स्थलों पर दर्शन किए जा सकते हैं और उत्तराखंड की धूप का आनंद लिया जा सकता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने ‘घाम तापो पर्यटन’ की बात कही,” उन्होंने जोड़ा।


विकसित राज्य, विकसित भारत की नींव: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं उत्तराखंड में संचालित हो रही हैं, जो राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा, “यदि राज्य विकसित होंगे, तभी देश भी विकसित होगा।“

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून से दिल्ली की दूरी अब कुछ ही महीनों में महज 2 से 2.30 घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही, रिस्पना-बिंदाल पर 26 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क के निर्माण की योजना तैयार हो चुकी है, जिसमें केंद्र सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

उत्तराखंड को सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिसकी सराहना मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने यह भी कहा कि जहां देश की नीतियां सभी राज्यों के लिए एक समान बनती हैं, वहीं उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए अलग रणनीति अपनाई जानी चाहिए, क्योंकि राज्य की जनसंख्या 1.25 करोड़ है लेकिन उसे हर वर्ष लगभग 8 करोड़ पर्यटकों की व्यवस्था करनी पड़ती है।


रोपवे से बदलेगी यात्रा की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी ने यह जानकारी भी साझा की कि हेमकुंड साहिब और केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। हेमकुंड की यात्रा अब केवल 45 मिनट में पूरी हो सकेगी, वहीं केदारनाथ यात्रा भी पहले से कहीं अधिक सहज और सुलभ होगी।


प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वर्णिम कालखंड

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के आरंभ और बीते 11 वर्षों के सुशासन के लिए हृदय से बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह कालखंड भारत के लिए एक स्वर्णिम युग रहा है। विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए आवश्यक है कि राज्य और उनके सभी विकासखंड, जनपद और पंचायतें अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब हर इकाई विकसित होगी, तभी संपूर्ण भारत विकसित होगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच को केंद्र में रखकर उत्तराखंड सरकार लगातार कार्य कर रही है और केंद्र की योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचा रही है।

Dm Dehradun Good Work जनता दर्शन में 118 शिकायतें प्राप्त, जिलाधिकारी ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश; आरटीओ व एआरटीओ का वेतन रोका, लोनिवि एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब

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जनता दर्शन में 118 शिकायतें प्राप्त, जिलाधिकारी ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश; आरटीओ व एआरटीओ का वेतन रोका, लोनिवि एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब

देहरादून, (सू.वि.) — जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 118 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें सर्वाधिक शिकायतें भूमि विवादों से संबंधित थीं। इसके अतिरिक्त विद्युत, एमडीडीए, सिंचाई, परिवहन, नगर निगम और आपसी विवादों से संबंधित प्रकरण भी शामिल रहे।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं को प्रदान की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और कोई भी अधिकारी जनप्रतिनिधि के दायित्व से विमुख नहीं हो सकता।

उपस्थिति नहीं दर्ज कराने पर कार्रवाई

कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आरटीओ और एआरटीओ का वेतन रोकने तथा लोनिवि के अधिशासी अभियंता (Xen) से स्पष्टीकरण तलब किया गया।

भूमि विवादों पर विशेष फोकस

विकासनगर तहसील से भूमि विवादों की बड़ी संख्या में शिकायतें आने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी और तहसीलदार विकासनगर को आगामी प्रत्येक जनता दर्शन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के समाधान हेतु एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी अपर जिलाधिकारी को दिए गए।


प्रमुख शिकायतों एवं कार्यवाहियों का विवरण

  • विधवा महिला को पुश्तैनी सम्पत्ति में दिलाया जाएगा हक: ग्राम कुंजा विकासनगर निवासी विधवा महिला व उनकी दो बेटियों को पति की संपत्ति में अधिकार दिलाने हेतु प्रशासन द्वारा पुलिस बल की उपस्थिति में कब्जा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
  • सड़क निर्माण से खेत में मलबा: अपर तलाई निवासी कैलाश कुकरेती की शिकायत पर लोनिवि अधिकारियों ने 1 सप्ताह के भीतर मलबा हटाने की लिखित अंडरटेकिंग दी।
  • लखवाड़ बांध और NH-72 मुआवजा मामला: इस्टहोप टाउन एवं लखवाड़ बांध प्रभावितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (SLAO) को तत्काल मुआवजा वितरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
  • दिव्यांग सहायता: ऋषिकेश निवासी अंजना मलिक को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने, परिवहन एवं रेलवे पास के नवीनीकरण की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
  • शिक्षा व रोजगार सहायता: एक निर्धन विधवा महिला की बालिका की शिक्षा को पुनः प्रारंभ करने के लिए ‘नंदा-सुनंदा योजना’ के तहत कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, स्वरोजगार हेतु योजनाओं से जोड़ने के लिए भी कहा गया।
  • विधिक सहायता: संपत्ति विवाद, अवैध कब्जा, किरायेदार न हटने और रास्ता बंद किए जाने जैसी शिकायतों में पैरवी के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से सरकारी वकील उपलब्ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया।
  • जोगीवाला भूमि विवाद: 77 वर्षीय वृद्धा सुशीला पुरी द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत पर डीएम ने उप जिलाधिकारी से अभी तक की कार्यवाही की रिपोर्ट तलब करते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।
  • एनआरएसटी केंद्र के संचालन की मांग: पर्वतीय बालमंच के प्रतिनिधि सुधीर भट्ट की फरियाद पर मुख्य शिक्षा अधिकारी से जुलाई के प्रथम सप्ताह में अध्यापक भेजने व बच्चों की परीक्षा कराने का आश्वासन लिया गया।

उपस्थित अधिकारीगण

जनता दर्शन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), पुलिस अधीक्षक श्रीमती जया बलूनी, उप जिलाधिकारी हरिगिरि एवं अपूर्वा सिंह, ग्राम्य विकास निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, तथा बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarkashi Cm Pushkar Singh Dhami मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के पुरोला में ₹210 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के पुरोला में ₹210 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तरकाशी जनपद के पुरोला में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लगभग ₹210 करोड़ की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 35 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई अहम परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें पुरोला स्थित खेल मैदान का उच्चीकरण, मोरी के देवरा गांव में कर्ण महाराज मंदिर एवं नौगांव स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण, नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विस्तार तथा पुरोला-नौगांव मोटर मार्ग को डूकाणा रोड होते हुए मोरी बैंड तक बाईपास के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है। इसके अलावा मोरी पट्टी गडूगाड़ के देवजानी ओरा से केदारकांठा तक पर्यटक क्षेत्र घोषित किए जाने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से उत्तरकाशी जिले विशेषकर पुरोला और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, जीवन स्तर में सुधार आएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ हर विधानसभा क्षेत्र में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री का नेतृत्व सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उन्हें समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। राज्य में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी है, सख्त भू-कानून लागू किया गया है और उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में हो रहे विकास कार्य पुरोला क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगे और पर्यटन एवं बागवानी के क्षेत्र में भी इस इलाके में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इस अवसर पर पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने रंवाई क्षेत्र में अस्पताल के भूमि पूजन और मोरी-जखोल मोटर मार्ग की स्वीकृति के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में जीरो टॉलरेंस, UCC लागू करने और सिल्क्यारा सुरंग बचाव अभियान जैसे ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की।

इस कार्यक्रम में विधायक सुरेश चौहान (गंगोत्री), पूर्व विधायक माल चंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष बिहारी लाल शाह, जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक श्रीमती सरिता डोभाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।