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ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से आजीविका संर्वधन की अभिनव पहल

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देहरादून ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से आजीविका संर्वधन की अभिनव पहल देहरादून के विकासखंड रायपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संर्वधन की अभिवन पहल शुरू की हैं। पांच ग्राम पंचायत धनोला, अस्थल, कार्लीगाढ़, बझेत और खैरी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं घर-घर सूखा कूड़ा-कचरा एकत्र करने के साथ-साथ अपनी आजीविका संर्वधन कर रही हैं। इस कार्य में वेस्ट वॉरियर्स एनजीओ द्वारा आवश्यक आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया गया है। महिलाएं प्रतिमाह रू0 6000 तक आय सृजित करने लगी हैं।

ग्राम पंचायत में कूड़ा प्रबंधन हेतु यह एक सराहनीय प्रयास है। जहाँ समूह की महिलाएं ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के लिये आम जनमानस को प्रेरित कर रही हैं, साथ ही अपनी आजीविका में वृद्धि कर रही हैं। निकट समय में प्रत्येक ग्राम पंचायत में 30 रू० प्रति माह प्रत्येक घर से शुल्क निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है। जिससे समूहों को एक निर्धारित और अधिक आय अर्जित हो सकेगी। एनआरएलएम समूह की इन महिलाओं को पर्यावरण सखियों के नाम से जाना जा रहा है। ग्राम पंचायतों में उनके कार्यों की खूब सराहना भी की जा रही है। स्वजल द्वारा इस कार्य के लिए महिला समूहों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया है। समूह द्वारा घर-घर से सूखा कूड़ा उठाने के पश्चात् धनोला सेग्रीगेशन सेंटर पर लाया जाता है एवं कूड़ा पृथक्करण का कार्य किया जा रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि वेस्ट वॉरियर्स एनजीओ के सहयोग से इस मॉडल को विस्तार दिया जाएगा और अन्य ग्राम पंचायतों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संर्वधन की दिशा में कार्य किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- वक्फ कानून ठीक होता तो मुसलमान पंक्चर नहीं बनाते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर हरियाणा के हिसार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ कानून का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ होता, तो आज मुस्लिम समुदाय को आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।

वक्फ कानून पर मोदी का बयान

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में वक्फ के नाम पर लाखों हेक्टेयर भूमि है, जिसका उपयोग समाज के गरीब, बेसहारा और वंचित वर्गों के हित में होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का फायदा कुछ भू-माफियाओं ने उठाया और गरीबों को उनका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा, “अगर यह जमीन सही तरह से इस्तेमाल होती, तो आज मुसलमानों को साइकिल के पंक्चर बनाने की नौबत नहीं आती।”

उन्होंने यह भी बताया कि सैकड़ों मुस्लिम विधवा महिलाओं की चिट्ठियों के बाद सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन किया है, और अब नया प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी आदिवासी की ज़मीन को वक्फ बोर्ड द्वारा नहीं छीना जा सकेगा।

सामाजिक न्याय और आरक्षण पर निशाना

मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने बाबा साहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय के सपने को पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान की भावना के साथ खिलवाड़ किया है और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया।

कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वहां धर्म के आधार पर पेंशन और आरक्षण दिए जा रहे हैं, जो संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

हरियाणा में रोजगार और सुशासन की चर्चा

प्रधानमंत्री ने हरियाणा की भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य में सरकारी नौकरियां पारदर्शिता से दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिना सिफारिश और बिना खर्च के हजारों युवाओं को नौकरी मिली है, जो कांग्रेस शासन में संभव नहीं था।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर टिप्पणी

मोदी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू करने की सराहना की और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह संविधान की मूल भावना का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को अक्षरश: लागू करने के पक्ष में है, जबकि कांग्रेस ने उसे सत्ता का हथियार बना दिया है।

कनेक्टिविटी और विकास की योजनाएं

प्रधानमंत्री ने हिसार-अयोध्या फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर हरियाणा के पहले एयरपोर्ट टर्मिनल का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि देश में 90 से अधिक हवाई अड्डों को उड़ान योजना से जोड़ा गया है और इससे कम कीमत में हवाई यात्रा संभव हो रही है। एयरलाइन कंपनियों ने 2000 नए विमान ऑर्डर किए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

अंत में, कांग्रेस पर ऐतिहासिक आरोप

मोदी ने कहा कि जब तक डॉ. अंबेडकर जीवित थे, कांग्रेस ने उन्हें नकारा और चुनाव हरवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके विचारों को दबाने की कोशिश की और उनके योगदान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ही है जो आज उनके सपनों को साकार कर रही है।

गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं की DPR तैयार

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और कार्यकारी सतीश कुमार से राज्य में प्रस्तावित पांच महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और बताया कि इन दोनों परियोजनाओं की Detailed Project Report (DPR) तैयार हो चुकी है। उन्होंने रेलवे बोर्ड से इन डीपीआर को जल्द अनुमोदित करने और कार्य प्रारंभ करने की मांग की।

इसके अलावा, आनंद बर्द्धन ने मेरठ से हरिद्वार तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह परियोजना राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इससे यात्रा की गति में सुधार होगा और पर्यटकों तथा स्थानीय जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी।

उत्तराखंड में इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन से न केवल राज्य के विकास में तेजी आएगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। राज्य सरकार रेलवे बोर्ड के साथ मिलकर इन योजनाओं को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधाएं मिल सकें।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार से मुलाकात के दौरान राज्य में प्रस्तावित पांच प्रमुख रेल परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में से तीन प्रस्तावित हैं, जबकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित दो परियोजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं पर जोर दिया। गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना की कुल दूरी 121.76 किमी है और इसमें 10 स्टेशन होंगे। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और Detailed Project Report (DPR) रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। अब इस परियोजना पर अनुमोदन का इंतजार है।

वहीं, टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की कुल दूरी 170.70 किमी है और इसमें 12 स्टेशन होंगे। इसका सर्वेक्षण कार्य भी पूरा हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई है, जिस पर अनुमोदन की प्रतीक्षा की जा रही है।

इसके अलावा, देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना की कुल दूरी 92.60 किमी है और इसमें आठ स्टेशन होंगे। इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य अभी चल रहा है, और इसके पूरा होने के बाद डीपीआर को रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड से इन परियोजनाओं की शीघ्र मंजूरी का अनुरोध किया, ताकि राज्य के रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा सके और यात्रा सुविधाओं में सुधार हो सके। इन परियोजनाओं से न केवल उत्तराखंड में यातायात का स्तर बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

चार धाम यात्रा 2025 हवाई टिकट महँगी 31 मई तक बुकिंग फुल

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देहरादून चार धाम यात्रा 2025 को लेकर यात्रा में आने वाले श्रदालु खासे उत्साहित है हवाई यात्रा के लिए बुकिंग ने पिछले साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए है ऑनलाइन माध्यम से यात्रा में आने वाले यात्रियों का सरकारी आंकड़ा राज्य के लिए खासा उत्साहित करने वाला है केदारनाथ के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। इसी दिन से गुप्तकाशी, सिरसी व फाटा हेलिपैड से हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।

केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। इसी दिन से गुप्तकाशी, सिरसी व फाटा हेलिपैड से हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने दो से 31 मई तक की यात्रा के लिए केदारनाथ हेली सेवा टिकटों की बुकिंग शुरू करने की आठ अप्रैल को तारीख तय की थी। इसके आधार पर आईआरसीटीसी ने टिकटों की बुकिंग के लिए वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in को खोला।

दोपहर में विंडो खुलते ही कपाट खोले जाने से लेकर 31 मई तक ऑनलाइन बुकिंग फूल हो चुकी है ऐसे में टिकटों की मारामारी इस बार अधिक रहने वाली है इस बार यात्रा मार्गो पर ऑनलाइन टिकट की ब्लैक करने वालो पर पुलिस की नज़र है हर बार यात्रा पर आने वाले यात्रियों से हेली टिकट की बुकिंग पर अधिक पैसे लिए जाते है लेकिन इस बार यात्रा बुकिंग को लेकर सरकार काफी सतर्क है

चार धाम यात्रा पर आने वाले हेली यात्री इस बार पिछली बार से अधिक पैसे देकर यात्रा करेंगे सरकार के यात्रा मार्गो पर हेली टिकट का किराया निर्धारित किया है

ये होगा प्रति यात्री आने-जाने का किराया
गुप्तकाशी से केदारनाथ -8532 रुपये
फाटा से केदारनाथ-6062 रुपये
सिरसी से केदारनाथ-6060

खटीमा में आयोजित होने वाले सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियों का जायजा लेते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

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जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रभारी/सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज खटीमा का दौरा कर आगामी 09 अप्रैल (बुधवार) को आयोजित होने वाले सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। यह समारोह तराई बीज विकास निगम मैदान, खटीमा में आयोजित किया जाएगा। जिसमे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे। मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि समारोह में किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए। इसके उपरांत मंत्री जोशी ने बनबसा स्थित एनएचपीसी अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक की और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सुरक्षा, व्यवस्थापन, आमंत्रण एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर सरकार में राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, पीबीओआर अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट, कैप्टन धामी, सूबेदार मेजर भवानी चंद सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

खिलाड़ी पर बचपन से इन्वेस्ट करने से मिलेंगे स्टार : रेखा आर्या

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मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना की चयन प्रक्रिया का किया निरीक्षण

खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में चल रहे खिलाड़ी चयन शिविर का निरीक्षण किया। इस शिविर के जरिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है।

मंगलवार सुबह खेल मंत्री पवेलियन ग्राउंड पहुंची और उन्होंने शिविर में भाग लेने आए बच्चों और उनके अभिभावकों से बातचीत की। खेल मंत्री ने विभाग के अधिकारियों से कहा कि जनपद में इस योजना के तहत जितने अधिकतम बच्चों के चयन का लक्ष्य दिया गया है उसमें एक भी खिलाड़ी का चयन कम नहीं होना चाहिए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अगर हम खिलाडियों पर उसके बचपन से ही इनवेस्ट करेंगे तभी भविष्य में हमें बड़े स्टार खिलाड़ी मिल सकते हैं। इस अवसर पर खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयन प्रक्रिया किसी भी सूरत में 30 अप्रैल तक पूरी कर दी जाए, इसके बाद मई महीने की शुरुआत से ही लाभार्थी खिलाड़ी बच्चों को प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा सके। इस अवसर पर ऐसे खिलाड़ी भी मौजूद थे जो विगत वर्षों में इस योजना का लाभ लेते रहे हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान मंत्री को बताया कि योजना के तहत माहवार पैसा मिलने से उन्हें अपने गेम पर फोकस करने और उसके लिए जरूरी उपकरण खरीदने में काफी मदद मिली है।

इस दौरान विभागीय अधिकारी संजीव पौरी, DSO रविंद्र भंडारी व बच्चे और उनके अभिवावक मौजूद रहे I

रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में बैठक आयोजित कर विभागीय अधिकारियों को दिये निर्देश

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प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में बैठक आयोजित कर सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। मंत्री ने समीक्षा के दौरान पाया कि प्रदेश में पूर्व से संचालित विभाग की सभी योजनाएं तेज गति के साथ काम कर रही हैं तथा लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। वहीं मंत्री ने आने वाली नयी योजनाओं मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना व मुख्यमंत्री महिला एवं बाल बहुमुखी सहायता निधि योजना की भी समीक्षा की।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना व मुख्यमंत्री महिला एवं बाल बहुमुखी सहायता निधि योजनाओं का स्वरूप शीघ्र तैयार कर लें।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना कैबिनेट से मंजूर हो गई है। इस योजना में कुछ संशोधन थे जोकि कैबिनेट के रूप में नहीं निकलकर आ सके, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि उन संशोधित बिन्दुओं को स्पेशल केस के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री से मंजूरी दिलवायी जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना को आगामी माह जुलाई तक धरातल पर उतारेंगे तथा प्रदेश की पात्र महिलाओं को समर्पित करेंगे।

मंत्री ने महिला नीति की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी कैबिनेट में महिला नीति को लाने के लिए संबंधित विभाग द्वारा तैयारी पूरी कर ली जाय।

मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को अप्रैल माह के अन्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिये साथ ही कहा कि आगामी माह मई के प्रथम या द्वितीय सप्ताह में संबंधितों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिये जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक साथ लगभग 7 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की भर्ती की जा रही है जोकि स्वरोजगार प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है।

मंत्री ने नन्दा गौरा योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि अधिकांश लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से धनराशि संबंधित विभाग द्वारा वितरित कर दी गई है। लगभग दो सौ लाभार्थी ऐसे हैं जिनको एकाउंट संबंधी त्रुटियों के कारण योजना की धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी है। एकाउंट संबंधी त्रुटियों में सुधार की प्रक्रिया गतिमान है जिसके लिए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने को कहा।

मंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मी कल्याण कोष योजना की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि आंगनबाड़ी कर्मी कल्याण कोष के अंतर्गत अन्य और लाभों जैसे पुत्री की शिक्षा-दीक्षा व विवाह, किसी प्रकार की दुर्घटना पर लाभ देने संबंधी मामलों आदि पर गहन विचार-विमर्श कर प्रस्ताव बनाया जाय ताकि आंगबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली धनराशि के अलावा भी अन्य लाभ प्राप्त हो सकें।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मोबाईल की मांग को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मोबाइल फोन वितरण की प्रक्रिया में तेजी लायी जाय। इसके साथ ही सरकारी सिम उपलब्ध कराने की दिशा में भी समुचित कार्य किया जाय ताकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कार्य करने में सुविधा रहे।

मंत्री ने वन स्टॉप सेन्टर योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि वन स्टॉप सेन्टरों में मानव संसाधनों के अभाव को पूरा कर लिया गया है तथा सेन्टर भली-भांति संचालित हो रहे हैं।

बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग से सचिव चन्द्रेश यादव, अपर सचिव/निदेशक प्रशान्त आर्य व राज्य नोडल अधिकारी केन्द्र पोषित योजना आरती बलोदी, राज्य परियोजना अधिकारी उत्तराखण्ड महिला एवं बाल विकास समिति से मोहित चौधरी आदि उपस्थित थे।

श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज, सहसपुर ने पूरे किए 70 वर्ष

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह में की शिरकत

वरिष्ठजनों को सम्मान, छात्रों को वितरित किए बैग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज के 70 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कई वरिष्ठजनों को सम्मानित किया और स्कूली बच्चों को बैग वितरित किए।

विद्यालय की भूमिका को बताया सराहनीय

मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी के ठीक बाद स्थापित इस विद्यालय ने क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई है। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सैनी की 35 वर्षों की सेवा की सराहना करते हुए कहा कि उनके पढ़ाए छात्र देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की मिसाल बना विद्यालय

मुख्यमंत्री ने विद्यालय द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

विद्यार्थियों से समय के सदुपयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझाते हुए कहा कि यह अमूल्य है और कभी लौटकर नहीं आता। उन्होंने बच्चों से मेहनत करने, अपने सपनों को साकार करने और क्षेत्र व स्कूल का नाम रोशन करने का आग्रह किया।

नकल विरोधी कानून से बढ़ा परीक्षा में पारदर्शिता का स्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे नकल माफिया जेल में हैं और पिछले तीन वर्षों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस दौरान 20,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है।

शिक्षा और संस्कार से बदलती है जीवन की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और संस्कार ही व्यक्ति को देश और समाज के लिए योग्य बनाते हैं। उन्होंने चारित्रिक विकास के महत्व पर भी बल दिया।

शिक्षा को आधुनिक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में कार्य
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है। राज्य में 141 पीएमश्री विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों का निर्माण हो रहा है।

वर्चुअल क्लासरूम और एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य
प्रदेश के 13 जिलों में 50 वर्चुअल क्लासरूम स्थापित किए गए हैं और सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। मेधावी छात्रों को 600 से 1200 रुपये तक प्रोत्साहन राशि और भारत भ्रमण की सुविधा दी जा रही है।

आपदा प्रभावित अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना
राज्य सरकार ने आपदा, महामारी या दुर्घटना से अनाथ हुए बच्चों के लिए भी शिक्षा योजना शुरू की है।

कॉलेजों और खेल को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 20 मॉडल कॉलेज और 9 नए महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, साथ ही महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवनों का निर्माण भी हो रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं और हाल ही में हुए राष्ट्रीय खेलों में राज्य ने सातवां स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का तोहफा
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की पहल भी शुरू की है।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सैनी, डॉ. डीएस मान, आचार्य आशीष सेमवाल, एसडीएम विकासनगर विनोद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लैब ऑन व्हील्स-मोबाइल साइंस लैब परियोजना के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ रहे छात्र-छात्रओं को लैब ऑन व्हील्स के माध्यम से 9 मोबाईल सांइस लैब की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय परिसर में मोबाईल सांइस लैब के विज्ञान माॅडलों का अवलोकन किया और 09 मोबाईल सांइस लैब को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। पिछले वर्ष  भी मुख्यमंत्री ने राज्य के चार जिलों चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी के लिए मोबाईल सांइस लैब को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया  था।

यूकाॅस्ट के महानिदेशक प्रो0 दुर्गेश पंत ने बताया कि प्रथम चरण में राज्य के 04 जिलों क्रमश: चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी में लैब ऑन व्हील्स का सफल संचालन रहा जिसके अभूतपूर्व परिणाम को देखते हुए राज्य के शेष जनपदों में आज लैब ऑन व्हील्स का शुभारंभ किया गया। प्रो पंत ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकाॅस्ट) द्वारा राज्य सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना के माध्यम से राज्य के ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और विज्ञान संचार गतिविधियों को बढावा देने का कार्य किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत प्रयोगशाला, व्यवाहारिक प्रदर्शनों /माॅडलों, विज्ञान गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदेश के कक्षा छः से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं को जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, गणित आदि विषय के पाठ्यक्रम को ओर अच्छे से सीखने एवं समझ पाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। प्रो0 पंत ने कहा कि यह प्रदेश में परियोजना का द्वितीय चरण है जिसके अंतर्गत शेष नौ जनपद उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव नितेश झा एवं साइंस सिटी सलाहकार जी एस रौतेला, यूकाॅस्ट से संयुक्त निदेशक डॉ डी पी उनियाल, परियोजना समन्वयक ई0 जितेन्द्र कुमार, अमित पोखरियाल, विकास नौटियाल, पुनीत सिंह एवं सहयोगी संस्था अगस्त्या इण्टरनेशनल से अमित कुमार, अशोक सिंह, योगेश के अलवा विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक राम आश्रय चौहान, निधि, शिवानी कोहली, सीमा भंडारी, अभय शर्मा, सुमन गुप्ता, अनीता नेगी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए फिर खुलेगा आवेदन

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समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने दिए निर्देश

राष्ट्रीय खेल दिवस तक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शिलान्यास की तैयारी

मुख्यमंत्री उदीयमान उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन एक बार फिर से खुलने जा रहा है। इन दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की समय सीमा 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, लेकिन सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने आवेदन कुछ दिन और खोलने के लिए निर्देश जारी किए।

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि कई जनपदों से इस तरह की सूचना आई है कि कुछ खिलाड़ी बच्चे किन्ही वजह से अभी आवेदन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना है, इसलिए ऐसे बच्चों के लिए आवेदन फिर से खोला जाए।

मंत्री ने कहा कि इन दोनों योजनाओं में पात्र बच्चों का चयन 30 अप्रैल तक हर हालत में हो जाना चाहिए, जिससे 1 मई से उन्हें प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजना शुरू किया जा सके।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लैंड ट्रांसफर आदि मामलों में जो गतिरोध आया था, वह दूर कर लिया गया है और इससे संबंधित संशोधन केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। खेल
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आगामी राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त 2025 तक सभी तैयारियां पूरी कर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास कराने का लक्ष्य दिया है। इसके अलावा बैठक में चंपावत में प्रस्तावित गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रगति व अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की गई।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य समेत अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी जनपदों के जिला खेल अधिकारी बैठक में ऑनलाइन जुड़े थे।

नेशनल गेम्स पदक विजेताओं के नगद इनाम के लिए आवेदन

राष्ट्रीय खेलों में जिन खिलाड़ियों ने उत्तराखंड को पदक दिलाया है उनकी नगद इनाम राशि देने के लिए मंगलवार को आधिकारिक विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि इन खिलाड़ियों से जल्द आवेदन मंगवा कर नगद इनाम धनराशि का वितरण किया जाए ।