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पुष्कर सरकार में मिले दायित्व बीस नेताओं की पहली लिस्ट जारी

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उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पहली लिस्ट में बीजेपी नेताओं को पद दिए गए है पिछले लम्बे समय से मांग कार्यकर्त्ता कर रहे थे लिस्ट में जगह बनाये जाने में श्याम अग्रवाल से लेकर हेमराज बिष्ट धामी के करीब नेताओं में शामिल है उत्तराखंड के 20 वरिष्ठ राजनैतिक कार्यकर्ताओं को अत्यंत अहम दायित्व प्रदान करके उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने संगठन के प्रति समर्पण को बड़ा मान दिया है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व सौंपे गये है।
सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं उनमें हरक सिंह नेगी जनपद चमोली को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, सुश्री ऐर्श्वया रावत रूद्रप्रयाग को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग, श्रीमती गंगा विष्ट जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, श्याम अग्रवाल जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड आवास सलाहकार परिषद, श्रीमती शांति मेहरा जनपद नैनीताल को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, भगवत प्रसाद मकवाना जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, हेमराज विष्ट जनपद पिथौरागढ को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, रामचंन्द्र गौड जनपद चमोली को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, पूरन चंद नैलवाल जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद, रामसुन्दर नौटियाल जनपद उत्तरकाशी उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, श्रीमती सायरा बानो जनपद ऊधम सिंह नगर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग, श्रीमती रेनू अधिकारी जनपद नैनीताल को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, सुश्री रजनी रावत जनपद देहरादून उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, ओम प्रकाश जमदग्नि जनपद हरिद्वार उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, भूपेश उपाध्याय जनपद बागेश्वर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद, कुलदीप कुमार जनपद देहरादून अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद, ऋषि कण्डवाल जनपद पौडी उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, वीरेन्द्र दत्त सेमवाल जनपद टिहरी उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, अजय कोठियाल जनपद टिहरी अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, श्याम नारायण पाण्डे जनपद नैनीताल उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।

LSG vs PBKS Prediction Dream11Team

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LSG vs PBKS Prediction Dream11Team

लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच आईपीएल 2025 का 13वां मुकाबला शुरू हो गया है पहले टॉस जीतकर पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी चुनी है। मुकाबले में टीम का मुकाबला देखने लायक रहेगा पंजाब टॉस जीतेगा और बॉलिंग चुनेगा जबकि मैच लखनऊ जीतेगी

ऋषभ पंत की अगुआई वाली लखनऊ सुपर जाएंट्स का सामना अपने तीसरे मैच में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स के साथ मंगलवार को हो रहा है। आईपीएल 2025 के ग्रुप चरण के 13वें मुकाबले में दोनों टीमें आमने-सामने है दोनों की ही नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर टिकी हुई है । लखनऊ ने पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था, जबकि पंजाब ने गुजरात टाइटंस को हराकर शुरुआत की थी।

लखनऊ सुपर जाएंट्सः ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, डेविड मिलर, आयुष बडोनी, अब्दुल समद, शार्दुल ठाकुर, रवि बिश्नोई, आवेश खान, शमार जोसेफ, दिग्वेश राठी।

पंजाब किंग्सः प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, सूर्यांश शेडगे, अजमातुल्लाह ओमरजई, मार्को यानसेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल।

कन्या पूजन से समझें कि हर महिला सम्मान योग्य है: नवरात्रि में नारी सम्मान के आचरण

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कन्या पूजन से समझें कि हर महिला सम्मान योग्य है: नवरात्रि में नारी सम्मान के आचरण नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा को समर्पित होता है, जिसमें माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हर रूप नारी सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है। इस पर्व के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है, और यह सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। कहते हैं कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है।

कन्या पूजन के दौरान हम यह संदेश प्राप्त करते हैं कि हर नारी में देवी का वास है और उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हालांकि, कन्या पूजन के अवसर पर हम नन्ही बच्चियों को तो सम्मान देते हैं, लेकिन महिलाओं को उसी सम्मान से अक्सर वंचित कर दिया जाता है। इस अवसर से हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर महिला सम्मान योग्य है, चाहे वह किसी भी उम्र या स्थिति में हो।

नारी सम्मान के लिए अपनाएं ये आचरण:

  1. समानता का भाव
    महिलाओं को पुरुषों या परिवार के किसी अन्य सदस्य से कम नहीं समझना चाहिए। हमें उन्हें बराबरी का दर्जा देना चाहिए। महिलाओं को परिवार, कार्यस्थल और समाज में समान अधिकार मिलें, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
  2. समान अवसर
    बेटियों को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो बेटों को मिलते हैं। उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन के हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करें ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें।
  3. सुरक्षा को प्राथमिकता दें
    महिला सुरक्षा को हर नागरिक की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह केवल परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें समाज में भी एक सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण बनाने की आवश्यकता है, जिसमें महिलाएं बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें और स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकें।

नवरात्रि के इस समय में, जब हम कन्या पूजन करते हैं, तो यह हमें यह भी याद दिलाता है कि नारी का सम्मान करना एक जीवनदायिनी कार्य है। हमें अपनी सोच और आचरण में सुधार लाकर नारी के सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए।

कुट्टू आटा सहरानपुर से सप्लाई हुआ था देहरादून पुलिस की छापेमारी

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कुट्टू आटा सहारनपुर से सप्लाई हुआ था, देहरादून पुलिस की छापेमारी देहरादून में नवरात्रि के अवसर पर ग्राहकों द्वारा कुट्टू के आटे का सेवन किया जा रहा था, लेकिन हाल ही में कुट्टू आटा खाने से कुछ लोग बीमार हो गए। इस घटना के बाद करीब 90 लोग बीमार हुए हैं और उनका इलाज कोरोनेशन और दून अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया और पता चला कि कुट्टू का आटा सहारनपुर से देहरादून में विभिन्न स्टोरों और गोदामों में सप्लाई हुआ था। पुलिस ने विकासनगर क्षेत्र के लक्ष्मी ट्रेडर्स और शिवपाल चौहान, जो शिमला बायपास पटेल नगर क्षेत्र में गोदाम संचालित करते हैं, से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पुलिस ने अन्य स्थानों जैसे अग्रवाल ट्रेड स्टोर दीपनगर, लक्ष्मी स्टोर बंजारा वाला, संजय स्टोर करनपुर, शर्मा स्टोर रायपुर, केदारपुरम MDDA कॉलोनी, कोहली ट्रेडर्स दर्शनी गेट और कई अन्य स्टोरों से कुट्टू के आटे को जप्त किया।

पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानों और गोदामों से कुट्टू के आटे को जब्त किया गया और छापेमारी का सिलसिला जारी रखा गया। इसके साथ ही जनता से अपील की गई है कि यदि उन्होंने विकासनगर, पटेलनगर, या कोतवाली क्षेत्र के किसी भी गोदाम या दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा है, तो वे उसका सेवन न करें। वे कुट्टू आटे की प्रमाणिकता की पुष्टि करने के बाद ही उसका सेवन करें।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद जिलाधिकारी देहरादून और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने 2 घंटे के भीतर 22 दुकानों और स्टोरों को चिन्हित कर उनकी छापेमारी की और सील कर दिया, जहाँ से कुट्टू का आटा खरीदा गया था।

पुलिस प्रशासन ने सघन पूछताछ के बाद यह जानकारी प्राप्त की है कि कुट्टू के आटे का मुख्य सप्लायर सहारनपुर से था। इस मामले में जिलाधिकारी सहारनपुर से संपर्क किया गया और उनके गोदाम में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। इसके बाद, सहारनपुर में कार्रवाई की जा रही है और देहरादून से पुलिस की एक टीम सहारनपुर भेजी गई है।

इस घटना के बाद पुलिस द्वारा लगातार दुकानों और गोदामों में रेड मारी जा रही है और ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को जब्त किया जा रहा है जिनमें मिश्रण किए जाने की संभावना हो सकती है।

कुट्टू आटे से फूड प्वाइजनिंग बीमार पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री

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देहरादून में नवरात्रि के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से अचानक फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आने से हड़कंप मच गया। जब बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती होने लगे, तब प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल पुलिस ने देहरादून में उन दुकानों से खरीदी गई कुट्टू आटे की आपूर्ति को लेकर लोगों से इसे न खाने की अपील की है।

नवरात्रि में कुट्टू आटे का सेवन आमतौर पर अधिक होता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या खाद्य विभाग ने इस आटे के सैंपल लिए थे या नहीं। यदि खुले बाजार में यह आटा बिना जांच के बिक रहा था, तो हादसा होने के बाद अब इस पर जांच क्यों की जा रही है? क्या अफसरों की कोई जिम्मेदारी थी? फिलहाल इस मामले में विभिन्न जगहों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।

कुट्टू आटा खाने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अस्पताल जाकर बीमार लोगों का हालचाल लिया। राजधानी के कोरोनेशन और दून अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हुए हैं। सीएम धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून जिला अस्पताल का दौरा कर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि कुट्टू आटा खाने से फूड प्वाइजनिंग के मामले बढ़े हैं। इस घटना के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, विकासनगर, पटेलनगर, और कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों और गोदामों में वितरित कुट्टू आटे को पुलिस ने तत्काल जप्त कर लिया है। कार्रवाई लगातार जारी है।

रुड़की गंगनहर के लक्ष्मीनारायण घाट पर प्रतिदिन होगी आरती

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देहरादून, उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहाँ माँ गंगा की पवित्र धारा बहती है, और चार धाम से लेकर कुमाऊं मंडल में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं जिनका गहरा जुड़ाव राज्य से है। पहले केवल हरिद्वार में ही माँ गंगा की आरती होती थी, लेकिन अब उत्तराखंड सरकार ने रुड़की में भी चैत्र मास के प्रथम नवरात्र पर रविवार को माँ गंगा की आरती का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनारायण घाट पर कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया, और फिर विधिपूर्वक एवं मंत्रोच्चारण के साथ माँ गंगा का पूजन किया गया।

हरिद्वार और ऋषिकेश की तर्ज पर रुड़की में गंगनहर के लक्ष्मीनारायण घाट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ गंगा की आरती का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। इस दौरान रुड़की में पहली बार आयोजित भव्य और दिव्य आरती को देखने के लिए गंगनहर के दोनों घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही आरती शुरू हुई, ऐसा लगा जैसे हरिद्वार के प्रसिद्ध हरकी पैड़ी से माँ गंगा की धारा रुड़की पहुंची हो। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालुओं की आँखों में भावुकता के आँसू छलक पड़े।

रुड़की में चैत्र मास के प्रथम नवरात्र पर माँ गंगा की आरती का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनारायण घाट पर कन्याओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया, फिर विधिपूर्वक आरती की शुरुआत हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे घाट पर बने पांच आरती स्थलों पर पुरोहितों ने बड़े दीपकों को प्रज्ज्वलित किया। इन स्थलों को स्टील के चोकोर घेरे के रूप में तैयार किया गया था, जिनमें से एक स्थान पर मुख्यमंत्री ने खुद आरती का दीपक लिया। जैसे ही शंखनाद के साथ माँ गंगा की आरती शुरू हुई, ऐसा लगा जैसे हरिद्वार से माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर वह रुड़की के लक्ष्मीनारायण घाट पर विराजमान हो गईं। मुख्यमंत्री के साथ-साथ दोनों घाटों पर उमड़े श्रद्धालुओं ने मिलकर माँ गंगा की आरती का आयोजन किया।

चार धाम यात्रा 2025 अक्षय तृतीया पर 30 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

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उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का आगाज 30 अप्रैल से होगा, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद, केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे। यात्रा की तैयारियों में जुटी उत्तराखंड सरकार इस बार विशेष आयोजन के साथ-साथ विभिन्न भाषाओं में प्रचार-प्रसार भी कर रही है।

चैत्र माह प्रतिपदा और हिन्दू नववर्ष के अवसर पर गंगोत्री धाम मंदिर समिति ने गंगोत्री धाम के कपाट खोलने की तिथि और समय तय कर लिया है। आगामी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन शुक्ल पक्ष में सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर विधिविधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।

समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि पंचांग गणना के आधार पर धाम के कपाट खोलने का समय और तिथि निर्धारित की गई है। मां गंगा की विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव से 29 अप्रैल को दोपहर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। मां गंगा की विग्रह डोली पैदल यात्रा करते हुए करीब 15 किमी दूर स्थित भैरों घाटी में भैरव मंदिर पहुंचेगी। वहां रात्रि विश्राम के बाद 30 अप्रैल को सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी।

AI Risks: ‘घिबली’ अवतार सावधानी हटी दुर्घटना घटी

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आजकल लोग अपनी तस्वीरें घिबली (Ghibli) स्टाइल में बनाने का बहुत शौक लगाते हैं। नेता हो या सेलिब्रिटी, हर कोई सोशल मीडिया पर अपनी घिबली स्टाइल में बनाई गई तस्वीरें शेयर कर रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफार्मों पर इन तस्वीरों की बाढ़ सी आ गई है। लोग अपनी और अपने बच्चों की एआई-जनरेटेड तस्वीरें बेझिजक तरीके से पोस्ट कर रहे हैं। लेकिन यह जितना मजेदार लगता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है।

लोग न सिर्फ चैटजीपीटी, बल्कि कई अन्य एआई टूल्स का इस्तेमाल करके अपनी एआई-जनरेटेड तस्वीरें बना रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये तस्वीरें कहां स्टोर हो रही हैं और क्या इस ट्रेंड का हिस्सा बनकर बिना सोचे-समझे अपनी तस्वीरें एआई प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करना सुरक्षित है?

लापरवाही पड़ सकती है भारी!
असल में, एआई टेक्नोलॉजी को हल्के में लेना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है। बिना सोचे-समझे किसी भी एआई प्लेटफॉर्म पर अपनी तस्वीरें अपलोड करना आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ साल पहले Clearview AI नाम की कंपनी पर आरोप था कि उसने बिना इजाजत सोशल मीडिया और न्यूज वेबसाइट्स से 3 अरब से ज्यादा तस्वीरें चुराई और यह डेटा पुलिस और निजी कंपनियों को बेच दिया था।

इसके अलावा, मई 2024 में ऑस्ट्रेलिया की Outabox कंपनी का डेटा लीक हुआ था, जिसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के फेशियल स्कैन, ड्राइविंग लाइसेंस और पते चोरी हो गए थे। यह डेटा एक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था, जिससे हजारों लोग पहचान चोरी (Identity Theft) और साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए थे।

आपके चेहरे से कोई और कमा रहा है पैसा
अगर आपको लगता है कि एआई से अपनी तस्वीरें जनरेट करवाना सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा है और इसका कोई बुरा असर नहीं होगा, तो आपको फिर से सोचना चाहिए। Statista की रिपोर्ट के मुताबिक, फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (Facial Recognition Technology) का बाजार 2025 तक 5.73 बिलियन डॉलर और 2031 तक 14.55 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

इसलिए, अपनी तस्वीरों को एआई प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करते समय हमें बेहद सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है, क्योंकि यह केवल एक मजेदार ट्रेंड नहीं बल्कि एक बड़ा साइबर खतरा बन सकता है।

विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान, पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का दौरा किया और वहां संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए भवन ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में एक और महत्वपूर्ण स्थान का दौरा किया। इस दौरान, वे संघ के स्मृति मंदिर गए और वहां से दीक्षाभूमि पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1956 में, डॉ. आंबेडकर ने यहां अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म को अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

नागपुर यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। वे दीक्षाभूमि में स्तूप के अंदर गए और वहां रखी आंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में अपने संदेश में लिखा, “मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के पांच ‘पंचतीर्थ’ में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। यहां के पवित्र वातावरण में बाबासाहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहब के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण करना ही बाबासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था।

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां हुई लगभग पूरी, यात्रियों के प्रवास की उत्तम होंगी व्यवस्थाएं

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आगामी 2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के दौरान धाम में एक रात में अधिकतम 15,000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पैदल मार्ग के पड़ावों पर भी 2,000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही धरातल पर लागू किया जाएगा। इस साल भी गढ़वाल मंडल विकास निगम को यात्रियों के भोजन और रात्रि प्रवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

केदारनाथ धाम, जो समुद्रतल से 11,750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में पुनर्निर्माण के तहत कई नए भवन बनकर तैयार हो गए हैं, जिनसे प्रशासन को यात्री व्यवस्था में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेंट और अन्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाएगा ताकि धाम में एक रात में 15,000 श्रद्धालुओं को रात्रि प्रवास की सुविधा मिल सके। प्रशासन का कहना है कि तीर्थपुरोहितों के आवासीय और व्यवसायिक भवनों, साथ ही जीएमवीएन के कॉटेज में भी यात्रियों को ठहराया जाएगा। यहां निजी टेंट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा, गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों जैसे जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, और बेस कैंप में भी यात्रियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। यहां 2,000 यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पूरे यात्राकाल में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी व्यवस्थाएं और तैयारियां 25 अप्रैल तक सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पूरी कर ली जाएंगी।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब, लोनिवि के मजदूर लिनचोली से छानी कैंप के बीच बर्फ सफाई में जुटे हुए हैं, जहां संवेदनशील स्थानों पर तीन फीट से अधिक बर्फ पड़ी हुई है।

2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए पैदल मार्ग से केदारनाथ तक एक रात में 17,000 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम किया जा रहा है। इन दिनों रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच बर्फ सफाई का काम जारी है। इन सभी तैयारियों को आगामी 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है – अनिल कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ