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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गंगा दशहरा की दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गंगा दशहरा की दी शुभकामनाएं गंगा और जल स्रोतों की पवित्रता बनाए रखने का दिया संदेश Chief Minister Pushkar Singh Dhami extended his greetings to the people of the state on the occasion of Ganga Dussehra.

देहरादून, 4 जून 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पावन दिन पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार सहित प्रदेश के विभिन्न घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं का भी स्वागत करते हुए उन्हें पर्व की बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि:

“जीवनदायिनी मां गंगा का हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, पहचान और जीवन का आधार है। बिना गंगा और अन्य नदियों के लोक जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि गंगा सहित सभी पवित्र नदियों और जल स्रोतों की पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति और मानव के सहअस्तित्व का प्रतीक है, और हमें अपने पर्यावरण, जल संसाधनों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति सजग और जिम्मेदार बनना चाहिए।

आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज़: जिलाधिकारी सविन बंसल ने परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर दिए कई निर्देश

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आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज़: जिलाधिकारी सविन बंसल ने परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर दिए कई निर्देश Disaster management preparations intensified: District Magistrate Savin Bansal inspected the operations center and gave several directives.

देहरादून, 4 जून 2025 (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग): मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन को मजबूत, त्वरित और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

डिजिटल कंट्रोल रूम और जीआईएस मैपिंग पर जोर

डीएम ने निर्देश दिए कि जल्द ही कंट्रोल रूम को डिजिटल प्लेटफॉर्म में परिवर्तित किया जाए। दीवारों पर जिले के तहसील, थाना, अस्पताल और प्रमुख सेवाओं के GIS मानचित्र लगाए जाएं। इसके साथ ही GIS टीम को कंट्रोल रूम में स्थायी रूप से तैनात किया जाएगा।

तत्काल रिस्पॉन्स के लिए विभागीय अधिकारियों की शिफ्ट ड्यूटी

डीएम ने मानसून सीजन में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि लोनिवि, एनएच, जल संस्थान, यूपीसीएल और पेयजल विभाग के जूनियर इंजीनियर प्रतिदिन दो शिफ्टों (सुबह और शाम) में कंट्रोल रूम में उपस्थित रहें और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण सुनिश्चित करें।

पुलिस वायरलेस और सायरन सिस्टम का होगा विस्तार

आपदा कंट्रोल रूम के वायरलेस सेट पर पुलिस की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, राज्य में पहली बार थानों और तहसीलों में उच्च गुणवत्ता के आपातकालीन सायरन लगाने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी की तैनाती

जिलाधिकारी ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को निर्देश दिए कि मसूरी, चकराता, त्यूणी, डोईवाला व अन्य संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की संभावना वाले स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात की जाएं। उनके चालकों और संबंधित इंजीनियरों के मोबाइल नंबरों को कंट्रोल रूम की दीवार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

125 में से 122 शिकायतें निस्तारित

अब तक मानसून से जुड़ी कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 122 का समाधान किया जा चुका है। शेष मामलों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है।

आपदा कंट्रोल रूम को ए-क्लास बनाए जाने के निर्देश

डीएम ने कहा कि राजधानी देहरादून का कंट्रोल रूम “ए-क्लास संसाधन एवं प्रतिक्रिया युक्त” होना चाहिए। इसके अंतर्गत रियल टाइम डिस्प्ले स्क्रीन, रेपिड वायरलेस कम्युनिकेशन और सुसज्जित सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा।

रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति का आदेश

डीएम ने आपदा प्राधिकरण की सभी रिक्तियों को शीघ्र भरने के आदेश दिए। साथ ही, जो उपकरण खराब हो चुके हैं, उन्हें निष्प्रोज्य घोषित करने और आवश्यक मानव संसाधन हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।

जनसंपर्क और शिकायत निवारण में पारदर्शिता

कंट्रोल रूम की सभी लैंडलाइन और मोबाइल नंबरों को दीवारों पर चस्पा करने और आपदा प्रबंधन के लेटरहेड पर प्रकाशित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि आमजन को सूचनाएं सरलता से उपलब्ध हो सकें।

आपदा सूचना और शिकायत हेतु संपर्क करें:

📞 0135-2726066, 0135-2626066, 0135-2626067, 0135-2626068

जिलाधिकारी सविन बंसल के इन निर्देशों के साथ देहरादून ज़िला प्रशासन ने आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया है, जो राज्य के लिए मॉडल आपदा प्रबंधन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड को डिजिटल टैलेंट और एआई कौशल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में हुए तीन ऐतिहासिक समझौते

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उत्तराखंड को डिजिटल टैलेंट और एआई कौशल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में हुए तीन ऐतिहासिक समझौते

देहरादून, 4 जून 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड के सामाजिक और तकनीकी विकास से जुड़े तीन महत्वपूर्ण समझौते किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य राज्य को डिजिटल टैलेंट का केंद्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षा प्रणाली और समग्र सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है।

सामाजिक विकास के लिए उत्तराखंड सरकार और टाटा ट्रस्ट में समझौता

उत्तराखंड सरकार और टाटा ट्रस्ट के बीच 10 वर्षों के लिए हुए समझौते के तहत राज्य में जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य किया जाएगा।

तकनीकी कौशल विकास हेतु नैस्कॉम और उच्च शिक्षा विभाग में त्रिपक्षीय समझौता

सेतु आयोग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और नैस्कॉम/आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल के बीच हुए समझौते के तहत उत्तराखंड को तकनीकी स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • सभी शासकीय व निजी महाविद्यालयों में AI, Data Science, Cyber Security, Python जैसे पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक क्रेडिट के साथ लागू किया जाएगा।
  • प्रत्येक ज़िले में एक मॉडल कॉलेज को मेंटर संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • योजना से 1.5 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।

AI-आधारित व्यक्तित्व विकास के लिए वाधवानी फाउंडेशन से समझौता

सेतु आयोग, उच्च शिक्षा विभाग और वाधवानी फाउंडेशन के बीच हुए तीन वर्षीय समझौते के तहत

  • 1.20 लाख छात्रों को AI-आधारित व्यक्तित्व विकास और स्वरोजगार केंद्रित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • कोर्सेस को अगले शैक्षणिक सत्र से शैक्षणिक क्रेडिट के साथ लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तीनों समझौतों को “राज्य के युवाओं, छात्रों और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन को बदलने वाला कदम” बताया। उन्होंने कहा:

“उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। ये समझौते हमें 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे और आधुनिक भारत के निर्माण में उत्तराखंड को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करेंगे।”

उन्होंने टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए, इन समझौतों को AI, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप बताया।

कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति: कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा, नैस्कॉम की सीईओ अभिलाषा गौड़, वाधवानी फाउंडेशन के ईवीपी सुनील दहिया, उच्च शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा, सचिव राधिका झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यह पहल उत्तराखंड को सामाजिक समावेशन, तकनीकी दक्षता और AI आधारित शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री धामी का आह्वान — “संवेदनशील बनें, संकल्पबद्ध होकर करें पर्यावरण संरक्षण”

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world environment day विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री धामी का आह्वान — “संवेदनशील बनें, संकल्पबद्ध होकर करें पर्यावरण संरक्षण”

देहरादून, 5 जून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण केवल एक मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है, और इसके संरक्षण में उत्तराखंडवासियों की भूमिका सदैव अग्रणी रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरेला” जैसे पर्व इस बात का प्रमाण हैं कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति से जुड़ने की जो परंपरा बनाई, वह आज भी उत्तराखंड की संस्कृति में जीवित है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार समृद्ध जैव विविधता, वन संपदा और जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सामूहिक प्रयासों की जरूरत

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जन प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और ग्रामीण समुदायों से जुड़ने की अपील की।

“हमें मिलकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना होगा, नदियों और जलस्रोतों की स्वच्छता को सुनिश्चित करना होगा, और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ानी होगी,” — मुख्यमंत्री धामी

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को विशेष रूप से सफल बनाने की अपील करते हुए इसे प्रकृति और भावना से जोड़ने वाली पहल बताया। साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में चल रहे स्वच्छता और पौधारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी का अनुरोध किया।

ग्लोबल वार्मिंग और जल-जंगल-जमीन पर समेकित चिंतन का आह्वान

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण में हो रहे तेजी से बदलावों, ग्लोबल वार्मिंग, और प्राकृतिक संसाधनों के संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम जल, जंगल और जमीन से जुड़ी समस्याओं पर समेकित और दीर्घकालिक नीति आधारित चिंतन करें।

“सामाजिक चेतना और सामूहिक प्रयासों से ही हम पर्यावरणीय संकट का समाधान खोज सकते हैं,” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी


मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल पर्यावरण के प्रति उत्तराखंड सरकार की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि जनभागीदारी और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर चलने वाली सतत विकास की सोच को भी उजागर करता है।

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर, ई-वाहन टैक्स माफी से लेकर भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार तक बड़े फैसले

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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर, ई-वाहन टैक्स माफी से लेकर भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार तक बड़े फैसले

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल बैठक में प्रदेश हित से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पर्यावरण मित्रों के लाभ, स्वच्छता नियमावली, भर्ती परीक्षा प्रणाली, ई-वाहनों पर टैक्स माफी, पर्यटन योजनाओं और पेंशन व्यवस्था से संबंधित अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

🔹 पर्यावरण मित्रों को राहत:
वर्ष 2013 से कार्यरत 859 पर्यावरण मित्रों को अब मृतक आश्रित नीति का लाभ मिलेगा।

🔹 स्वच्छता नियमावली में सरलता:
उत्तराखंड स्वच्छता गतिशीलता नियमावली’ के तहत वाहन कन्वर्जन प्रक्रिया में सब्सिडी प्रणाली को सरल किया गया।

🔹 ई-वाहनों को बढ़ावा:

  • देहरादून में चलने वाली CNG व BS-6 सिटी बसों को 50% या अधिकतम ₹15 लाख तक सब्सिडी दी जाएगी।
  • विक्रम व अन्य डीजल चालित सार्वजनिक वाहनों के लिए भी सब्सिडी योजना लागू होगी।
  • बैटरी चालित, मोटर चालित और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पेट्रोल वाहनों पर परिवहन टैक्स पूर्णतः माफ किया गया है। केवल GST देय रहेगा।

🔹 भर्ती परीक्षाओं में एकरूपता:

  • सिपाही और उप निरीक्षक (SI) की परीक्षाएं अब एक साथ आयोजित की जाएंगी।
  • सब-इंस्पेक्टर स्तर की सभी परीक्षाएं अब 統 एकसमान पैटर्न पर कराई जाएंगी।

🔹 नए पदों का सृजन:

  • उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) में 15 नए पद सृजित हुए — इनमें 1 स्थायी और 14 आउटसोर्सिंग आधारित होंगे।
  • मानवाधिकार आयोग में 12 पद स्वीकृत हुए — जिनमें 7 नियमित और 5 आउटसोर्सिंग आधारित होंगे।

इन फैसलों से राज्य में पर्यावरण संरक्षण, ई-वाहन को प्रोत्साहन, और नौकरी भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल राज्य को ग्रीन, प्रोफेशनल और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत है।

Zero Tolerance Policy पर कायम मुख्यमंत्री धामी: हर कार्रवाई से झलकती है सख़्त नेतृत्व शैली

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देहरादून, उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने सख़्त निर्णयों और साफ़-सुथरी छवि के लिए उत्तराखंड में ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी अलग पहचान बना चुके हैं। लोग उन्हें अब “धाकड़ धामी” के नाम से जानने लगे हैं — और इसकी वजह है उनकी वह ज़ीरो टॉलरेंस नीति, जिसने सरकारी तंत्र में अनुशासन और जवाबदेही को एक नई दिशा दी है।

धामी न केवल एक मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक निर्णय लेते हैं, बल्कि एक सजग प्रहरी की तरह राज्य में क्या, कब और कहां हो रहा है — उस पर उनकी पैनी नज़र रहती है

हरिद्वार ज़मीन घोटाले में बड़ा एक्शन

धामी सरकार की सख़्ती की एक और मिसाल हाल ही में हरिद्वार नगर निगम में सामने आई, जहां करोड़ों रुपये के ज़मीन खरीद घोटाले में 12 अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। इनमें शामिल हैं:

  • कर्मेंद्र सिंह (जिलाधिकारी, हरिद्वार)
  • वरुण चौधरी (पूर्व नगर आयुक्त, IAS)
  • अजयवीर सिंह (SDM, PCS)

इनके अलावा अन्य अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। आरोप है कि गंगा किनारे स्थित अनुपयुक्त कृषि भूमि को पारदर्शिता और नियमों को दरकिनार कर 54 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जबकि उसकी वास्तविक कीमत इससे कहीं कम थी।

“सरकार अफसर नहीं, नियम चलाएंगे” — धामी का कड़ा संदेश

धामी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वह समय गया जब कुछ अफसर अपने पदों का दुरुपयोग कर सरकार को गुमराह कर सकते थे। ऐसे अफसरों को धामी ने सीधे कार्रवाई के ज़रिए जवाब दिया है

एक मजबूत और जागरूक नेतृत्व की यही पहचान होती है — जो न केवल निर्णय लेने की क्षमता रखता है, बल्कि उन निर्णयों को निष्पक्षता और सख़्ती से लागू भी करता है।

सब पर नज़र पुष्कर सिंह धामी है कड़क

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उत्तराखंड में कड़क पुष्कर सिंह धामी जी की सब पर नज़र रहती है मुख्यमंत्री के साथ साथ वो एक साधारण साफ छवि वाले धाकड़ धामी के नाम से जाने जाते है इसके पीछे उनके मुख्यमंत्री काल में लिए गए कड़क फैसले है जो नजीर बनकर देश दुनिया में पहचान बनाने में कामयाब रहे है जिसका नतीजा पुष्कर सिंह धामी का कद बीजेपी के बड़े नेताओं की आँखो में सफल राजनेता का किरदार उजागर कर गया है

उत्तराखंड में कब क्या हो रहा है सब पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सब पर नज़र रहती है ऐसे में एक सफल नेता वही है जो सबकी खबर रखता है ताजा मामला हरिद्वार नगर निगम जमीन खरीद से जुड़ा हुआ है जिसमे हरिद्वार डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन हरिद्वार नगर आयुक्त आईएएस वरुण चौधरी और पीसीएस अजयवीर समेत कुल 12 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई

आईपीएल 2025 फाइनल: विराट कोहली के सामने ऐतिहासिक उपलब्धि का मौका, RCB को चैंपियन बनाने का दबाव

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आईपीएल 2025 फाइनल: विराट कोहली के सामने ऐतिहासिक उपलब्धि का मौका, RCB को चैंपियन बनाने का दबाव

आईपीएल 2025 का फाइनल मुकाबला आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स की टीमें आमने-सामने होंगी। लंबे समय से खिताब का इंतज़ार कर रही RCB के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है — और सबकी निगाहें होंगी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी विराट कोहली पर।

विराट कोहली के सामने रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने का सुनहरा मौका

इस हाई-वोल्टेज फाइनल में विराट कोहली के पास आईपीएल इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। यदि वे इस मैच में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे आईपीएल के तीन अलग-अलग सीजन में 700 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ बन सकते हैं।

अब तक यह उपलब्धि केवल क्रिस गेल के नाम दर्ज है, जिन्होंने दो अलग-अलग सीजन में 700 से ज़्यादा रन बनाए हैं। विराट कोहली इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने और नया इतिहास रचने के बेहद करीब हैं।

RCB को विराट से है बड़ी उम्मीद

RCB को न केवल विराट के अनुभव, बल्कि उनकी लय और फॉर्म पर भी पूरा भरोसा है। इस सीजन में वे लगातार रन बनाते रहे हैं और कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। फाइनल जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन टीम की जीत या हार को तय कर सकता है।


क्या विराट कोहली आज इतिहास रचेंगे? क्या RCB का चैंपियन बनने का सपना पूरा होगा? इन सवालों के जवाब कुछ ही घंटों में मिलेंगे, लेकिन इतना तय है कि क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक और यादगार मुकाबला देखने को मिलने वाला है।

गंगा अवतरण दिवस: भारतीय संस्कृति की संवाहिका मां गंगा का महापर्व

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गंगा अवतरण दिवस: भारतीय संस्कृति की संवाहिका मां गंगा का महापर्व

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला मानी जाने वाली मां गंगा के अवतरण दिवस को ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इसे गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है — जो कई दशकों में एक बार ही आता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस पावन संयोग पर गंगा में स्नान, जप, तप और दान करने से कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन गंगा जल में डुबकी लगाने से सभी पापों का क्षय होता है और आत्मा को विशेष शुद्धता का अनुभव होता है।गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पवित्रता का उत्सव है — जहां मां गंगा के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है, जिन्होंने न केवल जीवनदायिनी जल प्रदान किया, बल्कि भारतीय सभ्यता को भी समृद्ध और संस्कारित किया।

गंगा दशहरा 2025: दशकों बाद बना दुर्लभ संयोग, बढ़ा पर्व का महत्व

मान्यता के अनुसार, इस वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला गंगा दशहरा कई दृष्टियों से विशेष है। दशकों बाद इस बार गंगा अवतरण के दिन वही दिव्य योग बन रहे हैं, जिनके अंतर्गत मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग, और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इस पर्व की आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्ता और भी अधिक बढ़ गई है।

इन विशेष योगों के कारण गंगा दशहरा पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत और उपवास करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह पर्व केवल बाह्य शुद्धि का नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता और आत्मिक कल्याण का भी प्रतीक है।

ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट के अनुसार, “इस वर्ष बनने वाले विशिष्ट योगों की साक्षी में गंगा माता का पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।” उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि कल्याणकारी देवी और भारतीय संस्कृति की जीवनदायिनी रीढ़ हैं।

गंगा दशहरा पर की गई श्रद्धा, आस्था और सेवा — जैसे गंगा में स्नान, दीपदान, पवित्र मंत्रों का जाप — मन, वचन और कर्म से पवित्रता की ओर ले जाती है। यह दिन जीवन में सद्भाव, शांति और साधना का सन्देश लेकर आता है।

हरिद्वार ज़मीन घोटाले में धामी सरकार की सख्त कार्रवाई: 2 IAS, 1 PCS सहित 12 अफसर निलंबित

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हरिद्वार ज़मीन घोटाले में धामी सरकार की सख्त कार्रवाई: 2 IAS, 1 PCS सहित 12 अफसर निलंबित

उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव लाने वाली कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ज़मीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। करीब 54 करोड़ रुपये के इस भूमि घोटाले में 2 IAS और 1 PCS अफसर सहित कुल 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अब विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई है, और दोषी पाए गए अफसरों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

कौन-कौन अफसर हुए निलंबित?

  1. कर्मेन्द्र सिंह (जिलाधिकारी, हरिद्वार) — भूमि क्रय की अनुमति और प्रशासनिक मंज़ूरी में संदेहास्पद भूमिका।
  2. वरुण चौधरी (पूर्व नगर आयुक्त, हरिद्वार) — पारदर्शी प्रक्रिया के बिना भूमि प्रस्ताव पारित करने और वित्तीय अनियमितता में संलिप्तता।
  3. अजयवीर सिंह (एसडीएम) — भूमि निरीक्षण में लापरवाही और गलत रिपोर्ट शासन को भेजना।
  4. निकिता बिष्ट (वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम)
  5. विक्की (वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक)
  6. राजेश कुमार (रजिस्ट्रार कानूनगो)
  7. कमलदास (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार)

पहले से निलंबित अफसरों की सूची:

  • रविंद्र कुमार दयाल (प्रभारी सहायक नगर आयुक्त)
  • आनंद सिंह मिश्रवाण (प्रभारी अधिशासी अभियंता)
  • लक्ष्मीकांत भट्ट (कर एवं राजस्व अधीक्षक)
  • दिनेश चंद्र कांडपाल (अवर अभियंता)

इसके अलावा संपत्ति लिपिक वेदवाल का सेवा विस्तार रद्द कर दिया गया है, और उनके विरुद्ध सिविल सर्विसेज रेगुलेशन के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


क्या था ज़मीन घोटाला?

हरिद्वार नगर निगम ने शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित अविकसित और अनुपयुक्त कृषि भूमि, जिसे कूड़े के ढेर के पास बताया गया है, को 54 करोड़ रुपये में खरीदा। बताया जा रहा है कि इस जमीन की वास्तविक कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये थी। इस खरीद में न केवल भूमि की आवश्यकता संदिग्ध थी, बल्कि बोली प्रक्रिया में भी पारदर्शिता का अभाव पाया गया। शासन के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार कर यह सौदा संपन्न हुआ।


मुख्यमंत्री धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

सीएम धामी की यह कार्रवाई केवल एक घोटाले के खिलाफ कदम नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि अब उत्तराखंड में ‘पद नहीं, कर्तव्य और जवाबदेही’ महत्वपूर्ण हैं। चाहे अफसर कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, यदि वह जनहित और नियमों की अनदेखी करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

धामी सरकार के इस कदम को उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निर्णायक प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। यह पहली बार है जब किसी सत्तारूढ़ सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ इतनी सख्ती दिखाई है।


जनता को मिला स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि अब उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं। सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवस्था की शुद्धि और जवाबदेही को सर्वोपरि मान रही है।