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देहरादून में लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने किया उद्घाटन

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  • देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया छठे ‘‘लोक संवर्धन पर्व’’ का शुभारंभ
  • लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य
  • 11 से 15 जुलाई तक चलने वाले महोत्सव में देशभर के शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों और लोक कलाकारों को मिला साझा मंच
  • 150 से अधिक स्टॉलों पर भारत की समृद्ध लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं व्यंजनों का प्रदर्शन
  • ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने किया पौधरोपण
  • मुख्यमंत्री बोले- लोक संस्कृति का संरक्षण और स्थानीय शिल्पकारों का सशक्तिकरण विकसित भारत की मजबूत आधारशिला
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- लोक संवर्धन पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे श्लोक संवर्धन पर्वश् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने  ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविध भाषाएँ, लोक परंपराएँ, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक एवं आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् तथा ‘एक जनपद दो उत्पाद’ जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव श्री एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड डॉ. पराग मधुकर धकाते, देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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देहरादून ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर डीएम सख्त, माइक्रो लेवल मोबिलिटी प्लान बनाने के निर्देश

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देहरादून। शहर की बढ़ती यातायात समस्या और पार्किंग संकट के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को देहरादून मोबिलिटी प्लान माइक्रो लेवल मोबिलिटी प्लान तैयार कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मोबिलिटी प्लान के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रमुख सड़कों, चौराहों और जंक्शनों के सुधार एवं पुनर्विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।

बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्य, पार्किंग उपयोगिता की मॉनिटरिंग, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग और रामराय पार्किंग सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

इंदिरा मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी

समीक्षा के दौरान बताया गया कि इंदिरा मार्केट में लगभग 1050 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एमडीडीए अधिकारियों को कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहर में उपलब्ध पार्किंग स्थलों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे अनावश्यक जाम की स्थिति कम हो और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत विशेष कार्ययोजना

बैठक में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत यातायात सुधार और प्रदूषण नियंत्रण पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात और नगर निगम को निर्देश दिए कि ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए।

लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

डीएम ने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग और अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा सभी लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरादून को आधुनिक, व्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से कार्य करना होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्मार्ट पार्किंग, जंक्शन सुधार, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कैंट में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार शिविर, 2140 लोगों ने लिया हिस्सा, 39 शिकायतों का मौके पर समाधान

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” तथा “सेवा, सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा” के तहत शुक्रवार को जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में विशाल बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर का कैंट जनसेवा शिविर देहरादून आयोजन किया गया। कैंट विधानसभा क्षेत्र की विधायक सविता कपूर की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला।

शिविर में 2140 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने भागीदारी कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और कई सेवाओं का लाभ उठाया। स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि एवं उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।

कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित शिविर में कुल 41 शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 39 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक विभागों की ओर से शिविर में सक्रिय सेवाएं प्रदान करते हुए 51 आवश्यक प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। इनमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार संबंधी सेवाएं, यूडीआईडी कार्ड तथा खाता-खतौनी से जुड़े दस्तावेज शामिल रहे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सेवा, सुशासन और समर्पण के पांच सफल वर्ष पूरे किए हैं। सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में हजारों नागरिकों को सीधे लाभ मिल रहा है और प्रशासनिक सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस पहल को जनहित में एक प्रभावी और सराहनीय कदम बताया।

शिविर में मौजूद नागरिकों ने भी एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर संतोष व्यक्त किया।

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देहरादून में ई-ऑफिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश, डीएम आशीष चौहान ने की समीक्षा

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ई-ऑफिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश, डीएम आशीष चौहान ने की प्रगति समीक्षा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में लागू ई-ऑफिस कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसके प्रभावी संचालन और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था के क्रियान्वयन, ऑनलाइन कार्य निष्पादन और तकनीकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद के लगभग सभी शासकीय कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है और अधिकांश विभागों में पत्रावलियों का निस्तारण डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इससे शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा बढ़ी है।

समीक्षा के दौरान कुछ विभागों ने रिपोर्टिंग और ऑनलाइन कार्य निष्पादन में तकनीकी दिक्कतों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने आईटीडीए की तकनीकी टीम को तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कार्यालयी कार्यों को अधिक पारदर्शी, त्वरित और पेपरलेस बनाना है।

डीएम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी डिजिटल माध्यम से पत्रावलियों के संचालन एवं निस्तारण को प्राथमिकता दें। उन्होंने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि यदि किसी विभाग को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है तो संबंधित तकनीकी टीम से तत्काल समन्वय स्थापित कर उसका समाधान कराया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलती रहें।

उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा बना सुशासन की नई पहचान

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सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा बना सुशासन की नई पहचान, 64 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” – सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा राज्य में जनसेवा और सुशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा शिविरों के माध्यम से सरकार सीधे जनता तक पहुंच रही है और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

04 जुलाई से 09 जुलाई 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की, जो इस अभियान के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास और जुड़ाव को दर्शाता है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अभियान के तहत आयोजित शिविरों में 21 हजार 908 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को सुविधा और पारदर्शिता दोनों का लाभ मिला।

जनसेवा शिविरों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निस्तारण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस अवधि में 5 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 4 हजार 901 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया है और उनकी निरंतर निगरानी की जा रही है।

इसके अलावा आय, जाति, निवास और अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित 2 हजार 522 आवेदन भी प्राप्त हुए। इससे स्पष्ट है कि यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण, गरीब और वंचित वर्गों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली में बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर समस्याओं का समाधान करें। प्रत्येक शिविर में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, जिससे शिकायतों का तत्काल निस्तारण संभव हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा” राज्य सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला अभियान है। इससे न केवल योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित हो रहा है, जिससे त्वरित समाधान और जवाबदेह शासन की संस्कृति विकसित हो रही है।

देहरादून पहुंचे कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, चुनावी रणनीति और संगठन पर मंथन

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देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को देहरादून पहुंचे। उनके आगमन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से उनके इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे के दौरान केसी वेणुगोपाल सबसे पहले जिला एवं महानगर कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक ले रहे हैं। इसके अलावा वह जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ भी विस्तृत चर्चा करेंगे। बैठकों में संगठन की वर्तमान स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों से फीडबैक भी लिया जाएगा।

बैठकों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे विभिन्न जनसरोकार अभियानों की समीक्षा भी की जाएगी। विशेष रूप से पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” की प्रगति और जनसंपर्क गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है।

कांग्रेस नेतृत्व संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार करेगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उत्तराखंड में कांग्रेस की आगामी चुनावी दिशा तय करने में यह दौरा अहम साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने के दिए निर्देश, कम प्रदर्शन वाले जिलों में लगेंगे विशेष शिविर

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए बैंकों को आम लोगों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्यमियों तक ऋण की पहुंच आसान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी बैंकों को जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के ऋण-जमा अनुपात (Credit Deposit Ratio) को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए वहां नियमित ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर पात्र लाभार्थियों की पहचान करें और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि आवेदन में कोई तकनीकी कमी हो तो उसे सीधे निरस्त करने के बजाय लाभार्थी का मार्गदर्शन कर कमियों को दूर कराया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के तहत पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर बल दिया।

उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार तथा बैंक मिलकर रोजगार और उद्यमिता को नई दिशा दे सकते हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 को भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों से जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य सचिव ने बैंकों से स्वरोजगार, एमएसएमई, लघु उद्योग और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों से पहले नियमित सब-कमेटी बैठक आयोजित कर समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर भी जोर दिया।

रेड अलर्ट के बीच ग्राउंड जीरो पर पहुंचे डीएम आशीष चौहान, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती का किया निरीक्षण

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देहरादून। मौसम विभाग के रेड अलर्ट और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सपेरा बस्ती का दौरा कर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए।

सहस्रधारा-सरोना मार्ग को तत्काल खोलने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पहुंचे, जहां भारी बारिश के कारण चार अलग-अलग स्थानों पर मलबा आने से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई थी। पीएमजीएसवाई अधिकारियों ने बताया कि पिछली आपदा में मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था और स्थायी उपचार न होने के कारण बरसात में बार-बार बंद हो जाता है।

इस पर डीएम ने तत्काल दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने और मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क के स्थायी ट्रीटमेंट और सुरक्षा कार्यों के लिए शासन स्तर पर भी पहल की जाएगी।

कार्लीगढ़ में सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं पर जोर

कार्लीगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने जानकारी दी कि पिछली आपदा के बाद मलबा हटाने, समतलीकरण और नदी चैनलाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद नदी के दूसरी ओर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों के पास पर्याप्त राशन, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उनके संपर्क नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

सपेरा बस्ती में लोगों से सीधे संवाद

अति संवेदनशील सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी ने स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा उपायों पर सुझाव भी लिए। उन्होंने संबंधित विभागों को नाले के उपचार, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और अन्य सुरक्षात्मक कार्यों का तत्काल आंगणन तैयार करने के निर्देश दिए।

नगर निगम को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मकानों को खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही बारिश के दौरान प्रभावी चेतावनी और अलर्ट सिस्टम सुनिश्चित किया जाए।

यमुना नदी खतरे के निशान पर

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून जनपद में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है, जबकि गंगा और टोंस नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।

भूस्खलन और मलबे के कारण हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर बाधित है, जिसे प्रशासन द्वारा जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले में 14 ग्रामीण मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिन पर मार्ग खोलने का कार्य जारी है।

निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लक्सर में रातभर पानी से घिरे मकान में फंसे रहे पिता-पुत्र, SDRF ने किया सफल रेस्क्यू

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हरिद्वार। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में जलभराव के कारण निर्माणाधीन मकान में फंसे पिता-पुत्र को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

SDRF को गुरुवार, 09 जुलाई 2026 को रुड़की कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि बसेड़ी, लक्सर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के चारों ओर जलभराव हो गया है, जिसके कारण दो व्यक्ति बीती रात से मकान के भीतर फंसे हुए हैं और बाहर निकलने में असमर्थ हैं।

सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष त्यागी के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने हालात का जायजा लिया और जलभराव के बीच सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

SDRF जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

पूछताछ में पता चला कि रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं, जो निर्माणाधीन मकान में निर्माण कार्य कर रहे थे। अचानक जलस्तर बढ़ने से वे पूरी रात मकान के अंदर ही फंसे रहे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा।

रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों की पहचान श्री राम (60 वर्ष) और उनके पुत्र संजय (40 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम सिमली, लक्सर के निवासी हैं।

स्थानीय लोगों ने SDRF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए राहत की सांस ली। लगातार बारिश के बीच SDRF की सतर्कता और तत्परता एक बार फिर लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई है।

धामी सरकार का सेवा पखवाड़ा बना जनआंदोलन, 5300 से ज्यादा लोगों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

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सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, 5300 से अधिक नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” तथा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा शिविरों को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। बुधवार को विभिन्न जनपदों में आयोजित बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों, जनजागरूकता कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनी के माध्यम से हजारों नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

राज्य के अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, ग्राम्य विकास, आयुष, सेवायोजन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति समेत अनेक विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।

शिविरों में नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन योजनाओं सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।

अभियान के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त शिकायतों और जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण भी किया गया। प्रदेशभर में कुल 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में 5300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की, जबकि 4470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिला। हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों ने शिविरों में भाग लिया, जबकि ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 लोगों ने सहभागिता की और 951 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला।

शिविरों के दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, कृषि नवाचार, पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का विशेष प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।