देहरादून। मौसम विभाग के रेड अलर्ट और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सपेरा बस्ती का दौरा कर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए।
सहस्रधारा-सरोना मार्ग को तत्काल खोलने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पहुंचे, जहां भारी बारिश के कारण चार अलग-अलग स्थानों पर मलबा आने से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई थी। पीएमजीएसवाई अधिकारियों ने बताया कि पिछली आपदा में मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था और स्थायी उपचार न होने के कारण बरसात में बार-बार बंद हो जाता है।
इस पर डीएम ने तत्काल दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने और मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क के स्थायी ट्रीटमेंट और सुरक्षा कार्यों के लिए शासन स्तर पर भी पहल की जाएगी।
कार्लीगढ़ में सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं पर जोर
कार्लीगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने जानकारी दी कि पिछली आपदा के बाद मलबा हटाने, समतलीकरण और नदी चैनलाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद नदी के दूसरी ओर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों के पास पर्याप्त राशन, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उनके संपर्क नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
सपेरा बस्ती में लोगों से सीधे संवाद
अति संवेदनशील सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी ने स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा उपायों पर सुझाव भी लिए। उन्होंने संबंधित विभागों को नाले के उपचार, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और अन्य सुरक्षात्मक कार्यों का तत्काल आंगणन तैयार करने के निर्देश दिए।
नगर निगम को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मकानों को खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही बारिश के दौरान प्रभावी चेतावनी और अलर्ट सिस्टम सुनिश्चित किया जाए।
यमुना नदी खतरे के निशान पर
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून जनपद में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है, जबकि गंगा और टोंस नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।
भूस्खलन और मलबे के कारण हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर बाधित है, जिसे प्रशासन द्वारा जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले में 14 ग्रामीण मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिन पर मार्ग खोलने का कार्य जारी है।
निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

