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हरिद्वार में मोरारी बापू की श्रीराम कथा का समापन, सीएम धामी बोले- उत्तराखंड बनेगा विश्व की आध्यात्मिक राजधानी

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हरिद्वार में मोरारी बापू की श्रीराम कथा का समापन, सीएम धामी ने दोहराया आध्यात्मिक राजधानी का संकल्प

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर आश्रम, हरिद्वार में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में सहभागिता करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन और जनसहभागिता से उत्तराखंड आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार की पावन भूमि पर उन्हें विशेष आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने मोरारी बापू को भगवान श्रीराम के आदर्शों, विचारों और जीवन-दर्शन का जीवंत संवाहक बताते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आज विश्व युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत की सनातन संस्कृति का “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उनका उद्देश्य उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चारधाम यात्रा में दो माह के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यात्रा व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का महापर्व है। राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष शिविर, 250 लाभार्थियों ने सरकारी योजनाओं के लिए किया आवेदन

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देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने सफाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कांवली रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर परिसर, वाल्मीकि नगर (वार्ड-24) में विशेष बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया।

शिविर में विभिन्न विभागों ने भाग लेते हुए नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों के आवेदन मौके पर ही स्वीकार किए। समाज कल्याण विभाग के अनुसार करीब 250 लाभार्थियों को पेंशन, ऋण एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में पहुंचे 98 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से एक महालक्ष्मी किट, पांच किशोरी किट और दो गोद भराई किट वितरित की गईं।

भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के सहयोग से पांच वरिष्ठ नागरिकों को कुल 150 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने लाभार्थियों को उपकरण वितरित किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि मलिन बस्तियों में लगाए जा रहे ऐसे विशेष शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

शिविर में सहायक प्रबंधक दिगंबर सजवाण, छात्रावास अधीक्षक आकाशदीप, पार्षद विशाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।

देहरादून में 11 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’, देशभर के अल्पसंख्यक कारीगर दिखाएंगे हुनर

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देहरादून में 11 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’, देशभर के अल्पसंख्यक कारीगर दिखाएंगे हुनर

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 11 से 15 जुलाई 2026 तक परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय उत्तरी क्षेत्रीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकास योजना के अंतर्गत आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास करेंगे।

यह आयोजन उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के तत्वावधान में होगा। राष्ट्रीय स्तर की इस श्रृंखला का यह छठा संस्करण है, जबकि उत्तराखंड पहली बार इसकी मेजबानी कर रहा है। इससे पहले दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और कोच्चि में इसका सफल आयोजन हो चुका है।

160 स्टॉल होंगे आकर्षण का केंद्र

मेले में कुल 160 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें 130 शिल्पकारों और 30 फूड कोर्ट के लिए निर्धारित होंगे। स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड के कारीगरों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। चयनित प्रतिभागियों को स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

महिला और युवा कारीगरों को प्राथमिकता

कार्यक्रम में महिला एवं युवा कारीगरों, पहली बार भाग लेने वाले शिल्पकारों, विलुप्त होती पारंपरिक कलाओं के विशेषज्ञों तथा मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी हर शाम

11 जुलाई से 15 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहने वाला यह पर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी केंद्र बनेगा। हर शाम देशभर से आए कलाकार लोक संस्कृति और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां देंगे।

डीएम ने दिए विशेष निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को मानसून को ध्यान में रखते हुए वॉटरप्रूफ टेंट, जल निकासी, फायर सेफ्टी, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और यातायात प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को सफाई, फॉगिंग और शौचालय व्यवस्था तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्लान तैयार करने को कहा गया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

लोक संवर्धन पर्व का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के पारंपरिक हस्तशिल्प, कला और उद्यमिता को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। आयोजन से स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और हस्तशिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए बाजार और व्यापारिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

हरेला पर्व पर बड़ा एक्शन प्लान, मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए निर्देश

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हरेला पर्व को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए विशेष निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से हरेला पर्व के व्यापक आयोजन और क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

हरेला पर्व को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में हरेला पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसे आमजन से जोड़ना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि हरेला कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, ग्राम पंचायतों, न्याय पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाए। व्यापक स्तर पर पौधारोपण एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित कर हरेला को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।

क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा

बैठक में प्रदेश में विकसित किए जा रहे क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छात्रों को एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो बेहतर शिक्षा के लिए आवश्यक हैं। इसके लिए चयनित विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा पर विशेष ध्यान

मुख्य सचिव ने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के विषय में जिलाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों की सफलता के लिए छात्रों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रारंभिक चरण में ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए जिन्हें कम संसाधनों और कम समय में विकसित कर संचालित किया जा सकता है। इन्हें “लो हैंगिंग फ्रूट” श्रेणी में शामिल कर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए।

आयुक्तों को सौंपी गई साप्ताहिक समीक्षा की जिम्मेदारी

मुख्य सचिव ने गढ़वाल और कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे क्लस्टर विद्यालय परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा करें और विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, चंद्रेश कुमार यादव, विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार हरेला पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाने और क्लस्टर विद्यालयों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बैठक में दिए गए निर्देशों से दोनों योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री धामी ने 9.80 लाख लोगों को भेजी ₹145.42 करोड़ पेंशन, अक्टूबर तक बनेंगे तीन छात्रावास

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मुख्यमंत्री धामी ने 9.80 लाख लाभार्थियों को डीबीटी से भेजी ₹145.42 करोड़ पेंशन, अक्टूबर तक तैयार होंगे तीन बाबू जगजीवन राम छात्रावास

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं बल्कि अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऐसी योजनाएं विकसित की जाएं जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी “बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल” बन सकें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का कार्य हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

डीबीटी के माध्यम से 9.80 लाख लाभार्थियों को मिली पेंशन

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की जून 2026 माह की देय राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी की। उन्होंने 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹145.42 करोड़ की पेंशन राशि एक क्लिक से हस्तांतरित की।

इस राशि में केंद्र सरकार का योगदान ₹7.02 करोड़ तथा राज्य सरकार का योगदान ₹138.40 करोड़ रहा।

विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थी

जून 2026 में वितरित पेंशन राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • वृद्धावस्था पेंशन: 6,11,245 लाभार्थियों को ₹91.69 करोड़
  • विधवा पेंशन: 2,35,850 लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़
  • दिव्यांग पेंशन: 88,787 लाभार्थियों को ₹13.32 करोड़
  • किसान पेंशन: 27,207 लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़
  • परित्यक्ता पेंशन: 8,258 लाभार्थियों को ₹99.10 लाख
  • भरण-पोषण अनुदान: 7,297 लाभार्थियों को ₹51.08 लाख
  • तीलू रौतेली पेंशन: 2,179 लाभार्थियों को ₹26.15 लाख
  • बौना पेंशन: 127 लाभार्थियों को ₹1.52 लाख

60 वर्ष पूरे होते ही स्वतः मिले वृद्धावस्था पेंशन

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र नागरिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए ताकि बुजुर्गों को अनावश्यक औपचारिकताओं का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना है।

अक्टूबर तक तैयार होंगे तीन छात्रावास

बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। योजना के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

केंद्र सरकार इस योजना के तहत प्रति छात्र ₹3.25 लाख तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार अतिरिक्त राशि देकर आधुनिक छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।

योजनाओं का हो इंटीग्रेशन, वित्तीय अनुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय और इंटीग्रेशन किया जाए, ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जो सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बने।बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण विभाग के सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जन-जन की सरकार अभियान: 46 हजार से अधिक लोगों ने लिया लाभ, 11 हजार लाभार्थी हुए लाभान्वित

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जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान को जनता का बड़ा समर्थन, 46 हजार से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार – सेवा, सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत आयोजित विशेष शिविरों में अब तक 46,151 से अधिक लोगों ने भागीदारी की है, जबकि 11,667 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इसके साथ ही 1,961 जन शिकायतों का निस्तारण भी किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा 4 जुलाई से शुरू किए गए इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

शिविरों में मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ

अभियान के तहत आयोजित शिविरों में पात्र लोगों को समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व प्रमाण-पत्र, कृषि उपकरण, बीज, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा लोगों की सड़क, बिजली, पानी और अन्य स्थानीय समस्याओं का भी त्वरित समाधान किया जा रहा है।

देहरादून में सबसे अधिक जनभागीदारी

देहरादून जिले में आयोजित शिविरों को सबसे अधिक जनसमर्थन मिला। ऋषिकेश और चकराता में आयोजित शिविरों में 30,410 लोगों ने भाग लिया, जबकि 7,721 लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। प्राप्त 34 शिकायतों में से 29 का मौके पर ही समाधान किया गया।

विभिन्न जनपदों में अभियान की प्रमुख उपलब्धियां

पिथौरागढ़

तीन शिविरों में 1,700 से अधिक लोगों ने भाग लिया। 112 शिकायतों का समाधान किया गया और 2,734 लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभ मिला।

चम्पावत

बूम शारदा घाट, उचौलीगोठ टनकपुर और जिला सभागार में आयोजित शिविरों में 2,537 लोगों ने भाग लिया। 277 जन आवेदनों का निस्तारण किया गया।

अल्मोड़ा

हवालबाग और सोमेश्वर में आयोजित शिविरों में 1,401 लोगों ने भाग लिया तथा 131 आवेदनों का समाधान किया गया।

ऊधमसिंह नगर

रुद्रपुर और गदरपुर में आयोजित शिविरों में 1,340 लोग शामिल हुए। 551 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 490 का मौके पर निस्तारण किया गया।

हरिद्वार

ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय और रुड़की में आयोजित शिविरों में 2,859 प्रतिभागी शामिल हुए। प्राप्त सभी 67 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।

पौड़ी गढ़वाल

पौड़ी और कोट क्षेत्र में आयोजित शिविरों में 1,627 लोगों ने भाग लिया। 386 शिकायतों में से 373 का तत्काल निस्तारण किया गया।

चमोली

गोपेश्वर, थराली, ज्योतिर्मठ और दशोली क्षेत्र में आयोजित शिविरों में 1,025 लोगों ने भाग लिया। 707 लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।

नैनीताल

भीमताल, हल्द्वानी और रामनगर में आयोजित शिविरों में 1,009 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्राप्त 122 आवेदनों में से 74 का मौके पर समाधान किया गया।

रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी और बागेश्वर

इन जनपदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने शिविरों में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं का समाधान कराया।

सरकार की प्राथमिकता: जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से प्रशासन स्वयं लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

चारधाम हेली सेवा 2026 की समीक्षा, उत्तराखंड में बनेंगे नए हेलीपोर्ट और एयरस्ट्रिप

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चारधाम हेली सेवाओं की समीक्षा: उत्तराखंड में नए हेलीपोर्ट, एयरस्ट्रिप और विमानन सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवाओं के प्रथम चरण की समीक्षा करते हुए राज्य में विमानन अवसंरचना विस्तार, सुरक्षा मानकों के सुदृढ़ीकरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर सिन्हा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार, संयुक्त सचिव श्री असांगबा चुबा, पर्यटन सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, प्रमुख सचिव श्री सुधांशु सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

19 अप्रैल से 26 जून तक सफल रहा पहला चरण

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवाओं का पहला चरण 19 अप्रैल से 26 जून तक सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित किया गया। हेली सेवाओं का दूसरा चरण 15 सितंबर 2026 से शुरू किया जाएगा। इस बीच के समय का उपयोग सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा आवश्यक अवसंरचना विकसित करने में किया जाएगा।

सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान चारधाम हेली सेवाओं से जुड़े सुरक्षा उपायों, मौसम सूचना तंत्र और यात्री सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने परिचालन सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार, विमानन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड के विमानन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में बनेंगे नए हेलीपोर्ट

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर सिन्हा ने उत्तराखंड के लिए भविष्य की विमानन विकास योजना प्रस्तुत करते हुए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।

मौसम निगरानी केंद्र बढ़ाने पर सहमति

पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त वेदर ऑब्जर्वेशन स्टेशन स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इससे मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ेगी और हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा मानक और मजबूत होंगे।

लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में विकसित होगी नई विमानन सुविधाएं

बैठक में संशोधित उड़ान (UDAN) योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डों और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने के लक्ष्य पर चर्चा हुई। इसी क्रम में उत्तराखंड के लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित करने तथा राज्य में तीन नए एयरस्ट्रिप की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने पर सहमति बनी।

समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे विकास कार्य

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए कि चारधाम हेली सेवाओं के अगले चरण से पहले सभी सुरक्षा और अवसंरचना संबंधी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया।

बैठक के अंत में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव ने अगस्त 2026 के मध्य विमानन क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों की पुनः समीक्षा करने का सुझाव दिया, ताकि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

यूसीएडीए (UCADA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बैठक में विभिन्न परियोजनाओं और प्रगति की विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट निदेशक बी.सी.एच. नेगी तथा मौसम विभाग के प्रतिनिधि सी.एस. तोमर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

निकायों पंचायतो पर मुख्यमंत्री धामी की हामी मिले करोड़ो

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मुख्यमंत्री धामी ने ₹495 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी, कुम्भ 2027 और आधारभूत ढांचे पर विशेष फोकस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न विकास कार्यों, कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों, सड़क निर्माण, शहरी विकास, पर्यटन, विद्युत आपूर्ति और स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए कुल ₹495 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

सरकार की ओर से जारी स्वीकृतियों में सड़क, पर्यटन, धार्मिक स्थलों के विकास, पार्किंग, ग्रामीण अवसंरचना, जिला पंचायतों और शहरी निकायों को वित्तीय सहायता जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कुम्भ मेला 2027 के लिए ₹43.87 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दौरान निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ₹43.87 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत प्रथम किश्त के रूप में ₹17.55 करोड़ जारी किए जाएंगे।

शहरी निकायों और जिला पंचायतों को बड़ी राहत

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए:

  • शहरी स्थानीय निकायों को ₹328.28 करोड़
  • जिला पंचायतों को ₹82.21 करोड़

की धनराशि स्वीकृत की है। यह राशि विकास कार्यों और जनसुविधाओं को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी।

रामनगर में बनेगी बहुमंजिला पार्किंग

जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र में पुरानी तहसील की भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग निर्माण के लिए ₹38.58 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इससे पर्यटन सीजन और भीड़भाड़ के दौरान पार्किंग समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

चम्पावत में बनेगा एडवेंचर पार्क

पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चम्पावत में ₹3.05 करोड़ की लागत से एडवेंचर पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम चरण के रूप में ₹1.22 करोड़ जारी किए जाएंगे।

सीमांत क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को भी मिली सौगात

मुख्यमंत्री ने:

  • धारचूला में जुम्मा मल्ला ग्वार से छिपला सरोवर मार्ग निर्माण,
  • अल्मोड़ा के भिकियासैंण स्थित शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण,
  • चौखुटिया के रामपादुका मंदिर में स्नान घाट निर्माण,
  • चम्पावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क स्थापना,
  • पिथौरागढ़ के गुंजी गांव के सर्वांगीण विकास

जैसी कई परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की है।

सितारगंज और हरिद्वार में सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति

उधमसिंहनगर के सितारगंज क्षेत्र में विभिन्न संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण और टाइल मार्ग निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र में सीसी मार्ग निर्माण एवं सड़क सुधारीकरण कार्यों को भी मंजूरी मिली है।

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार तथा स्वायत्त निकायों के उन कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि को मंजूरी दी है जो पांचवें और छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन प्राप्त कर रहे हैं।

नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी:

  • पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए 474% से बढ़ाकर 483%
  • छठवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए 257% से बढ़ाकर 262%

कर दिया गया है।

दो सड़कों का नाम बदला जाएगा

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में:

  • बिडोरा-छेवी पातशाही गेट से धूमखेड़ा मार्ग का नाम “साहिबजादा फतेह सिंह रोड”
  • सौनी-डौड़ाखाल-तिपोला मोटर मार्ग का नाम स्वर्गीय राज्य आंदोलनकारी पूरण सिंह डंगवाल मार्ग

रखे जाने को भी मंजूरी प्रदान की है।

विकास और जनसुविधाओं पर सरकार का फोकस

इन स्वीकृतियों के माध्यम से राज्य सरकार ने कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों, सड़क और परिवहन अवसंरचना, धार्मिक पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती तथा कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

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कारगिल विजय दिवस 2026 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे शहीद परिवारों का सम्मान

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देहरादून में धूमधाम से मनाया जाएगा कारगिल विजय दिवस 2026, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे शहीद परिवारों का सम्मान

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इस वर्ष कारगिल विजय दिवस को ‘शौर्य दिवस’ के रूप में भव्य और गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। 26 जुलाई 2026 को गांधी पार्क में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और कारगिल युद्ध के वीर शहीदों के परिजनों, वीरांगनाओं एवं माताओं को सम्मानित करेंगे।

तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (एफआर) के.के. मिश्रा ने सभी विभागों को आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रशासन का लक्ष्य है कि शौर्य दिवस का आयोजन राज्य के वीर सैनिकों के सम्मान और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रेरणादायी अवसर बने।

देशभक्ति के रंग में रंगेगा देहरादून

संस्कृति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि 25 जुलाई की शाम से शहर के प्रमुख चौराहों पर देशभक्ति गीतों का प्रसारण किया जाए। इसके साथ ही मुख्य कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और राष्ट्रभक्ति पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी।

स्कूलों में होंगी पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताएं

युवाओं और विद्यार्थियों को कारगिल युद्ध के वीरों के शौर्य से परिचित कराने के लिए शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। जूनियर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता तथा सीनियर वर्ग के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 26 जुलाई के मुख्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष व्यवस्था

सैनिक कल्याण एवं परिवहन विभाग को कारगिल शहीदों के आश्रितों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं नगर निगम को गांधी पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान, मोबाइल शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने को कहा गया है।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन रहेगा मजबूत

कार्यक्रम के दौरान सुचारू यातायात व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एवं ट्रैफिक विभाग को विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल पर वॉटरप्रूफ टेंट, बैरिकेडिंग, वीआईपी बैठक व्यवस्था, पेयजल और आकर्षक सजावट की भी व्यवस्था की जाएगी।

सांसद, विधायक और गणमान्य नागरिक होंगे शामिल

प्रशासन ने कार्यक्रम में सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों, मेयरों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

कारगिल विजय दिवस पर आयोजित यह शौर्य दिवस कार्यक्रम उत्तराखंड की वीर भूमि की सैन्य परंपरा, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को श्रद्धांजलि देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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केदारनाथ-बद्रीनाथ परियोजनाओं की समीक्षा: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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केदारनाथ-बद्रीनाथ परियोजनाओं की समीक्षा: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं पुनर्विकास परियोजनाओं तथा बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

केदारनाथ में 6 नए ब्लॉकों का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन छह नए ब्लॉकों का निर्माण कार्य शुरू किया जाना है, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए और प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा के अनुसार पूरे हों और प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र के लिए बनेगी एकीकृत कूड़ा प्रबंधन योजना

बैठक में मुख्य सचिव ने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को केदारनाथ यात्रा क्षेत्र के लिए व्यापक और एकीकृत कचरा प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि धाम की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि योजना के लिए आवश्यक वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।

बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अंतर्गत प्रस्तावित सभी कंटेंट, डिज़ाइन और आर्ट वर्क से जुड़े कार्यों को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।

संचालन और रखरखाव के लिए तैयार होगा फ्रेमवर्क

मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही परिसंपत्तियों एवं सुविधाओं के संचालन और रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) के लिए पहले से स्पष्ट फ्रेमवर्क तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि संचालन करने वाली संस्थाओं का निर्धारण पहले से कर लिया जाएगा तो परियोजनाओं के हस्तांतरण के बाद रखरखाव और प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।