सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, 5300 से अधिक नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” तथा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा शिविरों को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। बुधवार को विभिन्न जनपदों में आयोजित बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों, जनजागरूकता कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनी के माध्यम से हजारों नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
राज्य के अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, ग्राम्य विकास, आयुष, सेवायोजन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति समेत अनेक विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।
शिविरों में नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन योजनाओं सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
अभियान के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त शिकायतों और जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण भी किया गया। प्रदेशभर में कुल 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में 5300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की, जबकि 4470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिला। हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों ने शिविरों में भाग लिया, जबकि ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 लोगों ने सहभागिता की और 951 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला।
शिविरों के दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, कृषि नवाचार, पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का विशेष प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

