
सीऍम डैश बोर्ड डिजिटल क्रांति अच्छे परिणाम की तरफ कदम
डिजिटल क्रांति का नया अध्याय उत्तराखंड से शुरू किये जाने को लेकर पहल उत्तराखड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सीऍम डैश बोर्ड से शुरू होगी Cm Dashbord New Idea Uttarakhand फिर इसको ज़िलों में डीऍम लेबल तक पहुंचाया जाएगा आसानी से विभागों की पांच करोड़ तक की योजनाओं को पोर्टल पर दर्शाया जाएगा राज्य में डिजिटल किये जा रहे ऐसे प्रयास बेहतर रिजल्ट दे सकते है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सी.एम डैशबोर्ड ‘दर्पण 2.0’ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा जाए और सभी विभागों की गतिमान परियोजनाओं का डाटा भी अपलोड करवाया जाए।
उन्होंने 15 दिन में सभी विभागों को परियोजनाओं का अपडेट पोर्टल में करने के निर्देश दिये। प्रत्येक माह की 07 तारीख तक विभागों को पिछले माह का डाटा अपलोड करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाइन 1905 के साथ ही वे सीएम डैशबोर्ड की भी हर माह समीक्षा करेंगें।
मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिये कि सभी सचिव अपने विभाग की प्रत्येक माह सीएम डैशबोर्ड संबंधी बैठक करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी पोर्टल बनाये जा रहे हैं, वे यूजर फ्रेंडली हों। डैशबोर्ड में डाटा का प्रस्तुतीकरण बेहतर तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड का मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का समाधान करना है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से जन समस्याओं के समाधान के लिए विभागों द्वारा समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान निकाला जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गरीबों के कल्याण, युवाओं के कल्याण, अन्नदाताओं और नारी सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। संबंधित विभागों द्वारा इन क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप स्कीम को डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्शाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल में 05 करोड़ से अधिक धनराशि की सभी परियोजनाओं को दर्शाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम डैशबोर्ड के साथ ही डी.एम डैशबोर्ड को भी धरातल पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जाए। रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यशाला का आयोजन करें, जिसमें विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ हमें विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना होगा।
उच्च शिक्षण संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा में प्लेसमेंट सेल के साथ ही विद्यार्थियों के लिए गाइडेंस और काउंसलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इस तरह की कारगर व्यवस्था बनाई जाए कि उच्च शिक्षा के दौरान कितने अभ्यर्थियों ने प्लेसमेंट के लिए आवेदन किया और कितनों को नौकरी मिली। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, नितेश झा, श्रीमती राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम धामी ने नरेंद्र नेगी के जन्म दिवस पर पुस्तक जब सुबह होगी का किया विमोचन
नरेन्द्र सिंह नेगी को बताया हिमालय जैसा अडिग व्यक्तित्व।
मुख्यमंत्री Narendra Negi Birthday book vimochan Cm Dhami पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित संस्कृति प्रेक्षागृह में प्रसिद्धि लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर गीत यात्रा के 50 वर्ष कार्यक्रम में उनकी रचनाओं पर ललित मोहन रयाल द्वारा लिखित पुस्तक कल फिर जब सुबह होगी का विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित कर 2.51 लाख का चेक भेंट किया तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक श्री ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए पुस्तक को भावी पीढी के लिये संरक्षित करने वाला कार्य बताया।

मुख्यमंत्री नें प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके जन्म दिन की हार्दिक बधाई देते हुए उन्हें हिमालय जैसे अडिग व्यक्तित्व वाला देवभूमि का महान सपूत बताते हुए कहा कि नेगी जी के गीत हमें अपने परिवेश के साथ पहाड की चुनौतियों से परिचित कराने का कार्य करते है।
उनके गीतों में प्रकृति, परम्परा, परिवेश, विरह वियोग व व्यथा का जो मिश्रण है वह हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं एवं लोक संस्कृति से जोडने का कार्य करती है। उनके गीत हमारी विरासत की समृद्ध परम्परा को पीढी दर पीढी आगे बढ़ाने का कार्य करेगी तथा युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र सिंह नेगी को पहाड़ की आवाज बताते हुये उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं।
नरेन्द्र सिंह नेगी ने लोक संस्कृति के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगाव के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी विद्वता से 101 गीतों की विवेचना 400 पृष्ठों के ग्रंथ के रूप में समाज के समक्ष रखा है।

यह उनकी लोक साहित्य एवं संस्कृति के प्रति गहरी समझ का भी प्रतीक है वे शब्दों के शब्दार्थ को गीत के लेखक से आगे ले गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने पर लिखा अपना प्रसिद्ध गीत ठंडो रे ठंडो गाकर लोगों को अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने के लिए मजबूर किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो.सुरेखा डंगवाल, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी, साहित्यकार नंद किशोर हटवाल, दिनेश सेमवाल, सचिदानंद भारती, गणेश खुकसाल गणी के अलावा बडी संख्या में साहित्यकार एवं लोक संस्कृति से जुडे लोग उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस: उत्तराखंड के इन लोगों को मिला ‘विशेष अतिथि’ के रूप में आमंत्रित, पीएम से भी करेंगे मुलाकात
दिल्ली हर साल भारत सरकार 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर देश भर के ऐसे लोगो को आमंत्रित करती है जो अपने अपने एरिया में अच्छा काम करते हुए एक मिसाल कायम करते है देश भर के करीब 6000 जिसमे उत्तराखंड से करीब 110 ऐसे लोगो को भारत सरकार के दिल्ली में 15 अगस्त 2024 में आने का आमंत्रण मिला है
78वें स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘विकसित भारत’ है। विकसित भारत के लक्ष्य को साधने के लिए देश और राज्यों के कई विभाग उल्लेखनिय कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष भी 6000 ‘विशेष अतिथियों’ को भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली आमंत्रित किया है।

सांकेतिक तस्वीर। – फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। इसी कड़ी में 78वें स्वतंत्रता दिवस की थीम है ‘विकसित भारत’।
विकसित भारत के लक्ष्य को साधने के लिए देश और राज्यों के कई विभाग उल्लेखनिय कार्य कर रहे हैं और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से कई जरूरतमंद लाभांवित हो रहे हैं। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे देश से लगभग 6000 ‘विशेष अतिथियों’ को भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली आमंत्रित किया है। उत्तराखंड के विभिन्न केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थी और विभागों में उल्लेखनिय कार्य कर रहे लगभग 110 लोग 15 अगस्त 2024 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में विशेष अतिथि के रूप में 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बनेंगे।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, अटल इनोवेशन मिशन, लखपति दीदी योजना सहित कई योजनाओं के लाभार्थियों और नीति आयोग, आंगनवाड़ी केंद्रों, एएनएम-आशा कार्यकत्रियों, सीमा सड़क संगठन, पंचायती राज और जनजातिय मंत्रालय की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ‘विशेष अतिथि’ के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के जामुवाखाल गांव की निवासी धना देवी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए भारत सरकार से आमंत्रण मिला है।
धना बताती हैं कि वह आमंत्रण मिलने से बेहद खुश हैं। धना का कहना है कि सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जिससे आज महिलाएं लाभांवित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए स्वयं सहायता समूह चलाती हैं, जिसमें उन्होंने 500 महिलाओं को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें सरकारी योजनाअें की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पौड़ी गढ़वाल, दुगड्डा के ग्राम मंडाई निवासी नरेंद्र सिंह ने भी भारत सरकार द्वारा प्राप्त आमंत्रण पर ख़ुशी जताई है और इसके लिए सरकार का आभार जताया है।
नरेंद्र प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साक्षात लाल किले से सुनने के लिए उत्साहित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में जेंडर स्पेशलिस्ट देहरादून निवासी सुप्रिया चंद और उनके साथ काम कर रही 10 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां भी स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में नई दिल्ली आमंत्रित हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिंगानुपात को बढ़ाने में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की अहम भूमिका रही है और इसीलिए उन्हें ये आमंत्रण प्राप्त हुआ है।
उत्तरकाशी के नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनमए पूजा राणा भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मिले आमंत्रण से बेहद खुश हैं। इसके लिए वह अपने विभाग और भारत सरकार का आभार व्यक्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को साक्षात सुनना एक सुनहरे अवसर जैसा है। सीमा सड़क संगठन में काम करने वाले कामगार पुष्कर सिंह और यशवंत सिंह भी आमंत्रण मिलने के बाद नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह देश की सीमाओं पर सड़क बनाने का काम करते हैं और पहली बार दिल्ली जा रहे हैं। दोनों लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को देखने के लिए उत्साहित हैं।
अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्कूली बच्चों को भी इस बार स्वतंत्रता दिवस पर आमंत्रित किया गया है। खटिमा की शिक्षिका संगीता बत्रा और उनकी छात्राएं नई दिल्ली रवाना हो गई हैं।
बत्रा ने भारत सरकार का आभार जताते हुए बताया कि इस तरह के आमंत्रण से बच्चों में उत्साह पैदा होता है और उन्हें नई-नई चीजें देखने को मिलती हैं और उनका आत्मविश्वास भी इससे प्रबल होता है।
उन्होंने कहा कि एक छोटे जगह से इतने बड़े मंच के लिए आमंत्रण मिलना एक गर्व का विषय है। ऊधमसिंह नगर के बघौरी गांव की लखपति दीदी योजना की लाभार्थी पवित्रा राणा प्रगति नाम से अपना स्वयं सहायता केंद्र संचालित कर रही हैं और कई महिलाओं को उसमें रोजगार दिया हुआ है।
राणा बताती हैं कि उन्होंने मात्र 100 रुपए की लागत से अपना स्वरोजगार शुरू किया था जो सरकारी योजनाओं की मदद से आज बड़े स्तर तक पहुंच गया है। आज उनका अपना पोली हाउस भी है। उन्होंने भारत सरकार के दिल्ली आमंत्रण पर खुशी जताते हुए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है।
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दूरस्थ गांव ननकुड़ी की ग्राम प्रधान ममता और उनके पति लक्ष्मण सिंह को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
उन्हेें बीते 26 जनवरी के समारोह के लिए भी आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि वह प्रधान होने के नाते विकास को सीमांत गांव तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। वह और उनके पति इस आमंत्रण के लिए भारत सरकार का आभार जता रहे हैं।
भारत सरकार ने उत्तराखंड के जनजातिय क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बेहतर कार्य कर रहे लोगों को भी आमंत्रित किया है। देहरादून की कालसी निवासी प्यारो देवी और प्रभा देवी ने दिल्ली आमंत्रण के लिए सरकार का आभार जताया है।
प्यारो ने कहा कि वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं, जिससे वह आत्मनिर्भर और सशक्त हुई हैं। कालसी निवासी प्रभा देवी ने कहा कि वह वनधन नाम से केंद्र का संचालन करती हैं, जिसमें उन्होंने लगभग 300 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है। वह दिल्ली आमंत्रण के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त कर रही हैं।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करे
स्वतंत्रता दिवस-2024 पुलिस विभाग इनको देगा पदक
देहरादून पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा स्वतंत्रता दिवस-2024 के अवसर पर सेवा के आधार पर एवं विशिष्ट कार्य के लिये निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को माननीय मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक एवं उत्कृष्ट/सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है:-
सराहनीय सेवा के लिए (सेवा आधार पर) माननीय मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक-(01)
1-श्री प्रताप सिंह तोमर, दलनायक आईआरबी द्वितीय।
उत्कृष्ट सेवा के लिये (सेवा आधार पर) उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-(05)
1-श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद रूद्रप्रयाग ।
2-श्री हरीश चन्द्र नरूला, पुलिस उपाधीक्षक पुलिस दूरसंचार संचार प्रशिक्षण केन्द्र देहरादून ।
3-श्री जहीर अहमद, दलनायक, 31वीं वाहिनी पीएसी ।
4-श्री चन्द्रशेखर भट्ट, उप निरीक्षक(एम)/आशुलिपिक, जनपद नैनीताल ।
5-श्री हरीश चन्द्र, अपर उप निरीक्षक ना0पु0,जनपद पिथौरागढ़ ।
सराहनीय सेवा के लिए (सेवा आधार पर) सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-(20)
1-श्री भूपेन्द्र सिंह धौनी, पुलिस उपाधीक्षक, 46वीं वाहिनी पीएसी।
2-श्री राकेश चन्द्र भट्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस, चमोली।
3-श्री सुशील रावत, निरीक्षक यातायात, हरिद्वार ।
4-श्री कीर्ति कुमार श्रीवास्तव, निरीक्षक ना0पु0, सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय।
5-श्री रोहित जोशी, निरीक्षक अभिसूचना, एलआईयू पिथौरागढ़।
6-श्री रायचन्द सिंह, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, उत्तरकाशी।
7-श्री धन सिंह, गुल्मनायक, आईआरबी प्रथम।
8-श्री मदन सिंह नेगी, गुल्मनायक, आईआरबी द्वितीय।
9-श्री उमेश कोठारी, उप निरीक्षक अभिसूचना, एसपीआर हल्द्वानी।
10-श्री ऋषिबल्लभ कोठियाल, अपर उप निरीक्षक स0पु0,पुलिस मुख्यालय।
11- श्री राम सिंह राना, अपर उप निरीक्षक ना0पु0, चम्पावत।
12-श्री सुरेन्द्र सिंह, अपर उप निरीक्षक एमटी, टिहरी।
13-श्री पदम सिंह, अपर उप निरीक्षक ना0पु0, बागेश्वर।
14-श्री दान सिंह मेहता, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, अल्मोड़ा।
15- श्री राजीव कुमार, अपर उप निरीक्षक ना0पु0, सीआईडी हल्द्वानी।
16-श्री विक्रम सिंह, मुख्य आरक्षी 24 ना0पु0, देहरादून।
17-श्री जितेन्द्र कुमार, मुख्य आरक्षी 07 स0पु0/यातायात, उत्तरकाशी।
18-श्री संतोष कुमार, लीडिंग फायरमैन, पौड़ी गढ़वाल।
19-श्री शान्ति कोठारी, मुख्य आरक्षी 145, 40वीं वाहिनी पीएसी।
20-श्री भुवनेश्वर कोटनाला, आरक्षी 1628, 40वीं वाहिनी पीएसी।
विशिष्ट कार्य के लिये सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-(34)1-श्री प्रदीप सिंह रावत, उप निरीक्षक ना0पु0, देहरादून।
2-श्री आशीष शर्मा, आरक्षी 667 ना0पु0, देहरादून।
3- श्री मनोज धौनी, उप निरीक्षक ना0पु0, ऊधमसिंहनगर।
4- श्री कुलदीप सिंह, आरक्षी 154 ना0पु0, ऊधमसिंहनगर।
5- श्री ललित कुमार, आरक्षी 182 ना0पु0, ऊधमसिंहनगर।
6- श्री नीरज शुक्ला, आरक्षी 909 ना0पु0, ऊधमसिंहनगर।
7- श्री सूर्यभूषण नेगी, निरीक्षक ना0पु0, हरिद्वार।
8- श्री ऐश्वर्य पाल, निरीक्षक ना0पु0, हरिद्वार।
9- श्री दिलबर सिंह नेगी, उप निरीक्षक ना0पु0, हरिद्वार।
10-श्री प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक ना0पु0, हरिद्वार।
11-श्री हरवीर सिंह, आरक्षी 123 ना0पु0, हरिद्वार।
12-श्री एम0पी0 सिंह, निरीक्षक ना0पु0 एसटीएफ।
13-श्री विपिन जोशी, उप निरीक्षक ना0पु0, एसटीएफ।
14-श्री के0जी0 मठपाल, उप निरीक्षक ना0पु0, एसटीएफ।
15- श्री प्रकाश भगत, अपर उप निरीक्षक ना0पु0, एसटीएफ।
16- श्री जगपाल सिंह, मुख्य आरक्षी, एसटीएफ।
17- श्री गुरवन्त सिंह, आरक्षी ना0पु0, एसटीएफ।
18- श्री नीरज कुमार चौधरी, निरीक्षक ना0पु0 एसटीएफ/एएनटीएफ।
19- श्री विकाश रावत, उप निरीक्षक ना0पु0, एसटीएफ/एएनटीएफ।
20- श्री सत्येन्द्र सिंह, उप निरीक्षक ना0पु0, एसटीएफ/एएनटीएफ।
21- श्री दीपक नेगी, आरक्षी 3282, एसटीएफ/एएनटीएफ।
22- श्री संतोष कुमार, उप निरीक्षक ना0पु0, पौड़ी गढ़वाल।
23- श्रीमती जीतो काम्बोज, निरीक्षक ना0पु0, ऊधमसिंहनगर।
24- श्री मुकेश चन्द्र, अपर उप निरीक्षक, सीसीपीएस उत्तराखण्ड।
25- श्री शान्तनु परासर, पुलिस उपाधीक्षक, हरिद्वार।
26- श्री अनुज कुमार पुलिस उपाधीक्षक जनपद उत्तरकाशी (हॉल नियुक्त पौड़ी गढ़वाल)
27- श्री जितेन्द्र नौटियाल,मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार जनपद उत्तरकाशी।
28- श्री दीपक रावत, लीडिंग फायरमैन जनपद उत्तरकाशी।
29- श्री सुरेन्द्र सिंह आरक्षी स0पु0 जनपद उत्तरकाशी।
30- श्री जगदम्बा प्रसाद, निरीक्षक एसडीआरएफ।
31- श्री कविन्द्र सजवाण, निरीक्षक एसडीआरएफ।
32- श्री विपिन आर्य, आरक्षी 4708, एसडीआरएफ ।
33- श्री मातवर सिंह, आरक्षी 2606, एसडीआरएफ।
34- श्री देवेन्द्र सिंह, आरक्षी 1206, एसडीआरएफ।
उत्तराखंड सरकार हर मोर्चे पर धामी के बेहतर विजन से चल रही : दुष्यंत
उत्तराखंड सरकार हर मोर्चे पर धामी के बेहतर विजन से चल रही : दुष्यंत देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार बेहतर काम कर रही है धामी सरकार के फैसले जनता के लिए मुफीद साबित हो रहे है प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने उत्तराखंड की पुष्कर सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा राज्य की सरकार कावड़ यात्रा से लेकर आपदा में रेस्क्यू अभियान को अपने बेहतर तरह से पूरा किये जाने में कामयाब रही है दिल्ली में नेताओं के पार्टी मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्रियों के मिलने का सिलसिला फिलहाल थम गया है प्रभारी ने कहा राज्य की धामी सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह सफल रही है ये पुष्कर सिंह धामी सरकार की बड़ी कामयाबी है जिसको लेकर एक सफल केदरनाथ आपदा में लोगो को बचाये जाने का काम सरकार ने किया है।
राज्य की धामी सरकार को लेकर पहले ही देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड से 21 सदी का दशक होने की बात बोल चुके है ऐसे में धामी सरकार प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन में अच्छा काम कर रही है सभी सांसदों और राज्य के विधायक पुष्कर सरकार के काम को बेहतर मान चुके है
सीएम धामी ने किया महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलो का अवलोकन करते हुए स्थानीय उत्पादों ( घी एवं अन्य) की खरीदारी भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूह को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। राज्य की महिलाएं समूहों के माध्यम से बहुत बेहतर उत्पाद बना रही है। समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है एवं रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन से पूर्व स्वयं सहायता समूह द्वारा राखियां बनाई जा रही हैं। सरकार द्वारा महिलाओ को अपने उत्पाद बेचने के लिए उन्हें सुविधा अनुसार मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों से आगामी रक्षा बंधन के लिए स्थानीय स्तर पर बनी राखियों एवं अन्य उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।
सचिवालय में बड़ोवाला से देवभूमि स्वयं सहायता समूह, डाकपत्थर से वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, रायपुर से मिलन स्वयं सहायता समूह, सहसपुर से आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, हवालबाग अल्मोड़ा से विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन, आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, विरांगना क्लस्टर लेवल फेडरेशन, एवं अन्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पाद बेचें जा रहे हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, सीडीओ देहरादून सुश्री झरना कामठान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
धामी नेतृत्व मे उत्तराखंड सरकार बेहतर काम कर रही : दुष्यंत गौतम
देहरादून। भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि उत्तराखंड मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे राज्य सरकार बेहतर कार्य कर रही है और निश्चित रूप से उत्तराखंड आगामी दशक मे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा मे आगे बढ़ रहा है।
पत्रकारों द्वारा पूछे सवालों का जवाब देते हुए उत्तराखण्ड प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी हर चुनौतियों पर खरे उतरते रहे है। उन्होंने कहा कि हाल ही मे कांवड़ यात्रा को बेहतर रूप मे संचालित किया गया।
चाक चौबंद व्यवस्था के बीच काँवड़िये जल लेकर गए और व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलती रही। वहीं केदारनाथ मे आई आपदा मे भी बेहतर प्रबंधन किया गया। सभी यात्रियों को कुशलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। वहीं यह राहत की बात रही कि जन हानि नही हुई, जबकि आपदा बड़ी थी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भी समय पर हेलिकाप्टर और जरूरी संसाधन मुहैया कराये जिससे बड़ी आपदा से समय पर निपटा गया।
गौतम ने कहा कि उत्तराखंड को आगामी दशक का श्रेष्ठ राज्य बनाना पीएम नरेंद्र मोदी का सपना है। पीएम के मार्गदर्शन मे सीएम धामी उसी दिशा मे राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। केंद्र के सहयोग से धरातल पर चल रही तमाम विकास योजनाएं राज्य के विकास को पंख लगा रहे है और राज्य आज मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व हर क्षेत्र मे प्रगति कर रहा है।
सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत
बिहार सोमवार को मंदिर में जल चढ़ाये जाने को लेकर उमड़ी भीड़ से भगदङ मच जाने से आधा दर्जन से अधिक लोगो की मौत हो गयी है जबकि कई घायल बताये जा रहे है हादसा बिहार के एक प्रचीन मंदिर में जल चढ़ाये जाने को लेकर उमड़ी भीड़ के बाद हुआ है सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है।
बिहार में जहानाबाद जिले के मखदुमपुर में ऐतिहासिक वाणावर पहाड़ी पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है। 30 से अधिक घायल हो गए हैं।
मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल, मृतकों में पांच महिलाएं एक पुरुष व एक बच्चा शामिल है। घटना रात्रि एक बजे की है। चौथी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।










