Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 216

सड़क पर बार वाले बेवड़े पुलिस ने कर दिए चालान

0

देहरादून सड़क पर शराबी बेवड़े अब पुलिस रडार पर है देहरादून में शाम ढलते ही सड़क किनारे बार बनाकर शराबी बेवड़े अब शराब नहीं पी पाएंगे ऐसे शराबी पुलिस चालान के लिए अपना माइंड मैकप कर ले जो सड़क किनारे बार बनाकर बेवड़े बनते है

सडक किनारे शराब पीने तथा शराब का सेवन कर हुडदंग मचाने वालों के विरूद्ध दून पुलिस की कार्यवाही विगत 04 दिवस के अन्दर रायपुर पुलिस द्वारा 55 व्यक्तियों के विरूद्ध 81 पुलिस एक्ट के अन्तर्गत की गयी कार्यवाही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने तथा शराब पीकर हुडदंग करने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है।

जिसके अनुपालन में रायपुर पुलिस द्वारा सहस्त्रधारा रोड, लाडपुर रोड, रिंग रोड तथा चूना भट्टा आदी क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने तथा शराब पीकर हुडदंग मचाने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध अभियान चलाते हुए विगत 04 दिवस के अन्दर 55 व्यक्तियों के विरूद्ध की गयी कार्यवाही ।

केएमवीएन गेस्ट हाउस में नहीं मिले अग्नि सुरक्षा के इंतजाम

0

अल्मोड़ा। जून महीने में बिनसर अभ्यारण्य में वनाग्नि की घटना के बाद सरकार ने प्रदेशभर में जंगल क्षेत्र के आसपास स्थित सभी अतिथिगृहों में आग से सुरक्षा के प्रभावी प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। अग्निशमन केंद्र अल्मोड़ा के अधिकारियों ने अल्मोड़ा के कटारमल स्थित केएमवीएन के अतिथिगृह का सोमवार को निरीक्षण किया तो यहां अग्निसुरक्षा का कोई भी प्रबंध नहीं पाया गया।

प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर मानक के अनुसार अग्नि सुरक्षा के प्रभावी प्रबंध करने को कहा गया है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कोई पर्यटक यहां ठहरा हुआ नहीं था। अग्नि सुरक्षा अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि गेस्ट हाउस में तीन ब्लॉक हैं। तीनों ही ब्लॉक में अग्निसुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं थे।

एक भी यूनिट में न तो अग्निशामक लगाया गया था और न पाइप आदि की व्यवस्था की गई थी। प्रबंधक धन सिंह रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। टीम में प्रकाश चंद्र पांडे, मुकेश सिंह आदि थे। इधर, प्रबंधक रावत ने बताया कि यह अतिथिगृह इसी साल फरवरी में खोला गया है। अब व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू

0

गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद सातवें दिन भी रेस्क्यू जारी रहा। इस दौरान गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू कर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। हालांकि खराब मौसम के कारण केदारनाथ से किसी को नीचे नहीं भेजा गया। एसडीआरएफ द्वारा लिंचोली सहित अन्य स्थानों पर श्वान दल की मदद से खोजबीन भी की गई। इधर, मंदाकिनी के तेज वेग के कारण सेना द्वारा बनाई गई तीन पुलिया बह गईं। इससे रेस्क्यू मुश्किल हो गया है।

बुधवार सुबह तेज बारिश के कारण पैदल मार्ग से लेकर सोनप्रयाग तक रेस्क्यू नहीं हो पाया। दोपहर से मौसम में सुधार के बाद गौरीकुंड से 305 लोगों को एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू किया। इस दौरान सोनप्रयाग में पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के बीच जवानों ने एक-एक व्यक्ति को सकुशल नदी के दूसरी तरफ सड़क तक पहुंचाया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 17 महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।

एसडीआरएफ के सहायक कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि बारिश के बाद सोनप्रयाग में भूस्खलन जोन और भी खतरनाक हो गया है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर व मलबा गिर रहा है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बीते एक अगस्त से शुरू हुए अभियान में अभी तक 12,827 यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

बांग्लादेश बन सकता है उग्रवादियों का केंद्र

0

असम के सीएम ने कहा कि  भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि वहां के लोग सीमा के जरिये अवैध रूप असम में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।  मुझे भरोसा है कि बांग्लादेश की नई सरकार भी भारत के साथ अपने सहयोग को जारी रखेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति ने पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। बांग्लादेश अब फिर से उग्रवादियों का केंद्र बन सकता है और वे अवैध रूप से इन राज्यों में प्रवेश कर सकते हैं। मगर हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता को तवज्जो देगी। साथ ही बांग्लादेश की नई सरकार के साथ बातचीत करेगी। 

असम के सीएम ने कहा कि बांग्लादेश के मौजूदा घटनाक्रम ने चिंता बढ़ा दी है। अगर समस्या जारी रही तो हमें डर है कि असम इससे प्रभावित होगा। भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि वहां के लोग सीमा के जरिये अवैध रूप असम में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। उ

हिमाचल के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट

0
हिमाचल के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को हिमाचल के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और हिमाचल के कैबिनेट मंत्री के मध्य उत्तराखण्ड और हिमाचल के बीच उत्तराखण्ड और हिमाचल की आपसी कनेक्टिविटी जोड़ने के लिए चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की सीमा पर स्थानीय काश्तकारों को टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाय।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुखू से भी फोन पर वार्ता कर दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल की भौगोलिक स्थिति लगभग एक जैसी है। हाल ही में सम्पन्न हुई नीति आयोग की बैठक में हिमालयी राज्यों के समग्र विकास के लिए विशिष्ट नीतियां बनाने का भी अनुरोध किया है।

हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड को जोड़ने वाले पांवटा साहिब में यमुना नदी पर 550 मीटर लम्बे 02 लेन पुल पर वाहनों की आवाजाही के कारण भारी कंपन दिखाई देती है। आई.आई.टी. रूडकी की जांच और संस्तुति के बाद सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी इसके मरम्मत की मंजूरी दे दी गयी है। इसके लिये कम से कम 02 माह पुल के यातायात को बन्द करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इसके लिए पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत से पहले जिलाधिकारी देहरादून और जिलाधिकारी सिरमोर द्वारा डायवर्जन प्लान बनाया जायेगा।

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने कहा कि यातायात की सुगमता के लिये पुल के पास बनाए गए वन, खनन, आबकारी एवं आर.टी.ओ. के अवरोधों तथा लोडेड वाहनों की पार्किंग को पुल से 01 किमी. दूर स्थानांतरित किये जाने की आवश्यकता होगी, इस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल को उत्तराखण्ड से जोड़ने के प्रयासों पर बल देते हुए उत्तराखण्ड द्वारा यमुना नदी पर बनाये गये भीमावाला नावघाट 540 मीटर लम्बे पुल को जोडने वाले 820 मीटर लम्बे सम्पर्क मार्ग के निर्माण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल से उत्तराखण्ड को जोडने वाले धौला से सेवाडोगरी तक 10 कीमी. सड़क निर्माण कार्य होने से डोडराक्वार क्षेत्र 12 महीने आवागमन सुचारू हो जायेगा और दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी भी बन जायेगी।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग

0
भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए

रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रशंसा

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव पंकज पाण्डेय, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व  पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग मौजूद रहे।

योजनाओं में नवाचार पर ध्यान दें अधिकारी: सीएम

0
योजनाओं में नवाचार पर ध्यान दें अधिकारी: सीएम

प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री ने सचिव समिति को किया सम्बोधित

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बने विस्तृत एक्सन प्लान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। पुष्कर सिंह धामी राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सचिव समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। तीन घण्टे तक चली इस बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हित से जुडी योजनाओं के नीति-निर्धारण और सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पंहुचाने में सचिवगणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सचिव सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। शासन और प्रशासन एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। राज्य के हर क्षेत्र में विकास के साथ ही, लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए हम सबको सामुहिक प्रयास करने होंगे। लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाये बिना राज्य के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर निर्माण के साथ ही उनके सफल क्रियान्वयन के लिए पूरा एक्शन प्लान बनाया जाना चाहिए। सरकार की योजनाओं और निर्णयों का प्रभाव करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ता है अतः योजनाओं और निर्णयों में राष्ट्रहित और जनहित पहली प्राथमिकता में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिये कि विभागों के रिक्त पदों का अधियाचन शीघ्र आयोगों को भेजे जाएं। सुनिश्चित कार्ययोजना के साथ आगामी दो सालों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

कार्यों और योजनाओं के निर्माण में नवाचार पर दिया जाए विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों और योजनाओं के निर्माण में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए और आधुनिक तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनहित से जुड़े कार्यों में सही रास्ता निकालने की सबके मन में भावना होनी चाहिए। जन अपेक्षाओं के अनुसार हम उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपने कार्यक्षेत्र में क्या विशिष्ट कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में सभी अधिकारी पूरे मनोयोग से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में जिन इंडिकेटरों में हमें सुधार की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन इन्डीकेटर पर राज्य में अच्छा कार्य हुआ है, उनको बनाये रखना हमारे सामने चुनौती भी होगी।

आगामी एक वर्ष की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन का बनाया जाए रोस्टर

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि सचिव समिति की बैठक में राज्यहित से जुड़े विषयों की नियमित समीक्षा की जाए। श्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं का एक रोस्टर प्लान बनाया जाए, जिसमें ऐसी योजनाएं शामिल हों, जो व्यापक जनहित वाली हों। जनपदों के प्रभारी सचिव समय-समय पर जनपदों में जाकर योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बड़ी परियोजनाओं की पृथक से बृहद स्तर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं को दैवीय आपदा अथवा अन्य किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए उनका सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए। पुराने पुलों, एसटीपी, जल विद्युत परियोजनाओं, सुरंगों और अन्य अवस्थापना से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों का पूर्णतया पालन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार से जानमाल का नुकसान न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मितव्ययिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। राजस्व वृद्धि के साथ आवश्यक व्ययों को कैसे नियंत्रित किया जाए, इस दिशा में कार्य होना आवश्यक है। सीमित संसाधनों से हमें बेहतर आऊटकम देने की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में जो सब्सिडी दी जा रही है, वह लाभार्थियों को समय पर मिले। लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ जल्द दिलाने के लिए विभागों द्वारा नियमित कैंप लगाये जाएं।

सचिवों द्वारा नवाचार एवं नयी योजनाओं के अध्ययन एवं भ्रमण का हो राज्य हित में उपयोग

बैठक में बताया गया कि 2070 तक भारत ने ‘नेट जीरों उत्सर्जन’ की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला लिया है। इस दिशा में राज्य में थर्मल एनर्जी की सम्भावनाओं तथा राज्य में जिओ थर्मल एनर्जी के क्षेत्र में किये जाने वाले एमओयू के सबंध में भी चर्चा की गई। राज्य में विभिन्न माध्यमों से ऊर्जा उत्पादकता बढ़ाने के लिए किये जा रहे प्रयासों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नई तकनीक के अध्ययन के लिए जो भी सचिव देश के विभिन्न राज्यों व विदेश भ्रमण पर जाते हैं, उनके विभिन्न पहलुओं और आऊटकम का सचिव समिति में प्रस्तुतीकरण दिया जाए।

सचिवों द्वारा राज्य हित में दिये गये महत्वपूर्ण सुझाव

सचिवों द्वारा बैठक में अनेक सुझाव दिये गये। राज्य में राजस्व क्षमता में वृद्धि करने और पूंजीगत व्यय को कम करने, वृद्ध लोगों को ध्यान में रखकर उनके हिसाब से भी योजनाएं बनाने, निराश्रित गोवंश की सुरक्षा के लिए कारगर उपायों, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिये जाने, कृषि और उद्यान के क्षेत्र में फसली बीमारियों से बचाव के लिए कारगर उपायों पर कार्य करने, किसानों को बेहतर पौधे और बीज उपलब्ध कराने के लिए कारगर व्यवस्था बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन करने पर सुझाव दिये गये।

रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रशिक्षण के साथ प्रशिक्षण के आऊटकम पर ध्यान दिये जाने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन, गांवों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारियां तय किये जाने, समान प्रकृत्ति के कार्यों के लिए विभागों के आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, उत्तराखण्ड गतिशक्ति पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अन्य क्षेत्रों में विभिन्न सुझाव अधिकारियों द्वारा दिये गये।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल.फैनई, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत एवं सभी सचिवगण उपस्थित थे।

हिमाचल में कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट

0
हिमाचल में कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। करसोग उपमंडल में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई मार्गों पर आवाजाही ठप है। खराब मौसम के कारण विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न स्थितियों और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उपमंडल के सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में आज एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है।

वहीं समेज में लापता 33 लोगों को खोजने के लिए जारी सर्च अभियान में बारिश बाधा बन गई है। भारी बारिश के कारण यहां बचाव दल फंसा हुआ है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मंगलवार रात को पांवटा साहिब में 116.6, धौलाकुआं 76.5, करसोग 64.2, नाहन 56.1, नारकंडा 44.5, कटौला 44.3, घमरूर 42.8, शिमला 27.8, सोलन 19.0, मंडी 16.2 व चंबा में 14.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 7 व 10 अगस्त को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं 8-9 और 11 से 13 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। अलर्ट को देखते हुए लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

शिमला शहर में जारी बारिश से कई जगह पेड़ ढह गए हैं। इससे सड़क पर खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा मंडरा गया है। सांगटी, कृष्णानगर, संजौली में बहुमंजिला भवन खतरे की जद में हैं। शिमला में यूएस क्लब के समीप मच्छी वाली कोठी के रास्ते में पेड़ गिर गया। एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है।

बारिश के बीच मलाणा के लोग हेलीपैड अ के लिए जगह बनाने में जुट गए हैं। ग्रामीणों को अब हेलिकॉप्टर का ही सहारा है। बुधवार को मलाणा के लोग भारी संख्या में हेलीपैड के लिए जगह समतल करने में जुटे रहे। मलाणा में राशन का स्टॉक समाप्त है। बिजली व  पानी की आपूर्ति भी ठप है। 2500 की आबादी वाले मलाणा के लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। मलाणा पंचायत के उप प्रधान रामजी ठाकुर ने कहा कि मलाणा के समीप हेलिकॉप्टर को उतारने के लिए हेलीपैड के लिए जगह बनाई जा रही है।

जोगिंद्रनगर उपमंडल में बुधवार को भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।भूस्खलन के कारण सियुरी से छपरोट सड़क बंद हो गई है। कई पेड़ भी गिर गए हैं। बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। मंडी-पठानकोट हाईवे तालाब बन गया। हाईवे पर साईं बाजार, आदर्श कन्या पाठशाला, पुलिस थाना चौक, रेलवे स्टेशन के समीप जलभराव हुआ है।

हरिद्वार में वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार

0
हरिद्वार में वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार

वन प्रभाग हरिद्वार ने वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली की गुप्त सूचना पर चेकिंग अभियान चलाकर एक वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 285 जोड़ी मॉनिटर लिजर्ड के अंग बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली से सूचना मिलने के बाद डीएफओ वैभव सिंह ने उप प्रभागीय वनाधिकारी संदीपा शर्मा, रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी, प्रभागीय वन सुरक्षा बल के प्रभारी ओम प्रकाश वर्मा की अगुवाई में टीम का गठन किया।

वन दरोगा गजेंद्र सिंह, शैलजा, विनिता पाण्डेय आदि ने विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अहम सुराग मिलने पर आरोपी आफताब निवासी जिला रामपुर तहसील व थाना मिल्क मोहल्ला नसीराबाद यूपी हाल पता झुग्गी झोपड़ी विष्णु घाट को हाथी पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।

रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से मौके से 61 नग हत्था जोड़ी (मॉनिटर लिजर्ड का अंग) बरामद हुए। फिर उसकी निशानदेही पर 224 अंग झुग्गी झोपड़ी से बरामद किए गए। पड़ताल में पता चला कि आरोपी अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करों के साथ सम्मिलित रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार वन प्रभाग गहन सर्च अभियान चला रहा है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

प्रभागीय वनाधिकारी वैभव सिंह ने आमजन से अपील की कि वन्यजीवों व उनके अंगो की तस्करी वन अपराध की श्रेणी में आता है। कुछ व्यक्ति आमजन को गुमराह कर वन्य जीव के अंगों का पूजा-पाठ आदि में उपयोग करने की सलाह देते हैं। ये भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथासंशोधित 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। अगर कोई व्यक्ति इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी सूचना वन विभाग या निकट वन चौकी को दी जाए।

Bangladesh Crisis तख्तापलट के पीछे किसका हाथ

0

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में होने से कई देशो की नज़र भारत पर बनी हुई है ऐसे में सवाल यही है आखिर America-Pakistan का हाथ होने की बात सोशल मीडिया से लेकर कई न्यूज़ चैनल पर देखने को मिल रही है तख्तापलट के पीछे किसका हाथ होने का सवाल उठाया जा रहा है

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए है आंदोलन का आलम ऐसा रहा की हसीना को भाग कर भारत आना पड़ा कई देशो की नज़र भारत पर लगी हुई है देश की सीमा पर कई बॉर्डर पर अलर्ट देखा जा रहा है भारत के लिए शेख हसीना को अधिक समय तक रखना बड़ी चुनौती है

बांग्लादेश में बदहाल हुए हालात में पाकिस्तान और चीन का बराबर का हाथ बताया जा रहा है। विदेशी मामलों के जानकार से लेकर खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट इस बात की तस्दीक करते हैं कि जब बांग्लादेश में हालत खराब होने शुरू हुए तो चीन ने भी उसको इतनी हवा दी कि देश में सियासी उथल-पुथल शुरू हो गया।

बांग्लादेश में हुए तख्ता पलट में जितना हाथ पाकिस्तान का है, उतना ही चीन का भी है। दुनिया भर की अलग-अलग खुफिया एजेंसियों की ओर से जुटाए जा रहे इनपुट में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ चीन ने भी बांग्लादेश में माहौल बिगड़ने के लिए बड़ी साजिश रची।

खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जानकारी इस बात की भी मिली है कि बांग्लादेश में चीन की और से यहां के स्टूडेंट्स को अपने मुल्क में पढ़ाई करवाने के नाम पर बड़ा नेटवर्क डेवलप किया जा रहा था। ‘मिशन एजुकेशन’ के नाम पर छात्रों के बीच चीन की पूरी स्लीपर सेल बीते कई वर्षों से सक्रिय थी।

चीन और बांग्लादेश के बीच ‘स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम’ (एसईपी) के तहत चीन ने शेख हसीना की सरकार को अस्थिर करने के लिए भी अपनी साजिशें रचीं। चीन की स्लीपर से छात्रों के बीच में थी इसीलिए जब छात्रों का आंदोलन उग्र होना शुरू हुआ, तो पाकिस्तान और चीन की ओर से हवा दिए जाने पर हालात और बिगड़ते रहे। 

चीन ने अपने देश के लोगों को बांग्लादेश में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेजा। खुफिया सूत्रों की मानें तो बांग्लादेश में भेजे जाने वाले चीन के लोगों को यहां के छात्रों में समन्वय करने के लिए भेजा जा रहा था। जबकि इसके पीछे की कहानी कुछ और थी, जो बांग्लादेश में तख्ता पलट के दौरान दिखी।