गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू

    0
    821

    गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद सातवें दिन भी रेस्क्यू जारी रहा। इस दौरान गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू कर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। हालांकि खराब मौसम के कारण केदारनाथ से किसी को नीचे नहीं भेजा गया। एसडीआरएफ द्वारा लिंचोली सहित अन्य स्थानों पर श्वान दल की मदद से खोजबीन भी की गई। इधर, मंदाकिनी के तेज वेग के कारण सेना द्वारा बनाई गई तीन पुलिया बह गईं। इससे रेस्क्यू मुश्किल हो गया है।

    बुधवार सुबह तेज बारिश के कारण पैदल मार्ग से लेकर सोनप्रयाग तक रेस्क्यू नहीं हो पाया। दोपहर से मौसम में सुधार के बाद गौरीकुंड से 305 लोगों को एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू किया। इस दौरान सोनप्रयाग में पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के बीच जवानों ने एक-एक व्यक्ति को सकुशल नदी के दूसरी तरफ सड़क तक पहुंचाया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 17 महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।

    एसडीआरएफ के सहायक कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि बारिश के बाद सोनप्रयाग में भूस्खलन जोन और भी खतरनाक हो गया है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर व मलबा गिर रहा है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बीते एक अगस्त से शुरू हुए अभियान में अभी तक 12,827 यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here