Home Blog Page 243

केदारनाथ तीर्थ यात्रियों से गुलजार

0

केदारनाथ उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ धाम एक बार फिर तीर्थ यात्रियों से गुलजार होता हुआ नजर आ रहा है तीर्थ यात्रा में उमड़ रहा यात्रियों का आस्था पथ देखते ही बन रहा है

बाबा की नगरी में आस्था के पथ पर तीर्थ यात्री सुरक्षित यात्रा का सुखद अनुभव साझा कर रहे है उत्तराखंड सरकार की पुष्कर सिंह धामी सरकार तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का संदेश देने में कामयाब रही है

केदारनाथ धाम पर सियासत कोई नई बात नही पूर्व की सरकारों ने सियासत पर बाबा की नगरी को रखकर बखूबी राजनैतिक पिच पर बैटिंग की थी नतीजा सत्ता से उखाड़ फेंकना जनता ने तय कर दिया था बाबा की नगरी में कोई भी दल राजनीति रोटियां नही सेक सका है

बाबा केदारनाथ धाम की विधानसभा में उपचुनाव होना है ऐसे में कांग्रेस उत्तराखंड सरकार के खिलाफ माहौल बनाकर केदारनाथ धाम पर सियासत को हवा देने का काम कर रही है जबकि कांग्रेस के खाटी नेता कहे जाने वाले हरीश रावत ने 12 सितंबर से शुरू होने वाली कांग्रेस की यात्रा में नही जाने की बात कही है जो कांग्रेस में आपसी गुटबाजी की हवा का इशारा कर रही है

फिल्म नीति से बड़े बदलाव की उम्मीद अनुपम खेर प्रसून जोशी सीएम से मिले

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तथा फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भेट की उन्होने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मांकन से सम्बधित विभिन्न विषयों तथा प्रदेश में फिल्म निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा की।

उन्होने राज्य की नई फिल्म नीति 2024 को फिल्मों को बढावा देने वाला प्रयास बताते हुए राज्य की फ़िल्म नीति के लिए मुख्यमंत्री पुष्क़र सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखण्ड में फ़िल्मांकन के लिए और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में 2024 की फिल्म नीति को मंजूरी दिये जाने के बाद राज्य के पर्यटन स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। नई फिल्म नीति के तहत स्थानीय फिल्मों के लिए दो करोड रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।

फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है ताकि फिल्म निर्माताओं को सुविधा हो। फिल्मों और ओटीटी की शूटिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को उत्साहित करने के लिए कई अन्य योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर फिल्म जगत में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके भी प्रयास किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही राज्य के पर्यटन को नयी मज़बूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नए शूटिंग डेस्टिनशनों को भी पर्यटन विभाग के सहयोग से चिन्हित कर उनको भी शूटिंग के लिए प्रचारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मात्र 8 महीनों में 150 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियों प्रदान की गई है। उन्होने कहा की राज्य के संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पालिसी में प्रावधान किया गया है। फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक, और हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिये फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 3 करोड़ तक के अनुदान प्राविधान किया गया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सरल शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया को सराहते हुए, शूटिंग के लिए प्रदेश को संपूर्ण रूप से फ़िल्मकारों के लिए एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन बताया।

उन्होंने यहाँ फ़िल्म शूटिंग करना बाक़ी प्रदेशों की तुलना में बहुत ही सरल बताया, और स्थानीय लोगो द्वारा की गई सहायता को भी सराहा। उन्होंने नई फिल्म नीति को फ़िल्म निर्माताओं के अनुकूल बताया। फिल्म अभिनेता श्री खेर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है। अभी हाल ही “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” की शूटिंग भी उनके द्वारा लैंसडौन में कि गई जो 36 दिनों में पूर्ण की गई।

डीएम निरीक्षण में मिली खामियां आठ महीने से रुकी पेंशन दिलवाई

0

देहरादून डीएम ने आठ महीने से रुकी पेंशन पर तत्काल रुकी पेंशन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए है देहरादून डीएम अपनी ज्वाइनिंग के बाद से लगातार सरकार की जनता को डिलीवरी देने की मुहिम पर करवाही करते नजर आ रहे है जिलाधिकारी के निर्देश पर पात्र लाभार्थी के खाते में आई 08 माह से रूकी पेंशन।

देहरादून10 सितंबर 2024 जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में दूर-दराज से आए लाभार्थियों से मिले तथा उनका कार्यालय आने का कारण पूछा।

जिनमें रायपुर ब्लॉक भगत सिंह कालोनी से इजाजुदीन अपनी दिव्यांग पुत्री फरहाना, जिनकी भरण-पोषण पेंशन आठ माह से रूकी हुई थी, ने जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुनाई जिस पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए पेंशन शाम तक भुगतान करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर सुश्री फरहाना की 08 माह से रूकी हुई पेंशन रू0 12000 का भुगतान पोर्टल के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में कर दिया गया।

ज्ञातब्य है कि सुश्री फरहाना जो कि दिव्यांग हैं को भरण-पोषण पेंशन मिलती थी चूंकि भरण पोषण पेंशन 18 वर्ष तक ही मिलती है, 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरान्त पोर्टल से स्वतः पेंशन बंद हो गई, सुश्री फरहाना की पेंशन को दिव्यांग पेंशन में परिवर्तित करते हुए 08 माह की पेंशन का भुगतान किया गया। जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं को ब्लॉक स्तर के कार्यालय पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीजेपी संगठन पर्व पोस्टर जारी बूथों पर सदस्यता किट जारी

0

भाजपा ने संगठन पर्व का पोस्टर लॉच कर दिया है सभी बूथों के लिए सदस्यता किट जारी की गई है शुरुआती 6 दिन में रिकॉर्ड 2.39 लाख सदस्य बनाए गए है, बुधवार से प्रारंभ होगा महासंपर्क अभियान : भट्ट

देहरादून 10 सितंबर। भाजपा ने संगठन पर्व के तहत महासंपर्क अभियान को लेकर पोस्टर लांचिंग कर सभी बूथों के लिए सदस्यता किट जारी की है ।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस अवसर पर जानकारी दी कि शुरुआती 6 दिन में रिकॉर्ड 2.39 लाख लोगों ने राज्य में पार्टी की सदस्यता ली है। जिसे कल से शुरू होने वाले अभियान में अल्पकालीन विस्तारकों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों की मदद से अधिक सघन तरीके से चलाया जाएगा।

पार्टी मुख्यालय में हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ने सदस्यता अभियान के प्रचार प्रसार एवं गति देने के लिए सदस्यता किट लॉन्च किया है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि 3 सितंबर से प्रदेश में शुरू हुए इस अभियान में कल दोपहर 3 बजे तक कुल 2.39 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं । चूंकि अभी तक यह अभियान व्यक्तिगत संपर्क से आगे बढ़ाया जा रहा था और कल से एक सप्ताह का महा जनसंपर्क अभियान शुरू होगा ।

जिसमें विधानसभा एवं मंडल स्तर के लिए निर्धारित अल्पकालीन विस्तारक, जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों के साथ बूथ स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

मोदी और धामी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार के कामों से राज्य में पार्टी जोड़ने को लेकर जबरदस्त उत्साह है । लिहाजा इस सप्ताह हम अभियान के इस महत्वपूर्ण चरण में संगठित रूप से अधिक से अधिक घरों तक पहुंचने वाले हैं ।

इस दौरान आम लोगों को पार्टी से जोड़ने के साथ संगठन की विचारधारा और सरकार के कामों को भी प्रचारित प्रसारित किया जाएगा । उन्होंने कहा, इस अभियान का लक्ष्य स्पष्ट है पार्टी तो पहले से अधिक संख्या के साथ पुनः विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाना। साथ ही अधिक से अधिक लोगों तक संपर्क कर संगठन के विचारों एवं सरकार के उपलब्धियां को पहुंचाना।

इस अवसर पर सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक कुलदीप कुमार ने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी 11729 बूथों पर यह सदस्यता किट भेजी गई है । प्रत्येक किट में केंद्र एवं राज्य सरकार के कामकाज और पार्टी के विचारों से संबंधित प्रपत्र के साथ ऑफलाइन सदस्यता फॉर्म एवं अभियान का स्टीकर दिया गया है ।

इसमें दिए गए फॉर्म के माध्यम से उन तमाम लोगों को भी पार्टी से जोड़ा जाएगा जिनके पास मोबाइल नंबर नही होगा । इस चरण में प्रत्येक बूथ पर न्यूनतम 200 परिवारों तक संपर्क कर सदस्य बनाया जाएगा।

इस एक सप्ताह के अभियान में निश्चित किए गए अल्पकालीन विस्तारक सातों दिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को गति देंगे। इस सघन अभियान में सभी विधायक अभी पार्टी पदाधिकारी अपने बूथ पर भी रहेंगे और जो भी बूथ उन्हें दिए गए हैं वहां पर भी अभियान को गति देने का काम करेंगे।

पार्टी द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष स्वयं सभी 19 सांगठनिक जिलों में एक-एक बूथ पर प्रवास कर अभियान को गति देने का काम करेंगे । जिसके तहत अभी तक पांच जनपदों में उनका जाना हुआ है और आज कोटद्वार से होते हुए पौड़ी चमोली रुद्रप्रयाग जनपदों के बूथों पर आयोजित कार्यक्रमों में हुए शिरकत करेंगे।

इस अवसर पर सदस्यता अभियान के प्रदेश सह संयोजक मुकेश कोली, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, कमलेश उनियाल, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती सुनीता विद्यार्थी एवं श्रीमती कमलेश रमन, विशाल गुप्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे ।

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव अनंतनाग में पिघल रही राजनीति की बर्फ

0

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में ऐसी विधानसभा राजनैतिक रूप से नज़र आ रही है जिसमे तीन विचार धारा बहती नज़र आ रही है ऐसे में विधानसभा चुनाव में रिजल्ट काफी आचरण भरे हो सकते है

झेलम क्षेत्र के अनंतनाग में त्रिकोणीय मुकाबले संगम में दो पीरजादों में महबूब फंसे हैं। 2014 में पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। भाजपा भी चुनौती पेश करने के लिए मैदान में है।

अनंतनाग जिले से बहकर निकलने वाली झेलम के अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में नेकां, पीडीपी और भाजपा की तीन अलग-अलग विचारधाराएं बह रही हैं। अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र के लिए 18 सितंबर को मतदान है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

61070 मतदाताओं वाली यह सीट कभी किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रही है। दक्षिण कश्मीर की इस सीट पर चाहे सभी राजनीतिक दलों की नजर हो लेकिन अतीत में यह सीटी कभी पीडीपी तो कभी नेकां की झोली में जाती रही है। विधानसभा क्षेत्र में 13 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। 

इनमें एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। हालांकि विधानसभा क्षेत्र में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। विस क्षेत्र में 30645 पुरुष प्रत्याशी, तो 30425 महिला प्रत्याशी हैं। 2014 में अनंतनाग सीट पर पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जीत प्राप्त की थी। इस सीट को अपने कब्जे में रखने के प्रयास में पीडीपी ने अनुभवी नेता को यहां से उतारा है। 

पीडीपी प्रत्याशी डॉक्टर महबूब बेग पूर्व मंत्री के साथ-साथ सांसद भी रहे हैं। गठबंधन के प्रत्याशी पीरजादा कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं। वह जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पहले यह कोकरनाग सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन परिसीमन के बाद इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। 

अनंतनाग क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने के चलते पार्टी ने इन पर दांव खेला है। अपनी पार्टी ने भी इस क्षेत्र से अपना प्रत्याशी उतारा है। हिलाल अहमद शाह को टिकट दिया गया है। हिलाल अहमद पहले कांग्रेस में थे लेकिन अपनी पार्टी बनने के बाद बुखारी के साथ आ गए।

हिमालय दिवस जनजागरूकता आवश्यक एक दिन नहीं हर दिन अभियान चले :सीएम

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हिमालय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के सरोकारों से जुड़े विषयों के लिए महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत के संयोजन में एक कमेटी बनाई जायेगी।

इस अवसर पर उन्होंने यूकॉस्ट द्वारा आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय पांचवें देहरादून, अन्तरराष्ट्रीय साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी फैस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया। यह महोत्सव 06 जनपदों देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ स्थित इंजिनियरिंग कॉलेजों में किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सभी को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं दी और हिमालय के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष 02 सितम्बर को बुग्याल संरक्षण दिवस मनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। देहरादून में भी इस वर्ष तापमान में काफी वृद्धि हुई। अगर तापमान इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले समय के लिए चिंताजनक है। हमें हिमालय, जल और जंगल के संरक्षण की दिशा में मिलकर प्रयास करने हैं, सोचना होगा कि अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में क्या देकर जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने तमाम आपदाएं देश-दुनिया मे देखी हैं। इस बार भी हमारे प्रदेश में कई जगह आपदा आई। पिछले साल हमने आपदाओं पर वर्ल्ड कांग्रेस का आयोजन भी किया। 29 नवंबर 2023 को यह आयोजन हुआ था और उसी दिन सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

उन्होंने कहा कि जब 17 दिन तक रेस्क्यू चल रहा था तो बहुत बार लगता था कि आज ब्रेक थ्रू होगा लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आती रही। दुनिया भर की तकनीक उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग से हमें मिली और आखिरकार हम सभी को सकुशल बाहर निकालने में सफल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय दिवस का यह आयोजन केवल एक सप्ताह का कार्य नहीं होना चाहिए बल्कि प्रत्येक दिन हमें प्रकृति को बचाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के महत्व को हमें नई तरह से समझने की जरूरत है। जल स्रोतों और नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए स्प्रिंग एण्ड रिवर रिज्यूवनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है। हिमालय के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किये जा सकते हैं। हिमालय हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे बचाने की आवश्यकता है।

उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ जी.ई.पी की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इकोलॉजी व इकॉनमी में संतुलन बनाकर विकास के कार्य किये जा रहे हैं। सरकार पौधरोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इन सब में जनसहभागिता की जरूरत है, तभी हम इन प्रयासों में सफल हो पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में भी उन्होंने हिमालय के लिए अलग से योजना बनाये जाने की बात उठायी है। उत्तराखंड की जनसंख्या सवा करोड़ है और व्यवस्था हर साल लगभग 10 करोड़ लोगों के लिए करनी पड़ती है। उत्तराखण्ड के लिए योजना बनाते समय राज्य में आने वाली फ्लोटिंग पोपुलेशन को ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए नीति आयोग की बैठक में अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा हमने सस्टेनेबल टूरिज्म की बात की है, जिसे लेकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

हेस्को के संस्थापक और पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरी गंभीरता से हिमालय एवं इसके संरक्षण के लिए कई नई पहल की हैं। नीति आयोग की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने संपूर्ण हिमालय की समस्या को गंभीरता से उठाया। हिमालय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक क्षेत्र में भी ले जाना होगा।

देश के कई बड़े संस्थान हिमालय के संरक्षण एवं इस क्षेत्र में अध्ययन का कार्य कर रहे हैं। इन सभी संस्थाओं को एक मंच पर लाकर हिमालय विकास पत्र पर कार्य होना चाहिए। हिमालय की भूमिका संपूर्ण देश के लिए महत्त्वपूर्ण है।  हिमालय के संरक्षण के लिए विकास वैज्ञानिकों के अनुसंधान के अनुरूप होना चाहिए।

विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि मध्य हिमालय के लिए विकास का मॉडल बनना जरूरी है। आज जिस तेजी से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, यह चिंता का विषय है। हिमालय के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हमने हिमालयन यूनिटी नाम से एक संस्था बनाई। तब यह तय हुआ कि 9 सितंबर को हिमालय दिवस मनायेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो दुर्गेश पंत ने कहा कि 02 सितम्बर से 09 सितम्बर तक हिमालय सप्ताह के रूप प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय संस्थानों और प्रदेश के अनेक संस्थानों में कार्यक्रमों के आयोजन कर हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन संबंधी अनेक विषयों पर विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक उमेश शर्मा काऊ, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, प्रमुख वन संरक्षक डा. धनंजय मोहन, इसरो देहरादून के निदेशक आर.पी. सिंह, आई.आई.पी के निदेशक हरेन्द्र बिष्ट एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Himalaya Diwas Himalaya Day :हिमालय दिवस कपोल काल्पनिक विचारधारा नहीं हिमालय जैसे अटल निर्णय जरुरी

0

हिमालय दिवस Himalaya Diwas Himalaya Day देश-दुनिया की जुबान पर कुछ वर्षों से ही चढ़ा है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर बीते पांच-छह वर्षों से हिमालय के सरोकार पर चर्चा और बचाने का संकल्प मजबूत किये जाने का राग अलापा जाता है। उत्तराखंड का हिमालय के प्रति सजग रहना भविष्य के लिए उतना ही उपयोगी हो सकता है जितना राज्य के लिए जरुरी है ऐसे अवसर हमारे लिए भविष्य का ब्लू प्रिंट चुनौती से पार कैसे पाए उनको लेकर विचार मंथन आवश्यक है।

हर साल हिमालय दिवस नो सितम्बर को मनाया जाता है बड़े बड़े होटलो में आयोजित होते कई सामाजिक संस्था से लेकर हिमालय प्रेमी एक दिवस में भविष्य की उम्मीद पर खरा उतर जाने का मसौदा तैयार करते है फिर साल भर उसके बारे में सोचा जाता है लेकिन क्या हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी सही से निभा रहे है इसके लिए आज के बदलते परिवेश में बहुत कुछ सोचने की जरुरत है।

हिमालय दिवस पर कई ऐसी संस्था से लेकर लोगो की विचारधारा महज अपने मतलब पुरे किये जाने की दिशा में आगे बड़ी है जिसका परिणाम आने वाले भविष्य के लिए बड़ा खतरा हो सकता है सामाजिक संस्था से लेकर हिमालय के प्रति अपनी कपोल काल्पनिक विचारधारा को सिर्फ अपने लिए धन उपर्जन उपयोग करने वाले एक दिन ऐसे आयोजन करते है लेकिन उनको भविष्य के लिए क्या क्या करना था उसकी पूर्ति नहीं करते।

उत्तराखंड हिमालय राज्य होने के नाते अपनी भविष्य की योजनाओं से लेकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने तक का अवसर नहीं बने इसको लेकर प्रयास सबको मिलकर करना होगा तभी ऐसे आयोजन सफल हो पायगे जिसको पूरा करने का सपना ऐसे दिवस पर सजोया जाता है चलिए आज इस दिवस पर कुछ नया संकल्प लेकर हिमालय जैसे अटल निर्णय लेते है ताकि भविष्य की नयी पीढी सुरक्षित रहे।

केदारनाथ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

0

श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

मानसून सीजन के बाद दोबारा शुरू हुई केदारनाथ यात्रा केदार घाटी में बारिश कम होने बाद श्री kedarnath Yatra 2024 uttarakhand char Dham Yatra Baba Kedarnath mansum yatra धाम यात्रा पटरी पर लौटने लगी है।

यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। केदार बाबा के दर्शन कर अभिभूत हो रहे श्रद्धालु यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट नजर आ रहे हैं और अपने सुखद अनुभव साझा कर रहे हैं।

गुहाटी से बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि पैदल रास्ता अब दुरुस्त हो गया है एवं लगातार यात्रा चल रही है।

पैदल मार्ग पर पानी, बिजली, खाना, शौचालय सहित अन्य सभी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। दर्शन भी बहुत अच्छे हो रहे हैं। राजकोट गुजरात से पहुंचे प्रफुल्ल ने बताया कि पैदल यात्रा मार्ग यात्रा के लिए सुरक्षित एवं सुचारू है। यात्रा मार्ग पर सभी सुविधाएं भी हैं एवं प्रशासन और पुलिस द्वारा पूरी मदद भी की जा रही है।

उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि बीती 31 जुलाई को अतिवृष्टि के कारण कुछ दिनों तक जरूर पैदल यात्रा प्रभावित रही। लेकिन पिछले दो हफ्तों से पैदल यात्रा लगातार बढ़ रही है।

देश दुनिया से श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं। यात्रा को सुखद एवं सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाश आउट हुई सड़क भी तीन से चार दिन के भीतर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा।

उधर, इंस्पेक्टर सोनप्रयाग देवेन्द्र असवाल ने बताया कि पिछले 10 दिनों में औसतन तीन हजार श्रद्धालु पैदल यात्रा मार्ग से केदारनाथ के लिए जा रहे हैं। बारिश कम होने के साथ ही लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

आईपीएस अफसर की विदाई SDRF से एसएसपी उधम सिंह नगर संभालेंगे

0

SDRF सेनानायक मणिकांत मिश्रा का हुआ स्थानांतरण , वाहिनी में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा दी गयी भावभीनी विदाई।

मणिकांत मिश्रा, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) में सेनानायक के रूप में अपनी सेवाएं दीं, का स्थानांतरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) उधमसिंहनगर के पद पर किया गया है। इस अवसर पर एसडीआरएफ वाहिनी जौलीग्रांट में एक सुक्ष्म विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि SDRF उत्तराखंड पुलिस ने न केवल राज्य के भीतर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि SDRF उत्तराखंड पुलिस की टीम तकनीकी और सामरिक दृष्टि से मजबूत है जिसने कई प्रमुख आपदा राहत अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया है।

समारोह में SDRF के उपसेनानायक विजेंद्र दत्त डोभाल ने कहा कि सेनानायक महोदय के कार्यकाल के दौरान SDRF ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक आपदा राहत एवम रेस्क्यू कार्य किए, जिनमें पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्लखन,भूस्खलन एवम अन्य प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही जलभराव, बाढ आदि के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया शामिल है।

इस मौके पर मणिकांत मिश्रा (आई0पी0एस) ने SDRF के सभी अधिकारियों और कर्मियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह टीमवर्क का परिणाम है कि SDRF ने इतनी रेस्क्यू अभियानों में सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसडीआरएफ भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेगा।

इस मौके पर उपसेनानायक मिथलेश कुमार, उपसेनानायक विजेंद्र दत्त डोभाल, सहायक सेनानायक श्याम दत्त नौटियाल क्वार्टर मास्टर राजीव रावत एवम अन्य अधिकारी कर्मचारी रहे l

श्री बदरीनाथ धाम में भगवान वराह जयंती

0

श्री बदरीनाथ धाम । श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) द्वारा बीते कल गुरुवार देर रात्रि को श्री बदरीनाथ धाम में वराह जयंती Varah jayanti श्रद्धापूर्वक मनायी गयी।

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम पावन अलकनंदा नदी के तट पर तप्त कुंड के निकट स्थित पंच शिलाओं में से प्रसिद्ध वराह शिला की पूजा-अर्चना की गयी।भगवान विष्णु हरि नारायण के दस अवतारों में वराह तीसरा अवतार भगवान वराह का है।

मान्यता है कि भगवान ने वराह का रूप धारण कर समुद्र में छुपे हिरण्याक्ष नामक दानव का वध किया था तथा भू लोक को हिरण्याक्ष के भय से मुक्त कर दिया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को वराह जयंती के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम में वराह शिला पूजन होता है।

रावल अमरनाथ प्रसाद नंबूदरी ने वराह शिला की पूजा -अर्चना तथा अभिषेक किया, जगत कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, वेद पाठी आचार्य रविंद्र भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल,आचार्य अमित बंदोलिया रघुवीर पुंडीर, नारायण नंबूदरी, राजेश नंबूदरी दर्शन कोटवाल आदि मौजूद रहे।