जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव अनंतनाग में पिघल रही राजनीति की बर्फ

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जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में ऐसी विधानसभा राजनैतिक रूप से नज़र आ रही है जिसमे तीन विचार धारा बहती नज़र आ रही है ऐसे में विधानसभा चुनाव में रिजल्ट काफी आचरण भरे हो सकते है

झेलम क्षेत्र के अनंतनाग में त्रिकोणीय मुकाबले संगम में दो पीरजादों में महबूब फंसे हैं। 2014 में पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। भाजपा भी चुनौती पेश करने के लिए मैदान में है।

अनंतनाग जिले से बहकर निकलने वाली झेलम के अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में नेकां, पीडीपी और भाजपा की तीन अलग-अलग विचारधाराएं बह रही हैं। अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र के लिए 18 सितंबर को मतदान है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

61070 मतदाताओं वाली यह सीट कभी किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रही है। दक्षिण कश्मीर की इस सीट पर चाहे सभी राजनीतिक दलों की नजर हो लेकिन अतीत में यह सीटी कभी पीडीपी तो कभी नेकां की झोली में जाती रही है। विधानसभा क्षेत्र में 13 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। 

इनमें एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। हालांकि विधानसभा क्षेत्र में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। विस क्षेत्र में 30645 पुरुष प्रत्याशी, तो 30425 महिला प्रत्याशी हैं। 2014 में अनंतनाग सीट पर पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जीत प्राप्त की थी। इस सीट को अपने कब्जे में रखने के प्रयास में पीडीपी ने अनुभवी नेता को यहां से उतारा है। 

पीडीपी प्रत्याशी डॉक्टर महबूब बेग पूर्व मंत्री के साथ-साथ सांसद भी रहे हैं। गठबंधन के प्रत्याशी पीरजादा कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं। वह जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पहले यह कोकरनाग सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन परिसीमन के बाद इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। 

अनंतनाग क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने के चलते पार्टी ने इन पर दांव खेला है। अपनी पार्टी ने भी इस क्षेत्र से अपना प्रत्याशी उतारा है। हिलाल अहमद शाह को टिकट दिया गया है। हिलाल अहमद पहले कांग्रेस में थे लेकिन अपनी पार्टी बनने के बाद बुखारी के साथ आ गए।

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