मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड मूनाकोट के जुलपाता से भटेड़ी तक सम्पर्क मार्ग के निर्माण हेतु रूपये 29.97 लाख, भटेड़ी से सिरोड़ी तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु रूपये 44.42 लाख तथा मडसौन से डुगराकोट इण्टर कालेज तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु रूपये 17.94 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के ग्राम सभा बार्मों से हाई स्कूल तक आंतरिक सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए भी रूपये 23.50 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकार मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पिथौरागढ़ की कुल 04 आन्तरिक सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु रूपये 1.16 करोड़ की वित्तीय स्वीकृत मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने डी0ए0वी0पी0जी0 कॉलेज के बहुउद्देशीय क्रीडा भवन के निर्माण तथा आवश्यक उपकरणों के लिए प्रदान की रूपये 19.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र राजपुर के अंतर्गत अशासकीय डी0ए0वी0पी0जी0 कॉलेज, देहरादून के बहुउद्देशीय क्रीडा भवन के निर्माण कार्यों हेतु आवश्यक उपकरण एवं सिंथेटिक टर्फ सहित प्रकाश व्यवस्था एवं फाल्स सीलिंग लगाए जाने के लिए रूपये 19.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि की वित्तीय स्वीकृति भी मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रदान की गई है।
सीएस राधा रतूड़ी द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के उत्तराखण्ड की सीमा पर स्थित जिलों में मिलावटी दुग्ध व खाद्य उत्पादों की सयुंक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कार्यां हेतु मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश से अनुरोध
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में दायर वादों की त्वरित सुनवाई हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश दिए, त्यौहारों के दौरान विशेष अभियान संचालित कर टेस्टिंग तथा मिलावटी कार्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश, भोजनमाताओं व आंगनबाड़ी वर्कर्स को फूड टेस्टिंग में प्रशिक्षण, राज्य में अभी तक उत्तराखण्ड सचिवालय पहला कैम्पस है जिसे एफडीए द्वारा ईट राइट इण्डिया का प्रमाणीकरण प्राप्त
खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में न्याय निर्णयन हेतु दायर वादों के विलम्ब के मामलों का गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने न्याय निर्णायक अधिकारी/जिलाधिकारी/एडीएम को वादों की त्वरित सुनवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशों के ससमय अनुपालन ना होने की दशा में उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को मुख्य सचिव की ओर से पत्र प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ्य आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 की धारा 68 तहत न्याय निर्णयन हेतु दायर वादों के विलम्ब से निस्तारण के फलस्वरूप बढ़ती वादों की संख्या तथा इस कारण प्रवर्तन कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पर स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति व पुलिस विभाग से रिपोर्ट तलब की। मुख्य सचिव ने त्यौहारों के दौरान विशेष अभियान संचालित कर दुग्ध, मिठाई व अन्य खाद्य उत्पादों की टेस्टिंग तथा मिलावटी कार्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को देहरादून में गढ़वाल मण्डल की फूड टेस्टिंग लैब के संचालन को आरम्भ करने के लिए 2 माह की डेडलाइन दी है। इस गढ़वाल मण्डल फूड टेस्टिंग लैब की अधिसूचना की कार्यवाही गतिमान है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 13 पदों की स्वीकृति दे दी गई है। इस सम्बन्ध में 23 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। आरम्भ में इस लैब की क्षमता 5000 सैम्पलिंग टेस्ट की होगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने रूद्रपुर में अल्ट्रा मॉर्डन माइक्रोबाइलोजिकल फूड लैब की स्थापना तथा लैब में आधुनिकतम उपकरण की उपलब्धता के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा फूड सेफटी ऑन व्हील्स प्रोग्राम के संचालन हेतु भी संविदा के आधार पर 8 पदों की स्वीकृति दी गई है।
मुख्य सचिव राज्य में अधिकाधिक टेस्टिंग बढ़ाये जाने तथा टेस्टिंग रिपोर्ट समयबद्धता से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भोजनमाताओं व आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी फूड टेस्टिंग में प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को सभी आवासीय विद्यालयों में फूड सेफटी के सम्बन्ध में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटल मेनेजमेंट के प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को फूड सेफटी की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने आमजन के लिए सैम्पल टेस्टिंग किट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के उत्तराखण्ड की सीमा पर स्थित जिलों में मिलावटी दुग्ध व दुग्ध व खाद्य उत्पादों की सयुंक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कार्यां को संचालित करने की दृष्टि से मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी द्वारा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने इस सम्बन्ध में सयुंक्त प्रवर्तन कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने ईट राइट इण्डिया अभियान के तहत ईट राइट कैम्पस/ईट राइट स्कूल प्रमाणीकरण में सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, शासकीय एवं गैर शासकीय कैम्पस को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। राज्य में अभी तक उत्तराखण्ड सचिवालय पहला कैम्पस है जिसे एफडीए द्वारा ईट राइट इण्डिया का प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है।
बैठक में जानकारी दी गई कि चार धाम यात्रा मार्ग पर खाद्य कारोबारकर्ताओं के प्रतिष्ठानों पर विक्रय किये जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच एवं अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के विक्रय पर रोक लगाये – जाने हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अतिरिक्त रूप से तैनाती की गयी है। 1418 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किये गये। 190 विधिक तथा 519 सर्विलांस नमूने जॉच हेतु लिये गये है। 20 खाद्य कारोबारियों के विरूद्ध न्यायालय में वाद दायर किये गये है तथा न्यायालय द्वारा 09 खाद्य कारोबारियों पर 3,30,000 रूपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। चारधाम यात्रामार्ग पर मोबाईल खाद्य विश्लेषणशाला के माध्यम से आम जनमानस एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री की मौके पर जाँच/प्रशिक्षण/जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 601 खाद्य पदार्थों की मौके पर सर्वेलांस जाँच की गयी, जिसमें से 529 खाद्य पदार्थ जाँच में सही पाये गये तथा 72 मानको के अनुरूप नही पाये गये। उक्त कार्यक्रम को प्रभावी रूप से चलाने हेतु 02 नवीन संचल खाद्य विश्लेषणाशालाओं के संचालन हेतु टैक्निकल स्टाफ की आउटसोर्स के माध्यम से तैनाती की अनुमति प्राप्त हो गयी है तथा पदों को भरे जाने की कार्यवाही गतिमान है।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड के अधीन कार्यरत खाद्य संरक्षा तथा – सर्तकता सह अभिसूचना इकाई के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के प्रवेश मार्गो पर सघन चैकिंग अभियान संचालित किया जा रहा हैं।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त के द्वारा खाद्य संरक्षा तथा सर्तकता सह अभिसूचना के अधिकारियों की टीम गठित करते हुए चारधाम यात्रा / पर्यटक सीजन में सघन – प्रर्वतन की कार्यवाही की जा रही है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन मामलो की प्रभावी पैरवी ए०पी०ओ० के माध्यम से कराये जाने हेतु जनपदीय अभिहित अधिकारियों को प्रकरण जिला स्तरीय सलाहाकार समिति के समक्ष रखने हुये निर्देशित किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत दायर विभिन्न वादों का निस्तारण करने वाले न्याय निर्णायक अधिकारी/ए०डी०एम० को प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु भारतीय खाद्य संरक्षा एंव मानक प्राधिकरण नई दिल्ली को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है।
खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में आम जनमानस द्वारा विभागीय हैल्प लाईन पर प्राप्त शिकायतो/जानकारी की पंजीकरण प्रक्रिया का ऑटो डिजीटाइजेशन कर हैल्पलाईन न0 18001804246 को 24×7 संचालित किये जाने एवं आई०ई०सी० के माध्यम से टोल फ्री न० के व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
उद्योग जगत से सहयोग लेते हुए सी०एस०आर० फंड के तहत चारधाम यात्रा मार्ग पर 1200 स्ट्रीट वेंडर को फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु कार्यवाही गतिमान है। जनपद देहरादून में नैस्ले इण्डिया के सहयोग से स्ट्रीट फूड वेंडर को फॉस्टेक प्रशिक्षण का आरम्भ किया गया है तथा जनपद रूद्रप्रयाग, पौडी, चमोली, उत्तरकाशी एवं टिहरी में फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव डा0 आर राजेश कुमार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पुलिस, महिला एवं बाल कल्याण विकास के अधिकारी मौजूद रहे।
श्री बदरीनाथ/ केदारनाथ धाम: 27 अगस्त। श्री बदरीनाथ धाम तथा केदारनाथ धाम में बीते कल सोमवार को जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। बदरीनाथ धाम में इस अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी ने भगवान के सखा उद्धव जी का अभिषेक संपन्न किया तथा धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट ने पूजा-अर्चना संपन्न की। रात्रि को भगवान कृष्ण के जन्म समारोह के बाद आयोजित पूजा-अर्चना में मुख्य मंत्री के सलाहकार बी.डी. सिंह, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार,मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि रात्रि को भगवान कृष्ण के जन्म समारोह के बाद आज मंगलवार प्रात: से ही भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया।
श्री बदरीनाथ धाम में श्री बदरीनाथ पंडा पंचायत द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल स्वरूप की झांकी निकाली गयी। झांकी उर्वशी मंदिर से होकर मां नंदा मंदिर बामणी पहुंची । बामणी गांव में महिला मंगल दल ने इस अवसर पर दाकुड़ी एवं चांचड़ी एवं भजन कीर्तन आयोजित किया।
नंदा मंदिर बामणी के भ्रमण पश्चात भगवान श्री कृष्ण जी की झांकी श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंची जहां श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने झांकी में शामिल पात्रों भगवान श्री कृष्ण की बाल स्वरूप झांकी, नंदबाबा, यशोदा माता, बलराम,सुदामा एवं ग्वालबालों का स्वागत किया।
श्री कृष्ण के पात्र रिवांश भंडारी, बलराम के पात्र दर्शित भंडारी तथा सुदामा के पात्र डा रतूड़ी ने सबका ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर आचार्य भास्कर जोशी डा. शैलेन्द्र कोटियाल, आचार्य जगमोहन कोटियाल, मंदिर प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित, पंडा पंचायत के पदाधिकारीगण प्रवीण ध्यानी, गौरव पंचभैया सहित ,प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, स. नोडल अधिकारी राजेंद्र सेमवाल अजय सती, संदेश मेहता,अनुसुइया नौटियाल, विश्वनाथ, विकास सनवाल, सतीश मैखुरी, राहुल मैखुरी आदि मौजूद रहे।
श्री केदारनाथ धाम में मंदिर समिति तथा स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, साधु- संतों ,श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की जन्मोत्सव झांकी निकाली झांकी ने केदारनाथ क्षेत्र का भ्रमण किया। श्रद्धालुओं को दर्शन दिये।
इस अवसर पर तीर्थ पुरोहितगण पुजारी शिवशंकर लिंग,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी / केदारनाथ मंदिर प्रभारी यदुवीर पुष्पवान, सहायक लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी प्रबल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
सिद्धपीठ हाटकलिका मंदिर गंगोलीहाट माँ महाकाली पूजा उत्तराखंड में माँ काली का ऐसा मंदिर है Haat Kalika Hindu temple in Gangolihat Uttarakhand जिसके बारे में कहा जाता है माँ हर रात अपना रूप बदल कर यहाँ विराजमान रहती है देवी काली को समर्पित हाट कालिका पाताल भुवनेश्वर -पिथौरागढ़ मार्ग पर गंगोलीहाट में स्थित है। यह मंदिर चौकोरी से लगभग 35 किमी दूर है
गंगोलीहाट में घने देवदार के जंगलों के बीच स्थित हाट कालिका मंदिर एक शानदार परिसर क्षेत्र समेटे हुए है। ऐसा माना जाता है कि माँ काली ने पश्चिम बंगाल के साथ अपना निवास इस स्थान पर भी विराजमान किया था गंगोलीहाट क्षेत्र की लोकप्रिय माँ काली देवी हैं।
गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित यह शक्तिपीठ एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। यहाँ से लगभग 2 किमी दूर चामुंडा मंदिर एक अन्य पवित्र स्थल है जो हाट कालिका मंदिर के समीप स्थित है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जन्माष्टमी के अवसर पर गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव-2024 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद सबको सदैव मिलता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए गीता के उपदेश को आधार मानकर ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई नीतियां इसी भाव को दिखाती है कि विकास कार्यों में भेदभाव नहीं करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरूत्थान के कार्य किए जा रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों का भी विकास हो रहा है। साथ ही भारत को पुनः परम वैभव की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर से अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली धारा 370 को समाप्त कर दिया गया है। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में शुरू की गई योजनाएं लोगों के जीवन को बदल रही है तथा प्रदेश सरकार ने भी उत्तराखण्ड के हित में कई निर्णय लिए है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिद्धपीठ हाटकलिका मंदिर में माँ महाकाली की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्री महाकाली मंदिर परिसर में एक रुद्राक्ष का पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण कर आम जनमानस को संदेश दिया कि सभी जनमानस अवश्य एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु विकासखण्ड बेरीनाग के अंतर्गत चौड़मनिया – कीमतोली मोटर मार्ग पर सेतु निर्माण का कार्य ,राजीव गांधी नवोदय विद्यालय गंगोलीहाट की चार दिवारी का निर्माण कार्य, राजकीय इंटर कॉलेज गंगोलीहाट के मैदान का चौड़ीकरण तथा गंगोलीहाट में ट्रॉमा सेंटर बनाने की घोषणा की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज भवन की मरम्मत किये जाने, न्याय पंचायत केंद्र पोखरी में स्थित विद्यालय को उच्चीकृत किये जाने, सरयू तथा रामगंगा के संगम स्थल पनार घाट का सौंदर्यीकरण किए जाने के साथ ही राजकीय महाविद्यालय गणाई में पुस्तकालय का निर्माण किए जाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की मातृशक्ति हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर आत्मनिर्भर बन रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हमारी महिलाएं विश्वस्तरीय उत्पाद बना रही है।
कार्यक्रम में विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष पिथौरागढ़ गिरीश जोशी , पूर्व विधायक/प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा मीना गंगोला, प्रदेश महामंत्री भाजपा अजय, पूर्व विधायक जिला प्रभारी मंत्री पिथौरागढ़ बलवंत भोरयाल ,निवर्तमान अध्यक्ष नगर पालिका गंगोलीहाट जयश्री पाठक, सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने भेंट की। राज्य आन्दोलनकारियों के लिए सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था के प्रति सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड़ बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में हम विकल्प रहित संकल्प के साथ तत्परता से कार्य करे रहे है। राज्य निर्माण में राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष को प्रदेशवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के वे भी साक्षी रहे है, खटीमा के जन आन्दोलन को उन्होने स्वयं देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के साथ उनके सपने के अनुरूप राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को राज्य सरकार ने राज्य आन्दोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, तमाम कठिनाईयों के बावजूद क्षेतिज आरक्षण को अब लागू कर दिया गया है।
इससे राज्य आन्दोलनकारियों की एक बड़ी लम्बित मांग की भी पूर्ति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही उनकी मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। हम शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान को भूल नही सकते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश विकास की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ता जा रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी विकास के सूचकांक में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश प्रगति के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। लगभग 2 लाख करोड की केन्द्रीय योजनाओं पर राज्य में कार्य हो रहे है। सड़क निर्माण हो स्कूल निर्माण हो या हॉस्पिटल या फिर कोई भी प्रदेश हित का कार्य हो, इसके लिए किसी भी प्रकार की धन की कमी नही होने दी जायेगी। उन्होेंने कहा कि हम प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है इसके लिए सिर्फ सरकार ही नही बल्कि सभी को सहयोग करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर सम्मिट में बडी संख्या मंे उद्योगपति निवेश के लिए राज्य में आ रहे है। इससे हमारे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे तथा पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होने कहा प्रदेश में अवैध अतिक्रमण की समस्या का निदान करते हुए लगभग 5000 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।
मुलाकात के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रवींद्र जुगरान, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित बडी संख्या में मंच के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
उत्तराखंड देवभूमि में बाहरी लोगो के आने से हंगामा बरपा जो नगर में काफी चर्चित बना रहा शनिवार को नर्स हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डिग्री कॉलेज के छात्रों ने जूलूस निकालते हुए निजी अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया इस दौरान उत्तराखंड पुलिस के एक दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी गई बावजूद इसके पुलिस एक बड़े हंगामे को आसानी से कंट्रोल किये जाने में कामयाब रही बाद में ज़िले के अधिकारी को उत्तराखंड मुख्यमंत्री के नाम पत्र देकर कारवाही की मांग की
नर्स हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डिग्री कॉलेज के छात्रों ने जूलूस निकालते हुए निजी अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया और फिर पुलिस कार्यालय पर कूच कर दिया। उन्होंने चार बार पुलिस कार्यालय के भीतर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनको रोक दिया। इसको लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प और धक्कामुक्की हो गई।
देवभूमि उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के कई लोगो के शामिल होने का अनुमान लोकल पुलिस को नहीं लग सका जिसके चलते पुलिस फोर्स कम होने के चलते पुलिस ने संयम से काम लेते हुए आंदोलन और हंगामे को आसानी से कंट्रोल किया हंगामे के चलते एक दरोगा की वर्दी फट गई जबकि कईं पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट गिर गई। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद छात्रों ने कलक्ट्रेट में एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच और एसएसपी को हटाने की मांग की।
सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एकत्र छात्र-छात्राओं और मृतका नर्स के परिजनों ने पुलिस कार्यालय के लिए कूच कर दिया। जूलस की शक्ल में छात्रों ने नैनीताल रोड में फुटेला अस्पताल के गेट पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पुलिस कार्यालय की तरफ चल दिए। छात्रों की जूलूस को देखते हुए पुलिस कार्यालय के गेट को बंद कर पुलिसकर्मियों ने बेरिकेडिंग लगा दिए।
इससे गुस्साए छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद बैरिकेडिंग तोड़ते हुए परिसर में घुसने की कोशिश की। जब पुलिस ने उनको रोका तो धक्का मुक्की शुरू कर दी। रूक-रूककर परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। उन्होंने सीबीआई जांच के साथ ही एसएसपी के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी जारी रखी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा, देहरादून में अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘मेधावी छात्र सम्मान’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश भर से आए 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण 108 मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की राज्य के 2871 विद्यालयों में मिड डे मील योजना के तहत बनने वाले भोजन हेतु इन विद्यालयों में दो गैस सिलेण्डर और एक चूल्हा, राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। इस पर लगभग 2 करोड़ 15 लाख का व्यय आयेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी मेधावी विद्यार्थी भविष्य के कर्णधार हैं, जो आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपनी सर्वाेच्च सेवाएं देंगे। मेधावी छात्र सम्मान जैसे कार्यक्रम छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा देश एवं राज्य का भविष्य हमारे युवाओं, विद्यार्थियों के हाथों में है। मेधावी विद्यार्थियों ने प्रतिभा से अपने परिजनों, विद्यालय, शिक्षकों एवं सरकार को भी गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मान के साथ ही सभी विद्यार्थियों ने अपने जीवन में नई शुरुआत की है। उन्होंने कहा विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके परिजनों के साथ ही गांव, जिले, राज्य की भावनाएं और उम्मीदें जुड़ गई हैं। अब परिजनों के साथ ही अपने स्कूल, जिले और राज्य का नाम रोशन करना मेधावी विद्यार्थियों का कर्तव्य और संकल्प होना चाहिए। छात्र छात्रों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बननी चाहिए। उन्होंने कहा सम्मानित होने वाले कई विद्यार्थी ग्रामीण पृष्ठभूमि एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों से आते हैं, जो कि उनकी मेहनत और लगन का दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 को राज्य में लागू किया गया है। देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूली और उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, कौशल विकास से युवाओं को कार्यकुशल बनाया जाएगा। बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वैज्ञानिक सोच का विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, हमारे जीवन का आधार है और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है कि सभी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिले। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छात्रों को उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है।
स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कर बच्चों को बेहतर इंफ्रास्टक्चर देने का प्रयास किया है। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएँ चलाई जा रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है। सर्वश्रेष्ठ राज्य का सपना छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से ही पूर्ण होगा।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। छठवीं से 12वीं कक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है। आगामी सत्र से प्रत्येक ब्लॉक से दो टॉपर छात्र – छात्राओं को भारत दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा बच्चो को किताबें, कपड़े के साथ ही नोटबुक फ्री देने का प्रावधान भी किया गया है। राज्य के किसी भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि 3000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने का कार्य गतिमान है। एल.टी के 1500 शिक्षकों को आगामी महीनों में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा स्कूलों एवं महाविद्यालय में आने वाली समस्याओं को निरंतर दूर किया जा रहा है। स्कूलों में ई लर्निंग, डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान हो चुकी है। इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।
देश आज पहला अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। पिछले साल 23 अगस्त के दिन ही भारत ने इतिहास रचा था। भारत, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना था। भारत के इस उपलब्धि की दुनिया में चर्चा रही। इसरो ने सुरक्षित रूप से चंद्रयान-3 को चंद्रमा की सतह पर उतारा था। मिशन के उद्देश्यों में चंद्र सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना, रोवर को चंद्रमा पर भ्रमण कराना और सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करना शामिल था। इसके अनुरूप मिशन ने सतह पर कई परीक्षण किए जो हमारी वैज्ञानिक क्षमता के विकास में सहायक होंगे। इसके अलावा, भविष्य में होने वाले चंद्र मिशनों को भी काफी मदद मिलेगी।
यह दिवस पिछले साल अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को मिली अभूतपूर्व सफलता के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। इसरो के चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त, 2023 को चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग पूरी की। इसके साथ ही भारत चांद पर उतरने वाला चौथा देश बन गया और चांद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बन गया। सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर की सफल तैनाती की गई। लैंडिंग साइट का नाम ‘शिव शक्ति’ पॉइंट रखा गया और 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ घोषित किया गया। भारत अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त, 2024 को मना रहा है। पहले अंतरिक्ष दिवस का विषय ‘चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा’ रखा गया है।
इस अवसर पर अंतरिक्ष से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अंतरिक्ष में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों, लोगों को होने वाले लाभ और सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ने के असीम अवसरों को उजागर किया जा सका। ये समारोह 23 अगस्त को नई दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम के साथ समाप्त होंगे।
विधानसभा मानसून सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के मुद्दे पर सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने के लिए जो समय मिला था, उसमें बोलने का अवसर न मिलने पर विपक्ष के विधायक हरीश धामी ने विपक्ष के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
विधायक हरीश धामी ने गैरसैंण(भराड़ीसैंण) में सत्रावसान के बाद विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनके समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने कहा आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील राज्य के पर्वतीय क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि आपदा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उन्हीं की पार्टी के सदस्यों ने उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड के कई इलाके आपदाग्रस्त हैं। ऐसे में इस गंभीर विषय पर चर्चा बहुत आवश्यक थी।
मुख्यमंत्री ने विधायक हरीश धामी की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनकर उन्हें आश्वसत किया कि उनके क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में आपदा से संबंधित जो भी प्रकरण हैं, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं सामान्य करने के लिए जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें।
विधायक धारचूला द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्र की समस्या बताने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु को निर्देश दिए कि सचिव आपदा प्रबंधन और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जाए। आपदा कि दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों के विस्थापन की आवश्यकता है तो, किए जाय।
गैरसैण सत्र में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिली जो राज्य बन जाने के बाद आज तक नहीं देखी होगी सरकार के मुखिया विधानसभा सत्र तक सिमित नहीं रहे सदन की कारवाही से लेकर वो कई जगह पर जनता की फरियाद से लेकर आपदा पीड़ितो के बीच नज़र आए विपक्ष उनके राजनैतिक विजन और सोच से विचलित हो सकता है लेकिन असल में मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी का ये रूप गैरसैण सत्र में देखने को मिला है।
गैरसैण में विधानसभा सत्र सरकारें आहूत करती रही है लेकिन राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में पूरा समय मौजूद रहकर सरकार का काम काज देर रात तक करते नज़र आये है पहले की सरकारों में शाम होते ही कमरों में कैद होने वाले नेता पुष्कर सरकार का काम करने का मिशन बखूबी देख रहे है हर तरफ चर्चा का केंद्र बन चुके धामी का राजनैतिक कद कुछ अलग करने की सोच से आगे बढ़ता देखा जा रहा है विपक्ष के कई नेता भी रोज़ाना धामी संग ब्रेक फ़ास्ट से लेकर डिनर करते देखे गए है।
गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आज शुक्रवार तीसरा और आखिरी दिन है। बीते दो दिनों में सदन में आठ विधेयक पेश हुए। वहीं, करीब पांच हजार करोड़ का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया था। आज सदन में प्रश्नों पर चर्चा चल रही है जिसका जवाब सरकार के मंत्री सदन में दे रहे है सदन में शाम तक बजट व विधेयक पास होंगे।
गैरसैण में सत्र के बीच आपदा प्रभावितो के बीच से लेकर धार्मिक आयोजन में शामिल होने से हर जगह जहा तक धामी पहुँच सकते थे ऐसा करने में वो पूरी तरह कामयाब हुए है चलिये जानते है धामी का सत्र के साथ साथ कैसा रहा तीन दिनों तक का सफरनामा गैरसैंण के सारकोट गांव में शहीद के घर पहुँचे मुख्यमंत्री।
लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हवलदार बसुदेव सिंह के परिजनों से मिलकर व्यक्त की शोक-संवेदना।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गैरसैंण स्थित सारकोट में लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हवलदार बसुदेव सिंह के पैतृक आवास पहुंचकर उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार बसुदेव सिंह ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके लिये पूरा देश उनका ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने शहीद हवलदार के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी क्षेत्रांतर्गत घुत्तू-पंजा-देवलिंग टिहरी पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलेथी में आपदा प्रभावित परिवार श्रीमती दुर्गा देवी पत्नी विशाल मणि से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुत्तू में अतिवृष्टि/बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। कई मकान और मवेशी आपदा की जद में आए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को आपदा प्रभावितों को तत्काल सहायता देने, आपदा संभावित क्षेत्रों में आपदा क्षति का आंकलन करने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त पुनर्निर्माण के कार्यों को तत्काल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, आपदा से हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करने के प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों की शिकायत पर घुत्तू हाइड्रो पॉवर से मकानों को हो रहे नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को पुनः परीक्षण करवाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 21 अगस्त की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से तहसील घनसाली क्षेत्रांतर्गत घुत्तू क्षेत्र में 29 भवनों को क्षति पहुंची है, जिसमें 06 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 23 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। अभी तक लगभग 09 क्षतिग्रस्त मकानों का 10 लाख से अधिक की धनराशि नियमानुसार अहेतुक एवं मकान क्षति के रूप में दी जा चुकी है।
आंशिक क्षति भवनों के लगभग 20 परिवारों के लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत आपदा राहत शिविरों में रखा गया है, जिनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर यदि कुछ गांवों के विस्थापन की जरूरत होगी तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी या जो किराए के घरों में जाना चाहेगा नियमानुसार किराया दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि आपदा से 17 पशु हानि हुई है, जिसमें नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। लगभग 24 पेयजल लाइनों को क्षति पहुंची है। इसके साथ ही विद्युत लाइनों, सड़क, पुलिया आदि अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। अभी तक 450 परिवारों की कृषि क्षति का आंकलन कर लिया गया है। 03-04 गांव का सड़क मार्ग से संपर्क कट चुका है, जिनके सुचारू करने की कार्यवाही गतिमान है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से मलेथी, चंदला, गवाणा मल्ला, गवाणा तल्ला, कैलबागी, देवलंग, जोगियाणा, गंगेरी, चक्रगांव, मलेथा, रानीढांग, पंजा, मेंडू सिंधवाल, सांकरी, लोम, समणगांव, मिसवाली, भाट्गांव, अंकवाण गांव, रैतगांव, भेलुन्ता आदि कई गांवों में काफी नुकसान हुआ है।