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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की गंगोत्री बनेगा उत्तराखंड 26 जनवरी का दिन इतिहास की इबारत लिखेगा

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विकास और सुशासन की गारंटी है भाजपा राज्य सीएम धामी ने कहा राज्य में नया अध्याय शुरू हो चुका है विकास की गारंटी उत्तराखंड में तेजी से आगे बढ़ रही है जो बताने के लिए काफी है कांग्रेस के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है मुनि की रेती, नगर पालिका और तपोवन नगर पंचायत के भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनसभा में बोलते हुए ये बाते कही उन्होंने कहा कांग्रेस को मत देकर वोट खराब मत करिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुनि की रेती नगर पालिका परिषद से भाजपा प्रत्याशी बीना जोशी और तपोवन नगर पंचायत से भाजपा प्रत्याशी विनीता बिष्ट के समर्थन में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का दूसरा नाम विकास की गारंटी है। मुनि की रेती, तपोवन और ऋषिकेश का क्षेत्र प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां के विकास के लिए हम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आम जनता के सहयोग से उत्तराखंड यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। देवभूमि उत्तराखंड से निकली समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की गंगोत्री अब पूरे देश को लाभान्वित करेगी, जिससे समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार ने हमेशा हर वर्ग के लोगों की भलाई के लिए काम किया है, जबकि कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सनातन धर्म का अपमान किया है और तुष्टिकरण की राजनीति के तहत ही कांग्रेस ने श्री राम के अस्तित्व को भी मानने से मना कर दिया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी सिर्फ वोट हासिल करने के लिए झूठ बोलती है और राष्ट्रहित के मामलों पर कभी सच्चाई से काम नहीं करती।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी कांग्रेस और उनके समर्थकों से यह सवाल करें कि वे आपके क्षेत्र का विकास कैसे करेंगे? उनका कोई जवाब नहीं होगा, क्योंकि भाजपा की सरकार ही विकास और सुशासन की गारंटी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि आप अपना मत देकर वोट खराब मत कीजिए और भाजपा के उम्मीदवारों को समर्थन देकर कमल का फूल खिलाइए। हम जो योजनाएं शुरू करते हैं, उन्हें पूरा भी करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल, संदीप गुप्ता, योगेश राणा, मदन सिंह रावल, राजेंद्र सिंह भंडारी, रोशन लाल सेमवाल, विनोद कुकरेती, रोशन रतूड़ी, प्रेम दत्त, रविंद्र भट्ट समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विश्व की सर्वाधिक आबादी वाला शहर हो गया प्रयागराज

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महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

प्रयागराज, मकर संक्रांति के मौके पर महाकुंभ के पहले अमृत स्नान ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब शहर की आबादी एक दिन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा शहर बन गई। इस दिन 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई, जिससे प्रयागराज की कुल आबादी (लगभग 70 लाख) जोड़ते हुए 4.20 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गई। यह संख्या टोक्यो (3.74 करोड़) और दिल्ली (2.93 करोड़) जैसे महानगरों से भी अधिक थी, और इसके साथ ही प्रयागराज ने दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहर होने का खिताब एक दिन के लिए अपने नाम कर लिया।

मकर संक्रांति पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं का हुजूम पूरे शहर में नजर आया। प्रमुख घाटों और मेला क्षेत्र के अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर भी स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। आस्था की इस अद्भुत तस्वीर ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालु हर-हर महादेव, जय श्रीराम के नारे लगाते हुए बड़ी संख्या में संगम की ओर बढ़ते रहे। वे ठंड और पैदल यात्रा की थकान के बावजूद अपनी आस्था के साथ यात्रा करते रहे।

पौष पूर्णिमा के दिन करीब 1.75 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंचे थे, जबकि मकर संक्रांति के दिन यह संख्या 3.50 करोड़ तक पहुंच गई। अगर दोनों दिन की संख्या जोड़ी जाए तो यह 5.25 करोड़ हो जाती है, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

आखिरी में, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर 6 से 8 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिससे यह निश्चित रूप से एक और ऐतिहासिक पल बनेगा और प्रयागराज एक बार फिर विश्व के सबसे बड़े शहर के रूप में उभरेगा।

इस उत्सव और आस्था के विशाल समागम ने न केवल धार्मिकता को दर्शाया, बल्कि संस्कृति और समाज के एकजुट होने की भी मिसाल पेश की।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

निकाय चुनाव के लिए भाजपा का संकल्प पत्र विकास की “गारंटी”: सीएम धामी

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निकाय चुनाव के लिए भाजपा का संकल्प पत्र विकास की “गारंटी”: सीएम धामी

देहरादून में हुआ भाजपा के संकल्प पत्र का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय, देहरादून में नगर निकाय चुनाव के लिए पार्टी के संकल्प पत्र का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने पार्टी के विकासात्मक दृष्टिकोण और आगामी पांच वर्षों के लिए निर्धारित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह संकल्प पत्र न केवल शहरी विकास के प्रति ट्रिपल इंजन सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है, बल्कि आने वाले पांच वर्षों के लिए भारतीय जनता पार्टी की एक ठोस और भरोसेमंद गारंटी भी है। यह संकल्प पत्र हमारे नेतृत्व और हमारी निष्ठा का प्रमाण है, जो जनता के समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में उठाए गए प्रत्येक कदम को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि इस संकल्प पत्र में जिन महत्वपूर्ण और दूरगामी विषयों को शामिल किया गया है, वे निश्चित रूप से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश और देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है और उन्हें जीवन की उच्चतम गुणवत्ता प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हमारा यह संकल्प पत्र न केवल विकास योजनाओं का खाका प्रस्तुत करता है, बल्कि यह भाजपा की कार्यशैली और पारदर्शिता को भी साबित करता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता सिर्फ घोषणाएं करना नहीं है, बल्कि उन घोषणाओं को वास्तविकता में बदलना है। आगामी नगर निकाय चुनावों में भाजपा के नेतृत्व में शहरों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद्र उनियाल, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, सहदेव पुंडीर, आदित्य कोठारी, कुंवर प्रणव चैंपियन, मीरा, कुलदीप कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बालाजी मेहंदीपुर संकट निवारण धाम में परिवार की मौत का रहस्य

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बालाजी मेहंदीपुर संकट निवारण धाम में परिवार की मौत का रहस्य

देहरादून से महंदीपुर बालाजी मंदिर दर्शन के लिए गए एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव धर्मशाला के कमरे नंबर 119 में मिले हैं। परिवार में सुरेंद्र कुमार (पिता), कमलेश (मां), नीलम (बहन) और नितिन कुमार (बेटा) शामिल थे। यह घटना 12 जनवरी 2025 को हुई, जब परिवार ने रामकृष्ण धर्मशाला में एक रात का कमरा बुक किया था।

पुलिस को धर्मशाला के कर्मचारी द्वारा सफाई करते वक्त कमरे में चारों शवों के बारे में सूचना मिली। शवों की स्थिति इस प्रकार थी कि दो शव बिस्तर पर, जबकि दो शव जमीन पर पड़े हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने कमरे को सील कर दिया और एफएसएल टीम को जांच के लिए भेजा। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि परिवार से जुड़े अन्य लोग अभी तक घटना स्थल तक नहीं पहुंचे हैं।

बालाजी मेहंदीपुर संकट निवारण धाम में परिवार की मौत का रहस्य

पुलिस जांच की दिशा: पुलिस इस घटना को विभिन्न पहलुओं से देख रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सामूहिक सुसाइड था या फिर किसी ने इस परिवार के सभी सदस्यों की हत्या की? पुलिस सभी दिशाओं में जांच कर रही है, जिसमें भूत-प्रेत का लिंक भी शामिल है, क्योंकि महंदीपुर बालाजी धाम में ऐसे भक्त आते हैं जिनकी विभिन्न परेशानियां होती हैं और यहां पूजाएं की जाती हैं।

इस बीच, पुलिस का कहना है कि परिवार के किसी भी सदस्य को घटना के पहले संदिग्ध स्थिति में नहीं देखा गया था। धर्मशाला के कर्मचारियों के मुताबिक, परिवार की मनोस्थिति सामान्य थी और वे किसी प्रकार के तनाव में नहीं दिखे।

परिवार की पृष्ठभूमि: मृतक परिवार की बेटी की शादी एक पुलिस अधिकारी के भाई से हुई थी, और वर्तमान में महिला अपने मायके में रह रही थी। पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था, जो इस पूरे घटनाक्रम को और भी जटिल बना रहा है।

फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करेगी और पूरी घटना का खुलासा करने का प्रयास करेगी।

निकाय चुनाव बुधवार को भाजपा जारी करेगी संकल्प पत्र

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निकाय चुनाव को लेकर बुधवार को भाजपा जारी करेगी संकल्प पत्र

देहरादून,14 जनवरी। भाजपा बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में डबल इंजन सरकार का उपलब्धि एवं पार्टी का निकाय चुनावों पर संकल्प पत्र जारी करेगी।

प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी मुख्यालय में बुधवार 15 जनवरी को प्रातः 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में सीएम अपने सहयोगी कैबिनेट मंत्रियों, पार्टी प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ इसे सार्वजनिक करेंगे। गहन विचार विमर्श और जन सुझावों के आधार पर पार्टी ने निकाय के लिए अपना संकल्प पत्र तैयार किया है। जिसे कल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निकाय चुनावों के दृष्टिगत जनता के लिए सार्वजनिक करेंगे। संकल्प पत्र मे एक प्रदेश स्तर का संकल्प पत्र होगा और शेष 11 सभी 11 निगमों के लिए अलग अलग होंगे। इनके माध्यम से पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों और कार्ययोजना को सामने तो रखेंगे ही, वहीं निकायों के विकास हेतु हम क्या क्या काम करना चाहते हैं उनकी जानकारी भी साझा करेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि प्रत्येक निकाय की परिस्थितियों और समस्याएं अलग-अलग हैं, लिहाजा उसको समाधान के तरीके भी अलग-अलग है। इसलिए पार्टी ने एक संकल्प पत्र पूरे प्रदेश और प्रत्येक निगम के लिए पृथक पृथक संकल्प पत्र तैयार किया है। पार्टी मुख्यालय के बाद सभी जनपदों और निकाय क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम से हम अपना संकल्प जनता के सम्मुख प्रस्तुत करेंगे। जिसमें वहां के विधायक, पार्टी के प्रभारी और पार्टी पदाधिकारीगण, जिन्हें नगर निकायों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, शामिल रहेंगे।

वहीं चुनाव प्रचार को लेकर उन्होंने बताया कि अंतिम चरण में मुख्यमंत्री के नेतृत्व अभियान जोर शोर से आगे बढ़ाया जाएगा। कर्णप्रयाग से अभियान शुरू करने के साथ मुख्यमंत्री कुल 28 जनसभाएं और रोड शो करने वाले हैं। वहीं गढ़वाल क्षेत्र में प्रचार अभियान के लिए निकले प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी स्टार प्रचारक 200 से अधिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। जिसमें जनसभाएं, रोड शो, पदयात्रा, जनसंपर्क कार्यक्रम, बैठकें, बाइक रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य रूप से आयोजित होंगे।

कांग्रेस विधायक मयूख माहरा के पार्टी में शामिल होने को लेकर पूछे गया सवाल का ज़बाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, जो भाजपा की रीति नीति से सहमत होगा और संगठन, प्रदेश एवं देश के विकास में सहयोग करने की स्थिति में होगा ऐसे सभी लोगों का स्वागत है। लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक लगातार एक के बाद एक 15 हजार से अधिक कांग्रेसजन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं। जिस पर हम गौर करते हुए भविष्य में उचित निर्णय लेंगे।

हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

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हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

देहरादून, उत्तराखंड में साल 2025 बेहद खास होने जा रहा है, क्योंकि इस साल 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया और राज्यवासियों से अपील की कि वे इस आयोजन को पूरी तरह से भव्य और यादगार बनाने के लिए सक्रिय रूप से भाग लें।

28 जनवरी, 2025 से उत्तराखंड में शुरू होने वाले इन राष्ट्रीय खेलों में 10,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेने के लिए राज्य में आएंगे। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, ताकि यह आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि राज्य के हर नागरिक के लिए एक यादगार अनुभव बन सके। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों को दीपों से सजाएं और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर खिलाड़ियों का स्वागत करें, जैसे उन्होंने जी-20 सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों का स्वागत किया था।

हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

सीएम ने बताया कि इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर दिन समीक्षा की जा रही है, और हर स्तर पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार, खेल विभाग और स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय खेलों में आने वाला हर खिलाड़ी यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाए।”

यह साल उत्तराखंड के लिए और भी खास है क्योंकि 2025 राज्य का रजत जयंती वर्ष है। राज्य की रजोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, और यह वर्ष राज्य के लिए कई उपलब्धियां लेकर आएगा। इसके साथ ही, उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय उत्तराखंडी प्रवासी सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें 17 देशों से उत्तराखंडी अपनी मातृभूमि से जुड़ने के लिए आए हैं, और उनकी भागीदारी राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देगी।

साथ ही, उत्तराखंड सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।

इस प्रकार, 2025 के राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के साथ-साथ उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाएं हो रही हैं, जो राज्य के विकास और संस्कृति को नया आयाम देंगी।

काव्या का हाथ थाम फिरोज ने संगम में लगाई डुबकी

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महाकुंभ 2025 के दौरान फिरोज खान की यात्रा और उनके परिवार के संग संगम में डुबकी लगाने की कहानी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। पौष पूर्णिमा के दिन, जब महाकुंभ की आध्यात्मिक ताकत ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया, फिरोज खान ने अपनी पत्नी काव्या और उनके डॉगी मैक्स के साथ संगम पहुंचकर पुण्य की डुबकी लगाई। फिरोज खान, जो मुंबई में एक निजी बैंक में काम करते हैं, ने संतों और धर्माचार्यों की चेतावनी के बावजूद महाकुंभ में भाग लिया और गंगाजल से आचमन करने के बाद त्रिवेणी में डुबकी लगाई।

इसके पहले, फिरोज और काव्या ने हरिद्वार के महाकुंभ में भी हर की पैड़ी पर डुबकी लगाई थी। यह कदम तब और भी महत्वपूर्ण बन गया जब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मुसलमानों को महाकुंभ में प्रवेश करने से मना किया था। फिरोज ने अपने धर्म और पत्नी के प्रति अपनी आस्था का पालन करते हुए, अपने परिवार के साथ महाकुंभ में हिस्सा लिया, और इस यात्रा ने एकता, भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश दिया।

फिरोज खान और काव्या सिंह राजपूत का रिश्ते में हमेशा से एक साझा समझ रही है, जिसमें दोनों ने अपने-अपने धर्म को सम्मानित करने का निर्णय लिया। काव्या ने गंगा स्नान की परंपरा को बनाए रखा, और इस बार महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए उन्होंने अपने पति से जिद की, जिसे फिरोज ने आखिरकार स्वीकार किया।

फिरोज ने अपने दोस्त मैक्स के साथ संगम की यात्रा की, और जब वे संगम पहुंचे, तो फिरोज ने काव्या का हाथ थामकर पुण्य की डुबकी लगाई। इसके बाद उन्होंने अपने प्यारे डॉगी मैक्स को भी गंगा जल से पवित्र किया। फिरोज ने इस अवसर पर सही धारणा के साथ महाकुंभ में आने वाले मुसलमानों का स्वागत करते हुए, उन लोगों को चेतावनी दी जो धर्म को नष्ट करने की कोशिश करते हैं।

श्रीमहंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष-अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी मुसलमानों के स्वागत का संदेश दिया और कहा कि सभी मुसलमानों का महाकुंभ में स्वागत है, बशर्ते वे सही और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आएं।

21 शृंगार कर नागा संन्यासियों ने अमृत स्नान की लगाई डुबकी

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महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान का दृश्य बेहद अद्भुत और श्रद्धा से भरपूर था। पुष्य और पुनर्वसु नक्षत्र में त्रिवेणी के तट पर महाकुंभ की शुरुआत हुई, जहां सबसे पहले नागा साधुओं ने विशेष शृंगार के साथ आदियोगी शिव के स्वरूप में खुद को सजाया।

नागा साधुओं ने अपने शरीर पर भस्म का लेप किया, और फिर चंदन, पांव में चांदी के कड़े, पंचकेश (जटा को पांच बार घुमा कर सिर में लपेटना), रोली का लेप, आंगूठी, फूलों की माला, चिमटा, डमरू, कमंडल, माथे पर तिलक, आंखों में सूरमा, लंगोट, हाथों और पैरों में कड़ा और गले में रुद्राक्ष की माला धारण कर खुद को तैयार किया। इसके बाद, इन साधुओं ने अमृत स्नान के लिए संगम तट की ओर प्रस्थान किया।

नागा साधुओं का शृंगार और उनकी धार्मिक वेशभूषा महाकुंभ के पहले स्नान में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। इन साधुओं ने नख से शिख तक भभूत लपेटा और जटाजूट की वेणी बनाई। उनकी आंखों में सूरमा, हाथों में चिमटा, और होठों पर सांब सदाशिव का मंत्र था। इसके साथ ही उनके हाथों में डमरू, त्रिशूल और कमंडल थे, और वे अवधूत की धुन में झूमते हुए स्नान स्थल की ओर बढ़ रहे थे।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

यह दृश्य महाकुंभ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को प्रकट करता है, जहां नागा साधु 21 शृंगार के साथ पहली डुबकी लगाने के लिए संगम तट पहुंचे। यह स्नान न केवल उनके आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र और आकर्षक क्षण था।

एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

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एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

महाकुंभ 2025 में एक दिलचस्प और विशेष घटनाक्रम देखने को मिला जब लॉरेन पॉवेल जॉब्स, जो कि एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी हैं, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद सरस्वती के साथ अमृत स्नान (शाही स्नान) में शामिल हुईं। लॉरेन को भगवा वस्त्र पहने हुए और रथ पर सवार देखकर दुनियाभर की मीडिया चकित रह गई। उन्हें महाकुंभ में कल्पवास के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, और उन्हें उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद ने कमला नाम दिया है।

लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने पौष पूर्णिमा पर पहली डुबकी के साथ अपने कल्पवास की शुरुआत की। वह महाकुंभ में तीन दिन तक कल्पवास करेंगी और इस दौरान वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य स्वामी कैलाशानंद के शिविर में रहकर सनातन परंपराओं और आध्यात्मिकता का अनुभव करेंगी। 15 जनवरी को वह महाकुंभ से वापस लौट जाएंगी।

एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

इस दौरान, लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुंभ के पहले शाही स्नान में भी शामिल हुईं। वह आचार्य कैलाशानंद सरस्वती के साथ रत्न जड़ित शाही रथ पर सवार होकर संगम तट पहुंची और कड़ी सुरक्षा के बीच पवित्र डुबकी लगाई।

महाकुंभ में अपने इस प्रवास के दौरान, वह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से रूबरू होंगी और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करेंगी। कैलाशानंद गिरि के शिविर में रहकर वह शिव तत्व और सनातन संस्कृति को समझने का प्रयास करेंगी। यह घटनाक्रम महाकुंभ की विश्वव्यापी प्रसिद्धि और भारतीय आध्यात्मिकता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

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महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आयोजन भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत धार्मिक अनुभव बन चुका है। इस वर्ष महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा पर भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ हुई, और मकर संक्रांति के दिन, विभिन्न अखाड़ों के नागा साधु संगम में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। इस अवसर पर महाकुंभ का दृश्य बहुत ही भव्य और श्रद्धा से भरपूर है, जहां हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष के साथ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

महानिर्वाणी अखाड़े के नागा साधुओं ने सबसे पहले अमृत स्नान किया, जिसके बाद निरंजनी, आनंद, जूना, आवाहन और पंच अग्नि अखाड़े के संतों ने भी पवित्र स्नान किया। इस दौरान संगम तट पर अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, और संतों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालु भी इस दिव्य स्नान का हिस्सा बन रहे हैं।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

महाकुंभ में केवल भारतीय श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के विभिन्न देशों से आए भक्त भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से अभिभूत हो रहे हैं। वे गंगा किनारे योग, ध्यान और सत्संग में भाग लेकर आत्मशांति का अनुभव कर रहे हैं। महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी इस आयोजन को और भी खास बना रही है।

अखाड़ों के संतों का स्नान सुबह के निर्धारित समय पर हो रहा है। महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के संतों ने सुबह सवा पांच बजे स्नान के लिए प्रस्थान किया और सवा छह बजे संगम पहुंचे। इसके बाद निरंजनी और आनंद अखाड़े के संतों ने 7:05 बजे स्नान किया, और जूना, आवाहन तथा पंच अग्नि अखाड़े के संतों ने 8 बजे पवित्र स्नान किया।

इस तरह महाकुंभ का आयोजन, जिसमें आस्था, धर्म, और संस्कृति की गहरी छाप है, श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव बन चुका है।