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गेम चेंजर नहीं बन पाए फॉलोअर्स कलाकार फिल्मो में पिटे

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साउथ सुपरस्टार राम चरण की फिल्म ‘गेम चेंजर’ और सोनू सूद की फिल्म ‘फतेह’ दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं। दोनों फिल्मों के फॉलोअर्स की संख्या काफी बड़ी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी कमाई में गिरावट देखी जा रही है।

गेम चेंजर की शुरुआत 10 जनवरी, 2025 को शानदार रही थी, लेकिन अब यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नाकामयाब साबित हो रही है। चार दिनों में फिल्म ने कुल 61 लाख 79 हजार टिकट बेचे हैं, जो उम्मीदों के मुताबिक बहुत कम है। राम चरण और कियारा आडवाणी जैसे बड़े स्टार्स के बावजूद फिल्म की कमाई में गिरावट देखी जा रही है। इन दोनों के कुल 7 करोड़ फॉलोअर्स हैं, फिर भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।

वहीं, ‘फतेह’, जो सोनू सूद द्वारा निर्देशित और अभिनीत फिल्म है, ने भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया। चार दिनों में फिल्म ने केवल 4 लाख 80 हजार टिकट बेचे हैं, जबकि सोनू सूद और जैकलीन फर्नांडीज के कुल 13 करोड़ फॉलोअर्स हैं। फिल्म की चार दिन की कमाई 6.07 करोड़ रुपये है, और यह पहले सप्ताहांत में 10 करोड़ रुपये तक भी नहीं पहुंच सकी।

हालांकि, ‘गेम चेंजर’ ने चौथे दिन 4.19 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे कुल कलेक्शन अब 92.69 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म जल्द ही 100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है, जबकि ‘फतेह’ को बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करना पड़ रहा है, और सोमवार को इसकी कमाई केवल 45 लाख रुपये रही।

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बड़े फॉलोअर्स और स्टार पावर के बावजूद, फिल्में बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही हैं।

महाकुंभ में बन रहा समुद्र मंथन का दुर्लभ संयोग

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महाकुंभ 2025 का आयोजन विशेष रूप से ग्रहों की दुर्लभ स्थिति और संयोगों के कारण अत्यधिक पुण्यकारी और विशिष्ट माना जा रहा है। इस बार महाकुंभ में जो ग्रहों का संयोग बन रहा है, वह 144 वर्षों में एक बार बनता है। बुध, बृहस्पति और चंद्रमा के शुभ संयोग के साथ-साथ शनि की कुंभ राशि में स्थिति और शुक्र का राशि परिवर्तन इस महाकुंभ को खास बना रहे हैं।

ग्रहों की स्थिति और संयोग:

  1. बुधादित्य योग – बुध और सूर्य के संयोजन से यह योग बन रहा है, जो पूरे महाकुंभ को आशीर्वाद देने वाला है।
  2. कुंभ योग और राशि परिवर्तन योग – शनि की कुंभ राशि, शुक्र और बृहस्पति के राशि परिवर्तन का संयोग इस महाकुंभ को अद्वितीय बना रहा है। यह संयोग 144 वर्षों में एक बार बनता है।
  3. श्रवण नक्षत्र और सिद्धि योग – इस समय श्रवण नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है, जो कि त्रिवेणी के तट पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

महाकुंभ की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्वता: महाकुंभ का आयोजन तब होता है जब देवगुरु बृहस्पति अपनी 12 राशियों का चक्र पूरा कर वृषभ राशि में आते हैं। जब बृहस्पति वृषभ में होते हैं, तब सूर्य देव मकर राशि में होते हैं और बृहस्पति की दृष्टि सूर्य पर पड़ती है, जिससे वह समय अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। महाकुंभ की अवधारणा को शास्त्रों में अत्यधिक महत्व दिया गया है, और जब यह 12 चक्र पूरे होते हैं, तो इसे पूर्ण महाकुंभ कहा जाता है।

इस बार महाकुंभ के दौरान ग्रहों की स्थिति, जो देवासुर संग्राम के समय के समान है, समुद्र मंथन की स्थिति को दर्शाती है। शुक्र और बृहस्पति की स्थिति देवगुरु और असुर गुरु की भूमिका में हैं, जैसे कि देवासुर संग्राम के दौरान था। यह महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से पुण्यदायक और आध्यात्मिक रूप से उन्नति देने वाला होगा।

दीपक रावत ने उत्तरायणी मेले में अपनी आवाज का जादू बिखेरा

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बागेश्वर में उत्तरायणी मेले के शुभारंभ के मौके पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने अपनी आवाज का जादू बिखेरते हुए लोगों का दिल जीत लिया। मेले के शुभारंभ के दौरान, कमिश्नर रावत ने मंच से गीत प्रस्तुत की, जिससे वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद, लोगों की फरमाइश पर उन्होंने जिले के छाना बिलौरी गांव से जुड़ा प्रसिद्ध कुमाउनी गीत “झन दिया बौज्यू छाना बिलौरी लागला बिलौरी का घामा…” गाया।

उत्तरायणी कौतिक के शुभारंभ के लिए कुमाऊं कमिश्नर रावत बागेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने तहसील परिसर से निकली झांकी को हरी झंडी दिखाई। फिर वह झांकी के साथ बाजार में पैदल चलते हुए नुमाइशखेत मैदान तक गए, जहां उन्होंने मेले का औपचारिक शुभारंभ किया और सांस्कृतिक मंच का भी उद्घाटन किया। इस दौरान, मेले में आए लोगों ने उनसे गीत गाने की फरमाइश की, और कमिश्नर रावत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए कुमाउनी गीत गाया, जिसका वहां उपस्थित दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।

मकर संक्रति पर्व गंगा स्नान मेला एरिया में पुलिस बल तैनात

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मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सही तरीके से यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रमुख है।

इस वर्ष मेला क्षेत्र को आठ जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी सेक्टरों में पुलिस बल तैनात किया जाएगा और पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। एसएसपी ने यह भी बताया कि स्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए जल पुलिस की टीमें पूरी तरह से सतर्क रहेंगी। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एसएसपी ने पुलिस बल से यह भी कहा कि जैसे-जैसे लोहड़ी और मकर संक्रांति पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, सभी कर्मियों को पहले से तैयार रहना होगा। हर एक पुलिसकर्मी को अपनी जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया गया है ताकि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

राजनैतिक द्रोणाचार्य मुख्यमंत्री धामी ने बीजेपी के लिए बना दिए एकलव्य

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राजनैतिक द्रोणाचार्य मुख्यमंत्री धामी ने बीजेपी के लिए बना दिए एकलव्य
देहरादून निकाय चुनाव उत्तराखंड में कई दावेदार एकलव्य बने नज़र आ रहे है तो वही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निकाय चुनाव में राजनैतिक द्रोणाचार्य की भूमिका में देखे जा रहे है अपने राजनैतिक कौशल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीजेपी के सांसद,विधायकों से लेकर संघठन नेताओं से रूठो को मनाये जाने का फार्मूला ईजाद किया था जिसमे 90 प्रतिशत बीजेपी अनुसार सफलता हासिल की है

कांग्रेस के बड़े नेताओं को बीजेपी में ज्वाइन करवा कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक तीर से दो निशाने साध दिए है निकाय चुनाव उत्तराखंड में बीजेपी अपनी राजनैतिक हवा से कांग्रेस को पंचर करती नज़र आ रही है प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सीएम धामी की मौजूदगी में मथुरा दत्त जोशी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। मथुरा दत्त जोशी पिथौरागढ़ नगर निगम में पत्नी को महापौर का टिकट नहीं मिलने से नाराज थे। तभी से उनके सुर बगावती हो गए। निकाय चुनाव में टिकट कटने से कांग्रेस में विरोध के स्वर थम नहीं रहे थे। डैमेज कंट्रोल करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने रूठों को मनाने की योजना बनाई थी।

उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए 23 जनवरी को मतदाता अपने मत का प्रयोग कर छोटी सरकार को चुनेगे जिसका परिणाम 25 जनवरी को आएगा

उत्तराखंड राज्य के एक नगर पालिका देवप्रयाग और दो नगर पंचायत नानकमत्ता और दिनेशपूर के बीजेपी अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं, नगर निगमों के 14 पार्षद, नगर पालिका के 20 वार्ड सदस्य और नगर पंचायतों के 10 वार्ड सदस्यों का भी निर्विरोध निर्वाचित हो गया।

उत्तराखंड के 100 नगर निकायों के चुनावी मैदान में अब 5399 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। 47 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए जबकि 782 ने अपने नामांकन वापस ले लिए थे। बृहस्पतिवार को प्रदेशभर में निकाय चुनाव नामांकन करने वालों को नाम वापसी का मौका दिया गया। जो बगावत कर गए उनको बीजेपी ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी प्रचार कर बैठ जाने का मौका दिया है जो नहीं मानेगे उनको पार्टी से बहार का रास्ता दिखाया जायेगा

सीएम पुष्कर सिंह धामी जैकेट,मफलर का राज

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हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहनते हैं मलारी और मुनस्यारी सहित पहाड़ के अन्य क्षेत्रों के ट्वीड से बनी जैकेट,मफलर

वोकल फॉर लोकल’ को दिया बढ़ावा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलारी,मुनस्यारी सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बने ट्वीड से बनी जैकेट पहनकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।लगातार सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनको राज्य के बने उत्पाद दे तैयार वस्त्रों के पहने हुए देखा जा सकता है। यह पहल राज्य के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और उनकी ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।

मुख्यमंत्री ने इसके पूर्व राज्य के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें। यह कदम न केवल राज्य के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को आर्थिक समर्थन प्रदान करेगा, बल्कि उत्तराखंड के अनूठे हस्तशिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करेगा।

हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को जीवित रखें। मुनस्यारी के ट्वीड जैसे उत्पाद हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक हैं। सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बढ़ावा मिले।”

सरकार के इस कदम से स्थानीय उद्योगों को नया जीवन मिलेगा और राज्य में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस पहल से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि स्थानीय उत्पाद पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।
इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों से भी अपेक्षा की है सभी लोग स्थानीय उत्पाद का उपयोग करें और कपड़े व स्थानीय ऊन से तैयार वस्त्रों को पहन कर इस अभियान को बढ़ावा दें।

निकाय चुनाव एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

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निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार
निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा प्रत्याशी विकास शर्मा को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय समर्थकों से राय-मशविरा करने के बाद लिया गया है और इसे कांग्रेस के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर सकता है। ठुकराल ने भाजपा में ज्वाइनिंग के बारे में कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात ही उनकी भाजपा में ज्वाइनिंग है, और उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उनकी राजनीतिक माता है। वे मुख्यमंत्री और पार्टी के संगठन के निर्देशों का पालन करेंगे और विकास शर्मा को जीत के रूप में मुख्यमंत्री को तोहफा देने का वादा किया।

गदरपुर नगर पालिका सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, खासकर अध्यक्ष पद को लेकर। कई वार्डों में बीजेपी को खतरा महसूस हो रहा है। कांग्रेस, जो अब निर्दलीय प्रत्याशी के पर्चे के निरस्त होने के बाद मजबूती से चुनाव में उतरी है, भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है।

गदरपुर की राजनीति में मौजूदा विधायक अरविंद पांडे की साख भी चुनाव में महत्वपूर्ण होगी। बीजेपी में दो गुटों की आपसी खींचतान और कई दावेदारों की नाराजगी चुनाव में अपनी भूमिका निभा सकती है। गुंजन सुखीजा गुट और अन्य नेताओं के बीच के मतभेदों से चुनाव में असंतोष और गुटबाजी के संकेत मिल रहे हैं।

निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

गदरपुर सीट पर बीजेपी के लिए अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। मनोज गुम्बर, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं, पार्टी के लिए एक अहम दावेदार बने हैं, लेकिन बीजेपी के कई पुराने कार्यकर्ता टिकट न मिलने से नाराज हैं। इन अंदरूनी मतभेदों के कारण बीजेपी को चुनाव में कठिनाई हो सकती है, और यह सीट पार्टी के लिए अग्नि परीक्षा साबित हो सकती है।

वीर शिरोमणि माधव सिंह भंडारी राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

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टिहरी में आज से पांच दिवसीय वीर शिरोमणि माधव सिंह भंडारी राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ हुआ है। इस उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के मलेथा गांव में इस मेले का उद्घाटन किया। यह मेला औद्योगिक और कृषि विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करेगा और स्थानीय उत्पादकों, किसानों तथा उद्योगपतियों के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

राज्य में निवेश के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों को प्रोत्साहित करेगी सरकार, 12 जनवरी को दून में होगा सम्मेलन

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राज्य में निवेश के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों को प्रोत्साहित करेगी सरकार, 12 जनवरी को दून में होगा सम्मेलन

देहरादून। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार 12 जनवरी को देहरादून में अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इस सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य में निवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि और उद्यान पर आधारित चार सत्र होंगे, जिनमें विशेषज्ञता के आधार पर प्रवासी उत्तराखंडियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखंडियों को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों से अवगत कराया जाएगा। इस सम्मेलन में अब तक 15 देशों के प्रवासी उत्तराखंडियों ने पंजीकरण कराया है।

सम्मेलन के चार प्रमुख सत्र इस प्रकार होंगे:

  1. उद्योग विभाग: इसमें विनिर्माण, ऊर्जा और स्टार्टअप क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
  2. पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस: इस सत्र में पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  3. कौशल विकास विभाग: इसमें कौशल विकास, विदेश में रोजगार, और उच्च शिक्षा के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
  4. कृषि विभाग: कृषि, हर्टिकल्चर, हर्बल मेडिसिन और एरोमा क्षेत्र की संभावनाओं पर बात होगी।

इसके साथ ही, प्रवासी उत्तराखंडियों से आग्रह किया जाएगा कि वे राज्य में एक गांव गोद लें और वहां विकास कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बैठक में निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाए। उन्होंने प्रत्येक सत्र के लिए संबंधित विभाग के सचिवों को नोडल अधिकारी बनाने की बात भी की।

उन्होंने जिला प्रशासन को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर और आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार, परिवहन, प्रोटोकॉल, आवास और ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिन कुर्वे, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, विनोद कुमार सुमन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

यूसीसी का अध्ययन, जनवरी के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना

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बीजेपी संकल्प पत्र में पुष्कर सरकार का समान नागरिक संहिता (यूसीसी)

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम जनवरी के पहले सप्ताह में प्रारंभ होने की योजना है। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक और गांवों के सर्विस सेंटर कर्मियों को यूसीसी के कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें यूसीसी के ऐप और वेबसाइट का उपयोग करके लोगों को शादी, तलाक, लिव-इन सहित विभिन्न पंजीकरण सेवाएं कराने, वसीयत तैयार करने और अन्य लाभ प्राप्त करने के तरीकों की शिक्षा दी जाएगी।

सचिव, गृह शैलेश बगौली ने बताया कि अगले सप्ताह से सरकार द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें डीएम कार्यालय से लेकर एसडीएम, ग्राम विकास, नगर निगम, टैक्स विभाग सहित अन्य विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। हालांकि, यह प्रक्रिया निरंतर चलने वाली होगी।

बीजेपी संकल्प पत्र में पुष्कर सरकार का समान नागरिक संहिता (यूसीसी)

यूसीसी को वास्तविकता में लागू करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नगर पंचायत और नगर पालिका स्तर के अधिकारियों तथा कर्मियों की होगी। हालांकि, मुख्यमंत्री धामी ने जनवरी में यूसीसी लागू करने की घोषणा की है, लेकिन सरकार का उद्देश्य पहले इसे यूजर-फ्रेंडली बनाना और नए कानून से संबंधित जानकारी से सभी कर्मियों को, खासकर गांवों में स्थित सर्विस सेंटर कर्मियों को, पूरी तरह से अवगत कराना है।

यूसीसी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार ने पूर्व आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया है। यह समिति ब्यूरोक्रेट्स के प्रशिक्षण, मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने, वेबसाइट सहित विभिन्न संसाधनों में मार्गदर्शन और परामर्श देने का कार्य कर रही है।

समिति में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, एडीजीपी अमित सिन्हा और स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा शामिल हैं। वर्तमान में यूसीसी की अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग के पास है। विधि विभाग ने उसमें कुछ संशोधन के सुझाव दिए हैं, जिन पर यूसीसी कार्यान्वयन समिति की सलाह के तहत काम किया जा रहा है।