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India-EU: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी की सराहना की, एफटीए पर उम्मीदें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच स्वाभाविक और प्राकृतिक साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह बयान हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में दिया। उन्होंने कहा, “हमने विभिन्न मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चा की है। हमारी टीमों को पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए पर काम करने और इसे इस साल के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच दो दशकों से स्वाभाविक और रणनीतिक साझेदारी रही है, जो साझा विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्य और समृद्धि की ओर एकजुटता से आगे बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई फैसले लिए गए हैं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच महत्वपूर्ण निर्णय:

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और ईयू ने कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए निर्णय लिए हैं, जिनमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, हरित विकास, सुरक्षा, और कौशल पर सहयोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दोनों पक्षों ने ग्रीन हाइड्रोजन फोरम और ऑफशोर विंड एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और ईयू ने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है और सेमीकंडक्टर, एआई और 6जी में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और सुरक्षित मूल्य श्रृंखला बनाने पर चर्चा की।

सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास का प्रतीक है। दोनों देश साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाएंगे।

ईयू प्रमुख वॉन डेर लेयेन का बयान:

संयुक्त प्रेस बयान में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “हमारे व्यापार और तकनीकी सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है। विकास और आर्थिक सुरक्षा एक साथ चलते हैं, और विश्वसनीय साझेदारों से उत्पाद प्राप्त करके हम निर्भरता से बच सकते हैं और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोप दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उनकी साझेदारी एक नए रणनीतिक एजेंडा की ओर बढ़ रही है। वॉन डेर लेयेन ने इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया और कहा कि यूरोप पहले ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और अब एफटीए पर काम करने से व्यापार संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग के प्रमुख के बीच यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित, हेली सेवा के किराये में बढ़ोतरी

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चारधाम यात्रा 2025 का आगाज 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे।

इस बार केदारनाथ हेली सेवा के किराये में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूूकाडा) ने हेली सेवा संचालन के लिए नौ एविएशन कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया है, जिसके तहत किराये में बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है।

हेली टिकटों की बुकिंग अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन की जाएगी। इस बार हेली सेवा के संचालन के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलिपैड से केदारनाथ के लिए हेली सेवा चलाने की तैयारी पूरी की जा चुकी है। पिछले वर्ष की तरह पवन हंस, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन, और एयरो एयरक्राफ्ट हेली सेवा का संचालन किया जाएगा। हालांकि, केदारनाथ हेली सेवा के किराये में 5% की बढ़ोतरी की जाएगी।

किराये की बढ़ोतरी के संबंध में शासन स्तर पर 5 मार्च को बैठक होने की संभावना है। साथ ही, केदारनाथ हेली सेवा के लिए चारधाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के यात्री हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं कर सकेंगे। एक आईडी से अधिकतम छह सीटों की बुकिंग की जा सकेगी, जबकि समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक बार में 12 सीट बुक कर सकते हैं।

केदारनाथ हेली सेवा का किराया (2023 और 2024 में और प्रस्तावित किराया):

रूट2023 किराया2024 किरायाप्रस्तावित किराया
सिरसी से केदारनाथ₹5498₹5772₹6061
फाटा से केदारनाथ₹5500₹5774₹6063
गुप्तकाशी से केदारनाथ₹7740₹8126₹8533

माणा हिमस्खलन में कुल 57 श्रमिक हुए प्रभावित, एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से हुई रवाना

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आज दिनाँक 28 फरवरी 2025 को श्री बद्रीनाथ धाम के पास माणा में हुई हिमस्खलन की घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ, रिधिम अग्रवाल ने बताया कि माणा गाँव, ज़िला चमोली के पास हिमस्खलन की घटना में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन (BRO) के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए। कमांडेंट BRO के अनुसार, अब तक 15 श्रमिक सुरक्षित हैं, जबकि 42 लापता थे। एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है।

लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र के सटीक निर्देशांक प्राप्त किये गए हैं। मौसम की स्थिति में सुधार होते ही एसडीआरएफ की हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को हेलीकॉप्टर से निकटतम उपलब्ध स्थान पर उतारा जाएगा।

SDRF एवं जिला प्रशासन द्वारा BRO एवं सेना के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि SDRF ड्रोन की टीम को भी तैयारी हालात में रखा गया है। भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल ड्रोन ऑपरेशन संभव नहीं हो पाया है।

अब तक 5 और व्यक्तियों को निकाला गया है, जिनमें से 3 घायल हैं और उन्हें सेना अस्पताल, माणा में भर्ती कराया गया है, जबकि 2 सामान्य स्थिति में हैं।

कुल श्रमिक – 57
अब तक सुरक्षित निकाले गए – 15
लापता – 42

प्रभावितों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।”

माणा गांव के निकट हिमस्खलन कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार

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जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।

ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।

भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।

सरकारी और व्यक्तिगत भूमि पर कब्जा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कार्मिक को चिह्नित किया जाए जो अपने दायित्वों का निर्वहन भली भांति नहीं करते हैं। ऐसे कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृति के लिए नियमानुसार कार्यवाही की जाए। प्रदेश में सरकारी भूमि और कई मामलों में लोगों की व्यक्तिगत भूमि पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विभिन्न अपराधों में लिप्त वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमत्री ने कहा कि त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने और बिजली चोरी को रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। मिलावटखोरों और बिजली चोरी करने वालों पर सख्त करवाई भी की जाय। ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा निरंतर अभियान चलाए जाय। पुलिस द्वारा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित सघन चैकिंग की जाए। एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराधियों की सूची बनाकर नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी करवाई की जाय।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिए कि राज्य में यातायात प्रबंधन की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि ट्रैफिक जाम से लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। पुलिस को रात्रि कालीन गश्त बढ़ाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में और प्रयास किए जाएं। इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, बार्बर, प्लंबर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के प्रशिक्षण और कौशल विकास की दिशा में कार्य किए जाएं।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

जाने माने गुरुओं के सानिध्य में होगा अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

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सात दिवसीय आयोजन में 20 हजार से अधिक योग साधकों के जुटने की उम्मीद

ऋषिकेश में 01 मार्च से 07 मार्च के बीच होने जा रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में धर्म, आध्यात्म और योग जगत के जाने माने गुरुओं और योगाचार्य का भी सानिध्य मिलेगा। योग महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा।

गढ़वाल मण्डल विकास निगम और पर्यटन विभाग द्वारा, गंगा रिसोर्ट ऋषिकेश में अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि आयोजन में इस बार 20 हजार से अधिक
योग साधक और प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

महोत्सव में स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी आत्मस्वरूप, जया किशारी, अक्षत गुप्ता का मार्गदर्शन मिलेगा। इसके साथ ही प्रतिदिन शाम को होने वाले सांस्कृतिक समारोह में इंडियन ओशियन, प्रेम जोशुआ, ज्योति नूरान, नरेंद्र सिंह नेगी और उत्तराखंडी लोक नृत्यों की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही अलग अलग सत्रों में ग्रैंड मास्टर अक्षर, योगी अभिषेक सोती, योगिनी उषा माता, डॉ लक्ष्मी नारायण जोशी, डॉ अर्पिता नेगी, योगिनी उर्मिला पांडेय और मेघा चौधरी भी लैक्चर देंगी। प्रतिदिन देश-विदेश के योगाचार्यों द्वारा साधकों और योग प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराये जाएंगे।

तीन दशक से लगातार चल रहा आयोजन

ऋषिकेश में तीन दशक से अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि गत वर्ष आयोजन में 42 देशों के 890 विदेशी मेहमानों ने प्रतिभाग किया था, इस बार यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रतिभाग के लिए ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी पंजीकरण किए जा रहे हैं, ऑनलाइन पंजीकरण https://gmvnonline.com पर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार योग महोत्सव ग्रीन थीम पर आयोजित किया जा रहा है, इसलिए महोत्सव से पहले और बाद में आयोजन स्थल और गंगा तट पर विशेष सफाई अभियान संचालित किया जाएगा।

‘ऋषिकेश, सदियों से योग की भूमि रही है। देश- विदेश के योग साधक इसीलिए ऋषिकेश खींचे चले आते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फिट इंडिया अभियान में भी योग की अहम भूमिका है। इसलिए सरकार ऋषिकेश में योग गतविधियों को लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रही है। अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव इसी दिशा में एक कदम है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।‘

1317 एलटी शिक्षकों को एक माह में मिलेगी तैनातीः डॉ. धन सिंह रावत

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प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में दी जायेगी प्रथम नियुक्ति

विभागीय अधिकारियों को निर्देश, नियत समय पर हो कार्रवाई

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक अध्यापक (एलटी) पद पर चयनित 1317 शिक्षकों को एक माह के भीतर नियुक्ति दी जायेगी। विभिन्न विषयों में चयनित इन शिक्षकों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर प्रथम तैनाती दी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि पर्वतीय जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में एक माह के भीतर एलटी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न विषयों के 1317 एलटी शिक्षकों का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। जिनमें गणित विषय में 153, सामान्य 237, विज्ञान 197, वाणिज्य 15, संस्कृत 21, उर्दू 1, इंग्लिश 164, हिन्दी 179, कला 229, संगीत 8, गृह विज्ञान 13 और व्यायाम विषय में 100 शिक्षकों का चयन किया गया है। डॉ. रावत ने बताया कि इन सभी चयनित शिक्षकों की प्रथम तैनाती गढ़वाल व कुमाऊं मण्डल के पर्वतीय एवं दुर्गम विद्यालयों में अनिवार्य रूप से की जायेगी। जिसमें गढ़वाल मंडल में चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी जनपद तथा कुमाऊं मण्डल में पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर, अल्मोड़ जनपद के दुर्गम और अति दुर्गम श्रेणी के विद्यालय शामिल है। इसके अलावा देहरादून जनपद के चकराता ब्लॉक और नैनीताल जनपद के ओखलकाण्डा ब्लॉक के दुर्गम विद्यालयों में भी चयनित शिक्षकों को प्रथम तैनाती दी जायेगी।

जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 12 विभिन्न विषयों के 1544 रिक्त पदों का अधियाचन सेवा चयन आयोग को भेजा गया था। जिसके सापेक्ष आयोग ने मण्डल व शाखावार 1317 पदों पर अंतिम चयन परिणाम जारी किया जबकि अवशेष पदों का चयन परिणाम न्यायालय में योजित याचिका के निस्तारण के उपरांत जारी किया जायेगा।

डा. रावत ने कहा कि सरकार का मकसद प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है, ताकि इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में और अधिक सुधार हो और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। नये शिक्षकों की नियुक्ति से जहां स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी वहीं छा़त्र-छात्राओं को भी पढ़ाई के लिये अन्यत्र विद्यालय नहीं जाना पड़ेगा।

10 मार्च से शुरु होगा तीन दिवसीय रेशम कृषि मेला, कृषि मंत्री गणेश जोशी करेंगे शुभारम्भ

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रेशम विभाग द्वारा 10 मार्च से तीन दिवसीय रेशम कृषि मेले का आयोजन देहरादून के सहसपुर में किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी करेंगे।

वीरवार को देहरादून स्थित कैम्प कार्यालय में रेशम विभाग की बैठक के दौरान कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रेशम कृषि मेले की तैयारियों को अंतिम रुप दिया गया। इस रेशम कृषि मेले में शहतूती एवं ओक तसर रेशम उत्पादन में कार्यरत उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के लगभग 400 रेशम कृषक प्रतिभाग करेंगे। मेले मे रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेशम कृषको को कृषि मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जायेगा।

रेशम मेले में एक रेशम तकनीकी प्रदर्शिनी भी आयोजित की जायेगी, जिसमे उत्पादन की तकनीकियो का सजीव प्रदर्शन किया जायेगा। मेले में रेशम विशेषज्ञों द्वारा कृषको को रेशम उत्पादन से सम्बंधित तकनीकी जानकारी भी प्रदान की जायेगी। मेले में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित रेशम क्षेत्र से जुडे हुये विभिन्न हितधारक जैसे उत्तराखण्ड रेशम विभाग, केंद्रीय रेशम बोर्ड सहित केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुसंधान संस्थानों के निदेशक सहित बडी संख्या में रेशम किसान प्रतिभाग करेंगे।

बयान: ‘‘रेशम किसानों के हितों के संरक्षण पर सरकार का विशेष ध्यान है। हमारे किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार हो, इसके लिए केन्द्र एवं राज्य स्तर पर अनेकों योजनाऐं संचालित की जा रही हैं। मैं रेशम कृषि मेले में अपने सभी रेशम किसानों को आमंत्रित करता हॅू‘‘: गणेश जोशी, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री, उत्तराखण्ड

पिछले साढ़े तीन साल में 20 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

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126 नव चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा नव चयनित अभ्यर्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों के विकास में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून में सजा और जुर्माने के कठोर प्राविधान किये गए हैं। जब मेहनती और ईमानदार व्यक्ति अपनी लगन और मेहनत के दम पर कोई पद प्राप्त करता है, तो वह आम लोगों की पीड़ा और समस्याओं को समझकर ईमानदारी से अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से शहरों के साथ गाँवों के विकास पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सख्त भू-कानून के लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है।

उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं करेंगे – सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था कि उत्तराखण्ड के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति तक विकास पहुंचे। सभी उत्तराखण्डवासी मिल जुलकर राज्य को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखण्ड वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आकर एक उत्तराखण्ड की भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चाहे वे कोई भी हों, मंत्री हों, विधायक हों, सांसद हों या कोई आम उत्तराखंडी ही क्यों न हों, उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा और उत्तराखंड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने सभी नवचयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जनवरी 2025 में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में अवस्थापना सुविधाओं के तहत पंचायत भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराये जा रहे हैं। विभाग द्वारा परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र ऑनलाइन निर्गत किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा क पंचायतों में कम्प्यूटीकरण का कार्य किया जा रहा है। आगामी दो वर्षों में सभी पंचायतों में कम्प्यूटर स्थापित किये जायेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष बी.एस वर्मा, सचिव पंचायतीराज चन्द्रेश यादव, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री Modi के फिट इंडिया संकल्प हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री ने शासकीय आवास पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के फिट इंडिया संकल्प को साकार करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से मोटापे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया था। ऐसे में प्रदेश में फिट इंडिया, फिट उत्तराखंड की मुहिम शुरू की जाए। स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े मौजूदा प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए एवं इस अभियान में खिलाड़ियों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।

साथ ही, रजत जयंती वर्ष के अवसर पर ड्रग्स फ्री उत्तराखंड संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अभियान को तेज करने, ड्रग्स तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने, एवं समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने हेतु भी अधिकारियों को निर्देश दिए। इस पहल से स्कूली छात्रों को भी जोड़ा जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ी नशे के दुष्प्रभावों से अवगत होकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सके।