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डी आई टी विश्वविद्यालय में एच आर कॉन्क्लेव आयोजित, एआई के युग में नियुक्ति के नए युग को समझना विषय पर चर्चा

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डी आई टी विश्वविद्यालय में आज एक दिवसीय एच आर कॉन्क्लेव विश्वविद्यालय के करियर डेवलपमेंट सेल की ओर से आयोजन किया गया जिसमें “भावी नेतृत्व के कौशल को उजागर करना” विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सचिव स्किल डेवलपमेंट एंड एंप्लॉयमेंट डिपार्मेंट श्री सी रविशंकर मौजूद रहे। इस मौके पर अन्य महानुभावों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान 80 के करीब कंपनियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सभी मौजूद अतिथियों ने दी प्रज्वलित कर की । कार्यक्रम की शुरुआत डी आई टी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ जी रघुरामा ने अपने स्वागत भाषण के साथ की जिसमें उन्होंने जोर दिया कि मानव संसाधन (एचआर) हर कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षा अनुसंधान, नवाचार और सैद्धांतिक ज्ञान में योगदान देती है, जबकि उद्योग वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। आगे रहने और भविष्य की चुनौतियों के लिए चुस्त और अच्छी तरह से तैयार कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डीआईटी विश्वविद्यालय और आईएमएस यूनिसन ने एनएचआरडी के सहयोग से इस मानव संसाधन सम्मेलन का आयोजन किया।

डीआईटी एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय है, जिसमें इंजीनियरिंग, कंप्यूटिंग, फार्मेसी, वास्तुकला और प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता है।
आईएमएस यूनिसन आतिथ्य प्रबंधन, कानून, जनसंचार और अन्य विषयों में विशेषज्ञता रखता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सी रविशंकर ने अपने वक्तव्य में कहां कि यह भाषण भविष्य के नेतृत्व को सही कौशल के साथ तैयार करने के महत्व पर जोर देता है, खासकर तेजी से तकनीकी परिवर्तन के युग में। वक्ता, सी. रविशंकर ने कई प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला जिनमें भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की अनिश्चितता मुख्य रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य अप्रत्याशित है, और आज प्रासंगिक कौशल सेट अप्रचलित हो सकते हैं।

क्षाविदों, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच निरंतर सहयोग भविष्य की जरूरतों की पहचान करने और उन्हें अपनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसी के साथ उन्होंने भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश विषय पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत में 2047 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है।

हालांकि, कार्यबल को कौशल प्रदान करने में विफल रहने से अवसर छूट सकते हैं, जैसा कि उन देशों में देखा गया है जहां कामकाजी आबादी बूढ़ी हो रही है। सी रविशंकर ने रोजगार में प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर बात करते हुए कहां की एआई और स्वचालन कई नौकरी भूमिकाओं की जगह ले लेंगे, लेकिन सहानुभूति, अखंडता और नैतिकता जैसे मूल मानवीय मूल्य अपूरणीय बने रहेंगे।

शिक्षा को तकनीकी कौशल के साथ-साथ इन मानवीय पहलुओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने डी आई टी विश्वविद्यालय एवं आईएमएस द्वारा आयोजित इस एच आर कॉन्क्लेव की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत खुशी है इस बात की कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा है और उनको बहुत गर्व महसूस हो रहा है यह बोलते हुए कि यह उत्तराखंड का पहला ऐसा कार्यक्रम है जहां पर इस तरह के विषयों पर चर्चा की जा रही है इसके लिए डी आई टी विश्वविद्यालय एवं आईएमएस बधाई के पात्र हैं।

कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि डॉ. टीवी राव अध्यक्ष टीवीआरएलएस, पूर्व प्रोफेसर आईआईएम अहमदाबाद फाउंडर प्रेसिडेंट ऑफ़ नेशनल एचआरडी नेटवर्क ने मूर्त बनाम अमूर्त संपत्ति विषय पर चर्चा की उन्होंने कहा कि 2025 तक, कॉर्पोरेट बाजार मूल्य का 90% अमूर्त संपत्ति होगी। अमूर्त (ब्रांडिंग, प्रतिष्ठा) पर अत्यधिक जोर मूर्त विकास (कौशल, बुनियादी ढांचे) द्वारा समर्थित होना चाहिए।
उदाहरण: भारतीय आईटी दिग्गजों ने अमूर्त संपत्तियों को मूर्त में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया है। उन्होंने बताया कि एचआर सभी के लिए है।
एचआर एक विभाग से सभी व्यवसायों के लिए एक रणनीतिक कार्य में विकसित हुआ है।

मानव संसाधन ( एच आर) को केवल संख्याओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए – लोगों में अनंत क्षमताएँ हैं।
एचआर का महत्व अक्सर करियर में बाद में महसूस किया जाता है; इस पर शिक्षा के शुरुआती दौर में जोर दिया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान एनएचआरडीएन के नेशनल प्रेसिडेंट प्रेम सिंह सहित एनएचआरडीएन उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष मिस्टर अल्ताफ हुसैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस मौके पर वीभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया गया जिनमें “पीढ़ीगत आकांक्षाओं को जोड़ना, सामूहिक भविष्य के लिए कार्यस्थल की गतिशीलता को समझना” और “एआई के युग में नियुक्ति के नए युग को समझना” विषय मुख्य रहे जिन पर चर्चा की गई

कार्यक्रम का समापन वाइस चांसलर आईएमएस यूनिवर्सिटी डॉ अनिल सुब्बाराव पायला ने सभी सम्मानित अतिथियों को मोमेंटो प्रदान कर एवं धन्यवाद भाषण सहित किया।

कार्यक्रम के कन्वीनर एवं प्लेसमेंट सेल DIT यूनिवर्सिटी प्रवीण सेमवाल एवं को कन्वीनर डॉक्टर प्रियंका चोपड़ा का विशेष सहयोग रहा।

भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर जारी रहेगा प्रहार, महत्वपूर्ण मुद्दों को हमने कभी ठंडे बस्ते में नहीं डालाः मुख्यमंत्री

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तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने साझा कीं प्राथमिकताएं

यूसीसी, भू-कानून, दंगा रोधी, नकल विरोधी कानून आदि पर चर्चा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर सरकार का प्रहार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान अनेक चुनौतियों सामने आईं, लेकिन उनका जनता के बीच खडे़ होकर सामना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी केे कथन के अनुसार ही उत्तराखण्ड प्रगति कर रहा है। निश्चित तौर पर यह दशक उत्तराखण्ड का होगा।

तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शनिवार कोे सीएम आवास स्थित मुुख्य सेवक सदन में पत्रकारोें से बातचीत की। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य के लिए अपनी प्राथमिकताओं को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि भाजपा की सरकार वापसी नहीं कर पाएगी। क्योंकि इस तरह की परिपाटी नहीं रही है। मगर जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देकर फिर से राज सौंप दिया। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष में सरकार के सामने कई तरह की चुनौतियां आईं, लेकिन सरकार ने धरातल पर जाकर उसका सामना किया। रैणी, सिलक्यारा, केदार घाटी से लेकर हालिया माणा की आपदा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय पीछे रहकर काम नहीं किया जाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 में जिस विकसित भारत का संकल्प लिया है, उसमेें अपनी भूमिका निभाने के लिए उत्तराखण्ड पूरी सार्मथ्य से काम कर रहा है। उन्होंने कनेक्टिविटी के विस्तार की बात करते हुए कई उदाहरण दिए और कहा कि उत्तराखण्ड अपनी क्षमताओं का आंकलन करते हुए इसी अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में अवैध निर्माण, कब्जों, अतिक्रमण केे खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। भ्रष्टाचार पर और सख्त प्रहार किए जाएंगेे।

यूसीसी, भू-कानून, नकल विरोेधी जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महत्वपूर्ण मसलों को ठंडे बस्ते में डालने में यकीन नहीं करती। इसलिए प्रमुख मुद्दों पर फैसले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण समेत लखपति दीदी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन से मातृ शक्ति के कल्याण के लिए ठोस कदम आगे बढ़ाए गए हैं। आंदोलनकारियों के लिए दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रवासी उत्तराखण्डियों के सम्मेलन केे माध्यम सेे प्रवासियों को राज्य के साथ जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में राज्य का पूरे देश में 13 वां स्थान पर आना सुखद संकेत है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हो या जी-20 बैठकों का आयोजन उत्तराखण्ड को इन आयोजनों से दूरगामी लाभ मिला है। सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में पहला स्थान महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष मेें राज्य का सालाना बजट एक लाख करोड़ को पार कर जाना बताता है कि चुनौतियों के बावजूद हम सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में कुंभ और इसके बाद नंदा राजजात का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इसके लिए तैयारी कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से जुड़ी सफलता की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा समेेत राज्य के कई स्थानों पर पहुंचकर पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान किया।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, महंत दिलीप रावत, राजकुमार पोरी और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की पुण्य भूमि प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट मैरियट रिजॉर्ट शुभांरभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मेरियट समूह को नए रिजॉर्ट के शुभारंभ अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की पुण्य भूमि प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क पूरे विश्व के वन्यजीव और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक यहां आकर राज्य की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं। इस नए रिसॉर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन संभावनाओं को नया आयाम मिलेगा और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने नई पर्यटन नीति के अंतर्गत निवेशकों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। आज कई बड़े होटल समूह और रिसॉर्ट उत्तराखंड में निवेश कर रहे हैं। तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। जिससे प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और व्यवसाय के अवसर प्राप्त होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। केदारखंड की भांति मानसखंड कॉरिडोर योजना के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। राज्य में इस वर्ष से शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की गई है। जिसको प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर्षिल- मुखबा के दौरे पर आए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार, राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को बढ़ावा दे रही है। राज्य में फिल्म शूटिंग को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम प्रारंभ किया गया है।उत्तराखंड देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। रामनगर, मसूरी और नैनीताल के साथ ही औली, चौकोरी, मुन्स्यारी जैसे पर्यटक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र में स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इस दौरान रामनगर में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, मेयर दीपक बाली, विनय जिंदल जी, रेखा जिंदल जी, विकास जिंदल जी, अरूण कुमार, बांके गोयनका एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए- मुख्यमंत्री

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राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए।

सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए।

राज्य स्थापना से अब ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की हुई वृद्धि।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए। इस दीर्घकालिक योजना में आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 सालों की राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए। राज्य की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन, तीर्थाटन, ऊर्जा,कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, समाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य में 2047 तक की वित्तीय स्थिति के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बजट प्रबंधन के लिए नीति निर्माण में डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग किया जाए। योजना बनाने में विशेषज्ञों और आम जन के सुझाव भी लिये जाएं। सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में राजस्व प्राप्ति के लिए कर राजस्व, गैर कर राजस्व, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कर संग्रह और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय बजट 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि राजस्व व्यय 90.50 प्रतिशत हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कलक्शन बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए। छापामारी की कार्रवाई निरंतर की जाए। एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। जीएसटी फाइल करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्थापना के बाद से ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कलक्शन 233 करोड़ से बढ़कर 11289 करोड़ हुआ है। राज्य के कर स्रोतों में जीएसटी और वैट की भागीदारी 62 प्रतिशत, एक्साइज की 19 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट की 05 प्रतिशत, स्टैंप की 08 प्रतिशत और खनन की 05 प्रतिशत भागीदारी है। राज्य में आईटीसी फ्रॉड के 848 मामलों और 165 फेक फर्मों को चिन्हित किया गया है। राज्य में फेक जीएसटी रजिस्ट्रेशन को चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 51 जीएसटी रजिस्ट्रेशन गैर मौजूद पाये जाने पर उनका पंजीकरण निरस्त किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी एवं जीएसटी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र अप्रैल-मई से होंगे हाईटेक

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राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र अप्रैल-मई से हाईटेक हो जाएंगे। पहले चरण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे और उन्हें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। स्मार्टफोन अप्रैल में मिलेंगे और मई में प्रत्येक जिले में पोषण ट्रैकर एप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

फोन या एप से जुड़ी कोई भी तकनीकी समस्या हल करने के लिए हर जिले में सर्विस सेंटर खोला जाएगा। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों की कार्यकर्ताओं को तकनीकी सहायता देने के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य में 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन देने के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है।

शुक्रवार को स्मार्टफोन को तकनीकी मंजूरी भी मिल गई। हाल ही में विभाग की वार्षिक प्रस्तुति में केंद्र सरकार के सामने कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन दो जीबी डेटा देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को फोन के साथ एक विशेष पारदर्शी कवर भी दिया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में फोन सुरक्षित रहे।

पोषण ट्रैकर एप के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी। इससे सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, कार्यकर्ताओं की दैनिक गतिविधियों, उपस्थिति और सेवाओं को अपडेट करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों को पारदर्शी बनाना और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है। इससे मिशन पोषण और आईसीडीएस के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह कदम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को आसान बनाने, बच्चों और महिलाओं के पोषण तथा विकास को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

जब तक हमें स्मार्टफोन या डेटा रिचार्ज नहीं मिलेगा, हम ट्रैकर एप से फेस कैप्चरिंग के माध्यम से हाजिरी दर्ज नहीं कराएंगे। संगठन ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से यह बताया है कि बिना प्रशिक्षण के किसी कार्यकर्ता पर एप का इस्तेमाल करने का दबाव नहीं डाला जाए। रेखा नेगी, प्रदेश अध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन

विकास की नींव चुनौतियों का सफर तीन साल में धामी की धमक

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समावेशी विकास और न्याय जैसी उपलब्धियां रही धामी सरकार की खूबियां: चौहान

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का तीन साल का सफर समावेशी विकास , न्याय और राज्य हित मे कई बड़े फैसलों के लिए जाना जायेगा। उन्होंने कहा कि अपार ऊर्जा से भरे युवा सीएम धामी निश्चित रूप से राज्य को देश के श्रेष्ठ राज्यों मे सुमार करने की दिशा मे सफल होंगे यह निश्चित है।

चौहान ने कहा कि सीएम धामी विकास के लिए प्रतिबद्ध रहे है और उन्होंने दलगत भावना से उपर उठकर विपक्षी विधायकों से क्षेत्र के कार्यों की सूची मांगी जिससे विकास कार्य सम भाव से आगे बढे। समय समय पर विपक्ष भी उनकी इस पहल के कसीदे गढ़ता रहा।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम धामी ने जीरो टॉलरेंस की नजीर पेश की और बिना काल खंड को देखकर कड़े फैसले लिए हैं। भर्ती घोटालों, विस मे नियुक्ति के मामले अथवा अन्य मुद्दों पर जांच एजेंसियों को फ्री हैंड दिया गया। नतीजा कड़ा नकल विरोधी कानून अस्तित्व मे आया और दोषी सलाखों के पीछे पहुंचाए गए। लैंड फ्राड के मामले मे भी कड़े कदम उठाये गए तो जमीन हड़पे जाने से निराश पीड़ितों को भी न्याय सुलभ हो पाया। आम जन की सुनवाई के लिए अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है।

चौहान ने कहा कि राज्य के सांस्कृतिक सरंक्षण और डेमोग्राफी परिवर्तन के खिलाफ कड़ा भू कानून अस्तित्व मे आया जो राज्यवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग थी। वहीं महिलाओं को अधिकार देने तथा सभी को समान अधिकार वाले यूसीसी को भी कानूनी जामा पहनाया गया। अब नाम बदलकर कोई छल से मातृ शक्ति के साथ छल नही कर पायेगा। वहीं मातृ शक्ति को क्षेतिज आरक्षण देकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कई योजनाएं अमल मे लायी गयी है। लैंड जिहाद, दंगानिरोधी कानून, लव जिहाद तथा धर्मांतरण के खिलाफ लाये गए कानून एक सामाजिक कवच का कार्य करेंगे।

चौहान ने कहा कि धामी सरकार युवाओं को रोजगार देने के मामले मे अब तक पहले स्थान पर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य मे पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार मे खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे सर्वाधिक चर्चा होती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन मे धामी राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य की दिशा मे आगे बढ़ा रहे हैं। आज राज्य मे बढ़ती कनेक्टिविटी से राज्य पर्यटन प्रदेश की और अग्रसर है और सीएम धामी के नेतृत्व मे राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है जो कि सुखद है।

पुष्कर सरकार ने तीन सालों में बढ़ाया देश में अपना कद

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देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार पार्ट दो के तीन साल पूर्ण होने पर आयोजित मीडिया वार्ता में सीएम धामी ने कहा सरकार का कार्यकाल जनता को समर्पित रहा है। भू कानून, नकल विरोधी, दंगा कानून से लेकर उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश भर में अपनी अलग पहचान कायम कर मजबूत सरकार के इरादों को कायम किया है।

मुख्य सेवक सदन में पुष्कर सिंह धामी ने अपने तीन साल के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा महिला वर्ग के लिए सरकार ने खास योजनाओं को मूर्त रूप देकर राज्य को अलग पहचान देने का काम किया है। लखपति दीदी योजना से गांव से लेकर हर वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इस वर्ष एक लाख से अधिक लखपति दीदी बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, सरकार अपने मजबूत इरादों से चुनौतियों का सामना कर राज्य को विकास की गति पर आगे लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को पूरा किए जाने में उत्तराखंड निरंतर आगे बढ़ते कदमों से अपनी अलग पहचान कायम कर रहा है।

उन्होंने कहा सख्त नकल विरोधी कानून से राज्य में पारदर्शी रोजगार को बढ़ाया गया है जिसका लाभ अब अपने लिए नौकरी के अवसरों में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों को मिल रहा है। अब राज्य में पारदर्शी सरकारी नौकरियों में अच्छा रिजल्ट आ रहा है, सरकार ने नकल करवाने वाले सिंडिकेट को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर साफ नियत से सरकार की छवि जनता में बनाई है जिसके चलते राज्य में बीजेपी सरकार के प्रति भरोसा अधिक हुआ है।

राज्य में अवैध मजारों से लेकर अतिक्रमण करने वालों को सरकार ने सबक सिखाया है। भविष्य में भी सरकार की मुहिम जारी रहेगी। हमारी सरकार मजबूत इरादों से संकल्पों को आगे बढ़ा रही है। हर जिलों में सरकार पर भरोसा बताता है जनता की सरकार जनता के इरादों को आगे लेकर चल रही है। राज्य में पहली बार प्रवासी सम्मेलन आयोजित कर सरकार ने उत्तराखंड में निवेश का माहौल बनाया है जो राज्य के विकास में नए चेंजिंग जोन के रूप विकसित हुआ है।

लोगों को सुविधाजनक, सुरक्षित और इफेक्टिव डिजिटल बैंकिंग सेवाएं देना सुनिश्चित करें बैंकर्स- वित्त सचिव

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कम सीडी रेशियो परफॉर्मिंग वाले बैंक इफेक्टिव मॉनिटरिंग प्लान बनाकर इसको बढ़ाना सुनिश्चित करें

दूरस्थ क्षेत्रों में इलेक्ट्रिसिटी और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी बैंकिंग सेवाओं में बाधक नहीं बननी चाहिए

उपरोक्त दिशा – निर्देश वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में दिए।

सचिव ने निर्देश दिए कि जिन बैंकों का सीडी रेशियो अनुपात कम है वे बैंक इफेक्टिव मॉनिटरिंग प्लान बनाकर सीडी रेशियो अनुपात बढ़ाएं।

उन्होंने लोगों को सुविधाजनक, सुरक्षित और इफेक्टिव डिजिटल बैंकिंग सुविधा देने के निर्देश दिए। कहा कि जहां पर इलेक्ट्रिसिटी अथवा नेट कनेक्टिविटी के इशू हैं उनका तत्काल समाधान करें।
निर्देश दिए कि बैंकिंग मित्र लोगों तक अधिक- से – अधिक पहुंचे तथा लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान कराएं और उनको फैसिलिटेट करें।

सचिव ने कॉर्पोरेट बैंकों को भी सरकारी बैंकों और कोऑपरेटिव बैकों की तरह आम जनमानस को डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बैंकिग सलाहकार समिति को निर्देशित किया कि बैंकिंग सेवाओं से अनाच्छादित 10 गाँवो को आच्छादित करने हेतु यूपीसीएल,बी.एस.एन.एल. एवं उरेडा के साथ एक बैठक कर अतिशीघ्र इस मुददे का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

सभी बैंकर्स और रेखीय विभाग आपसी बेहतर समन्वय से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ आम जनमानस को देना सुनिश्चित करें।

सहायक महाप्रबंधक एसएलबीसी, उत्तराखंड राजीव पंत ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवगत कराया कि राज्य के ऋण-जमा अनुपात में सितम्बर, 2024 से दिसम्बर, 2024 तक 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. अब ऋण जमा अनुपात 54.01% हो गया है। जिसे और अधिक बढ़ाये जाने की आवश्यकता है।

सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत दिनांक 31.12.2024 तक पी.एम.जे.डी.वाई में (PMJDY) 38,95,316, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) में 41,07,249 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में 13,36,325 तथा अटल पेंशन योजना (APY) में 8,34,002 खातों को आच्छादित किया गया है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत राष्ट्रीय औसत कवरेज 40,000 (प्रति लाख) है, जबकि उत्तराखंड राज्य में यह औसत 48.000 तक पहुँच चुका है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत राष्ट्रीय औसत ऋण राशि ₹62.686/ है, जबकि उत्तराखण्ड राज्य का औसत ₹93,900/- है।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा राज्य में वित्तीय वर्ष के द्वितीय त्रैमास में 9711 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें से 1683 उद्यमियों द्वारा स्ववित्तपोषण से तथा 2819 उद्यमियों द्वारा बैंक ऋण प्राप्त कर व्यवसाय प्रारम्भ किया गया।

वित्तीय साक्षरता केन्द्र द्वारा कुल 385 वित्तीय साक्षरता कैम्प आयोजित किये गये हैं, जिनमें 12203 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

राज्य के समस्त जिलों के 32 केन्द्रों में प्रायोजक बैंकों (भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा) के सहयोग से CRISIL Foundation (implementing NGO) द्वारा सी.एफ.एल. केन्द्र की स्थापना की गयी है, जो कि अपने केन्द्र के नजदीक दो अन्य ब्लाकों को कवर कर रहे हैं। उक्त संस्था द्वारा वित्तीय साक्षरता हेतु फेज 1 में 924 कैम्प में 29783 प्रतिभागियों तथा फेज 2 में 604 कैम्प में 19774 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

नाबार्ड द्वारा अवगत कराया गया कि विशेष ध्यान केंद्रित जिले (Special Focus Districts) अंर्तगत आने वाले पात्र बैंक (SCB-including SFB & PB, RRB, RCB) जहा पर आंतरायिक कनेक्टिविटी (Intermittent connectivity) नही रहती है वहां पर नाबार्ड द्वारा Kiosk/Fixed CSP, New branches opened और Existing branches में सौर ऊर्जा इकाई / यूपीएस लगाने हेतु 1 लाख प्रति युनिट का अनुदान दिया जा सकता है। राज्य में कृषि क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न योजनायें संचालित की जा रही हैं, जिसमें उद्यमियों को सब्सीडी भी प्रदान की जाती हैं। अतः बैंक इन योजनाओं में अधिक- से- अधिक ऋण प्रदान कर राज्य का ऋण-जमा अनुपात बढ़ा सकते हैं।

बैठक में अपर सचिव अभिषेक रोहेला, नवीन कुमार, सहायक महाप्रबन्धक नाबार्ड, धीरज कुमार अरोड़ा सहायक महाप्रबन्धक भारतीय रिर्जव बैंक सहित सभी बैंकों के नियंत्रक द्वारा प्रतिभाग किया गया।

सीएम के मार्गदर्शन में सुदुरवर्ती क्षेत्र त्यूनी में डीएम भ्रमण, जरूरतमदों असहायों के लिए बना वरदान

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असहाय, बेबसों के चेहरे पर मुस्कान खिला गया, डीएम का दूर दरबार

50 प्रतिशत् दिव्यांग पिता-पुत्र, जगतराम, सुमित को मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण पत्र,पेंशन स्वीकृत

आर्थिक सहायता को 02 वर्ष से भटक रही फरियादी प्रमिला देवी को मौके पर ही भवन क्षति सहायता चैक

गरीब महिला दुुर्गा देवी का 18 हजार विद्युत बिल भुगतान डीएम रायफल फंड से।

16 वर्षीय दिव्यांग किशोरी व 11 वर्षीय दिव्यांग बालक को व्हीलचेयर, पेंशन, पढाई हेतु स्पोंसरशिप योजना से 4 हजार प्रतिमाह

बाणाधार में पंहुचा गैस वितरण वाहन, डीएम से किया था अनुरोध अगले 24 घंटे में निर्णय धरातल पर

मिला त्वरित समाधान, विद्युत बिल माफ, आर्थिक सहायता, दिव्यांग प्रमाण पत्र, पेंशन मौके पर ही ।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने दुरस्त क्षेत्र त्यूनी भ्रमण कर आयोजित बहुउद्देशीय शिविर जहंा क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुना तथा अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। बड़ी संख्या लोग बहुउद्देशीय शिविर में पंहुचे विभिन्न विभागों के स्थापित स्टॉल पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए।

सुनीर निवासी दिव्यांग 50 प्रतिशत दिव्यांग पिता-पुत्र जगतराम (पिता), सुमित (पुत्र) को मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण पत्र, पेंशन

बहुउद्देशीय शिविर में आए सुनीर निवासी जगतराम पुत्र कालसू, सुमित पुत्र जगतराम जो दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं पेंशन के लिए लम्बे समय से भटक रहे थे, डीएम के संज्ञान में प्रकरण आते ही जहां उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया गया वहीं पेंशन की औपचारिकताएं पूर्ण करवाई गई।

गरीब महिला दुुर्गा देवी का 18 हजार विद्युत बिल माफ, भुगतान डीएम रायफल फंड से।

फनार निवासी दुर्गा देवी ने डीएम को अपनी परिस्थिति सुनाते हुए बताया कि उनकी पति की मृत्यु पिछले वर्ष हो गई है, उनके पंाच बच्चें हैं जिनका भरणपोषण वह मजदूरी कर कर रही हैं उनकों जानकारी नही थी उनका विद्युत बिल 17 हजार है, जिसे माफ करने की गुहार लगाई, जिस पर डीएम ने उक्त महिला के बिल का भुगतान रायफल फंड से विद्युत विभाग को करवाने के निर्देश तहसीलदार को त्यूनी को दिए।

आर्थिक सहायता को भटक रही प्रमिला देवी को तत्काल आर्थिक सहायता चैक

मुन्धौल निवासी गरीब महिला प्रमिला देवी, जिसने अपनी व्यथा डीएम को सुनाई तथा

भवन क्षति पर आर्थिक सहायता का आवेदन किया, जिस पर डीएम ने त्वरित कार्यवाही कराते हुए मौके पर ही आर्थिक सहायता के आदेश किये, जिस पर तहसील त्यूनी में महिला के नाम आर्थिक सहायता का चैक जारी कर दिया है।

16 वर्षीय दिव्यांग किशोरी व 11 वर्षीय दिव्यांग बालक को व्हीलचेयर, पेंशन, पढाई हेतु स्पोंसरशिप योजना से 4 हजार प्रतिमाह

बहुउद्देशीय शिविर में 16 वर्षीय किशोरी रविना तथा 11 वर्षीय डिरनाड़ निवासी दिव्यांग बालक कार्तिक को स्पॉंसरशिप योेजना से शिक्षा हेतु 4 हजार प्रतिमाह की सहायता हेतु आवेदन को स्वीकृति प्रदान की गई तथा समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

बाणाधार में पंहुचा गैस वितरण वाहन, डीएम से किया था अनुरोध अगले 24 घंटे में निर्णय धरातल पर

बहुउद्देशीय शिविर में ग्राम पंचायत बाणाधार के निवासियों ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके गांव से 04 किमी तक चिल्हाड़ तक गैस वाहन आता है उनके गावं नही आता जिससे लम्बी दूरी तय करनी पड़ती,बाणाधार तक गैस वितरण प्वांईट बढाने की मांग की जिस पर डीएम ने त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए थे, जिस आज अमल कराते हुए ग्राम बाणाधार तक गैस वितरण प्वंाइट बनाते हुए गांव वासियों को सुगम सुविधा प्रदान की गई है, जिस पर ग्रामीणों ने त्वरित एक्शन के लिए डीएम का धन्यवाद किया।

जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। इसी का परिणाम है कि शिविर में 1300 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया तथा स्वास्थ्य परीक्षण, प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार अपडेशन, उपकरण, व्हीलचेयर वितरण, पेंशन, किसान क्रेडिट कार्ड आदि सुविधाएं मौके पर ही मुहैया कराई गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पाकिस्तान से हिंदुओं के हो रहे पलायन और उन्हें शरण देने का मुद्दा सदन में उठाया

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राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पाकिस्तान से हिंदुओं के हो रहे पलायन और उन्हें शरण देने का मुद्दा सदन में उठाया है। जिसमें सरकार ने बताया कि धार्मिक आधार पर पीड़ित सभी अल्पसंख्यकों को दीर्घकालीन वीजा नियमों के दायरे में शरण दी जा रही है।

राज्यसभा में उन्होंने केंद्र सरकार से अतारांकित प्रश्न संख्या 2327 के तहत इस विषय पर जानकारी मांगी है। जिसमें विदेश मंत्रालय से पूछा गया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान से हिंदू समुदाय के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव के कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है। क्या ऐसे लोग पाकिस्तान के भीतर ही किसी अन्य प्रांत में पलायन कर रहे हैं या फिर किसी अन्य देश में पलायन कर रहे है। इसी तरह हिंदुस्तान आने वाले हिंदुओं पर सरकार का रुख क्या है।

इसके ज़बाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के विरुद्ध अत्याचार की खबरें प्राप्त हुई हैं, जिनमें हिंदू समुदाय के सदस्य भी शामिल हैं। समय-समय पर धमकी, अपहरण, उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई सदस्य इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग में भारतीय वीज़ा के लिए आवेदन करते हैं, जिन पर मौजूदा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। उनमें से कुछ जो वैध वीज़ा के साथ भारत आए थे, धार्मिक उत्पीड़न के आधार पर पाकिस्तान वापस नहीं गए हैं। पाकिस्तान से आने वाले हिंदू प्रवासी जो भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के उद्देश्य से स्थायी निवास की मांग कर रहे हैं, मौजूदा प्रावधानों के अनुसार दीर्घकालिक वीज़ा (एलटीवी) प्राप्त कर रहे हैं। जिनपर भविष्य में तय नियम के अनुसार नागरिकता देने की संभावनाएं बरकरार हैं।