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न्यायालय का सम्मान, यूसीसी पर मजबूती से पक्ष रखेगी सरकार: चौहान

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महिला विरोधी और तुष्टिकरण के पैरोकार गलतफहमी मे, उतराखंड से निकलेगी समान अधिकार की गंगा

देहरादून 13 फरवरी। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने हाईकोर्ट में यूसीसी को लेकर दाखिल याचिका पर कहा कि न्यायालय का सम्मान करते हुए सरकार मजबूती से अपना जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अधिकारों के विरोधी और विघ्न संतोषी लोगों को किसी किसी गलतफहमी मे रहने की जरूरत नही, क्योंकि प्रदेश से निकली यूसीसी की गंगा समूचे राष्ट्र को एक देश एक समान कानून के सूत्र में पिरोकर ही रहेगी।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों के जवाब मे उन्होंने कहा कि हम न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं, लिहाजा सरकार द्वारा शीघ्र यूसीसी पर जवाब दाखिल किया जाएगा। समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार द्वारा लंबी संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों द्वारा लाखों लोगों से रायशुमारी की गई। जिसमें सभी सामाजिक, राजनीतिक, वर्गों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों एवं संस्थानों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए गए हैं। लगभग 3 वर्षों की लंबी और विस्तृत प्रक्रिया के बाद तैयार यूसीसी पर कानून एवं कार्यपालिका के शीर्ष जानकारों द्वारा समीक्षा की गई। विधानसभा में भी सभी पक्षों के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस पर चर्चा की गई और अंततः आज सभी देवभूमिवासी, एक समान कानून का लाभ ले रहे हैं। भाजपा की नीयत, सरकार की नीति और जनता की यूसीसी को लेकर अपेक्षा के आधार पर हमे विश्वास है कि न्यायालय में हमारा पक्ष मजबूती से सामने आएगा। जिससे आने वाले समय में इस विषय को लेकर सभी कानूनी आपत्तियों का निस्तारण हो सकेगा।

उन्होंने याचिका को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रियाओं पर कटाक्ष किया कि महिला विरोधी और तुष्टिकरण की नीति अपनाने वालों से इससे इतर अपेक्षा नहीं की जा सकती थी। क्योंकि यही लोग संविधान निर्माताओं की इच्छा के विरुद्ध अब तक देश में यूसीसी को लागू नहीं करने वालों में हैं। यही लोगों वर्ग विशेष की तुष्टि के लिए मुस्लिम पर्सनल ला और वक्फ बोर्ड कानून लेकर आए और हिंदू कोड बिल को थोपा।

बरहाल किसी को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि देवभूमि से निकली यूसीसी की इस गंगा को अब कोई नहीं रोक सकता है। इस कानून में विद्यमान राष्ट्र एकरूपता का तत्व सभी बाधाओं को दूर करते हुए, देशवासियों को कानूनी समानता देकर रहेगा।

शानदार समापन के लिए सज गया गौलापार

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आयोजन से ठीक 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने परखी व्यवस्थाएं

लगभग 15000 लोगों के बैठने के किए गए हैं इंतजाम

हल्द्वानी 13 फरवरी: 38वें नेशनल गेम्स के शानदार समापन के लिए गोलापुर स्टेडियम सज कर पूरी तरह तैयार है समापन समारोह शुरू होने से ठीक 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने निरीक्षण कर तैयारी को अंतिम रूप दिया। समापन समारोह में करीब 15000 लोगों के बैठने के इंतजाम किए गए हैं।

निरीक्षण के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारे सभी मेहमानों ने माना है कि यह अब तक के सबसे भव्य राष्ट्रीय खेल हुए हैं, इसलिए हम खेलों का समापन भी शानदार तरीके से करने जा रहे हैं।खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने इन खेलों में अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे समापन समारोह की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ गई है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हमारे प्रदेश के सभी पदक विजेताओं को समापन समारोह में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा समापन समारोह में उन सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने इवेंट्स में पिछले नेशनल रिकॉर्ड तोड़े हैं। खेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के परंपरागत योगासन का समापन समारोह में विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और खेल मंत्री मैं फेंसिंग के पदक विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया।

सुखविंदर और श्वेता बढ़ाएंगे शान

समापन समारोह में मशहूर बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर और कुमाऊनी गायिका श्वेता माहरा की परफॉर्मेंस भी होगी। कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शुरू हो जाएंगे। सबसे पहले दिगारी ग्रुप और श्वेता की परफॉर्मेंस रहेगी। इसके बाद औपचारिक आयोजन करीब सवा घंटे तक चलेगा। अंत में बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर जलवा बिखेरेंगे।

शूटिंग के विजेताओं को खेल मंत्री ने पहनाए पदक

रुद्रपुर की 46 वी वाहिनी पीएसी परिसर में चल रही शूटिंग प्रतियोगिता में मिक्स डबल स्किट इवेंट के विजेताओं को बृहस्पतिवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक पहनाकर सम्मानित किया। खेल मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बहुत कम समय में तैयार की गई शूटिंग रेंज को भी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की प्रशंसा मिलना अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर आने वाले समय में शूटरों की नर्सरी बनकर उभरेगा।

38वें राष्ट्रीय खेल में कयाकिंग और कैनोइंग स्प्रिंट के रोमांचक मुकाबले, सर्विसेज और उत्तराखंड ने दिखाया दम

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टिहरी झील के पानी में कयाकिंग और कैनोइंग स्प्रिंट के आखिरी दिन का नज़ारा देखने लायक था। 38वें राष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, लय और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। खासकर महिला और पुरुष वर्ग के 500 मीटर स्पर्धाओं में जबरदस्त टक्कर देखने को मिली।

महिला K-4 500 मीटर स्पर्धा
महिला K-4 500 मीटर रेस में ओडिशा की टीम ने सुनहरी जीत दर्ज की। श्रुति चौगुले, ओइनम बिद्या देवी, ओइनम बिनिता चानू और ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी की चौकड़ी ने 01:46.95 में रेस पूरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें निधि, डैली बिश्नोई, मनस्विनी स्वैन और एल. मीना देवी शामिल थीं, ने 01:48.65 में फिनिश लाइन पार कर रजत पदक जीता। वहीं, केरल की अन्ना एलिजाबेथ, एलीना बिजू, एंड्रिया पॉलोस और ट्रीसा जैकब की टीम ने 01:49.19 के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा

उत्तराखंड की फेयरेंबन सोनिया देवी ने महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 02:06.935 सेकंड में रेस पूरी कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सर्विसेज की जी. पार्वती ने 02:07.800 के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओडिशा की ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी ने 02:08.466 के समय के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

पुरुष K-4 500 मीटर स्पर्धा
पुरुषों की K-4 500 मीटर रेस में सर्विसेज की टीम ने शानदार तालमेल और गति का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। सनी कुमार, वरिंदर सिंह, गोली रमेश और अजीत सिंह की टीम ने 01:28.320 में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। मेजबान राज्य उत्तराखंड की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी। आदित्य सैनी, विशाल ढांगी, हर्षवर्धन सिंह शेखावत और प्रभात कुमार की टीम ने 01:28.609 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें अक्षित बरोई, हिमांशु टंडन, सचिन और निंगोंबम मंजीत मीतेई शामिल थे, ने 01:30.355 में फिनिश लाइन पार कर कांस्य पदक जीता।

झील पर रोमांचक नज़ारा

टिहरी झील का वातावरण जोश और रोमांच से भरा रहा। राज्य सरकार और आयोजन समिति ने इस ऐतिहासिक स्थल पर खेलों का आयोजन कर एक नई पहचान बनाई है। खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि भारत में जल क्रीड़ा की क्षमता तेजी से बढ़ रही है।

राष्ट्रीय खेलों ने युवाओं को खेल अपनाने के लिए किया प्रेरित

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38वें राष्ट्रीय खेल का समापन करीब है। इस आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि देशभर के युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खेलों के प्रति बढ़ती रुचि

राष्ट्रीय खेल के दौरान देशभर से आए एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से युवाओं में खेलों के प्रति नया जोश और उमंग भर दी। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और अन्य खेल स्थलों पर युवाओं ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को लाइव खेलते देखा, जिससे उनमें भी खेलों के प्रति रुचि बढ़ी।

देहरादून के रहने वाले 17 वर्षीय आदित्य, ने कहा, “मैंने पहली बार इतने बड़े खिलाड़ियों को सामने से खेलते देखा। अब मैं भी अपने राज्य और देश के लिए पदक जीतना चाहता हूं।”

सरकारी प्रयास और नई उम्मीदें

उत्तराखंड सरकार और खेल मंत्रालय ने इस आयोजन के जरिए स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया I

खेलों में करियर की संभावनाएं

इस आयोजन के बाद युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जहां पहले खेलों को केवल शौक के रूप में देखा जाता था, वहीं अब छात्र-युवा इसे एक पेशेवर विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।

38वें राष्ट्रीय खेल ने न केवल खेलों को उत्सव की तरह मनाने का मौका दिया, बल्कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को खेलों से जोड़ने का एक माध्यम भी बना। खेलों के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं यह संकेत देती हैं कि भारत का खेल भविष्य उज्ज्वल है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड सरकार की पहल, खिलाड़ियों को मिली नई ऊर्जा

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उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल का आज अंतिम दिन है, और कल भव्य समापन समारोह का आयोजन होगा। बीते दिनों में उत्तराखंड सरकार ने खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और माननीय खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न खेल स्थलों का दौरा कर खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनकी जरूरतों को समझा और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है और सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।

खेल मंत्री ने भी विभिन्न खेल स्थलों पर जाकर खिलाड़ियों से संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। सरकार ने न केवल खेलों के आयोजन में अहम भूमिका निभाई, बल्कि खेल सुविधाओं के उन्नयन के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

बीते दिनों में खेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्थलों पर जाकर खिलाड़ियों की हौसलाफजाई की और उन्हें प्रेरित किया कि वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदेश में खेलों की सुविधाओं को और उन्नत किया जाएगा, ताकि भविष्य में उत्तराखंड के खिलाड़ी देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

राष्ट्रीय खेलों के इस आयोजन ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के खिलाड़ियों को नई ऊर्जा दी है। समापन समारोह से पहले राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चत करने के लिए दिये निर्देश

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राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए वनाग्नि की पिछली घटनाओं में आई समस्याओं का ध्यान में रखते हुए आगे की योजनाएं बनाई जाए। वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागों के साथ ही सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों और वन पंचायतों का भी वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सहयोग लिया जाए। वनों में आग लगाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को आई.टी.पार्क देहरादून स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में वनाग्नि नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयेजित मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को एकजुटता से कार्य करना होगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चत करने के लिए पत्र जारी किया जाए। वनाग्नि को रोकने के लिए शीतलाखेत मॉडल के साथ ही चाल-खाल, तलैया और अन्य प्रभावी उपायों पर कार्य किये जाएं। इसके लिए जलागम विभाग का भी सहयोग लिया जाए। आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर अधिक बल दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि से राज्य को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ता है। वन संपदा के नुकसान के साथ ही पशु हानि भी होती है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर नियमित जागरूकता अभियान चलाये जाए। नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय भागीदारी दिभाएं।

वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए संयुक्त रूप से आयोजित इस मॉक ड्रिल में 06 जनपदों के 16 स्थान चिन्हित किये गये। वनाग्नि के कारण विभिन्न परिस्थितियों का किस तरह समाधान करना है, रिस्पांस टाइम कम करने, वनाग्नि को रोकने के लिए जन सहयोग और अन्य प्रभावी उपायों पर मॉक ड्रिल की गई । मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से जरूर वनाग्नि के समय उस पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य को आधुनिक उपकरण देने पर भी मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एनडीएमए के सीनियर कंसल्टेंट आदित्य कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर सचिव विनीत कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी और वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

दिवंगत पत्रकार मंजुल मांजिला के परिवारजनों को हर संभव मदद करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार मंजुल मांजिला के निधन पर दुःख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को स्व. मंजुल मांजिला के हर्रावाला स्थित आवास पर पहुंचकर कर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को दिवंगत पत्रकार मंजुल मांजिला के परिवारजनों को हर संभव मदद करने और तय प्रावधान के अनुसार उनके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।

इस दौरान मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

प्रयागराज महाकुंभ में आगामी दो स्नान पर्वों के लिए चलेंगी 29 स्पेशल ट्रेनें

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प्रयागराज महाकुंभ में आगामी दो प्रमुख स्नान पर्वों के लिए रेलवे 29 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा। ये ट्रेनें मुरादाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी, और इनमें से एक स्पेशल ट्रेन देहरादून से हरिद्वार होते हुए प्रयागराज के फाफामऊ स्टेशन तक चलाई जाएगी। 8 से 25 फरवरी के बीच यह ट्रेन दोनों रेलवे स्टेशनों के बीच चार-चार फेरे लगाएगी।

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान दो प्रमुख स्नान पर्व बाकी हैं, जिनमें 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व शामिल हैं। रेलवे इन दोनों स्नान पर्वों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। रेलवे की ओर से देहरादून से फाफामऊ तक कुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।

04316 देहरादून-फाफामऊ स्पेशल ट्रेन
यह ट्रेन देहरादून से 9, 15, 16 और 23 फरवरी को चलेगी, और 04315 ट्रेन 10, 16, 17 और 24 फरवरी को फाफामऊ से देहरादून के लिए वापसी करेगी। यह ट्रेन हरिद्वार, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ होते हुए जाएगी।

इसके अलावा, 04526 बठिंडा-फाफामऊ स्पेशल ट्रेन 8, 18 और 22 फरवरी को चलेगी, और 04525 फाफामऊ- बठिंडा स्पेशल ट्रेन 9, 19 और 23 फरवरी को संचालित होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने 38वें राष्ट्रीय खेल में वन चेतना केन्द्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, चकरपुर, खटीमा में मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत मलखंब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर देश के कोने-कोने से पधारे सभी प्रतिभागियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि चकरपुर के इस नवनिर्मित स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत आयोजित इस मलखंभ प्रतियोगिता में सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हमारे प्रदेश में हो रहा है। इस आयोजन से न केवल हमारे खिलाड़ियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाने का अवसर मिल रहा है, बल्कि प्रदेश का स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी मज़बूत हुआ है।

इसी क्रम में चकरपुर के इस स्टेडियम को 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से युक्त किया गया है, जो हमारे युवाओं को विभिन्न खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाडियों ने अब तक 19 स्वर्ण पदकों के साथ पहली बार 81 मेडल लाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेल बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता कपिल पोखरिया , वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक विजेता विवेक पांडे,रजत पदक विजेता अमन, फुटबॉल में रजत पदक विजेता अजय बिष्ट व बीच हैंडबॉल में रजत पदक विजेता अमन जोशी को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत के पारंपरिक खेलों को न केवल सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है, बल्कि उन्हें वैश्विक पहचान भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2036 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए भेजे गए प्रस्ताव में हमारे पारंपरिक खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो और योग आदि को ओलंपिक में शामिल करने के प्रयास भी किए हैं।

उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में पहली बार योग और मलखंभ जैसे हमारे पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। मलखंब केवल एक खेल नहीं, बल्कि शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता, संतुलन और आत्मसंयम का अद्भुत संगम है, ये हमारे भारत की एक ऐसी प्राचीन विरासत है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है। मलखंब योग, कुश्ती और जिम्नास्टिक का एक ऐसा अद्भुत मिश्रण है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को साधने की अद्वितीय क्षमता है, यही कारण है कि आधुनिक खेलों के बीच भी इसकी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि कई खिलाड़ी आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और मलखंभ की हमारी इस प्राचीन विरासत को विश्व स्तर पर ले जाने वाले सारथी बनेंगे।

इस अवसर पर मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खटीमा रमेश चन्द्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सचिव राज्य ओलम्पिक एसोसिएशन डॉ डी के सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी जानकी कार्की सहित अनेक खिलाड़ी व खेलप्रेमी मौजूद थे।

उत्तराखंड विधानसभा पेपरलेस सत्र पहली बार विधायकों के सवाल तैयारी में सरकार

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उत्तराखंड विधानसभा में 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें पहली बार पेपरलेस सत्र आयोजित किया जाएगा। इस पहल के तहत, विधायकों के सवालों के जवाब संबंधित विभाग तैयार कर रहे हैं, और विधानसभा सचिवालय ने इस प्रणाली की पूरी तैयारी कर ली है। शुरुआत में विधायकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विधायी कार्यों और सूचनाओं के लिए पेपर का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि बजट सत्र के लिए अब तक 30 विधायकों से 512 सवाल प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विधायकों के सवालों का उत्तर दिया जाए और राज्य के विकास व जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो। उन्होंने यह भी कहा कि सदन को गरिमापूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों का सहयोग आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 16 फरवरी को सत्र के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी।