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दिनेशपुर क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपी को पुलिस ने मात्र 7 घण्टे में दबोचा

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आरोपी से घटना में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व बुलेरो वाहन बरामद ।

फायरिंग कर समाज में दहशत का माहौल पैदा करने वालों को किसी भी कीमत में नहीं जायेगा बख्सा- एसएसपी मणिकांत मिश्रा ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद उधम सिंह नगर के आदेशानुसार एवं अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी पंतनगर के निकट पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष दिनेशपुर के कुशल नेतृत्व में गठित टीम द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 21.03.2025 को अभियुक्त द्वारा सुखीजा टाईल फैक्ट्री, रामबाग दिनेशपुर के पास सांय में वादी मुकदमा महिपाल गंगवार पुत्र श्री नत्थू लाल निवासी- ग्राम सोनार खेडा थाना केमरी रामपुर, हाल निवासी- सुखीजा टाईल फैक्ट्री, रामबाग रोड, दिनेशपुर को पैसों के लेन-देन को लेकर जान से मारने की नियत से गोली चला दी। फायरिंग की घटना को अंजाम देकर दहशत फैलाकर फरार हो जाने से वादी की तहरीर के आधार पर थाना हाजा में पंजीकृत मुकदमा FIR NO- 52/2025 धारा 109/115(2)/352 बीएनएस व 3/25 शस्त्र अधि0 में नामजद अभियुक्त रवि कश्यप पुत्र मोहनलाल निवासी ग्राम अहरो थाना खजूरिया जिला रामपुर (उ0प्र0) उम्र 20 वर्ष को 01 अवैध तमंचा 315 बोर व एक अदद खोखा कारतूस व दो अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर,वाहन कार संख्या UK06BL5302 महिन्द्रा बुलेरो के साथ पंजाबी रसोई धौलपुर खानपुर थाना दिनेशपुर से गिरफ्तार किया गया। जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त
1-रवि कश्यप पुत्र मोहनलाल निवासी ग्राम अहरो थाना खजूरिया जिला रामपुर (उ0प्र0) उम्र 20 वर्ष
बरामदगी का विवरण
01 अदद अवैध तमंचा 315 बोर व एक अदद खोखा कारतूस व दो अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर, वाहन संख्या UK06BL5302 महिन्द्रा बुलेरो।
पुलिस टीम
1- थानाध्यक्ष नन्दन सिंह रावत थाना दिनेशपुर 2- उ0नि0 प्रदीप कुमार भट्ट थाना दिनेशपुर
3- अ0उ0नि0 अनवर अहमद थाना दिनेशपुर 4- कानि0 814 गोबिन्द आर्या थाना दिनेशपुर

प्रदेश सरकार के 3 वर्ष देवभूमि के लिए शानदार

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भाजपा ने प्रदेश सरकार के 3 वर्षों को देवभूमि के लिए शानदार, ऐतिहासिक और इतिहास निर्माण करने वाला बताया है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में युवा उत्तराखंड युवा मुख्यमंत्री की अच्छी सोच, मेहनत और दृढ़ शक्ति से तीव्रता से आगे बढ़ रहा है।

सेवा सुशासन के 3 शानदार वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार वार्ता श्रृंखला का आगाज

डेमोग्राफी एवं देवभूमि स्वरूप बनाए रखने के लिए ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय हुए

पार्टी मुख्यालय में धामी सरकार के सेवा सुशासन के 3 वर्ष पूर्ण होने पर आज से पत्रकार वार्ता श्रृंखला का आगाज हुआ है। जिसके क्रम में प्रदेश प्रवक्ता श्री सुरेश जोशी ने अपने संबोधन में बताया, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश की जनता से जो भी वादे किए, वे सभी पूरे किए गए हैं। उसमें हमारी प्राथमिकता राज्य की डेमोग्राफी एवं उसके देवभूमि स्वरूप को बरकरार रखने की है। उसी दिशा में उतराखंड की बागडोर संभाल रहे युवा राज्य के युवा सीएम ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून और सख्त भू कानून जैसे ऐतिहासिक एवं साहसिक कदम उठाए। यही वजह है कि राज्य में पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार में खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे उनकी सर्वाधिक चर्चा होती है। जनता की नब्ज टटोलकर निर्णय लेने वाले धामी के कार्यकाल मे दर्जनों ऐसे निर्णय सामने आये, जिनका बेमन से विपक्ष ने विरोध जताया, लेकिन जनता ने न केवल उसे सराहा, बल्कि समय समय पर उप चुनाव, निकायों में इन पर सहमति की मुहर तक लगायी। आज तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखण्ड मे सीएम धामी और विकास एक दूसरे के पूरक बन गए हैं।

यूसीसी, धर्मांतरण और अन्य कार्यवाही से लैंड एवं लव जिहाद पर लगा पूर्ण विराम

उन्होंने कहा, जनता से किए वादों को पूरा करने की बात करें तो सीएम धामी के दृढ़ इच्छा शक्ति से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मातृ शक्ति को अधिकार संपन्न बनाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में उनकी इस पहल अन्य राज्यों के लिए नजीर बन गई है। राज्य की डेमोग्राफी और उसका देवभूमि स्वरूप सुनिश्चित करने के लिए हम कठोरतम धर्मांतरण कानून लेकर आए, अवैध धार्मिक अतिक्रमणों एवं शिक्षण संस्थानों पर रोक लगाई और दंगारोधी कानून लागू किया। जिसका नतीजा है कि लव जिहाद और लैंड जिहाद की साजिशें पर पूर्ण विराम लग गया है। इस पूरी कार्यवाही से अब तक 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया और सैकड़ों अवैध मदरसों पर ताला लगाया गया है।

सख्त भू कानून से प्रदेशवासियों की जमीनी चिंता दूर की

प्रदेशवासियों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों की लंबे समय से एक बड़ी चिंता अपनी कृषि जमीनों को बचाने की थी। जिसे गंभीरता और पूरी संवेदनशीलता से लेते हुए हमारी सरकार कठोरतम भू कानून लेकर आई है। जिसके मुताबिक अब तक गैर प्रयोजन उपयोग में लायी गयी भूमि को सरकार में निहित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में अब कृषि भूमि को कोई बाहरी व्यक्ति नही खरीद पायेगा।

वादे अनुशार प्रदेश की आधी आबादी को दिया पूरा अधिकार

मातृ शक्ति के सशक्तिकरण के लिए राज्य की नौकरियों में 30 फ़ीसदी और सहकारी समितियां में 33 फ़ीसदी आरक्षण का अधिकार दिया गया है। इसी तरह केंद्र एवं राज्य के सहयोग से लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाओं के सामर्थ्य को बढ़ाया जा रहा है।

कठोरतम नकल कानून से माफियाओं को किया जमींदोज, रिकॉर्ड 20 हजार नौकरी दी और प्रत्येक रिक्ति को भरने का दिया भरोसा,

जब मुख्यमंत्री धामी सरकार में और और युवाओं से किया रोजगार के वादों को पूरा करने की शुरुआत की तो भर्ती प्रक्रिया में पहले से जड़ जमाए माफियाओं ने रोक लगाने के प्रयास किए। लेकिन उन्होंने देश का कठोरतम नकल कानून लाकर इस पूरे माफिया तंत्र को जमींदोज करने का काम किया। यही वजह है कि पारदर्शी एवं इमानदार नियुक्ति प्रक्रिया से 20 हजार से अधिक नौकरियां युवाओं को दी गई है और यूकेएसएससी की लगभग 7 हजार पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया को यूकेपीएससी के माध्यम से संपन्न किया जाएगा। ये अपने आप में राज्य निर्माण के बाद कुल नौकरियों से भी अधिक है। वहीं हमारी सरकार विश्वास दिलाती है कि सभी रिक्त सरकारी पदों को शीघ्र भर दिया जाएगा।

विकास और विरासत के मूलमंत्र से पावन धामों का सफर हुआ सुगम

पीएम मोदी के विकास और विरासत के मूल मंत्र पर कार्य करते हुए पावन श्री बद्रीनाथ केदारनाथ धाम, मानस मंदिर श्रंखला समेत सभी धार्मिक स्थलों में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई मार्ग के साथ रोपवे कनेक्टिविटी से भी केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, यमुनोत्री, पूर्णागिरि आदि तमाम धामों को जोड़कर उनकी यात्रा को अधिक सुगम बनाया जा रहा है।

अटल आयुष्मान से प्रत्येक उत्तराखंडवासी के सेहत की चिंता

वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना से प्रत्येक प्रदेशवासी की सेहत की चिंता सरकार कर रही है। वर्तमान वर्ष में ही अब तक 600 करोड़ और पूर्व में 1580 करोड़ रुपए से अधिक की मदद सरकार इसके तहत कर चुकी है। वादे के अनुसार 1 लाख 84 हजार 1 सौ 42 लाभार्थियों को 3 सिलेंडर फ्री रिफिलिंग के साथ पीएफ के तहत लाखों लोगों को फ्री राशन की मदद की जा रही है। इसी तरह होम स्टे, औद्योगिक निवेश और स्वरोजगार की योजनाओं से पलायन पर रोक लगाने की कोशिशें आगे बढ़ी हैं।

वहीं खेलों को बढ़ावा दे रही धामी सरकार ने खेल पुरस्कार राशि बढ़ायी गई हैं। राज्य में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभमिल सकेगा। इसी तरह वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदत्त दर 1200 रूपये प्रतिमाह में 200 रूपये की वृद्धि की गई है। अब इनमें प्रतिमाह 1400 रूपये पेंशन प्राप्त होगी।

नगरीय क्षेत्रों में ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिये पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4 जी/5 जी मोबाईल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड व फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत होगी।पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये कर दिया है।

जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 का शुभारम्भ किया गया है। गेंहू खरीद से संबंधित हर वर्ष की तरह कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. बोनस देने का निर्णय दिया गया है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिये गन्ना विभाग को धन की आवश्यकता होगी तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।

उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई। परमवीर चक्र 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख, मैन्सइनडिस्पेच 03 लाख से 10 लाख की गयी।

मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेतृत्व और अथक प्रयासों का नतीजा है कि प्रति व्यक्ति आय से लेकर प्रदेश की जीडीपी और विकास दर लगभग सभी क्षेत्रों में राज्य नित नए आयामों को प्राप्त कर रहा है। इन तीन सालों की उपलब्धि बताती हैं कि आने वाले दो वर्षों में हम विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच जाएंगे।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, संजीव वर्मा, प्रदेश संपर्क प्रमुख राजीव तलवार भी मौजूद रहे।

प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवंर्द्धन के लिए सीएम धामी ने दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री ने जल संचय और जलधाराओं के पुनर्जीवीकरण पर जोर दिया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवंर्द्धन के लिए वृहद स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन और समृद्धि का आधार जल है, इसलिए जल संचय और जलधाराओं, गाड़-गदेरों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।

शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल संचय के लिए मिलकर कार्य करें
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, लघु सिंचाई विभाग और नगर निगमों को शहरी क्षेत्र में वर्षा जल संचय के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कार्यों के लिए पुरानी पंरपराओं को छोड़कर नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज की समस्याओं के समाधान के लिए तेजी से कार्य किए जाएं और चैक डेम के निर्माण की दिशा में भी कार्य किए जाएं।

सिंचाई नहरों के अधिकतम लाभ मिले
मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि सिंचाई की नहरों का अधिकतम फायदा लोगों को मिले। साथ ही राज्य के विभिन्न शहरों के ड्रेनेज प्लान के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग और खनन विभाग को नदियों और जलाशयों में जमा सिल्ट/गाद की निकासी के लिए बैठक आयोजित कर उचित समाधान निकालने के निर्देश दिए।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना में 3638 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत है, जिसमें से 678 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सौंग बांध परियोजना पर भी कार्य गतिमान है, जिसका लक्ष्य मार्च 2030 तक पूरा करना है।

बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत 61 सड़कों पर कार्य चल रहा है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, सीपीपीजीजी के एसीईओ मनोज पंत, उप सचिव अजीत सिंह, प्रदीप मोहन नौटियाल तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

दरबार साहिब से शुरू हुई नगर परिक्रमा

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श्री झंडे जी के आरोहण के तीसरे दिन, आज शुक्रवार को, दरबार साहिब से नगर परिक्रमा की शुरुआत हुई। इस दौरान सड़कों पर आस्था का विशाल सैलाब देखने को मिला। भजनों पर संगत झूमते हुए नजर आई। श्री झंडे जी मेले की नगर परिक्रमा के लिए शहर का मार्ग बदला गया है।

श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में नगर परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की एक बड़ी भीड़ निकल पड़ी। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। पिछले बुधवार को दून में भक्ति, उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ श्री झंडे जी का आरोहण हुआ। जैसे ही श्री झंडे जी का आरोहण हुआ, द्रोणनगरी गुरु महाराज के जयकारों से गूंज उठी। आरोहण के साथ ही छह अप्रैल तक चलने वाला मेला भी शुरू हो गया।

देशभर से दून पहुंचे हजारों श्रद्धालु श्री झंडे जी के आरोहण के साक्षी बने। वहीं, शहर की सड़कों पर दिनभर संगत का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान जगह-जगह लंगर लगाए गए और प्रसाद वितरित किया गया। हर साल की तरह, जैसे ही आरोहण हुआ, बाज ने भी श्री झंडे जी की परिक्रमा की। इसके साथ ही, श्री दरबार साहिब में एलईडी स्क्रीन लगाकर सजीव प्रसारण भी दिखाया गया।

उधम सिंह नगर में 16 और हरिद्वार में 2 मदरसे सील, उत्तराखण्ड में अब तक 110 मदरसों पर लगा ताला

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बिना अनुमति संचालित किए जा रहे थे मदरसे

उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ धामी सरकार का एक्शन लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को उधम सिंह नगर जनपद में 16 और हरिद्वार में दो अवैध मदरसों को सील कर दिया गया। जिससे धर्म की आड़ में अवैध धंधे चलाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक पूरे उत्तराखंड में 110 मदरसों को सील किया जा चुका है।

पिछले एक माह से उत्तराखंड प्रशासन द्वारा अवैध मदरसों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। यह मदरसे बिना सरकार की अनुमति के संचालित किया जा रहे थे। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। सीएम धामी ने इन मदरसों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को फ्री हैंड दिया हुआ है, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिल रहा है। पूरे प्रदेश में अवैध मदरसों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि इतने बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे इन अवैध मदरसों के पीछे किसका हाथ है और यहां पर छात्रों को किस प्रकार की तालीम दी जा रही थी।

बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में 4, किच्छा में 8, बाजपुर तीन, जसपुर एक और हरिद्वार में दो मदरसों को सील किया गया जबकि इससे पहले देहरादून, पौड़ी में भी बड़े स्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 92 मदरसों को सील किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश साफ है कि प्रदेश के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो भी धर्म की आड़ में अवैध गतिविधियों में संलिप्त होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि में आधुनिक तकनीक के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा, मुख्यमंत्री के निर्देश

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कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यूचैन सिस्टम को मजबूत बनाया जाए।

सचिवालय में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश।

राज्य में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जाए। जिन क्षेत्रों में किसान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें उसी क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विभागों द्वारा जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनका परिणाम धरातल पर दिखे। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभागों द्वारा जिन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, उनकी भौतिक स्थिति, वित्तीय प्रगति, आउटकम और आउटपुट के आधार पर कार्य किये जाएं, ताकि बजट का भी सही तरीके से उपयोग हो और लोगों की आजीविका भी बढ़े। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये।

कृषि और उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाए। मिलेट को राज्य में और बढ़ावा दिया जाए। पॉलीहाउस के निर्माण में तेजी लाई जाए। एरोमा, एप्पल मिशन, कीवी मिशन के साथ ही उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों और फलों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जाएं। नाशपती, प्लम, माल्टा, नारंगी, आड़ू के उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। जिन फसलों को जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, उनको बढ़ावा दिया जाए और औषधीय पादपों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कृषकों को जागरूक किया जाए।

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये सहकारिता के क्षेत्र में लोगों को उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यूचैन सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। राज्य में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। आगामी 05 साल में प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं को पैक्स से जोड़ा जाए। सहकारी समितियों को में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ ही विपणन के लिए सुदृढ़ व्यवस्थाएं की जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि किसानों की सुविधा के लिए ई-रूपी की व्यवस्था की जा रही है। यह सुविधा अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में शुरू की जायेगी। इससे किसानों को त्वरित, सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन आयेगा। सगंध फसलों डेमस्क रोज, तिमरू, दालचीनी, लेमनग्रास और मिंट को राज्य में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च मूल्य वाली सगंध फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आईटीबीपी और सेना ताजे पदार्थों की बिक्री की व्यवस्था की गई है, इससे किसानों को निश्चित बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, एस.एन पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सोनिका, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी मनोज पंत और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

धनश्री चहल हुए अलग, कोर्ट ने सुनाया फैसला

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गुरुवार को बांद्रा फैमिली कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया और शादी को बिना किसी कूलिंग पीरियड के खत्म करने की मंजूरी दे दी। दोनों की शादी दिसंबर 2020 में हुई थी।

कुछ महीनों से दोनों अलग रह रहे थे और इस साल उन्होंने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। इसके साथ ही, उन्होंने छह महीने की अनिवार्य कूलिंग पीरियड को माफ करने की भी अपील की थी। हालांकि, पारिवारिक अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने यह फैसला पलट दिया, जिससे तलाक की प्रक्रिया जल्द पूरी होने का रास्ता साफ हो गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में आदेश दिया था कि चहल और धनश्री को कूलिंग पीरियड से छूट मिलनी चाहिए और पारिवारिक अदालत को 20 मार्च तक फैसला लेने का निर्देश दिया।

इस मामले में चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने कहा, “कोर्ट ने तलाक की डिक्री मंजूर कर ली है और दोनों पक्षों की संयुक्त याचिका को स्वीकार कर लिया है। अब दोनों पक्ष पति-पत्नी नहीं रहे।”

कुछ महीनों से दोनों के अलग रहने की खबरें आ रही थीं, हालांकि, तलाक के कारण अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं। हाल ही में, चहल और महवश की एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें वे दुबई में एक मैच देख रहे थे, जिससे तलाक की अटकलों को और बल मिला। इसके बावजूद, दोनों ने सोशल मीडिया पर कई बार अपनी भावनाओं का इजहार किया। चहल और धनश्री ने भगवान का धन्यवाद करते हुए क्रिप्टिक पोस्ट भी किए थे। चहल ने लिखा, “भगवान ने मेरी अनगिनत बार रक्षा की है, धन्यवाद भगवान! हमेशा मेरे साथ खड़े रहने के लिए।” वहीं, धनश्री ने भी लिखा, “आप चिंता कर सकते हैं या इसे भगवान पर छोड़ सकते हैं, विश्वास रखें कि परमेश्वर आपकी भलाई के लिए काम करता है।”

चहल और धनश्री का तलाक अब आधिकारिक रूप से हो चुका है, लेकिन इस संबंध में अभी भी कई सवाल अनसुलझे हैं।

धामी सरकार के तीन वर्ष की उपलब्धियों पर आलेख, धामी के 3 साल बेमिसाल, हर वायदे पर खरी उतरी सरकार

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समान नागरिक आचार सहिंता का ऐतिहासिक निर्णय

लैंड जिहाद से हुई कब्जे की 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त

महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण, आर्थिकी बढ़ाने के कई निर्णय

सांस्कृतिक सरंक्षण व जमीन बचाने को मजबूत भू कानून

रोजगार के लिए सजग धामी सरकार ने पारदर्शी तरीक़े से 20 हजार से अधिक युवाओं को दी सरकारी नौकरियां

उतराखंड की बागडोर संभाल रहे युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी राज्य मे पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार मे खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे सर्वाधिक चर्चा होती है। जनता की नब्ज टटोलकर निर्णय लेने वाले धामी के कार्यकाल मे दर्जनों ऐसे निर्णय सामने आये, जिनका बेमन से विपक्ष ने विरोध जताया, लेकिन जनता ने न केवल उसे सराहा, बल्कि समय समय पर उप चुनाव, निकायों मे इन पर सहमति की मुहर तक लगायी। आज तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखण्ड मे सीएम धामी और विकास एक दूसरे के पूरक बन गए हैं।

अपने वायदे के अनुसार सीएम धामी के दृढ़ इच्छा शक्ति से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मातृ शक्ति को अधिकार संपन्न बनाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा मे उनकी पहल का देश भर मे स्वागत किया गया। खुद पीएम मोदी ने उनकी इस पहल की मुक्त कंठ से प्रसंसा की, बल्कि नजीर भी बताया। राज्य मे वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। सड़क, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी तथा आम जन तक राहत पहुंचाने वाले फैसले अमल मे लाये गए। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदत्त दर 1200 रूपये प्रतिमाह में 200 रूपये की वृद्धि की गई है। अब इनमें प्रतिमाह 1400 रूपये पेंशन प्राप्त हो रही है ।

चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरूआत होगी। मिशन मायापुरी के अंतर्गत हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिये सबसे बड़े स्थलों के रूप में बदलने के लिये उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना प्रारम्भ की गई है ।

नगरीय क्षेत्रों में ट्रेफिक समस्या को दूर करने के लिये पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित किये जाने की योजना प्रारंभ हुई है।

उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4 जी/5 जी मोबाईल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड व फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत होगी।

हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की गई हैं ।

जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 का शुभारम्भ किया गया है । पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये कर दिया है। प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहे हैं । इससे संबंधित लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 84 हजार 1 सौ 42 होंगे तथा इस पर कुल 55 करोड़ रू. का व्यय भार होगा। गेंहू खरीद से संबंधित हर वर्ष की तरह कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. बोनस देने का निर्णय दिया गया है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिये गन्ना विभाग को धन की आवश्यकता होगी तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। यदि इस शुल्क को देने के लिये धन की आवश्यकता होगी तो सरकार वित्तीय सहायता देने की योजना बनाई गई है ।

धामी सरकार ने वीर सैनिकों सम्मान को बढ़ावा देने का भी कार्य किया इसके उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई। परमवीर चक्र 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख, मैन्सइनडिस्पेच 03 लाख से 10 लाख की गयी।

कोविड 19 की अवधि में चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आउटसोर्स के माध्यम से स्वीकृत पद से अधिक तैनात कार्मिकों के संबंध में निर्णय लेने हेतु मंत्रीमण्डलीय उपसमिति का गठन किया गया।

सरकारी खर्चे को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए सीएम ने राजधानी में होटल या अन्य निजी स्थानों पर आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों को मुख्य सेवक सदन में आयोजित किए जाने हेतु मुख्य सचिव को निर्देशित किया, साथ ही सभी जनपदों में भी यही कार्यप्रणाली लागू करने के लिए कहा है।

एमएसएमई 2015 की नीति के तहत सब्सिडी प्राप्त करने हेतु पहले से पूर्व पंजीकृत होना जरूरी था, किन्तु जानकारी के अभाव में इससे सम्बन्धित लगभग 100 लाभार्थी सब्सिडी वंचित रह गये थे। इन लाभार्थियों को भी छूट देते हुए सब्सिडी देने की मंजूरी दी गयी है। एमएसएमई के अन्तर्गत प्लॉट ऑफ सैड के बिक्री को सर्कल रेट से लिंक करने की मंजूरी दी गयी है। केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान बनाने वाली फर्म को सोनप्रयाग में भी मास्टर प्लान बनाने को मंजूरी दी गयी है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में मोबाईल टॉवर से सम्बन्धित टॉवर से सम्बन्धित फीस निर्धारण से सम्बन्धित समस्या का निराकरण किया गया है। अब भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाईन के कारण फीस निर्धारण विलम्ब होने से मोबाईल सेवा बाधित नही होगी।

उत्तराखण्ड की आय को 05 वर्ष में दोगुना करने के लिए विभिन्न विभागों से रिपोर्ट लिया जाएगा एवं उत्तराखण्ड की आय को दोगुना करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्संलटेन्सी ऐजेंसी नियुक्त की जाएगी।

यूकेएसएससी की लगभग 7 हजार पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया को यूकेपीएससी के माध्यम से संपन्न किया जाएगा। रोजगार के लिए सजग धामी सरकार मे 20 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पा चुके हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों के क्षैतिज आरक्षण का कानून बनाया गया है। वहीं खेलों को बढ़ावा दे रही धामी सरकार ने खेल पुरस्कार राशि बढायी है।

प्रदेश के सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए सरकार प्रदेश में धर्मान्तरण सम्बंधित कानून लायी है। युवाओं के हक पर डाका डालने वाले नकल माफिया को सलाखों के पीछे धकेलकर सरकारी देश का सबसे सख्त “नकल विरोधी कानून” लायी। दंगारोधी कानून तथा लैंड जिहाद पर कार्रवाई कर 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।

सरकार प्रदेश के धार्मिक स्थलों को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए केंद्र के सहयोग से कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। यमुनोत्री केदारनाथ और हेमकुंड मे रोपवे के साथ ही आदि कैलाश और ओम पर्वत शिखर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा तथा चारधाम के नाम के प्रयोग के विरुद्ध सख्त कानून भी लायी है।

प्रदेश मे मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गयी है जिसमे 123. DBT से 241 छात्रों के खाते में ₹33 लाख 52 हजार रुपये भेजे गए। पीएचडी करने वाले 100 मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹5000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।

प्रदेश की जमीन की रक्षा के लिए सख्त भू कानून धामी सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक विस से पास करा लिया। अब तक गैर प्रयोजन उपयोग मे लायी गयी भूमि को सरकार मे निहित करने का प्रावधान इस कानून मे किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों मे अब कृषि भूमि को कोई बाहरी व्यक्ति नही खरीद पायेगा।

हाईकोर्ट में पेश हों यूपी-उत्तराखंड के अधिकारी

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नैनीताल हाईकोर्ट ने कालागढ़ डेम के पास वन और सिंचाई विभाग की भूमि पर रह रहे 213 परिवारों, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं, को हटाने के मामले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी। इस पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ द्वारा की गई।

मामला जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें पहले के आदेश के तहत डीएम आशीष चौहान ने अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि इस क्षेत्र में तीन प्रकार के लोग निवास कर रहे हैं। इनमें कुछ कर्मचारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जबकि बाकी सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके परिवार, मजदूर, दुकानदार, ठेकेदार और माल सप्लायर हैं। इन लोगों को विस्थापित करने के लिए उनकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, इस भूमि का कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार से अनुमति प्राप्त करना भी आवश्यक है।

इसके बाद, हाईकोर्ट ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को 21 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

कालागढ़ जन कल्याण उत्थान समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए बताया था कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने 1960 में कालागढ़ डेम के निर्माण के लिए वन विभाग की कई हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करके सिंचाई विभाग को सौंप दी थी। डेम निर्माण के बाद कई हेक्टेयर भूमि वन विभाग को वापस कर दी गई, लेकिन बाकी बची हुई भूमि पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य लोगों का कब्जा है। अब राज्य सरकार 213 लोगों को विस्थापित करने की प्रक्रिया में है।

श्रीझंडे जी आरोहण शुरू

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देहरादून का फेमस श्री झंडे जी मेला आगाज शुरू हो गया है हर साल झंडे जी मेला राम नवमी तक चलता है देश दुनिया के साथ देहरादून में आस्था का संगम देखने को मिलता है बुधवार को श्री दरबार साहिब में सुबह सात बजे से श्री झंडे जी के आरोहण की प्रकिया शुरू हो गई। यहां पहले श्री झंडे जी को उतारा गया। इसके बाद दोपहर में दो से चार बजे तक श्रीमहंत की अगुवाई में आरोहण होगा। इसके लिए दून में संगत भक्ति में डूबी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून के ऐतिहासिक श्री झंडे जी मेले की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। श्री झंडे जी के आरोहण के साथ ही रामनवमी तक चलने वाला मेला शुरू हो जाएगा। श्रीझंडे जी आरोहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां आस्था का सैलाब उमड़ा है। जयकारों से दरबार साहिब गूंज उठा। श्रीमहन्त देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में श्रीझंडे जी उतारे गए। राजधानी में आस्था और सद्भावना के प्रतीक श्री झंडे जी का आज (बुधवार) आरोहण दोपहर बाद होगा

देहरादून में सहारनपुर चौक से लेकर झंडे जी तक ट्रैफिक में परेशानी से बचने के लिए पुलिस का ट्रैफिक प्लान देखकर घर से निकले मेला की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल मोके पर मौजूद है भारी सख्या में मेला परिसर में लोगो की आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है