Wednesday, March 4, 2026
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BJP विधायक पर दुष्कर्म का केस जमीन हड़पने और सामूहिक दुष्कर्म का है मामला

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कोर्ट ने दस दिनों के अंदर रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। पुलिस में सुनवाई नहीं होने के बाद पीड़ित ने कोर्ट पहुंचकर गुहार लगाई। इसके बाद केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

जमीन हड़पने और महिला से सामूहिक दुष्कर्म समेत कई आरोपों में एमपीएमएलए कोर्ट ने भाजपा के बिल्सी विधायक समेत 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश किया है। भाजपा विधायक पर आरोप है कि इन्होंने अपने भाइयों और अन्य लोगों के साथ गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर लिया। साथ ही एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने दस दिनों के अंदर रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। 

इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के आदेश 
बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, इनके भाई सतेंद्र व धर्मपाल शाक्य, भतीजा ब्रजेश कुमार शाक्य निवासी कादराबाद, हरीशंकर व्यास निवासी जालंधरी सराय थाना सदर कोतवाली, अनेग पाल निवासी आवास विकास बदायूं, आनंद प्रकाश अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल राधेश्याम एनक्लेव सिविल लाइंस बरेली, मनोज कुमार गोयल नारायणगंज उझानी, शैलेंद्र कुमार सिंह पंजाबी कालोनी नारायणगंज उझानी, हरीशचंद्र वर्मा निवासी डीएम रोड प्रेम नगर बदायूं, विपिन कुमार बाहरचुंगी बदायूं, चंद्रवती, दिनेश कुमार, रामपाल, दिनेशचंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है। 

अभी तक इस तरह की बात मेरी जानकारी में नहीं है। अगर कोई आदेश हुआ है तो पहले कोर्ट की प्रतिलिपि को देखा जाएगा। उसके बाद ही कुछ कहना संभव है। हरीश शाक्य, भाजपा विधायक बिल्सी

Parliament Winter Session भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप

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राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान हंगामे के बीच पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा ने कहा, ‘इतिहास में पहली बार वे (विपक्ष) सभापति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला रहे हैं। विपक्ष एक नई मिसाल कायम कर रहा है, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने वाला है।

केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे पर कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राज्यसभा सभापति पर आक्षेप लगाए, ये निंदनीय है। ये दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। सदन में बोलने का मल्लिकार्जुन खरगे को पूरा मौका दिया गया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्हें चैंबर में भी कई बार बुलाया गया लेकिन वे नहीं गए। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस सदन में सहयोग करना नहीं चाहती। वे अराजकता लाने का प्रयास करते हैं।

नड्डा ने कहा, ‘भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं। सदन में उनकी मिमिक्री हो और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष उसका वीडियो बनाए और उकसाएं कि फिर से कीजिए… कॉलेज के लड़के जैसा करते हैं, उस तरह की हरकत संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए की गई।’

युवा विश्व शतरंज चैंपियन बने गुकेश 18 की उम्र में रच डाला इतिहास

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शतरंज की दुनिया की नई सनसनी 17 वर्षीय गुकेश ने अपने करियर में कई बार दुनिया को चौंकाया है। वह इस छोटी सी उम्र में कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह 12 साल, सात महीने, 17 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गए थे।

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने गुरुवार को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लिरेन को हराकर वह सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने इतिहास रच दिया। 6.5 अंको के साथ खेल की शुरुआत हुई थी। अंतिम मैच भी ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी लिरेन की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। 12 साल के बाद किसी भारतीय ने इस खिताब को अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है।

गुकेश ने 18 साल आठ महीने 14 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष छह महीने 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश से पहले भारत के विश्वनाथन आनंद (2000-2002 और 2007-2013) विश्व शतरंज चैंपियन रहे। गुकेश के लिए साल का अंत शानदार रहा है। इस साल वे कई और खिताब जीत चुके हैं, जिनमें कैंडिडेट्स 2024 टूर्नामेंट और शतरंज ओलंपियाड शामिल है, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।

सीएम धामी बोले-हर जिले में बनेंगे मॉडल आयुष ग्राम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, आयुर्वेद व वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर जिले में मॉडल आयुष ग्राम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 50 व 10 बेड के आयुष अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड जल्द ही देश की पहली योग नीति को लागू करेगा। यह नीति आयुर्वेद और योग के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने दसवें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस आयुष क्षेत्र में परस्पर ज्ञान साझा करने व विभिन्न शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ व्यापार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। उत्तराखंड योग व आयुर्वेद की प्रज्ञा भूमि रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से प्राचीन चिकित्सा विज्ञान को विश्व में मान्यता मिल रही है

National Games राष्ट्रीय खेल लॉन्च होंगे लोगो, एंथम और शुभंकर समेत 5 सिंबल

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देहरादून 12 दिसंबर । आगामी 28 जनवरी से उत्तराखंड में होने वाले 38 वे राष्ट्रीय खेलों National Games के पांच सिंबल लोगो, एंथम, शुभंकर, टॉर्च और जर्सी 15 दिसंबर को लॉन्च किए जाएंगे । इस मौके पर केंद्रीय खेल राज्य मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ अध्यक्ष पीटी उषा भी मौजूद रहेंगे । गुरुवार को राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या ने यह जानकारी सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बुधवार को कैबिनेट मीटिंग खत्म होने के बाद वह दिल्ली रवाना हो गई थी, जहां उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को होने वाले सिंबल लॉन्चिंग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री और पीटी उषा को निमंत्रण भी दिया ।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी राष्ट्रीय खेलों का लोगो, एंथम, शुभंकर और टॉर्च लॉन्च करेंगे। इसके अलावा इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई जर्सी की लॉन्चिंग भी की जाएगी। लॉन्चिंग के बाद टॉर्च को एकता और सामूहिकता के प्रतीक के रूप में पूरे राज्य में घुमाया जाएगा।

खेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने के मकसद से कुल 42 कैंप चल रहे हैं जिनमें 1260 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से न सिर्फ दूसरे राज्यों से अच्छे कोचों को बुलाया गया है बल्कि कुछ कोचों को विदेशों से भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर विशेष सचिव अमित सिन्हा भी मौजूद रहे।

परंपरागत खेलों को मेडल गेम्स में लाने के लिए पीटी उषा से वार्ता

इस मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के परंपरागत खेलों योग, मलखंब, राफ्टिंग, कलारीपट्टू आदि को कोर इवेंट के रूप में राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने के मुद्दे पर बुधवार रात को उनकी भारतीय खेल संघ अध्यक्ष पीटी उषा से वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि संघ अध्यक्ष पीटी उषा ने इस पर सकारात्मक रवैया दिखाया है और संभावत: 15 दिसंबर को सिंबल लॉन्चिंग होने से पहले इस पर फैसला भी हो जाएगा ।

जहां इवेंट वही ट्रेनिंग लेंगे प्रदेश के खिलाड़ी

खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों का इन खेलों में प्रदर्शन बेहतर से बेहतर हो सके इसके लिए यह कोशिश की जा रही है कि जिन स्थानों पर जो इवेंट होने हैं उनके खिलाड़ियों को उन्हीं स्थानों पर प्रशिक्षण दिया जाए । ताकि वह खेल स्थल के वातावरण से पूरी तरह परिचित हो सके । उन्होंने कहा कि वह खुद खेल प्रशिक्षण शिविरों का लगातार निरीक्षण करके खिलाड़ियों से बातचीत कर रही है, ताकि उन्हें सारी सुविधाएं मिल सकें।

खिलाड़ियों से पूछा और क्या चाहिए बताओ

खेल मंत्री रेखा आर्या में गुरुवार को बास्केटबॉल और लाॅनबॉल शिविरों का निरीक्षण भी किया । राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहे बास्केटबॉल प्रशिक्षण सिविर में उन्होंने पहले ही प्रयास में बाॅल पाॅड कर खिलाड़ियों की तालियां बटोरी। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि उन्हें डाइट में क्या-क्या मिल रहा है, कोच कैसे हैं, ट्रेनिंग अच्छी हो रही है या नहीं । मंत्री ने खिलाड़ियों से एक-एक कर यह भी पूछा कि अगर उन्हें किसी और चीज की आवश्यकता है या कोई कमी महसूस होती है तो उसके बारे में भी बताइए । उन्होंने खिलाड़ियों को नेशनल गेम्स में बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए प्रेरित भी किया।

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आईपीएस अफसरों के तबादले, स्वरूप बने आईजी गढ़वाल

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शासन ने बुधवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन ने बुधवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। दो साल से भी ज्यादा समय से आईजी गढ़वाल की जिम्मेदारियां देख रहे करण सिंह नगण्याल का तबादला करते हुए अब ये जिम्मेदारी राजीव स्वरूप को दी गई है। एडीजी अमित सिन्हा के पास अब शासन में खेल विभाग और डाइरेक्टर एफएसएल की जिम्मेदारी रहेगी। राष्ट्रीय खेलों को देख उनसे सीसीटीएनएस की जिम्मेदारी हटा दी गई है। उधर, पूर्व डीजीपी अभिनव कुमार के जाने के बाद मुख्यालय में कानून व्यवस्था किसी के पास नहीं थी।

मुरुगेशन के पास सीबीसीआईडी और निदेशक विजिलेंस का चार्ज भी बना रहेगा। बता दें कि कानून व्यवस्था का चार्ज पिछले दिनों मुख्यमंत्री के मुख्यालय निरीक्षण के बाद पूर्व डीजीपी अभिनव कुमार के पास चला गया था। इनके अलावा एडीजी एपी अंशुमन को सीसीटीएनएस और दूरसंचार का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। अंशुमन के पास प्रशासन व इंटेलिजेंस सिक्योरिटी व पीएसी की जिम्मेदारी बनी रहेगी। आईजी करण सिंह नगण्याल को अब आईजी इंटेलिजेंस व सिक्योरिटी का चार्ज दिया गया है। 

कड़के की ठंड सीएम धामी ने जरूरतमंदों को वितरित किए कंबल

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देहरादून उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी कड़के की ठंड के बीच ऐसे जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचें जिनको कंबल वितरित कर सीएम ने उनकी कुशल शेम पूछी धामी ने जरूरतमंदों से बात भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देर रात आई.एस.बी.टी, देहरादून में बेसहारा एवं बेघर लोगों, मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगो को सर्दी से बचाव हेतु कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे का भी औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जयजा लिया। उन्होंने रैन बसेरे में रह रहे लोगों का कुशलक्षेम भी जाना।

दीपक रावत दरबार में गुंजा करोड़ों का गबन मामला चौपड़ा दंपति पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार

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हल्द्वानी IAS दीपक रावत उत्तराखंड में सबसे तेज कारवाही किए जाने वाले अफसरों में जाने जाते है उनके दरबार में सियासत नहीं चलती बल्कि सीधे पीड़ित की सुनवाई होती है दीपक रावत हरिद्वार में रहते हुए सबसे अधिक वायरल आईएएस बने थे उनका पीछा सोशल मीडिया पर उत्तराखंड का कोई भी IAS अफसर नहीं कर सका है

पब्लिक से जुड़े मामलों पर उनकी तुरत कारवाही लोगो को अपनी तरफ आकर्षित लिए जाने में अहम है उनके अंदर राजनेताओं जैसी प्रतिभा देखने को मिलती है उत्तराखंड के सबसे तेज वायरल अफसरों में पहचान रखने वाले आईएएस दीपक रावत वर्तमान में कुमायूं मंडल कमिश्नर है उनका जनता दरबार हर समय शिकायतों पर तुरत कारवाही करता देखा जाता है

मंगलवार को कैंप हल्द्वानी में सचिव/कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के सामने 6 से 7 करोड़ के गबन का मामला जनसुनवाई में आया। जिसमें समूह के नाम पर 50 से अधिक व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने कुमाऊं आयुक्त से गुहार लगाते हुए समूह के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।

हल्द्वानी की कई महिलाओं ने शिकायत की कि रामपुर रोड निवासी भारती चोपड़ा और उसके पति विकास चोपड़ा एक समूह चलाते थे जिसमें जमा की गई रकम से कहीं ज्यादा धनराशि दी जाती थी। इसी को देखते हुए उन्होंने समूह में धनराशि जमा करनी शुरू की गई।

कमिश्नर दरबार में आई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वह 2016 से समूह में रकम जमा कर रही थी। कई महिलाओं ने 20 लाख, 34 लाख, 7 लाख 45 हजार, 14 लाख जैसी रकम जमा कर दी। इसी प्रकार लगभग समूह में 50 से अधिक व्यक्तियों ने लगभग 6 से 7 करोड़ रुपया जमा किया। लेकिन अब समूह चलाने वाली भारती चोपड़ा एवं उसके पति विकास चोपड़ा ना तो समूह के सदस्यों का फोन उठा रहे हैं और ना ही कोई जवाब उनकी तरफ से दिया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनका शक है कि भारती चोपड़ा और विकास चोपड़ा शहर से भाग सकते हैं लिहाजा उन पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

हरिद्वार के संतों ने किया गंगा में ड्रेजिंग का समर्थन

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हरिद्वार के संतों ने किया गंगा में ड्रेजिंग का समर्थन

निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने गंगा सहित सभी नदियों में नियमित सफाई (ड्रेजिंग) कार्य का समर्थन किया है, उन्होंने गंगा से सिल्ट हटाए जाने को खनन करार दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
एएनआई से बातचीत में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि बीते कई सालों से हरिद्वार से बहने वाली गंगा नंदी में ड्रेजिंग नहीं हो पाने के कारण, नदी तटों के साथ ही आस पास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है।

इस कारण अब गंगा नदी की समुचित गहराई बरकरार रखने के लिए नदी से सिल्ट हटाने काम किया जा रहा है, लेकिन मातृ सदन के संतों द्वारा इसे खनन करार देकर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए गंगा ही नहीं सभी नदियों में ड्रेजिंग आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर प्रतिवर्ष मानूसन सीजन के दौरान नदी में सिल्ट और पत्थर जमा हो जाते हैं। जिससे नदी तल उठने से बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।

इसलिए मातृ सदन के संतों को ड्रेजिंग कार्य के खिलाफ अनशन के बजाय सरकार से बात करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मातृ सदन के संत अकेले अनशन क्यों कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए पूरे संत समाज से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए।