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तीन महीने बाद फिर से गुलजार हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन, पर्यटकों ने ली जंगल सफारी की रोमांचक शुरुआत

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तीन महीने बाद फिर से गुलजार हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन, पर्यटकों ने ली जंगल सफारी की रोमांचक शुरुआत

ढिकाला, बिजरानी, झिरना, दुर्गादेवी जोन खुले; बाघ और हाथियों की झलक ने बढ़ाया रोमांच

रामनगर। मानसून के कारण तीन महीने तक बंद रहने के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन जोन एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। ढिकाला, बिजरानी, झिरना और दुर्गादेवी जैसे लोकप्रिय जोनों में बुधवार से जंगल सफारी शुरू हो गई, जिसमें पहले ही दिन पर्यटकों ने हिरण, हाथी सहित कई वन्यजीवों को देखने का रोमांच महसूस किया।

बुधवार सुबह बिजरानी जोन के आमडंडा गेट पर पर्यटन सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ। स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने फीता काटा और नारियल फोड़कर जंगल सफारी सीजन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्बेट उपनिदेशक राहुल मिश्रा, एसडीओ अमित ग्वासाकोटी और रेंजर नवीन चंद्र पांडे भी मौजूद रहे।

पर्यटकों को लड्डू खिलाकर और पारंपरिक तरीके से स्वागत कर जंगल सफारी के लिए रवाना किया गया। सुबह की पाली में 30 जिप्सियों के माध्यम से पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया। हालांकि पहले दिन किसी को बाघ नहीं दिखाई दिया, लेकिन हाथी और अन्य वन्यजीवों की झलक ने सफारी को रोमांचक बना दिया।

सीतावनी और भंडारपानी जोन में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, जहां निर्धारित 60 में से केवल कुछ ही जिप्सियों से पर्यटक जंगल में गए। वहीं पवलगढ़ गेट से 60 जिप्सियों के माध्यम से अच्छी संख्या में पर्यटक सफारी पर निकले। यहां रेंजर रमेश चंद्र ध्यानी ने पर्यटकों का माला पहनाकर स्वागत किया।

इसके अलावा कालाढूंगी स्थित कार्बेट फॉल और बराती रौ जैसे पैदल पर्यटन स्थलों को भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।

ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है और सभी गेट्स पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। दोपहर की पाली में भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के जंगल सफारी के लिए जाने की संभावना है।

राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा – मुख्यमंत्री

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राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा – मुख्यमंत्री सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगे – मुख्यमंत्री गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

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Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurated the Children’s Science Festival मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

रुद्रप्रयाग में आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में 300 छात्र और वैज्ञानिक ले रहे हैं भाग

रुद्रप्रयाग | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जहां तकनीकी शिक्षा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, रोबोटिक्स और इनोवेशन लैब्स की स्थापना की जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहली बार कक्षा 12 के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जो राज्य सरकार की युवाओं को हुनर और रोजगार से जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महोत्सव का आयोजन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के तत्वावधान में 15–16 अक्टूबर को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बणसू, जाखधार, गुप्तकाशी में किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग 300 स्कूली छात्र-छात्राएं, देशभर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, विज्ञान संचारक और प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में विज्ञान कविता पाठ (हिंदी व अंग्रेजी), विज्ञान मॉडल निर्माण, प्रश्नोत्तरी और बाल चौपाल जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागियों को जूनियर (कक्षा 6–8) और सीनियर (कक्षा 9–12) वर्ग में विभाजित किया गया है।

इस वर्ष महोत्सव की थीम “जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ एवं आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण” निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के निर्देशन में किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व यह विज्ञान महोत्सव चम्पावत, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में आयोजित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “सीमांत क्षेत्रों का वैज्ञानिक और तकनीकी विकास, सशक्त उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में अहम कदम है।”

प्रदेशभर में घटिया और प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, अब तक 370 से अधिक सैंपल लिए गए

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प्रदेशभर में घटिया और प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, अब तक 370 से अधिक सैंपल लिए गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर राज्य में घटिया व प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ सघन अभियान जारी है। औषधि विभाग ने अब तक प्रदेशभर से 370 से अधिक औषधीय सैंपल जांच के लिए संकलित किए हैं।

राज्यभर में चल रहे इस औचक निरीक्षण अभियान की निगरानी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेश पर की जा रही है। अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में जिलों की औषधि निरीक्षक टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं।

तीन प्रमुख जिलों में छापेमारी

🔹 रामनगर (नैनीताल):
14 अक्टूबर को खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर को गंभीर अनियमितताओं के चलते तत्काल बंद किया गया। दो अन्य स्टोरों को चेतावनी दी गई, जबकि दो स्टोर बंद पाए गए। एक क्लीनिक से पांच दवाओं के सैंपल भी लिए गए।

🔹 देहरादून:
दून मेडिकल कॉलेज के पास मेडिकल स्टोर्स में छापेमारी कर बच्चों की खांसी-जुकाम की प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गईं। साथ ही सेलाकुई स्थित औषधि निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर चार सैंपल जांच के लिए लिए गए।

🔹 रुड़की (हरिद्वार):
गुप्त सूचना के आधार पर बिना लाइसेंस एक प्रतिष्ठान में छापा मारकर राजस्थान व मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई 12 प्रकार की सरकारी एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। दवाएं फार्म 17–17ए के अंतर्गत सील कर ली गई हैं। कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत की जाएगी।


सरकार की स्पष्ट चेतावनी: बच्चों की दवा को लेकर कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खासकर दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रतिबंधित कफ सिरप न देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “कार्रवाई सतत जारी रहेगी। बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने भी अभियान को लगातार और कठोर बनाए रखने की बात कही है।


सरकार का संदेश स्पष्ट:

“जनस्वास्थ्य और खासकर बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या घटिया दवाओं पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों के दल को गंगोत्री धाम के लिए किया रवानामातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत 32 श्रद्धालु करेंगे पांच दिवसीय धार्मिक यात्रा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस से राज्य सरकार की मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत 32 श्रद्धालुओं के दल को हरी झंडी दिखाकर गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी यात्रियों को सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के साथ-साथ उनके जीवन में आध्यात्मिक शांति और आनंद का संचार करना है।

पांच दिन की इस यात्रा में 19 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। ये श्रद्धालु गंगोत्री धाम के साथ-साथ यात्रा मार्ग में आने वाले अन्य पवित्र स्थलों के भी दर्शन करेंगे। यात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास केंद्रों में की गई है।

इस अवसर पर कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत, भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1456 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी, तथा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल हैं।

“नव नियुक्त कर्मी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं”

मुख्यमंत्री धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव निर्धारण का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नवनियुक्त युवा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण की भावना से करें तथा अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि —

“राज्य की शासन व्यवस्था का सबसे मजबूत आधार उसका प्रशासनिक तंत्र है। सचिवालय राज्य का मस्तिष्क है, जहां नीतियां बनती हैं, निर्णय होते हैं और विकास का खाका तैयार किया जाता है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

शिक्षक बच्चों के भीतर समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी जगाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है तो वह न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों में देशभक्ति, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का भी संचार करना है।

 शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक, प्रत्येक स्तर पर सुधार लाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है — यह संख्या राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के पूरे कार्यकाल की तुलना में दो गुना से अधिक है।

पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए कड़े कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं।
हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र पर नकल के मामले में तत्काल कार्रवाई की गई — आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एसआईटी जांच के साथ सीबीआई जांच की संस्तुति भी की गई।
उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर न्यायोचित मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

 शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बोले — “नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा”

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी नियुक्तियां दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सभी नवनियुक्त अध्यापकों को दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देना अनिवार्य होगा, ताकि राज्य के हर हिस्से में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमनदीपेन्द्र चौधरी, और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने 1456 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
  • 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) और 109 समीक्षा अधिकारी नियुक्त
  • चार साल में 26,000 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
  • पारदर्शी भर्ती प्रणाली और निष्पक्ष चयन पर सरकार का जोर
  • जल्द आएंगी नई नियुक्तियां शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों पर

डीएम जनता दरबार बना जन का विश्वास साकार हो रहा धामी सरकार का प्रयास

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डीएम जनता दरबार बना जन का विश्वास साकार हो रहा धामी सरकार का प्रयास जनसमस्याओं का त्वरित समाधान बना जनता दरबार की पहचान: डीएम सविन बंसल

जमीन विवाद से लेकर जीवनरक्षक इलाज तक, 151 में से अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं, जहां 151 जनशिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से जनता दर्शन कार्यक्रम आमजन के लिए विश्वास का माध्यम बनता जा रहा है।


🔹 प्रमुख मामलों पर तत्काल कार्रवाई

  • मोबाइल टावर विवाद: अधोईवाला निवासी सुशीला देवी की भूमि पर 2007 से स्थापित मोबाइल टावर का एग्रीमेंट समाप्त और 2017 से किराया भुगतान बंद, गुहार पर डीएम ने टावर सील कराने के निर्देश दिए।
  • भूमि सीमांकन समाधान: दो वर्षों से परेशान 75 वर्षीय राकेश तलवाड़ को निगम और निजी भूमि विवाद में सीमांकन कराकर भूमि कब्जा दिलाया गया। बुजुर्ग ने डीएम को धन्यवाद और आशीर्वाद दिया।
  • गुंडा एक्ट में कार्रवाई: मोहल्ले वालों की शिकायत पर आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेडा पर गुंडा एक्ट में वाद दायर करने और फास्ट ट्रैक सुनवाई के आदेश। शिकायत में पीड़ित मां भी स्वयं उपस्थित रहीं।
  • बुजुर्ग की पेंशन बहाल: बाबूलाल (84 वर्ष) की शिकायत पर समाज कल्याण अधिकारी को एरियर सहित वृद्धावस्था पेंशन जारी करने के निर्देश।

स्वास्थ्य और मानव सेवा से जुड़े निर्णय

  • किडनी पीड़िता रीतू को कोरोनेशन अस्पताल में निःशुल्क भर्ती का आदेश।
  • फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित सुनील, गंगोत्री गुप्ता, 83 वर्षीय मुन्नालाल, प्रेमनाथ सिंह की पोती के मामलों में रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता का प्रस्ताव मांगा।
  • असहाय डेन्डो देवी को आधार कार्ड बनाने हेतु बायोमैट्रिक बाधा का समाधान प्राथमिकता से करने के निर्देश।

महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा पर प्रभावी संज्ञान

  • हरप्रीत कौर ने पति द्वारा उत्पीड़न व बच्चों को जान से मारने की धमकी की शिकायत की, एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
  • ऋषि विहार माजरी माफी में महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने वाले अपराधी के खिलाफ गुंडा एक्ट में वाद दर्ज।

प्रशासनिक लापरवाही पर कठोर रुख

  • उद्योग विभाग के एक प्रकरण में जीएमडीआईसी अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोका गया।

डिजिटल एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी

  • सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों की नेटवर्क समस्या के समाधान हेतु बीएसएनएल टावर लगाने की कवायद शुरू।

सामाजिक न्याय और आधारभूत सेवाएं

  • 84 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा बेटों पर संपत्ति हड़पने की शिकायत पर भरण-पोषण का वाद दर्ज करने के आदेश।
  • 68 वर्षीय अशोक धवन की कोर्ट के आदेशों के अनुपालन न होने पर सीओ सिटी को कार्रवाई के निर्देश
  • जनता दरबार में आए 6 पीड़ितों की ऑनलाइन एफआईआर मौके पर ही दर्ज करवाई गई।

दैवीय आपदा व अवसंरचना संबंधी निर्देश

  • कावली रोड, शिव कॉलोनी, लाखमंडल, पिंगवा लिंक रोड, ग्राम सैबूवाला, ग्राम कुन्ना आदि क्षेत्रों से दैवीय आपदा व क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की शिकायतें मिलने पर एसडीआरएफ मापदंडों के तहत राहत दिलाने के आदेश
  • प्राथमिक विद्यालय भटाड के क्षतिग्रस्त भवन पर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश।
  • एलोपैथिक चिकित्सालय भटाड में डॉक्टर व फार्मासिस्ट की तैनाती के अभाव पर सीएमओ से जवाब तलब

परिवहन और अतिक्रमण

  • देहरादून-जौली-थानों मार्ग पर बस सेवा बंद होने की शिकायत पर परिवहन महानिदेशक को संचालन बहाल करने के आदेश
  • हरिपुर नवादा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारगी चौक एनएच-7 पर अवैध निर्माण पर एसडीएम और एमडीडीए को तत्काल कार्रवाई के निर्देश।

अधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, उपनगर आयुक्त संतोष कुमार पांडे, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता दरबार ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से जनता का भरोसा बढ़ता है। डीएम सविन बंसल द्वारा लिए गए निर्णय जनभागीदारी और उत्तराखंड सरकार की जनपक्षीय सोच का प्रतिबिंब हैं।

सहकारिता से समृद्धि की ओर बढ़ता उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी

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सहकारिता से समृद्धि की ओर बढ़ता उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी

सहकारिता मेला बना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का सशक्त मंच

श्रीनगर (गढ़वाल), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्रीनगर के आवास विकास मैदान में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्वयं सहायता समूहों और काश्तकारों के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सहकारिता को सामाजिक एकता और आर्थिक स्वावलंबन की आधारशिला बताया।

मुख्यमंत्री ने दिए कई महत्वपूर्ण तथ्य और घोषणाएं:

  • राज्य में अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है।
  • 3838 समितियों के अभिलेख राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किए गए हैं।
  • किसानों से मंडुवा की खरीद अब ₹48.86 प्रति किलो की दर से, 5.50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ की जा रही है।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण और किसानों को ₹3 लाख तक की ऋण सुविधा दी जा रही है।
  • सहकारी बैंकों में ₹16,000 करोड़ की जमा पूंजी सरकार के प्रति जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “लखपति दीदी” अभियान के माध्यम से राज्य की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘उत्तराखंड का दशक’ वाले दृष्टिकोण को भी साकार कर रही हैं।

राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ भी रेखांकित की गईं:

  • समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड।
  • नकल विरोधी कानून से परीक्षा पारदर्शिता सुनिश्चित, 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए।
  • सीवर और जलापूर्ति परियोजना के लिए श्रीनगर की डीपीआर स्वीकृति के लिए तैयार।
  • भू-कानून के माध्यम से राज्य की भूमि और संस्कृति की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

मंच से हुआ महिला समूहों को प्रोत्साहन:

मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को horticulture, poultry, dairy और कृषि उपकरणों के लिए 5-5 लाख रुपये के चेक वितरित किए। गुच्छी उत्पादन तकनीक के लिए नवीन पटवाल को सम्मानित किया गया।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार:

  • राज्य में वर्तमान में 31 लाख लोग सहकारिता से जुड़े, लक्ष्य 50 लाख तक ले जाने का।
  • 16 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण वितरित किया गया।
  • श्रीनगर मेला में 35 लाख का महिला व्यापार, कुल व्यापार 1 करोड़ रुपये के करीब।
  • कॉपरेटिव सेक्टर ₹30 करोड़ के लाभ में

डॉ. रावत ने यह भी घोषणा की कि 1500 एलटी शिक्षकों को जल्द नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे राज्य में रोजगार देने का आंकड़ा 26,500 के पार पहुंच जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिया आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का संदेश:

उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्थानीय उत्पादों का उपयोग करें और सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने में भागीदारी निभाएं।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तित्व:

कार्यक्रम में विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सहकारिता से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

उत्तराखंड कैबिनेट ने 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

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उत्तराखंड कैबिनेट ने 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

नगर निगमों को लाभ का 15% देना होगा राज्य सरकार को, मिनी आंगनवाड़ी बनेंगी पूर्ण केंद्र

देहरादून, 14 अक्टूबर 2025 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। ये निर्णय राज्य के सामाजिक, शहरी विकास, प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों के हितों से जुड़े हैं।

मुख्य फैसले इस प्रकार हैं:

  1. मिनी आंगनवाड़ी केंद्र होंगे अपग्रेड
    राज्यभर के मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को अब पूर्ण आंगनवाड़ी केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा।
  2. सुपरवाइजर पद पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोशन
    सुपरवाइजर पदों पर 50% पद सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से प्रमोशन के जरिए भरे जाएंगे
  3. देहरादून फ्रीज जोन में राहत
    देहरादून के रायपुर क्षेत्र सहित फ्रीज जोन में छोटे घरों और दुकानों के निर्माण को अनुमति दी गई है।
  4. राजस्व लाभ में हिस्सा देगी नगर निगम व सार्वजनिक उपक्रम
    सभी नगर निगम और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपने शुद्ध लाभ का 15% राज्य सरकार को देना अनिवार्य किया गया है।
  5. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तबादले में राहत
    5 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों को एक बार अन्य जिले में स्थानांतरण का लाभ मिलेगा।
  6. पदोन्नति में स्थिरीकरण प्रस्ताव को मंजूरी
    सभी कार्मिकों को सेवाकाल में एक बार पदोन्नति में स्थिरीकरण (regularization) का लाभ मिलेगा।
  7. समान नागरिक संहिता (UCC) में विदेशी नागरिक प्रमाण स्वीकार्य
    नेपाली, भूटानी और तिब्बती नागरिकों के विवाह पंजीकरण में विदेशी नागरिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (FRC) को मान्यता दी जाएगी।
  8. राज्य स्थापना दिवस पर विशेष विधानसभा सत्र
    उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष दो दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित करने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया

निष्कर्ष

ये सभी निर्णय राज्य के विकास, पारदर्शिता, सामाजिक समावेशन और कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। विशेष रूप से मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण केंद्रों में बदलना और नगर निगमों से लाभ में हिस्सेदारी का प्रावधान, शासन के विकेंद्रीकरण और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के दीपावली मेले में की सहभागिता

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के दीपावली मेले में की सहभागिता

देहरादून, 12 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को जीएमएस रोड, देहरादून में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के दीपावली मेले में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

वैश्य समाज – आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति का आधार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्य समाज सनातन संस्कृति का ध्वजवाहक है और देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज ने धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्रों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है और देशहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।

उन्होंने कहा कि यह दीपावली मेला व्यापार, स्वदेशी उत्पादों, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

‘स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ’ का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पहलों — ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’, और ‘स्टार्टअप इंडिया’ — का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं और देश के कारीगरों, किसानों व उद्यमियों को सशक्त बनाएं।

राज्य में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने:

  • देश में पहली बार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
  • 9,000 एकड़ से अधिक भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया है।
  • 550 अवैध मजारें और 2 अवैध मस्जिदें हटाई हैं।
  • ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन संस्कृति के विरोधियों पर कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, भूमि व जनसंख्या संतुलन की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वैश्य समाज को बताया सरकार का विश्वस्त सहयोगी

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्य समाज सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करता रहेगा और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस अवसर पर विनोद चमोली, खजान दास, प्रेमचंद अग्रवाल, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, व्यापारी, स्थानीय नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे।