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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट, परीक्षा रद्द होने पर जताया आभार

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट, परीक्षा रद्द होने पर जताया आभार

देहरादून, 12 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड बेरोजगार संघ और तकनीकी डिप्लोमा धारक अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधियों ने हाल ही में एक भर्ती परीक्षा में अनियमितता पाए जाने पर सरकार द्वारा उसे रद्द किए जाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सरकार ने युवाओं की भावनाओं का सम्मान किया: बेरोजगार संघ

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जो त्वरित और सख्त कदम उठाए हैं, वह युवाओं में विश्वास और आशा का संचार करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड के युवा ईमानदारी और योग्यता के आधार पर प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखते हैं और सरकार के इस निर्णय ने उन्हें न्याय दिलाया है।

भ्रष्टाचार और नकल पर जीरो टॉलरेंस की नीति: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, योग्यता और समयबद्ध प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, नकल या अनुचित साधनों के लिए शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति लागू है और आगे भी सख्ती से लागू रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा:

युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। हमने नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित किया है।

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या गिरोह जो परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हर पात्र युवा को मिलेगा निष्पक्ष अवसर

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि हर पात्र अभ्यर्थी को निष्पक्ष और समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनकी लगन, परिश्रम और ईमानदारी पर सरकार को पूरा विश्वास है।

संघ ने दिए सुझाव, मुख्यमंत्री ने की सराहना

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भविष्य की परीक्षाओं में नकल-रोधी प्रावधानों को और मजबूत किया जाए और सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह भर्ती प्रणाली ही सुशासन की असली पहचान है और सरकार उसी दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव-2025 में की शिरकत, पत्रकारों की भूमिका को बताया अतुलनीय

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव-2025 में की शिरकत, पत्रकारों की भूमिका को बताया अतुलनीय

देहरादून, रविवार:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विजेताओं को लक्की ड्रॉ के पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पत्रकारों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब को भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है, और प्रक्रिया पूरी होते ही क्लब के लिए एक भव्य भवन का निर्माण किया जाएगा।

पत्रकारों को बताया समाज का दीप

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “दीपावली की तरह पत्रकार भी समाज में उजाला फैलाने का कार्य करते हैं। वे रात-दिन बिना रुके जनता तक सच्चाई और जनहित की बात पहुंचाते हैं।” उन्होंने इस अवसर पर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि “विकसित भारत और उत्तराखंड की दिशा में आत्मनिर्भरता आवश्यक है।”

पत्रकारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति गंभीर है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता व आवासीय योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि:

  • पत्रकार कल्याण कोष का बजट ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया गया है।
  • राज्यभर में मीडिया सेंटरों का आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
  • वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है और पेंशन में भी वृद्धि की गई है।
  • देहरादून आने वाले पत्रकारों के लिए सूचना विभाग के माध्यम से ठहरने की सुविधा बहाल की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की लेखनी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर अब तक प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि पत्रकार न केवल सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाते हैं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार तक लाने का कार्य भी करते हैं।

कार्यक्रम में कई गणमान्य रहे मौजूद

इस अवसर पर विधायक खजान दास, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, महामंत्री सुरेंद्र डसीला समेत कई पत्रकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई दलहनी फसल प्रजातियों का लोकार्पण एवं “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला केवल कृषि उत्पादों और उपकरणों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के लिए ज्ञान, तकनीक और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस वर्ष मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स व उद्योगों ने भाग लिया है।

खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने पर ज़ोर

मुख्यमंत्री धामी ने किसानों से पारंपरिक कृषि के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे कृषि को अधिक उत्पादक, लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।

प्रदेश सरकार की प्रमुख किसान-हितैषी घोषणाएँ:

  • ₹3 लाख तक ब्याज मुक्त कृषि ऋण
  • कृषि उपकरणों पर 80% तक सब्सिडी
  • नहरों से सिंचाई पूरी तरह मुफ्त
  • पॉलीहाउस निर्माण के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान
  • गेहूं पर ₹20/क्विंटल बोनस
  • गन्ना मूल्य में ₹20/क्विंटल वृद्धि

साथ ही, राज्य में ₹1000 करोड़ की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट को भी मंज़ूरी दी गई है।

बागवानी और पर्वतीय खेती को बढ़ावा

सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियाँ लागू की गई हैं, जिनमें किसानों को 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार ग्रेडिंग-सॉर्टिंग यूनिट्स के लिए भी अनुदान दे रही है।

प्रधानमंत्री की योजनाओं का लाभ किसानों को

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसानों को सालाना ₹6000 की सहायता मिल रही है।
इसके अलावा:

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में अभूतपूर्व वृद्धि
  • फसल बीमा योजना के तहत सुरक्षा कवच
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
  • किसान मानधन योजना
  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और मिलेट मिशन के तहत व्यापक लाभ

किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाई गई

राज्य में कृषि को विकास का इंजन मानते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की गई है।

समान नागरिक संहिता (UCC) और नकल विरोधी कानून पर चर्चा

कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून पर भी संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी धर्म या पंथ के विरुद्ध नहीं, बल्कि भेदभाव और असमानता को समाप्त करने का संवैधानिक उपाय है।

कुलपति और विद्यार्थियों का सहयोग

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय ₹2.61 लाख तक पहुँच चुकी है और 26% विकास दर दर्ज की गई है। मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें अब तक 20,000 से अधिक किसान भाग ले चुके हैं।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अखिल भारतीय किसान मेले में की शिरकत, चखी अल्मोड़ा की बाल मिठाई, किसानों को किया संबोधित

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रुद्रपुर/पंतनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को उधम सिंह नगर जिले के गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि तकनीकों, नवीन शोध, जैविक उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से सजे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी भ्रमण किया और अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई का स्वाद लेकर उत्तराखंड की पारंपरिक मिठाई उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने विदेशी विद्यार्थियों से भी संवाद किया और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

किसानों, छात्रों और वैज्ञानिकों को किया संबोधित

गांधी हॉल में उपस्थित किसानों, विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय देश की कृषि क्रांति का आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद से हर वर्ष खरीफ और रबी फसलों से पूर्व चार दिवसीय किसान मेले का आयोजन करता है, जो अब एक परंपरा बन चुका है।

उन्होंने कहा कि इस मेले में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित देश के कई राज्यों के किसान भाग लेते हैं। यहां उन्हें नई तकनीकों, उन्नत बीजों, पौधों और कृषि उपकरणों की जानकारी मिलती है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि होती है।

“किसानों की समृद्धि ही राज्य की प्रगति की कुंजी”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा —

“हमारी सरकार किसानों के उत्थान और समृद्धि के लिए संकल्पबद्ध है। एक ओर जहां प्रदेश के किसानों को ₹3 लाख तक का बिना ब्याज ऋण दिया जा रहा है, वहीं फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि उपकरणों की खरीद पर 80% तक सब्सिडी दी जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को नई योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत भी हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।

युवाओं और पारदर्शी भर्ती प्रणाली पर भी बोले

किसान मेले के मंच से मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीते चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है

“हम युवाओं के सपनों और भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। रोजगार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता — यही हमारी सरकार के तीन प्रमुख स्तंभ हैं।”

तकनीक, परंपरा और आत्मनिर्भरता का संगम बना किसान मेला

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के किसान मेले न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हैं, बल्कि परंपरागत कृषि और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने हमेशा से किसानों के हित में शोध और नवाचार को प्राथमिकता दी है और यह संस्था आज भी “हरित क्रांति के जनक” कहे जाने वाले गोविंद बल्लभ पंत जी के सपनों को साकार कर रही है।

कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के कुलपति, अधिकारीगण, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर युवाओं ने जताया आभार — मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुँचा

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मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर युवाओं ने जताया आभार — मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुँचा

देहरादून:उत्तराखंड युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में एक युवा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार प्रयासों और अन्य जनहित के मुद्दों पर लिए गए निर्णयों को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना

भाजयुमो महामंत्री मुलायम सिंह रावत ने कहा:

“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवाओं के लिए हर मोर्चे पर संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उनकी सरकार ने जिस तरह युवाओं की बात सुनी और समाधान के लिए पहल की, वह सराहनीय है।”

युवा वर्ग की ओर से धन्यवाद

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में युवाओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेने और उनकी बेहतरी के लिए लगातार प्रयास करने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। युवा मोर्चा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर अवसर और सुरक्षित भविष्य मिलेगा।

स्पा सेंटर बंद कीजिए सरकार” — राकेश उत्तराखंडी की मुख्यमंत्री धामी से गुहार

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स्पा सेंटर बंद कीजिए सरकार” — राकेश उत्तराखंडी की मुख्यमंत्री धामी से गुहार

देहरादून: राजधानी में बढ़ते स्पा सेंटरों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राकेश उत्तराखंडी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि राज्य में चल रहे ऐसे सभी स्पा सेंटरों को तत्काल बंद किया जाए, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं।

मुख्यमंत्री का आश्वासन:

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और गरिमा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यवसाय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मुख्यमंत्री से युवाओं की मुलाकात

उत्तराखंड युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, UKSSSC घोटाले में CBI जांच और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार की सक्रियता को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

राकेश उत्तराखंडी का बयान:

रुद्रसेना देवभूमि उत्तराखंड-हिमाचल के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने कहा:

“कुछ दिन पूर्व मेरे संज्ञान में राज्य में चल रहे स्पा सेंटरों की गतिविधियाँ आईं। मैंने खुद कई स्थानों पर जाकर हालात देखे और पाया कि ये केंद्र देवभूमि की संस्कृति को चोट पहुँचा रहे हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की सरकार पहले भी लव जिहाद, लैंड जिहाद, अवैध मदरसे और डेमोग्राफिक बदलाव जैसे संवेदनशील मामलों पर कठोर निर्णय ले चुकी है। अब समय है कि स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे अनैतिक धंधों पर भी लगाम लगाई जाए।

UKSSSC घोटाले पर युवाओं की भूमिका

पूर्व में UKSSSC पेपर लीक मामले में भी राकेश उत्तराखंडी और मुलायम सिंह रावत ने युवाओं के साथ मिलकर CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री धामी ने उनकी मांगें स्वीकार करते हुए CBI जांच के आदेश दिए और परीक्षा को रद्द किया।

मुख्यमंत्री को धन्यवाद

मुख्यमंत्री आवास पहुंचे युवाओं ने प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने और पारदर्शी प्रशासन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

देहरादून में तेज़ रफ्तार का कहर — भाजयुमो महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की सड़क हादसे में मौत

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देहरादून में तेज़ रफ्तार का कहर — भाजयुमो महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की सड़क हादसे में मौत

देहरादून, शुक्रवार:
राजधानी देहरादून में एक बार फिर तेज़ रफ्तार ने एक ज़िंदगी छीन ली। शुक्रवार देर शाम सेंट ज्यूड चौक के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिष्ट डीएवी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष भी थे और हादसे के समय अपने ऑफिस से बाहर निकलकर सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान एक वर्कशॉप से टेस्टिंग के लिए निकली तेज़ रफ्तार कार अनियंत्रित होकर आई और उन्हें ज़ोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में मौके पर ही बिष्ट गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कार वर्कशॉप से निकली थी टेस्टिंग के लिए

पुलिस के अनुसार, हादसे की वजह बनी कार एक वर्कशॉप से टेस्टिंग के लिए बाहर निकाली गई थी। प्रारंभिक जांच में कार की रफ्तार काफी अधिक बताई जा रही है और वाहन पर चालक का नियंत्रण नहीं रहा।

शोक की लहर

जितेंद्र सिंह बिष्ट की असामयिक मृत्यु से भाजयुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर है। पार्टी नेताओं ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है और परिवार को सांत्वना दी है।

बच्चों की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश – कफ सिरप बिक्री पर statewide निगरानी, 350 से अधिक सैंपल लिए गए, दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में औषधि विभाग का व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 350 से अधिक कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कई अन्य विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।”

राज्यभर में औचक निरीक्षण अभियान तेज

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर प्रदेश के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें सक्रिय हैं। मेडिकल स्टोर्स, होलसेल डिपो, फार्मा इंडस्ट्री और बच्चों के अस्पतालों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में यह अभियान चरणबद्ध रूप से जारी है।

देहरादून में बड़े स्तर पर कार्रवाई

औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किए गए।
बच्चों की सर्दी-खांसी की कुछ दवाएँ अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर ही सील कर बिक्री पर रोक लगा दी गई।
एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया और 11 औषधियों के नमूने जांच हेतु लिए गए। निरीक्षण के दौरान SYP. Coldrif, SYP. Respifresh-TR और SYP. Relife जैसी प्रतिबंधित दवाएँ स्टोर्स पर नहीं मिलीं।

ऋषिकेश, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी छापेमारी

  • ऋषिकेश: औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी की टीम ने राजकीय एसपीएस चिकित्सालय और जॉलीग्रांट क्षेत्र में निरीक्षण किया। जहाँ बच्चों के सिरप अलग से भंडारित पाए गए, उन्हें सील कर दिया गया।
  • हल्द्वानी: मुखानी क्षेत्र में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई, जिनमें से दो से कफ सिरप के नमूने लिए गए।
  • अल्मोड़ा और बागेश्वर: औषधि निरीक्षकों ने औचक जांच के दौरान तीन सिरप के नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए।

मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट संदेश — “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “प्रत्येक मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मा यूनिट की जांच सुनिश्चित की जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

स्वास्थ्य मंत्री की अपील — “डॉक्टर और फार्मासिस्ट जिम्मेदारी निभाएं”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बाल चिकित्सकों से अपील की कि वे दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें।
उन्होंने कहा कि “डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सेहत को सर्वोपरि रखें।”

स्वास्थ्य सचिव की चेतावनी — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि “हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है और जहाँ भी लापरवाही पाई जाएगी, वहाँ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

अभियान जारी रहेगा जब तक असुरक्षित दवाइयाँ पूरी तरह समाप्त नहीं

अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है— राज्य के नागरिकों, विशेषकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियाँ ही मिलें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।

उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त

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उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित की गई प्रतियोगी परीक्षा को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। आयोग की ओर से परीक्षा निरस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया था। आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, सीबीआई जांच की संस्तुति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि,

“आयोग ने सीमित समय में अधिकतम जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की, जो सराहनीय है। राज्य सरकार इस रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में आगे का निर्णय लेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।

भविष्य में सुधार के संकेत

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि:

“हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश न रहे। हमारा उद्देश्य अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का राज्य की परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल रखना है।”

सियासी विवाद को मिल सकती है राहत

परीक्षा रद्द किए जाने के साथ ही इस मुद्दे पर लंबे समय से जारी राजनीतिक घमासान को भी विराम लगने की उम्मीद की जा रही है। सरकार के इस फैसले को परीक्षा में गड़बड़ी से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

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बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जारी हुए शुरुआती ओपिनियन पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। जनता का मूड फिलहाल स्पष्ट नहीं है, और मतदाता दोनों पक्षों को बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।

क्या कहता है ओपिनियन पोल?

ओपिनियन पोल के शुरुआती रुझानों के अनुसार:

  • NDA को लगभग 42% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
  • वहीं, महागठबंधन (जिसमें RJD, कांग्रेस, और वाम दल शामिल हैं) को 41-42% वोट शेयर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
  • अन्य पार्टियों और निर्दलीयों को 16-17% वोट मिलने की संभावना है।

इस आंकड़े से यह साफ हो रहा है कि मुकाबला बेहद रोमांचक और नजदीकी हो सकता है। सीटों का गणित छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा।

मुख्य चेहरे और मुद्दे

  • NDA की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से चेहरा बने रहेंगे, हालांकि BJP की भूमिका भी इस बार ज्यादा निर्णायक मानी जा रही है।
  • महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को चुनौती देने वाला प्रमुख चेहरा माना जा रहा है, जो रोजगार और शिक्षा को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
  • जनता के बीच मुख्य मुद्दों में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कानून-व्यवस्था सबसे ऊपर हैं।

छोटे दल बन सकते हैं किंगमेकर

ओवैसी की AIMIM, चिराग पासवान की LJP (रामविलास), उपेन्द्र कुशवाहा की RLM जैसी पार्टियाँ सीमित सीटों पर लड़कर NDA या महागठबंधन की किस्मत को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में ये दल संभावित किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं तो बिहार में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है, जिसमें सरकार गठन के लिए गठबंधन की राजनीति और भी जटिल हो जाएगी।


निष्कर्ष: चुनावी समर का बिगुल बज चुका है

बिहार चुनाव 2025 को लेकर भले ही अभी मतदान में समय हो, लेकिन ओपिनियन पोल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुकाबला बेहद कांटे का होने जा रहा है। दोनों प्रमुख गठबंधन रणनीति में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहेंगे। अगला चुनाव न सिर्फ बिहार की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी सियासी संकेत देगा।