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बिग ब्रेकिंग: ‘मुझे फंसाया गया’! पेपर लीक केस में हाकम सिंह की दलील, हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

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नैनीताल। UKSSSC पेपर लीक कांड से जुड़ी सुनवाई में गुरुवार को बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी हाकम सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने सरकारी पक्ष की मांग पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।

हाकम सिंह की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन्हें इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव में झूठा फंसाया गया है। उनका दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज आरोपों का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। वहीं, सरकारी पक्ष ने कोर्ट से कहा कि जांच जटिल और व्यापक है, इसलिए विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए।

गौरतलब है कि यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने नकल गिरोह के सरगना हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया था।

उस वक्त आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया था कि गिरोह ने छह अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये लेकर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। लेकिन गिरफ्तारी के बावजूद 21 सितंबर को परीक्षा समाप्त होने से पहले प्रश्न पत्र के कुछ सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे प्रदेशभर में हड़कंप मच गया।

इस घटना के बाद प्रदेश में बेरोजगार युवाओं का व्यापक आंदोलन शुरू हुआ, विपक्ष ने सरकार को घेरा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जांच की संस्तुति कर परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

अब हाकम सिंह की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई का इंतजार है। इस बीच, पेपर लीक प्रकरण एक बार फिर राज्य की सियासत और भर्ती प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

भानियावाला गुरु राम राय पब्लिक स्कूल के कमरों में लगी आग, बमुश्किल पाया काबू

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आग लगने से स्कूल में रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

डोईवाला: भानियावाला स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में सुबह लगभग 5 बजे कुछ कमरों में अचानक आग लग गई. धीरे-धीरे आग ने अन्य कमरों को भी अपनी चपेट में ले लिया. स्थानीय लोगों ने स्कूल बिल्डिंग से सुबह धुआं निकलता देखा. जिसके बाद आनन फानन में इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई. जिसके बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया गया.

आग लगने की घटनाएं बिजली की खराबी, ज्वलनशील पदार्थों के रिसाव, मानव-निर्मित भूल, और अत्यधिक गर्मी या शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं. इन घटनाओं का मुख्य कारण अक्सर खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग, और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन न करना होता है.

आग लगने के प्रमुख कारण

  1. सुरक्षा नियमों की अनदेखी: उचित सुरक्षा उपायों की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी आग लगने की घटनाओं की एक बड़ी वजह है.
  2. अपर्याप्त वेंटिलेशन: ज्वलनशील पदार्थों के पास अपर्याप्त वेंटिलेशन आग के जोखिम को बढ़ाता है, खासकर जब गर्मी के स्रोत मौजूद हों।
  3. बिजली की खराबी: खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन, पुराने फ्यूज, या ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम के कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है.गर्मियों में, एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली का लोड बढ़ जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है.
  4. ज्वलनशील पदार्थों का रिसाव: पेट्रोल, डीजल, या एसी गैस जैसे ज्वलनशील पदार्थों के रिसाव से आग लगने का खतरा होता है, खासकर जब वे गर्मी या चिंगारी के संपर्क में आते हैं.
  5. मानव-निर्मित भूल: बिना देखरेख के खाना पकाना, खासकर चूल्हे या ओवन पर, आग लगने का एक बड़ा कारण है. बच्चों का आग से खेलना या हीटिंग उपकरणों का गलत इस्तेमाल भी आग का कारण बन सकता है।
  6. अत्यधिक गर्मी: गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने और हवा में नमी कम होने से सूखी घास और पत्तियां आसानी से आग पकड़ लेती हैं. तेज धूप में खड़ी गाड़ियां, खासकर जिनके अंदर के पुर्जे गर्म हो रहे हों, उनमें आग लगने का खतरा होता है.

बरेली से हल्द्वानी लाई जा रही 8 क्विंटल मिठाई जब्त, त्योहारी सीजन में एक्शन में एफडीए

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दीपावली को मिलावट फ्री बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार छापेमारी कर रहा है. इसके लिए सैंपलिंग की जा रही है.

देहरादून: दीपावली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग प्रदेशभर में सुरक्षित एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक्टिव है. इसके लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बरेली से हल्द्वानी लाई जा 8 क्विंटल मिठाई जब्त की है. इस मिठाई की गुणवत्ता संदेहास्पद पाई गई. जिसके बाद कार्रवाई की गई.

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा आर राजेश कुमार के निर्देशानुसार उपायुक्त खाद्य सुरक्षा, कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत के नेतृत्व में हल्द्वानी क्षेत्र में एक विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया. अभियान के अंतर्गत खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए. जिन्हें परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला को भेजा गया है. इस दौरान निर्माण इकाइयों में अत्यधिक अस्वच्छता पाए जाने एवं एफएसएसएआई लाइसेंस न होने के कारण संबंधित इकाइयों को अगले आदेश तक संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए.

निरीक्षण के दौरान लगभग 8 क्विंटल मिठाई, जो बरेली से हल्द्वानी लाई जा रही थी, को संदेहास्पद गुणवत्ता पाए जाने पर जब्त किया गया. जिस पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. इसके अलावा खिलौना बताशा निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण कर नमूने संकलित किए गए. अभियान के दौरान खाद्य व्यवसाय संचालकों को केवल गुणवत्तायुक्त एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री विक्रय करने, बिना बिल खरीदारी से बचने, एवं स्टॉक का समुचित विवरण रखने के विशेष निर्देश प्रदान किए गए.

डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत ने बताया आगामी त्योहारों को देखते हुए पूरे मंडल में सतर्कता बढ़ा दी गई है. किसी भी स्थिति में मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाएगी. आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशानुसार कुमाऊं मंडल के जनपद नैनीताल, उधम सिंह नगर, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा एवं बागेश्वर में भी विभिन्न एफडीए प्रवर्तन टीमों द्वारा वाहनों की जांच, खाद्य निरीक्षण एवं सैंपलिंग कार्यवाही की जा रही है.

प्रवर्तन टीम में सभी जनपदों के अभिहित अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी सम्मिलित रहे. त्योहारों के मद्देनजर यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी. जिससे आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके.

काफिला रोक कुम्हार से मिले सीएम धामी, खरीदे स्वदेशी प्रोडक्ट, मोदी संदेश को बढ़ाया आगे

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सीएम धामी ने त्योहारों के अवसर पर अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की प्रदेश की जनता से अपील की है.

खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार देर शाम चंपावत दौरे से अपने गृहक्षेत्र खटीमा पहुंचे. इस दौरान सीएम धामी ने अपनी फील्ट को रुकवा कर सड़क किनारे खरीदारी की. सीएम धामी ने तिराहे में कुम्हार की दुकान में जाकर मिट्टी के दिए, मूर्ति व अन्य सामान खरीदा. साथ ही सीएम धामी ने कुम्हार के परिवार को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दी. सीएम धामी ने इस दौरान दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया. साथ ही यूपीआई के माध्यम से कुम्हार को पेमेंट कर मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया की भी ब्रांडिंग की.

ट्रंप टैरिफ के बाद पीएम मोदी से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील की है. पीएम मोदी की स्वदेशी अपनाने की अपील का बीजेपी नेता देशभर में प्रचार प्रसार कर रहे हैं. कई राज्यों के मुख्यमंत्री स्वदेशी का प्रचार अपने अपने तरीके से कर रहे हैं. इसी क्रम में सीएम धामी का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में सीएम धामी अपने काफिले को बीच सड़क पर रुकवाकर स्वदेशी प्रोडक्ट की खरीदारी कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री धामी का ये वीडियो उनके गृह क्षेत्र खटीमा के लोहिया हेड तिराहे पर स्थित कुम्हार की दुकान का है. यहां सीएम धामी ने अपनी फ्लीट को रुकवाकर मिट्टी के दिए, मूर्ति, गमले आदि सामान खरीदा. साथ ही सीएम धामी ने कुम्हार परिवार से भी मुलाकात की. सीएम ने इस दौरान त्योहारों के अवसर पर अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की प्रदेश की जनता से अपील की. इसके बाद सीएम ने अपने आवास नगरा तराई पहुंचे. जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया.

सीएम धामी के गुरुवार के कार्यक्रम के बारे में सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सीएम गुरुवार को खटीमा के मेलाघाट इलाके में मेलाघाट राज मार्ग 107 के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे. उसके उपरांत खटीमा के कंजाबाग तिराहे में लघु सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित तिरंगा लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे.

इसके बाद सीएम धामी अपनी विधानसभा चंपावत के टनकपुर को प्रस्तान कर टनकपुर में नवनिर्मित कैंप कार्यालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे. इसके उपरांत सीएम टनकपुर के छीनी गोठ में सशक्त बहन उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे. इसके बाद लगभग एक बजे सीएम धामी टनकपुर स्टेडियम हैलीपेड से काशीपुर उधम सिंह नगर को प्रस्थान करेंगे.

दिवाली पर ड्रोन से कंट्रोल होगा देहरादून का एयर पॉल्यूशन, जानिए कैसे?

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दीपावली पर वायु प्रदूषण का स्तर न बढ़े इसके लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है.

देहरादून: देश भर में दीपावली त्यौहार की धूम देखी जा रही है. त्यौहार को लेकर बाजार सच चुके हैं. लोग बाजारों में बढ़चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं. दीपावली के दौरान सबसे बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने की रहती है. क्योंकि आतिशबाजी के कारण दीपावली पर वायु प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है, जिसको लेकर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कमर कस ली है.

दीपावली पर आतिशबाजी के कारण एयर क्वालिटी काफी अधिक खराब हो जाती है, जिसको ध्यान में रखते हुए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी रणनीति भी तैयार की है. दीपावली के बाद देहरादून के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए पानी की बौछार करवाई जाएगी, ताकि एयर क्वालिटी को बेहतर किया जा सके.

देहरादून में एयर क्वालिटी इंडेक्स: वैसे साल 2024 में साल 2023 के मुकाबले एयर क्वालिटी में ज्यादा गिरावट दर्ज नहीं की गई थी. साल 2024 में दीपावली के दौरान देहरादून में एयर क्वालिटी इंडेक्स 288 तक पहुंच गया था, जिससे देहरादून की आबोहवा बिगड़ गई थी. साथ ही पीएम 10 की स्थिति 254.39 और पीएम 2.5 की स्थिति 116.50 हो गई थी.

वहीं साल 2024 के मुकाबले साल 2023 में वायु गुणवत्ता और अधिक खराब थी. साल 2023 में दीपावली के दौरान देहरादून में एयर क्वालिटी इंडेक्स 333 तक पहुंच गया था, साथ ही पीएम 10 की स्थिति 307.15 और पीएम 2.5 की स्थिति 63 हो गई थी.

एक्यूआई: ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि साल 2024 के मुकाबले इस साल 2025 में एयर क्वालिटी इंडेक्स का कम रह सकता है. पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार शून्य से लेकर 50 एक्यूआई स्तर को बेहतर माना जाता है. 51 से 100 तक एक्यूआई स्तर को संतोषजनक, 101 से 200 तक का एक्यूआई स्तर को मध्य, 201 से 300 तक एक्यूआई स्तर को खराब, 301 से 400 तक एक्यूआई स्तर को बेहद खराब और 401 से लेकर 500 तक एक्यूआई स्तर को सेहत के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है.

पीएम 2.5 ज्यादा खतरनाक: इसमें साथ ही एयर क्वालिटी के लिए एक्यूआई स्तर के साथ ही पार्टिकुलेट मैटर वैल्यू (पीएम) भी महत्वपूर्ण होती है. पीसीबी के अनुसार हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 और पीएम 10 की मात्रा 100 तक होना ही सुरक्षित माना जाता है, लेकिन पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा बढ़ना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है,

दरअसल, गैसोलीन, तेल, डीजल ईंधन या लकड़ी जलाने से पीएम 2.5 का उत्पादन होता है, जो हवा में मिक्स हो जाता है. पीएम 2.5 का आकार छोटा है, जो हवा के साथ फेफड़ों में आसानी से चला जाता है. यही वजह है कि पीएम 2.5 को पीएम 10 के मुकाबले काफी अधिक नुकसानदायक माना जाता है.

देहरादून में बढ़ता वायु प्रदूषण: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव की वजह से भी वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. वर्तमान समय में देहरादून का एक्यूआई स्तर संतोषजनक स्थिति में है. यानी 51 से 100 के बीच रह रहा है. लेकिन दीपावली के दौरान एक्यूआई स्तर काफी अधिक बढ़ने की आशंका है. जब एक्यूआई का स्तर 100 से ऊपर जाता है तो उसे सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है.

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की दीपावली पर तैयारी: वहीं, ज्यादा जानकारी देते हुए उत्तराखंड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने कहा कि दीपावली स्वच्छ और सुरक्षित हो इसके लिए उत्तराखंड प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर रणनीतिय तैयार कर ली है.

ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव: मुख्य रूप से जो भी संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां पॉल्यूशन अधिक होने की आशंका है, उन क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव करने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगा दिए गए हैं.

साथ ही बताया गया कि केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. इसके अलावा सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि स्कूलों और अस्पतालों के आसपास पटाखे न फोड़े जाए. उत्तराखंड ने नेशनल लेवल पर एयर क्वालिटी में बेहतर प्रदर्शन किया है. ऐसे पीसीबी की कोशिश है आगामी दीपावली स्वच्छ हो सुरक्षित हो साथ ही एयर क्वालिटी बेहतर रहे.

मुख्यमंत्री धामी का चम्पावत में व्यापक भ्रमण, ग्रामीणों से सीधा संवाद

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मुख्यमंत्री धामी का चम्पावत में व्यापक भ्रमण, ग्रामीणों से सीधा संवाद

महिलाओं ने किया पारंपरिक स्वागत, मुख्यमंत्री बोले – “चम्पावत मेरी प्रेरणा है”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत का सड़क मार्ग से दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चम्पावत से टनकपुर तक के मार्ग में विभिन्न गांवों में रुककर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अपने भ्रमण के दौरान मुड़ियानी, धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंयाड़ी, सूखीढांग और अन्य ग्रामों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिलाओं ने किया पारंपरिक स्वागत

प्रत्येक ग्राम में मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने उन्हें फूलों और मंगल गीतों से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इसे मातृशक्ति का आशीर्वाद बताते हुए कहा,

“चम्पावत की जनता का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। यही मेरे कार्यों की असली ऊर्जा है।”

बच्चों से पूछा सपनों और पढ़ाई के बारे में

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर बच्चों से संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों से उनके सपनों, पढ़ाई और करियर के बारे में जाना और उन्हें मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा:

“आप सभी हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। जिस दिन आप आत्मविश्वास से अपने सपने पूरे करेंगे, उत्तराखण्ड विकास की नई ऊँचाइयों को छूएगा।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है ताकि हर बच्चे को बेहतर भविष्य मिल सके।

स्थानीय उत्पादों को दिया बढ़ावा

चल्थी में मुख्यमंत्री एक स्थानीय दुकान पर पहुँचे और वहाँ से स्वयं पहाड़ी गडेरी (बड़ी अर्बी) और अदरक खरीदी। उन्होंने कहा:

“राज्य सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को मजबूत कर रही है। हर नागरिक को स्थानीय उत्पादों को अपनाना चाहिए।”

जनता से जुड़ाव ही मेरी सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की हर गली, हर गांव उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।

“मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे चम्पावत की सेवा का अवसर मिला। हम सब मिलकर इसे एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को दीपावली, धनतेरस और भाई दूज की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं।

विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, कृषि और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि

“जनहित से जुड़े सभी कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्वक पूरे किए जाएं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की सुविधा, सुरक्षा और समग्र विकास है।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:

इस अवसर पर दायित्वधारी श्री श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की समीक्षा बैठक

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सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक-आधारित, व्यावहारिक और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को लेकर एक ऐसा मैकेनिज्म विकसित किया जाए जो तकनीकी रूप से सक्षम, क्रियान्वयन में सरल और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक हो।

सड़क सुरक्षा उल्लंघनों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर शत-प्रतिशत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्रवाई अधूरी नहीं रहनी चाहिए, और यदि राज्य के संदर्भ में नियमों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो वह भी शीघ्र किया जाए।

रेड लाइट जम्पिंग पर सख्ती, लाइसेंस निलंबन की सिफारिश

मुख्य सचिव ने कहा कि रेड लाइट जंप करने वाले व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस को न्यूनतम तीन माह के लिए निलंबित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में चालान की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, परंतु व्यक्ति द्वारा अब तक कंपाउंडिंग नहीं की गई है, तो ऐसे वाहनों को CCTV के माध्यम से ट्रैक कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ऑटोमेशन और तकनीकी उन्नयन पर ज़ोर

ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने के लिए मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल्स, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य आधुनिक उपकरणों को शामिल करने के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने को भी कहा।

जन-जागरूकता और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि enforcement के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान भी बड़े पैमाने पर चलाए जाएं ताकि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति चेतना विकसित हो।

सड़क दुर्घटनाओं की आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए उन्होंने हेली एंबुलेंस सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर स्वास्थ्य और परिवहन विभाग को संयुक्त प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव शैलेश बगोली, बृजेश कुमार संत, पुलिस महानिरीक्षक निलेश आनंद भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिए निर्देश, सीएचसी को एसडीएच में बदले जाने की प्रक्रिया जारी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिए निर्देश, सीएचसी को एसडीएच में बदले जाने की प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को जन अपेक्षाओं के अनुरूप सुदृढ़ बनाने हेतु स्वास्थ्य सचिव को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा चौखुटिया स्थित 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को 50 बिस्तरों वाले उप जिला अस्पताल (एसडीएच) में परिवर्तित करने की घोषणा की गई है। इस निर्णय के शासनादेश की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रगति पर है।

सरकार प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जानकारी दी गई कि चौखुटिया का वर्तमान सीएचसी 30 बिस्तरों के साथ संचालित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की ओपीडी होती है। साथ ही, हर माह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं का प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराया जा रहा है।

फिलहाल केंद्र में कुल 7 चिकित्सक कार्यरत हैं, जिनमें 3 महिला और 4 पुरुष डॉक्टर शामिल हैं। इनमें एक दंत चिकित्सक भी मौजूद हैं।

विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में तीन दिन विशेषज्ञों की एक टीम — जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं — जिला अस्पताल अल्मोड़ा एवं उप जिला अस्पताल रानीखेत से सीएचसी चौखुटिया भेजी जाती है। यह टीम नियमित रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।

वर्तमान में अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, डेंटल चेयर और 108 एम्बुलेंस जैसी सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक केंद्र द्वारा प्रतिदिन 70 से 80 डायग्नोस्टिक जांचें निःशुल्क की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।

दीपावली: आत्मनिर्भरता और स्वदेशी गर्व का पर्व

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Deepawali 2025 wokal for lokal दीपावली केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के अंतर्गत पारंपरिक मिट्टी के दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।

उन्होंने कहा, “जब हम अपने गांव-कस्बों में बने दीये या स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल एक उत्पाद नहीं खरीदते, बल्कि किसी परिवार की आजीविका, मेहनत और उम्मीद का सम्मान करते हैं।”

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों को ज़मीनी स्तर पर साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से स्थानीय कुटीर उद्योग, शिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हस्तकला, पारंपरिक उत्पाद, मिट्टी के दीये, जैविक और पहाड़ी खाद्य सामग्री न केवल राज्य में बल्कि देश-विदेश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि इस दीपावली संकल्प लें कि अपने घर की सजावट और रोशनी केवल स्वदेशी उत्पादों से करें, ताकि किसी और घर में भी खुशियों के दीये जल सकें। “हमारी हर छोटी-सी खरीद किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है,” उन्होंने कहा।

अंत में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।

इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी, महिला समूहों की सदस्याएं और आम नागरिक उपस्थित रहे।

हिमालयन अस्पताल में जटिल सर्जरी से नवजात को नई जिंदगी

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नवजात को इसोफेजियल एट्रेज़िआ विद ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्चुला नामक गंभीर स्थिति थी, जिसमें आहार नली विकसित नहीं होती और श्वास नली से जुड़ी रहती है।

दीपावली से पहले हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में एक अद्भुत चिकित्सा सफलता ने एक परिवार के जीवन में फिर खुशियां लौटा दीं। रश्मि (नाम परिवर्तित) के प्री-मेच्योर नवजात की आहार नली पूरी तरह विकसित नहीं थी। अस्पताल के बाल शल्य चिकित्सकों की टीम ने जटिल सर्जरी कर नवजात की आहार नली विकसित की। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि नवजात को इसोफेजियल एट्रेज़िआ विद ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्चुला नामक गंभीर स्थिति थी, जिसमें आहार नली विकसित नहीं होती और श्वास नली से जुड़ी रहती है। सर्जरी टीम में डॉ. सोनालिक गुप्ता, डॉ. सागर गर्ग, डॉ. आरती राजपूत, डॉ. यूसुफ और ओटी स्टाफ शीतल शामिल रहे। सर्जरी के बाद नवजात को डॉ. चिन्मय और डॉ. सैकत पात्रा की निगरानी में एनआईसीयू में रखा गया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि यह सफलता टीम की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कौशल का परिणाम है। अस्पताल का उद्देश्य हर नवजात को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

रश्मि के परिवार ने तीन सप्ताह की सघन देखभाल के बाद जब शिशु को पहली बार दूध पीते देखा, तो उन्होंने इसे “दीपावली का सबसे बड़ा उपहार” बताया।

क्यों थी सर्जरी चुनौतीपूर्ण?
नवजात का वजन मात्र 1500 ग्राम था और वह समय से पहले जन्मा था, जिससे सर्जरी और अधिक जोखिमपूर्ण हो गई थी।

हिमालयन अस्पताल में अत्याधुनिक नवजात चिकित्सा सुविधाएं
अस्पताल में जटिल नवजात सर्जरी के लिए 24 घंटे विशेषज्ञ टीम, आधुनिक एनआईसीयू और मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध हैं। यहां प्री-मेच्योर और गंभीर अवस्था वाले शिशुओं का उपचार उन्नत तकनीक और संवेदना के साथ किया जाता है।

क्या है इसोफेजियल एट्रेज़िआ?
यह एक जन्मजात विकृति है, जो लगभग 4500–5000 में से एक बच्चे में पाई जाती है। इसमें आहार नली का विकास अधूरा रह जाता है और अधिकांश मामलों में यह श्वास नली से जुड़ जाती है, जिससे नवजात को सांस लेने और भोजन निगलने में कठिनाई होती है।