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ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक, तलाश जारी

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ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर बड़ा हादसा, टहलते समय गंगा में गिरा पर्यटक, एसडीआरएफ की जवान तलाश में जुटे

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल ‘बजरंग सेतु’ पर टहलते समय एक पर्यटक सीधे गंगा में जा गिरा. जो देखते ही देखते गंगा में ओझल हो गया. अब पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है. फिलहाल, पर्यटक का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है.

अपने दोस्तों के साथ लक्ष्मण झूला घूमने आया था पर्यटक: जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बीती रात हुआ है. जहां दिल्ली निवासी हेमंत सोनी (उम्र 31 वर्ष) अपने साथी अमित सोनी और अक्षत सेठ के साथ लक्ष्मण झूला घूमने के लिए आया था. देर रात रास्ता बंद होने के बावजूद तीनों पर्यटक बजरंग सेतु पर घूमने के लिए चले गए. घूमते-घूमते पर्यटक बजरंग सेतु के उस हिस्से में चले गए, जहां अभी कांच का पाथ नहीं लगा है.

बजरंग सेतु से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक: रात होने की वजह से कांच न लगे होने का अंदाजा पर्यटकों को नहीं लगा. जिससे हेमंत सोनी बजरंग सेतु से सीधे गंगा में जा गिरा. जिसे देख दोस्तों के होश फाख्ता हो गए. उन्होंने चीख पुकार मचा दी. इसके साथ ही उन्होंने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पहले पुलिस फिर बाद में एसडीआरएफ के टीम मौके पर पहुंची.

गंगा नदी में चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान: जहां रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसका कुछ पता नहीं लग पाया. आज फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. ताकि, उसका पता लगाया जा सके. वहीं, एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि गंगा में पर्यटक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.

घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है. परिजन दिल्ली से ऋषिकेश के लिए निकल चुके हैं. फिलहाल, गंगा में गिरे पर्यटक की तलाश की जा रही है.“- संतोष पैथवाल, लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी

ऋषिकेश में बनाया जा रहा कांच का पुल: बता दें कि विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला के बगल में ही कांच का पुल (बजरंग सेतु) का निर्माण किया जा रहा है. जिसका काम लगभग अंतिम चरण में है. उम्मीद है कि जल्द ही कांच का पुल तैयार हो जाएगा. जिसके बाद ऋषिकेश में ही लोग ग्लास ब्रिज यानी कांच के पुल में आवाजाही कर सकेंगे. यह पुल टिहरी और पौड़ी जिले को जोड़ेगा.

बजरंग सेतु की लंबाई 132 मीटर होगी. जबकि, 5 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है. सेतु के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिलीमीटर की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ तैयार किया जा रहा है. यह सेतु देश और दुनिया के लोगों के लिए बेहद ही आकर्षण का केंद्र बनेगा. क्योंकि, कांच यह पुल दुनिया के चुनिंदा पुलों में एक होगा.

सुर्खियों में BKTC अनियमितता मामला, कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा के ही नेताओं में तकरार, जानिये पूरा माजरा

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बीकेटीसी को लेकर कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कई आरोप लगाये हैं. जिसे लेकर अब भाजपा के ही दो नेता आमने सामने आ गये हैं.

देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच में तीखी तकरार देखने को मिल रही है. ये दोनों ही नेता बदरी केदार मंदिर समिति से जुड़े हैं. इनमें एक पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय है. दूसरे नेता वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी हैं. दोनों नेताओं के बीच तकरार बदरी केदार मंदिर समिति में गणेश गोदियाल के लगाये गये आरोपों के बाद शुरू हुई है. कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने बदरी केदार मंदिर समिति में भाजपा के पिछले कार्यकाल से लेकर अब तक चली आ रही अनियमिताओं को लेकर सवाल खड़े किये हैं.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मंदिर समिति में अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान के कई मुद्दों पर सवाल खड़े किये. जिसमें से एक मुद्दा अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान उनके भाई की नियुक्ति और वेतन वृद्धि से भी जुड़ा है. इसे लेकर जब वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा वह इस पर जांच कराएंगे. बस यही बात अजेंद्र अजय को नागवार गुजरी. इसके बाद उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को उनके तमाम कार्य याद दिला दिये.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मुद्दा उठाया था कि बतौर मंदिर समिति के अध्यक्ष रहते अजेंद्र अजय ने कई अनियमितताएं की. जिसमें उन्होंने अपने भाई को लाभ पहुंचाने का काम भी किया. इस पर जब मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो इस पर जांच कराएंगे. इसी बात से नाराज हुए पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंदिर समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी. अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को बताया कि वो कौन-कौन से कार्य मंदिर समिति के अधूरे छोड़कर गए थे. उन पर वर्तमान अध्यक्ष ने क्या कुछ एक्शन लिया?

मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की कार्य प्रणाली पर तंज कसा. उन्होंने कहा उनके द्वारा उनके भाई की वेतन वृद्धि की जांच को लेकर जो बयान दिया गया है वो केवल बयानबाजी तक सीमित ना रहे. जल्द इसकी जांच करवाएं. इसके अलावा उन्होंने हेमंत द्विवेदी को यह भी याद दिलाया है कि साल 2010-11 से लगातार मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे बीडी सिंह के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए. अजेंद्र अजय ने कहा उनके कार्यकाल में बीडी सिंह को हटाया गया था. VRS लेकर बीडी सिंह आज भी मंदिर समिति के साथ चिपके हुए हैं. यह सोचने वाली बात है.

अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को याद दिलाया कि केदारनाथ में एक क्यूआर कोड का प्रकरण बहुत तेजी से उठा था. जिस पर उन्होंने मुकदमा दर्ज करवाया था. उस पर उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष को संज्ञान लेने की नसीहत दी. उन्होंने कहा उनके कार्यकाल में चमोली पुलिस ने इस मामले पर बहुत तेजी दिखाई थी. अब वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यकाल में इस मामले में पुलिस ढीली क्यों पड़ गई है? इस पर भी हेमंत द्विवेदी को जवाब देना चाहिए.

वहीं, इसके अलावा वर्तमान में मंदिर समिति में कार्यरत मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल की नियुक्ति पर भी उन्होंने सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने कहा मंदिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल मंदिर समिति की सेवा नियमावली के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अर्हता नहीं रखते हैं. उन्होंने बताया उनके कार्यकाल में पहली बार सेवा नियमावली तैयार की गई. इस सेवा नियमावली के अनुसार मंदिर समिति का मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्लास वन ऑफिसर होना चाहिए. अभी जो अधिकारी तैनात है वह क्लास वन तो छोड़िए क्लास 2 की भी अहर्ता नहीं रखता है.अजेंद्र अजय ने कहा उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी को शिकायत की थी. उन्होंने कहा बीकेटीसी के अध्यक्ष को इन तमाम मामलों पर भी ध्यान देना चाहिए.

शीतकाल के लिए बंद हुये रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, जानिये अब कहां होंगे दर्शन

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रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है.

चमोली:– आज शुभ मुहूर्त में पंच केदारों में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ महादेव मंदिर के कपाट, शीतकाल के लिए परम्परानुसार पूर्ण विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में, मंदिर के मुख्य पुजारी ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ अंतिम पूजा-अर्चना संपन्न की. इस दौरान वातावरण शिव भक्तों के जयकारों से गूंज उठा. जिनमें अगले वर्ष फिर से यात्रा शुरू होने की आशा भरी हुई थी.

कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ जी की उत्सव विग्रह डोली अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल श्री गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर के लिए रवाना हुई. अब अगले छह महीनों तक,शीतकाल के दौरान, श्रद्धालु चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) में कर सकेंगे.

बताते चलें करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए कई बुग्याल पार कर 19 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में भगवान रुद्रनाथ जी का प्रातः कालीन अभिषेक, पूजाएं संपन्न होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गई है. मंदिर परिसर में मौजूद सैकड़ो श्रद्धालु इस अलौकिक अवसर के साक्षी बने. उच्च हिमालई शिव धाम रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में की जाती है.

रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने बताया सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो गई थी. सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. साढ़े सात बजे डोली ने रुद्रनाथ से प्रस्थान किया. पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी. भगवान को राजभोग लगेगा (नए अनाजों का भोग)। वहां से डोली सगर गांव पहुंचेगी. यहां पर भी नए अनाज का भोग लगाया जाएगा. सूर्यास्त होने से पहले डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी. यहां भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा.छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी. उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने पर भगवान को मंदार (बुखला) के 251 पुष्प गुच्छों से ढका जाएगा. कपाट खुलने पर इन फूलों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.

रुद्रनाथ मन्दिर उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान शिव का एक मन्दिर है. यह पंचकेदार में से एक है. रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है. रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है.

अशासकीय विद्यालयों में अनियमितता मामला, CBCID जांच की तैयारी, आज जारी होगा आदेश

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अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने बताया मामले में सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. जिसका आदेश जल्द जारी किया जाएगा.

देहरादून: मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई शिकायत से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मामला अवैध नियुक्ति और वित्तीय अनियमितता का है. जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग को जांच कराने के निर्देश दिए हैं. हालांकि अभी जांच को लेकर आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है. उम्मीद है कि शुक्रवार को सीबीसीआईडी से जांच करने से जुड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया जाएगा.

अशासकीय विद्यालयों में अवैध नियुक्ति और अनियमित का मामला वैसे तो कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार बात सीबीसीआईडी जांच तक पहुंच गई है. हालांकि शिक्षा विभाग के स्तर पर इसके लिए कोई कदम उठाए जाने की बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश किए हैं.

बात पौड़ी के अशासकीय विद्यालय की है, जिसमें गलत तरीके से नियुक्ति की बात सामने आई है. हैरत की बात यह है कि यह मामला पहले ही शिक्षा विभाग के संज्ञान में आ गया था. इस पर जांच भी की गई थी लेकिन आगे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।.यह बात एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाई. जिसके बाद सीएम धामी ने इस पर जांच के निर्देश दिए हैं.

आरोप लगाया गया है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्तियां दी गई. अशासकीय इंटर कॉलेज जाखेटी और इंटर कॉलेज डांगीधार में लिपिक के पद पर गलत तरीके से नियुक्ति की शिकायत की गई है. यहां लिपिक के अलावा शिक्षिका की भी गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति की बात कही गई है. अब मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को संदर्भ में सीबीसीआईडी जांच करने के निर्देश दिए हैं. अभी इस मामले में आधिकारिक रूप से जांच सीबीसीआईडी को नहीं सौंपी गई है.

मामला अवैध नियुक्ति और करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ा है. लिहाजा इसे अब बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि प्रकरण पर सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. अभी इसपर जांच के लिए आधिकारिक आदेश करने की तैयारी की जा रही है.

इससे पहले भी अशासकीय विद्यालयों को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों में गड़बड़ी की बातें सामने आती रही है. कभी इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में अब मान जा रहा है की पौड़ी के इस अशासकीय विद्यालय में गड़बड़ी पाई जाती है तो सीबीसीआईडी के स्तर पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

आज बिहार दौरे पर रहेंगे सीएम धामी, एनडीए के लिए करेंगे प्रचार, यहां देखिये कार्यक्रम

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बिहार चुनाव में सीएम धामी का धाकड़ अंदाज देखने को मिलेगा. सीएम धामी आज बिहार के कई इलाकों में रोड शो करेंगे.

देहरादून: सीएम धामी आज बिहार में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. आज सीएम धामी बिहार के गोरियाकोठी पहुंचेंगे. जहां सीएम धामी भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के लिए प्रचार करेंगे. इसके साथ ही सीएम धामी सिवान विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मंगल पांडेय, वारसलीगंज (नवादा) से भाजपा प्रत्याशी अरुणा देवी के समर्थन भी प्रचार प्रसार करेंगे. इस दौरान सीएम धामी जनसभा व रोड शो में हिस्सा लेंगे.

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी एक्शन में है. यही कारण है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों को प्रचार की कमान सौंपी है. बीजेपी ने सीएम धामी को भी बिहार चुनाव में स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया है. इसी कड़ी में आज सीएम धामी बिहार में चुनाव प्रचार करेंगे.

बिहार चुनाव से पहले सीएम धामी ने दिल्ली विधानसभा में चुनाव प्रचार किया था. जहां बीजेपी सरकार बनाने में सफल रही. इससे पहले सीएम धामी हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान में भी चुनाव प्रचार की कमान संभाल चुके हैं. सीएम धामी तेज तर्रार वक्ता है. उनके फैसलों ने देशभर में उन्हें एक नई पहचान दिलाई है.

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर कर सीएम धामी देशभर में सुर्खियों में छाये. इसके बाद सीएम धामी लैंड जिहाद के खिलाफ एक्शन लिया. इसके अतिरिक्त प्रदेश की आपदाओं को अपने मजबूत नेतृत्व से संभालने को लेकर भी सीएम धामी की खूब तारीफ होती है.

बिहार चुनाव को लेकर अभी बीजेपी ने 101 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. यहां बीजेपी ने जातिगत आधार पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. मिशन 2025 को फतह करने के लिए भाजपा ने ‘भूरा बाल’ यानी भूमिहार, राजपूत, ब्राहमण और लाला पर भरोसा किया है.बिहार में मुसलमान की आबादी 17.70% है भारतीय जनता पार्टी ने टिकट बंटवारे के दौरान मुसलमानों को महत्व नहीं दिया. भारतीय जनता पार्टी ने 101 उम्मीदवारों की सूची में एक भी मुसलमान का नाम शामिल नहीं किया. 101 सीट में एक सीट भी अल्पसंख्यक समुदाय के हिस्से नहीं गई पार्टी को ऐसा लगता है कि अल्पसंख्यक समुदाय का वोट उन्हें नहीं मिलता है, इस वजह से वह टिकट देना भी मुनासिब नहीं समझते.

उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज, भाजपा की नजर युवा नेताओं पर — 2027 का फॉर्मूला तैयार

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उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज, भाजपा की नजर युवा नेताओं पर — 2027 का फॉर्मूला तैयार?

पांच खाली पद, दीपावली से पहले मिल सकता है राजनीतिक तोहफा

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को इस दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लगवा सकते हैं।

वर्तमान में राज्य कैबिनेट में पाँच पद खाली हैं, जिनमें से चार लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।

कौन आएगा, कौन जाएगा — चर्चाओं का दौर तेज

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी कैबिनेट विस्तार में भाजपा का फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए युवा चेहरों पर हो सकता है। हालांकि वरिष्ठ नेताओं के नाम भी प्रमुखता से चर्चा में हैं।

  • कुमाऊँ से दो बड़े नाम सामने आ रहे हैं — अरविंद पांडेय (गदरपुर) और बिशन सिंह चुफाल, दोनों ही वरिष्ठ विधायक हैं।

  • यदि कैबिनेट में युवा नेताओं को प्राथमिकता दी जाती है, तो संभव है कि इनमें से किसी एक को बाहर रखा जाए।

वहीं, चर्चा है कि यदि मौजूदा मंत्री गणेश जोशी को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाता है, तो उनकी जगह धर्मपुर विधायक विनोद चमोली को मौका मिल सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि:

“सीएम धामी 17 अक्टूबर को दिल्ली जा रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद जल्द ही कैबिनेट का विस्तार होगा।”

भट्ट ने यह भी कहा कि अब तक निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव, उपचुनाव और आपदा जैसे कारणों से यह प्रक्रिया टलती रही, लेकिन अब इसका इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।

गढ़वाल से संभावित चेहरे — युवा विधायक आगे

गढ़वाल मंडल से तीन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। चर्चा में प्रमुख नाम:

  • विनोद कंडारी (देवप्रयाग विधायक): छात्र राजनीति से निकले, संगठन की गहरी समझ रखने वाले और प्रभावी वक्ता माने जाते हैं।

  • आशा नौटियाल (केदारनाथ) और भरत चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं, हालांकि इनकी संभावनाएं फिलहाल कम नजर आ रही हैं।

अनुसूचित जाति से एक मंत्री संभव

गुजरात मॉडल को देखते हुए उत्तराखंड कैबिनेट में अनुसूचित जाति वर्ग से भी एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके तहत नाम उभर कर आए हैं:

  • खजान दास

  • शक्तिलाल शाह (संभावित नया चेहरा)

  • राजकुमार पोरी

राज्य स्थापना दिवस बन सकता है मौका

एक पक्ष का मानना है कि कैबिनेट विस्तार बिहार चुनाव के बाद किया जाए, जबकि दूसरा पक्ष चाहता है कि यह प्रक्रिया उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) से पहले पूरी हो।

राज्य सरकार उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर बड़ा आयोजन करने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में इससे पहले कैबिनेट विस्तार होने की संभावना प्रबल हो गई है।

नज़र 2027 पर: भाजपा का युवा कार्ड

यह स्पष्ट है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐसे नेताओं को कैबिनेट में शामिल करना चाहती है जो आने वाले वर्षों में पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर असरदार साबित हों।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री धामी का दीपावली उपहार किन विधायकों के हिस्से आता है।

गोरियाकोठी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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गोरियाकोठी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

‘धाकड़ धामी’ के भाषण ने भरा जनता में जोश, सभा में उमड़ी भारी भीड़

सिवान (बिहार): गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के नामांकन व आशीर्वाद सभा के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस मौके पर आयोजित जनसभा में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और ‘धाकड़ धामी’ का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अपने ओजस्वी भाषण से माहौल को जोशीला बना दिया। उन्होंने केंद्र और उत्तराखंड सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को साझा करते हुए बिहार के विकास की दिशा में भाजपा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास, सुरक्षा और सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। उन्होंने बिहार की जनता से भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की।

सभा में उमड़ी भारी भीड़ ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि बिहार में भी प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रति जनता का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

टनकपुर को मिली ₹36.30 करोड़ की विकास योजनाएं

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टनकपुर को मिली ₹36.30 करोड़ की विकास योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया 15 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ में महिलाओं को मिली ‘खुशियों की चाबी’

टनकपुर के छीनीगोठ स्थित क्रीड़ा स्थल पर आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर को ₹36.30 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने 15 महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, जिनका उद्देश्य क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को मज़बूती देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, पर्यटन और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देंगी।

09 योजनाओं का लोकार्पण – लागत ₹938.33 लाख

मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित 9 योजनाओं का लोकार्पण किया:

  • मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन, टनकपुर (लागत ₹45 लाख) – यह भवन जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा।

  • फागपुर के प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों का स्मार्ट क्लास में रूपांतरण (₹76.40 लाख)

  • भजनपुर प्राथमिक विद्यालय का पुनर्निर्माण (₹74.50 लाख)

  • डेविड पेंटर स्कूल, गुदमी में दो कक्षा-कक्षों का निर्माण (₹16 लाख)

  • भैंसियाखाल एवं बिचाई पेयजल योजनाएं (क्रमशः ₹136.77 लाख व ₹182.61 लाख)

  • टनकपुर कोतवाली में सिटी कंट्रोल रूम की स्थापना और यातायात उपकरण आपूर्ति (₹239.05 लाख)

  • पर्यटक आवास गृह, टनकपुर का उच्चीकरण (₹68 लाख)

  • बनबसा पावर स्टेशन से पाटनी तिराहा तक सड़क मरम्मत (NHPC) (₹100 लाख)

06 योजनाओं का शिलान्यास – लागत ₹2692.56 लाख

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं की आधारशिला रखी, वे हैं:

  • टनकपुर महाविद्यालय में परीक्षा हॉल का निर्माण (BRIDCUL) – ₹826.99 लाख

  • लादीगाड़ और ठुलीगाड़/बाबलीगाड़ पेयजल योजनाएं – कुल ₹1524.57 लाख

  • खिरद्वारी गांव में बुक्सा व राजी जनजातियों के लिए बहुउद्देशीय भवन – ₹60 लाख

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनबसा में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना – ₹50 लाख

  • माँ पूर्णागिरि धाम यात्रियों के लिए शेड निर्माण (चुका, टनकपुर – NHPC) – ₹231 लाख

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इन परियोजनाओं से टनकपुर का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास नई ऊँचाई पर पहुंचेगा और सीमांत क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।”


महिलाओं को मिली ‘खुशियों की चाबी’

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रीप परियोजना के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 5 ई-रिक्शा भेंट किए। उन्होंने स्वयं महिलाओं को ‘खुशियों की चाबी’ सौंपते हुए कहा:

“यह ई-रिक्शा सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई पहचान है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और पुरुष प्रधान परिवहन क्षेत्र में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराएंगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को “सहायता प्राप्तकर्ता” नहीं, बल्कि “सशक्त उद्यमी” के रूप में स्थापित करना चाहती है, और इसके लिए हर संभव प्रशिक्षण, तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी।

“ये प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला शक्ति को नए अवसर और सम्मान से जोड़ने का कार्य करेंगे।”

देहरादून नगर निगम में छत तोड़कर घुसा चोर

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देहरादून: नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। एक चोर नगर निगम की छत तोड़कर भीतर दाखिल हो गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह छत से नीचे गिरता है…घबराता है और फिर वहां से भाग निकलता है।

जानकारी के मुताबिक चोर भूमि अनुभाग कार्यालय तक पहुंच चुका था और कुछ मशीनी उपकरणों को नुकसान भी पहुंचा। हालांकि चोरी की किसी बड़ी घटना से पहले ही वह भाग खड़ा हुआ।

घटना की तहरीर नगर निगम ने दो दिन बाद मंगलवार को स्थानीय थाना पुलिस को सौंपी है। अब इस पूरे मामले की जांच की जा रही है, लेकिन सवाल ये है कि दिनदहाड़े नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण जगह में कोई इतनी आसानी से दाखिल कैसे हो गया?

इस घटना ने निगम की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। अब प्रशासन और पुलिस की चुनौती है कि ना सिर्फ आरोपी को पकड़ा जाए…बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

दुखयारी विधवा शोभा को आईसीआईसीआई बैंक ने लौटाए घर के कागजात; परिवार सहित धन्यवाद देने कलेक्ट्रेट पहुँची शोभा

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डीएम सविन बंसल के हस्तक्षेप से विधवा का ऋण हुआ माफ — ₹5 लाख की बकाया राशि मात्र ₹10 हजार में हुई सेटल, मिला “नो ड्यूज” प्रमाणपत्र

विगत माह देहरादून निवासी शोभा रावत अपने शत-प्रतिशत दिव्यांग पुत्र और पुत्री सहित जिलाधिकारी कार्यालय पहुँची थीं। उन्होंने जिलाधिकारी श्री सविन बंसल को बताया था कि पति की वर्ष 2024 में आकस्मिक मृत्यु के बाद वे आर्थिक रूप से अत्यंत संकटग्रस्त हैं। उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से ₹17 लाख का ऋण लिया था, जिसमें से ऋण बीमा के अंतर्गत ₹13,20,662 की धनराशि समायोजित की जा चुकी थी, किन्तु बैंक द्वारा शेष ₹5 लाख की वसूली की जा रही थी।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम (न्याय) कुमकुम जोशी को बैंक से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। निरंतर फॉलोअप और प्रशासनिक हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप बैंक ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ₹5 लाख की बकाया राशि मात्र ₹10 हजार में सेटल की और शोभा रावत को उनके घर के कागजात लौटा दिए

आज शोभा रावत अपने परिवार सहित कलेक्ट्रेट पहुँचीं और जिलाधिकारी श्री सविन बंसल तथा जिला प्रशासन की टीम का आभार व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने शोभा रावत के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राइफल क्लब से आर्थिक सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन के इस मानवीय प्रयास से जहां शोभा रावत का घर बच गया, वहीं उन पर से भारी ऋण का बोझ भी समाप्त हो गया। प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय से शासन-प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास और गहरा हुआ है।

डीएम सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून लगातार असहाय, व्यथित और जरूरतमंद नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर है — चाहे मामला शिक्षा, रोजगार, ऋणमाफी या सम्पत्ति वापसी से जुड़ा हो, प्रशासन की “त्वरित न्याय” पहल से जनमानस में राहत और भरोसा दोनों बढ़ा है।