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उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति: सीएम धामी ने लॉन्च की सौर जागरूकता स्मारिका 2 साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता

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उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति: सीएम धामी ने लॉन्च की ‘सौर जागरूकता स्मारिका’, 2 साल में 10 गुना बढ़ी क्षमता

उत्तराखंड में हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया है, जबकि निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यही नहीं, पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड आज देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक केवल दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखंड अब तक करीब 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है। इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

सीएम धामी ने यूपीसीएल, ऊरेडा और इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखंड की सामूहिक प्रतिबद्धता और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सौर कौथिग, जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ सोलर संयंत्र लगाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सहभागी बनाना है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।

उत्तराखंड अब नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सामने एक आदर्श मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

धीरेंद्र शास्त्री का पांच दिवसीय दिव्य दरबार, हनुमान कथा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

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उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में आज से बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पांच दिवसीय दिव्य दरबार शुरू होने जा रहा है। 27 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

कथा का आयोजन बदरीनाथ धाम के अराइवल प्लाजा परिसर में किया जाएगा, जहां प्रतिदिन अपराह्न दो बजे से धीरेंद्र शास्त्री श्रद्धालुओं को हनुमान कथा का श्रवण कराएंगे। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

आयोजन समिति से जुड़े जयदीप मेहता के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कथा का शुभारंभ दिव्य जल कलश यात्रा के साथ किया जाएगा, जो धार्मिक आस्था और परंपरा का विशेष आकर्षण होगी।

हनुमान कथा के साथ-साथ आयोजन में भजन संध्या और सनातन जागरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा बदरीनाथ धाम में धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

चारधाम यात्रा के बीच आयोजित यह धार्मिक आयोजन बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।

देहरादून डीएम का कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और आपदा तैयारी पर जोर

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देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम और आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, कार्यालयों की स्वच्छता, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रखरखाव और मानसून से पहले आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न शाखाओं में पत्रावलियों और अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी दस्तावेजों और फाइलों को व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तुरंत उपलब्ध हो सकें। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश भी दिए।

रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सुरक्षित संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों को श्रेणीवार और व्यवस्थित ढंग से रखा जाए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके।

कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी डीएम ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई और कार्यालय परिसर को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केंद्र का गहन निरीक्षण करते हुए जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन प्रभावित इलाकों और दूरस्थ गांवों की जानकारी ली। मानसून को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों की अद्यतन सूची, वैकल्पिक मार्ग, संचार व्यवस्था और राहत कार्यों की तैयारी पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतर्कता और तत्परता बनाए रखें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर संचालित किए जा सकें।

उत्तराखंड में आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर, टेक होम राशन वितरण में लागू होगा फेस रिकग्निशन सिस्टम

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उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने टेक होम राशन (टीएचआर) का 100 प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों तक राशन की पारदर्शी और सही वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।

मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें समयबद्ध और नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके।

बैठक में प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिन केंद्रों में अभी तक ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहां अनुपयोगी पुराने पंचायत भवनों का उपयोग किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इन भवनों की मरम्मत कर आंगनवाड़ी संचालन के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि जर्जर और असुरक्षित भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा।

इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सभी राजकीय और स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

महिला एवं बाल विकास योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सरकार की यह पहल राज्य में पोषण, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती दे सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त, पूरे प्रदेश में लगेगा एएनपीआर कैमरा नेटवर्क

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देहरादून में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की द्वितीय बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरे प्रदेश के लिए आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को पूरे उत्तराखंड के लिए एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों से जुड़ी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस तकनीक के जरिए वाहनों की निगरानी, ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर नियंत्रण और चालान व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्यकर और खनन विभागों को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की आवश्यकता होगी, इसलिए प्रदेश स्तर पर एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही, परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे चालानों की मासिक संकलित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल करते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने पर भी बल दिया गया। रोड फर्नीचर, सड़क संकेतक (साइनेज) और अन्य नियमित कार्यों को विभागीय बजट से प्राथमिकता के आधार पर कराने की बात कही गई, जबकि बजट की कमी वाले आवश्यक कार्य सड़क सुरक्षा कोष से पूरे किए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि प्रस्ताव समिति के सामने लाने से पहले एक उपसमिति द्वारा उनकी स्क्रूटिनी की जाए, ताकि कार्यों में दोहराव न हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और डिजिटल ट्रैफिक मॉनिटरिंग की दिशा में यह पहल आने वाले समय में सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’अपनापन’ पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की नई पुस्तक ‘अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस गरिमामयी समारोह में देश की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।


नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के विमोचन समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।


‘अपनापन’ एक प्रेरणादायी पुस्तक है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में अपने अनुभवों को साझा किया है। पुस्तक में नेतृत्व, सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुस्तक के प्रकाशन पर शिवराज सिंह चौहान को शुभकामनाएं देते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद, समाजसेवी, लेखक-पत्रकार और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। नई दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक दृष्टि से खास रहा, जहां देश के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पुस्तक ‘अपनापन’ का लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस

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जनपद नैनीताल के भ्रमण पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जनता को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता से कार्य करें।

इस दौरान पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों की स्थिति, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम को ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था करने तथा खराब नलकूपों एवं  हैंडपंपों, को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को प्राथमिकता पर गड्ढामुक्त करने और विद्युत विभाग को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या,  ध्रुव रौतेला, भावना मेहरा, दीपक मेहरा, आयोग के सदस्य जेड. ए. वारसी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक काशीपुर और रामनगर पहुंचकर जनप्रतिनिधियों के परिजनों के निधन पर गहरा शोक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को काशीपुर और रामनगर पहुंचकर जनप्रतिनिधियों के परिजनों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काशीपुर के जैतपुर घोषी पहुंचे, जहां उन्होंने विधायक त्रिलोक सिंह चीमा के ताऊजी सरदार अमरजीत सिंह चीमा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।


इसके बाद मुख्यमंत्री रामनगर पहुंचे और क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट के आवास पर जाकर उनकी धर्मपत्नी आशा बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।


मुख्यमंत्री ने दोनों परिवारों को इस दुःख की घड़ी में हरसंभव सहयोग और संबल का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील दौरे को शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

सीएम से अभिनेता हेमंत पांडे की मुलाकात

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जाने-माने अभिनेता हेमंत पांडे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच उत्तराखंड की कला, संस्कृति और फिल्म जगत से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रतिभाओं से भरपूर प्रदेश है। राज्य सरकार प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने और कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए एक बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।

वहीं अभिनेता हेमंत पांडे ने प्रदेश सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने और स्थानीय कलाकारों को अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता फिल्म उद्योग के लिए बेहद आकर्षक है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

 हेमंत पांडे, अभिनेता मुख्यमंत्री और अभिनेता के बीच हुई इस मुलाकात को उत्तराखंड में कला, संस्कृति और फिल्म उद्योग को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल में प्राइज डे पर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया

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Graphic Era Global School – प्राइज डे का जश्न ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल में खूब धूमधाम से हुआ। इस बार, पढ़ाई में टॉप करने वाले के अलावा खेल और कला में झिलमिलाए छात्र भी चर्चा में रहे। उनके चेहरे पुरस्कार मिलते ही ऐसे चमक उठे, मानो कोई नई ऊर्जा आ गई हो। खुद के लिए लड़ने वाले हर बच्चे को शिक्षकों ने सलाह दी – यही जोश बरकरार रखना। ऐसे पल स्कूल के हवाले से कुछ खास बन जाते हैं, जहाँ घमंड नहीं, गर्व छाया रहता है।

Graphic Era Global School प्राइज डे कार्यक्रम क्या है?

एक ओर प्राइज डे का आयोजन ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल में हुआ, जहाँ छात्रों की मेहनत को सम्मान मिला, इस तरह के मौके बच्चों के अंदर विश्वास बढ़ाते हैं, क्योंकि वे महसूस करते हैं कि उनकी कोशिशों को कोई देख रहा है अध्ययन के साथ-साथ खेल, कला और अनुशासन में उत्कृष्टता दिखाने वालों को भी सम्मानित किया गया। ऐसा दिखाता है कि स्कूल सिर्फ नंबरों से आगे बढ़कर बच्चे के समग्र विकास में यकीन रखता है। उस दिन का माहौल हर छात्र के लिए मेहनत, समय का महत्व और व्यवहार के मायने सिखाता रहा

  • होनहार बच्चों के प्रति सम्मान जताया जाए
  • बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना
  • मेहनत और अनुशासन का महत्व समझाना
  • सीखने के पास-पास और हुनरों को मौका देते जाना
  • हर समय नए सपने देखते हुए छात्रों की पढ़ाई में जान आती है

क्यों मिला Graphic Era मेधावी छात्रों को सम्मान

उन छात्रों को खास तौर पर सम्मानित किया गया, जिन्होंने पूरे साल मेहनत से अच्छा किया, खुशी की लहर दौड़ गई जब उन्हें पुरस्कार मिले. इधर, शिक्षकों ने कहा – सफलता पलक झपकते नहीं मिलती, बल्कि लगातार कोशिश, सहनशीलता और सही दृष्टिकोण से आती है, समारोह में छात्रों के हाथों में प्रमाण पत्र, इनाम और सराहना पहुँची. अन्य विद्यार्थियों के मन में भी कुछ ऐसा कर दिखाने की चाह जग उठी. माता-पिता ने बच्चों की उपलब्धि पर गर्व का एहसास किया। यह सम्मान सिर्फ एक इनाम नहीं था

  • सम्मान मिला उन छात्रों को, जिन्होंने पढ़ाई में अच्छा किया
  • जीतने वालों को खेल में इनाम मिला, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हाथ बटाने वालों को भी सम्मान मिला
  • इसके बाद आए थे वो पल, जब संयम को नमन मिला
  • मेहनत करने वाले छात्रों की सराहना शिक्षकों द्वारा की गई
  • खुशी के आँसू आए थे माता-पिता की आँखों में, बच्चों की उपलब्धि देखकर

शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका

एक छात्र के सफल होने में शिक्षक और माँ-बाप की भूमिका सबसे आगे होती है। ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल के प्राइज डे में यह बात धीरे-धीरे सामने आई। शिक्षकों ने बच्चों को समझा, उन्हें सही रास्ता दिखाया, उनकी ताकत ढूंढ़ी, जबकि घर में माता-पिता ने बच्चों के साथ बैठकर समय बिताया। कार्यक्रम में ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने चुपचाप मेहनत की। जब स्कूल की दीवारें घर तक जुड़ जाती हैं, बच्चे अपने कदम खुद उठाते हैं। एक छोटी सी जीत के पीछे कई हाथों का सहारा होता है।.

  • सही रास्ते पर ले जाने के लिए शिक्षकों ने छात्रों की मदद की।
  • माता-पिता ने छोटों के हौसले को मजबूत किया।
  • बेहतर नतीजे तभी आए जब स्कूल और घर एक साथ चले।
  • एक अच्छी हवा में बच्चों के पढ़ने का मौका आया।
  • हर किसी के चेहरे पर छात्रों की सफलता की खुशी झलक रही थी।

किस कार्यक्रम से छात्रों को मिली प्रेरणा

एक छोटा सा कार्यक्रम, प्राइज डे, ने बच्चों को यह दिखाया कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन बच्चों के चेहरे पर जो ट्रॉफी ले रहे थे, गर्व साफ झलक रहा था, जबकि दूसरे बच्चे चुपचाप ठान रहे थे कि अगली बार आगे आना है। बच्चों के सामने खड़े शिक्षक ने कहा – अध्ययन नियमित हो, समय की कीमत पता हो, अनुशासन जीवन में हो, आत्मविश्वास भी साथ हो, तभी सफलता मिलती है। स्कूल के मुखिया ने धीमे स्वर में जोड़ा कि हार डराने के लिए नहीं, सीखने के लिए आती है। ऐसे पल, जब बच्चे मंच पर खड़े होते हैं, उनके भीतर एक नई सोच जाग उठती है।

  • मेहनत का असली फायदा पढ़ाकूओं को एकदम समझ में आ गया।
  • उन बच्चों में से कई का हौसला कहीं ऊपर चला गया, जिन्हें इनाम मिला।
  • एक छात्र की मेहनत ने कई सोच बदल दी।
  • सीख मिली कि टाइम रहे तो काम संभलता है।
  • एक बच्चे के मन में सोचने का नया ढंग आया।
विषय जानकारी महत्व
कार्यक्रम का नाम प्राइज डे समारोह छात्रों की उपलब्धियों को सम्मान देना
स्थान ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल स्कूल परिवार के लिए गर्व का अवसर
सम्मानित छात्र मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थी मेहनत और प्रतिभा को पहचान मिली
मुख्य क्षेत्र पढ़ाई, खेल, कला, अनुशासन और गतिविधियां बच्चों के संपूर्ण विकास को बढ़ावा
शिक्षकों की भूमिका मार्गदर्शन, सहयोग और प्रेरणा छात्रों को सही दिशा मिली
अभिभावकों की भूमिका बच्चों का साथ और उत्साहवर्धन बच्चों का मनोबल बढ़ा
कार्यक्रम का संदेश मेहनत, अनुशासन और लगन से सफलता मिलती है छात्रों को भविष्य के लिए प्रेरणा मिली

कुछ ऐसा हुआ था जब ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल में एक समारोह ने खड़ा किया सबको। उस दिन मेहनत करने वाले छात्र धीरे-धीरे आगे आए। उनकी लगन को छू लिया गया, सिर ऊपर उठ गया। शिक्षकों की मेहनत भी आई सामने, इसके साथ ही माता-पिता का योगदान भी। ऐसा लगा कि सही रास्ता, लगातार मेहनत और अनुशासन से सभी आगे बढ़ सकते हैं। वो पल स्कूल के सफर में रंग बन गए।