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युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार सृजित करने वाला बनाने पर सरकार का फोकस

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विकसित भारत 2047 की आधारशिला है उच्च शिक्षा” — सीएम धामी

शिवालिक कॉलेज में विचार गोष्ठी में बोले मुख्यमंत्री, शिक्षा और नवाचार को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, रोजगार सृजित करने वाला बनाने पर सरकार का फोकस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा की अहम भूमिका पर जोर दिया है। देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला है।

देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को मजबूती देंगे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने वाली ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है। राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना चाहती है। इसके लिए उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय, इंटर्नशिप, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा और कौशल विकास को सबसे बड़ा आधार बताया जा रहा है… मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया है।

गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त

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गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त

प्रेजेंटेशन नहीं, धरातल पर दिखें परिणाम— अधिकारियों को डीएम डॉ. आशीष चौहान की दो टूक

अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के बीच एसटीपी, नाला टैपिंग और अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा

देहरादून में गंगा संरक्षण और स्वच्छता कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला गंगा संरक्षण समिति और अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ प्रेजेंटेशन नहीं, बल्कि धरातल पर सकारात्मक परिणाम नजर आने चाहिए। बैठक में सीवरेज, एसटीपी, नाला टैपिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज और स्वच्छता परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं।

टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन में हो रही देरी पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवर लाइन और सीवेज पम्पिंग स्टेशन परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने को कहा गया।

बैठक में बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में देरी, मसूरी के कैमल बैक एसटीपी निर्माण में लंबित कार्य और अर्केडिया जोन की परियोजना में देरी पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएम ने नगर निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने, डंपिंग जोन पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 को देखते हुए खाद्य एवं पर्यावरणीय स्वच्छता मानकों पर विशेष तैयारी सुनिश्चित करने को कहा।गंगा संरक्षण और स्वच्छता को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है… अर्धकुंभ 2027 से पहले हर परियोजना को समय पर और जमीन पर असरदार बनाने की कवायद तेज हो गई है।

2027 चुनाव में भाजपा सांसदों की होगी असली परीक्षा! 23 हारी विधानसभा सीटों का मिला टास्क

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2027 चुनाव में भाजपा सांसदों की होगी असली परीक्षा!

23 हारी विधानसभा सीटों पर जीत दिलाने की जिम्मेदारी सांसदों के कंधों पर

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सांसदों को दिया स्पष्ट संदेश— जमीन पर उतरकर करनी होगी मेहनत

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन इस बार पार्टी की असली परीक्षा सिर्फ विधायकों या संगठन की नहीं, बल्कि प्रदेश के सांसदों की भी मानी जा रही है। भाजपा जिन 23 विधानसभा सीटों पर पिछला चुनाव हारी थी, वहां जीत का जिम्मा अब सांसदों के कंधों पर रखा गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों में 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ संकेत दिए कि 2022 विधानसभा चुनाव में जिन 23 सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, वहां जीत सुनिश्चित करना अब राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

इन सीटों पर सांसदों को अपने राजनीतिक अनुभव, संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ का परिचय देना होगा। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व सांसदों की राजनीतिक सक्रियता और क्षेत्रीय पकड़ को भी इसी कसौटी पर परखेगा।

भाजपा ने यमुनोत्री, बदरीनाथ, प्रतापनगर, चकराता, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर, मंगलौर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, धारचूला, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, लोहाघाट, हल्द्वानी, जसपुर, बाजपुर, किच्छा, नानकमत्ता और खटीमा जैसी सीटों पर विशेष रणनीति बनाने का फैसला किया है। इन क्षेत्रों में संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ता भी तैनात किए जाएंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 चुनाव में इन सीटों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि सांसद अपनी राजनीतिक जमीन कितनी मजबूत बनाए रख पाए हैं और भाजपा जीत की हैट्रिक के लक्ष्य के कितना करीब पहुंचती है।2027 के चुनावी रण में उत्तराखंड के सांसदों की भूमिका बेहद अहम होने जा रही है… 23 हारी सीटों पर जीत दिलाना ही उनकी राजनीतिक परीक्षा का सबसे बड़ा पैमाना माना जाएगा।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा, टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा, टपकेश्वर मंदिर में किए दर्शन

बूथ समिति बैठक और प्रबुद्ध गोष्ठी में शामिल हुए, आज युवा संवाद कार्यक्रम में लेंगे भाग

पार्टी नेताओं को दिया संदेश— अनुशासन और एकजुटता से ही लगेगी जीत की हैट्रिक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। देवभूमि प्रवास के तीसरे दिन नितिन नवीन ने देहरादून के टपकेश्वर मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेते हुए कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं को 2027 चुनाव को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार सुबह देहरादून स्थित टपकेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान टपकेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। गढ़ी कैंट स्थित मंदिर परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद नितिन नवीन ने सुबह बूथ समिति बैठक में हिस्सा लिया और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, शिगनीवाला में आयोजित प्रबुद्ध गोष्ठी कार्यक्रम में भी उन्होंने सहभागिता की। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में भी वह हिस्सा लेंगे।

इससे पहले शुक्रवार को अपने दूसरे दिन के प्रवास के दौरान नितिन नवीन ने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और महापौरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों में उन्होंने संगठन की कमियों की ओर इशारा करते हुए अनुशासन और एकजुटता पर विशेष जोर दिया।

सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन विधानसभा और बूथ स्तर तक की जमीनी रिपोर्ट के साथ पहुंचे थे और नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी की आंतरिक बातें सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक नहीं जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर कार्य करने और संगठन को मजबूत करने की सलाह दी।

उत्तराखंड दौरे पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का फोकस साफ नजर आ रहा है… संगठन को मजबूत करने, अनुशासन बनाए रखने और 2027 की चुनावी तैयारी को धार देने का संदेश दिया जा रहा है।

नितिन नवीन बोले— गंगा और ऋषिकेश भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जीवंत पहचान

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परमार्थ निकेतन पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गंगा आरती में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संत समाज की मौजूदगी में किया गंगा पूजन

नितिन नवीन बोले— गंगा और ऋषिकेश भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जीवंत पहचान

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा पूजन और भव्य गंगा आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत बड़ी संख्या में संत समाज और श्रद्धालु मौजूद रहे।

परमार्थ निकेतन पहुंचने पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का संत समाज ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा आरती में शामिल होकर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि गंगा के पावन तट पर आना एक आत्मीय अनुभूति है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश और मां गंगा केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत पहचान हैं। उन्होंने संत समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संतों ने हर कठिन परिस्थिति में देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। संत परंपरा ने भारत की संस्कृति और सभ्यता को सदियों तक जीवित रखा है और आज भी समाज को संस्कारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है।

गंगा तट पर आस्था और आध्यात्म का संगम देखने को मिला… भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल होकर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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जरूरी वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता पर सरकार की सख्त नजर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ की समीक्षा बैठक

कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड में खाद्यान्न और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं कीमतों को लेकर सरकार अलर्ट मोड में है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन को जरूरी वस्तुएं उचित दरों पर बिना किसी बाधा के उपलब्ध हों और बाजार में किसी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में खाद्यान्न एवं दैनिक आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा से प्रदेश में जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति और मूल्य स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने साफ कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए बाजारों, गोदामों और थोक विक्रेताओं की नियमित जांच और निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जरूरी वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है… आमजन को राहत देने और बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

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उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर शुरू होगी प्रदेश की दूसरी फूड टेस्टिंग लैब

कुंभ 2027 को देखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा तैयारियां तेज करने के निर्देश

उत्तराखंड में सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब को आगामी 07 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की छठी बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खाद्य सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाने, मिलावटखोरी में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई करने और न्यायालयों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आम जनता की शिकायतों के लिए सरल चार अंकों का हेल्पलाइन नंबर जारी कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही, ताकि खाद्य मिलावट जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा की तैयारियां अभी से शुरू करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में परीक्षण और निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात करने तथा डेडिकेटेड वेंडिंग जोन चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेशन को सरकारी संस्थानों, छात्रावासों, वृद्धाश्रमों, बाल गृहों और नारी निकेतनों तक विस्तार देने की बात कही गई। वहीं मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार अब और सख्त नजर आ रही है… मिलावटखोरी पर कार्रवाई से लेकर कुंभ 2027 की तैयारियों तक, हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दी शुभकामनाएं

पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त आवाज और समाज-शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु बताया

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने निष्पक्षता और जनहित को बताया पत्रकारिता की आत्मा

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और पत्रकार जगत को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने हिंदी पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त आवाज बताते हुए समाज में जनजागरूकता और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है और यह लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता आज समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में देश के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अपनी प्रभावी भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी हिंदी पत्रकारिता का स्वर्णिम इतिहास रहा है और प्रदेश सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी हिंदी पत्रकारिता दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित की भावना आज भी पत्रकारिता की मूल आत्मा है। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सफल पत्रकारिता की पहचान है और पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम भी है।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारिता की भूमिका को लोकतंत्र की ताकत बताया… वहीं पत्रकार हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

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SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, तेज होगा मतदाता पुनरीक्षण अभियान

देहरादून में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई है।

 

देहरादून में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ा जाए, जबकि अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम सावधानीपूर्वक हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।

डीएम ने सभी ईआरओ को राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ पर बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को व्यापक प्रशिक्षण देने तथा उनकी शंकाओं का समाधान समय रहते करने को कहा गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों की तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा, जबकि 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। जनपद देहरादून में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है… SIR अभियान के तहत अब घर-घर पहुंचकर मतदाता सत्यापन का काम तेज किया जाएगा।

हारी सीटों पर भाजपा का फोकस, बूथ प्रबंधन से साधेगी 2027 का रण

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हारी सीटों पर भाजपा का फोकस, बूथ प्रबंधन से साधेगी 2027 का रण

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कोर कमेटी बैठक में दिया जीत का मंत्र

जहां रह गई थी कोर कसर, वहां दो-दो दिन प्रवास करेगी कोर कमेटी


उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब उन विधानसभा सीटों पर खास फोकस करने जा रही है, जहां पिछले चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बूथ प्रबंधन को मजबूत करने का मंत्र देते हुए जीत की हैट्रिक के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया।


भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को जीत का मंत्र दिया। बैठक में विशेष रूप से उन विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई, जहां पार्टी को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

पार्टी ने इन सीटों को जीतने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और युद्ध जैसी रणनीति के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश कोर कमेटी का प्रत्येक सदस्य हारी हुई विधानसभा सीटों में दो-दो दिन का प्रवास करेगा और बूथ प्रबंधन की कमियों को दूर करने का काम करेगा।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ जीतने के टिप्स देते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया। भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने का है।


हारी सीटों पर भाजपा का विशेष फोकस, बूथ स्तर पर मजबूत होगी रणनीति… 2027 के चुनावी रण के लिए संगठन अभी से मैदान में उतर चुका है।