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मोदी सरकार के 12 साल: विकसित भारत का संकल्प

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देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi के केंद्र सरकार में लगातार 12 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, परिवहन और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिसका सबसे बड़ा लाभ उत्तराखंड को भी मिला है।

विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा देश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण और विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर मिले हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। वहीं जल जीवन मिशन के जरिए देश के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल पहुंचाने का अभियान भी तेजी से आगे बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में वैश्विक पहचान बना रहा है। डिजिटल लेनदेन के मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है।

उत्तराखंड में दो लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड को विकास की नई दिशा मिली है। राज्य में केंद्र सरकार के सहयोग से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि Char Dham All Weather Road Project तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में बड़ी कमी आई है। इसके अलावा सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-हल्द्वानी बाईपास और रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से जुड़ेगी नई उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित Rishikesh-Karnaprayag Rail Project तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है। साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हुआ है। जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ उड़ान योजना के तहत कई नए हेलीपोर्ट और हेली सेवाएं शुरू की गई हैं।

आध्यात्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाओं के साथ-साथ मानसखंड मंदिर माला मिशन पर भी तेजी से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विकसित भारत 2047 के लिए जनभागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस विकास यात्रा का सक्रिय हिस्सा बनने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरी : मुख्यमंत्री

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विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 6940 करोड़ रुपये की 12 प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाए। परियोजनाओं की मासिक समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर तथा प्रत्येक 10 दिन में मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी।

भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण और क्षतिपूर्ति से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया।

चारधाम सड़क परियोजना, सीमांत क्षेत्रों की सड़कें, विद्युत अवसंरचना और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

जूडिशियम 2.0″ न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री

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जूडिशियम 2.0″ न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री

यू.पी.ई.एस. बिधौली में आयोजित उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन “जूडिशियम 2.0” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक त्वरित, निष्पक्ष और सुलभ न्याय पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए न्यायिक प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग, ई-कोर्ट्स, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड जज एसोसिएशन की कल्याण निधि के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।

Dehradun Smart City: स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर डीएम आशीष चौहान सख्त

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Dehradun Smart City: स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर डीएम आशीष चौहान सख्त, ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर मांगी रिपोर्ट

देहरादून: स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति और उनके संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लिमिटेड डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में सामने आया कि स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत स्वीकृत 22 परियोजनाओं में से 21 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 10 परियोजनाओं का हस्तांतरण संबंधित विभागों को किया जा चुका है, जबकि शेष परियोजनाओं के हैंडओवर की प्रक्रिया अभी लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि स्मार्ट सिटी की महत्वाकांक्षी ग्रीन बिल्डिंग परियोजना अभी निर्माणाधीन है और इसकी प्रगति लगभग 40 प्रतिशत तक ही पहुंची है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्धारित लेबर प्लान के अनुसार पर्याप्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाए। साथ ही परियोजना में हुई देरी के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा।

21 परियोजनाएं पूरी, 10 विभागों को सौंपा गया जिम्मा

स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है। हालांकि अभी भी कुछ परियोजनाओं का हस्तांतरण लंबित है, जिसके कारण संचालन और अनुरक्षण की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पूर्ण परियोजनाओं के ऑपरेशन एंड मेंटिनेंस (O&M) कार्यों की अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए तथा उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

गुणवत्ता से समझौता नहीं, नियमों के अनुसार होगा भुगतान

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका भुगतान केवल निर्धारित प्रक्रियाओं और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता के धन से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर प्रशासन की पैनी नजर

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और हस्तांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लिमिटेड तीरथपाल सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, कृष्णा चमोला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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कालाढूंगी में सजा साहित्य का महाकुंभ, अभिव्यंजना 5.0 में पहुंचे कुमार विश्वास और अशोक चक्रधर

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कालाढूंगी में साहित्य का महाकुंभ: ‘अभिव्यंजना 5.0’ में युवाओं को मिला सृजन और राष्ट्र निर्माण का संदेश

कालाढूंगी (नैनीताल): उत्तराखंड की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई ऊर्जा देने वाले वार्षिक साहित्यिक अधिवेशन ‘अभिव्यंजना 5.0’ का आयोजन कालाढूंगी में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में युवा साहित्यकारों, कवियों, रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कवि और साहित्यकार समाज की चेतना के संवाहक, विचारों के मार्गदर्शक और परिवर्तन के प्रेरणास्रोत होते हैं। उनकी रचनाएं केवल शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि समाज को दिशा देने वाली शक्ति होती हैं, जो संवेदनाओं को स्वर देने और समय के यथार्थ को सामने लाने का कार्य करती हैं।

इस अवसर पर कहा गया कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। यहां की साहित्यिक धरोहर आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने का कार्य कर रही है। साहित्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनकर युवाओं को एक सशक्त भविष्य की ओर प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में देश के सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, प्रख्यात साहित्यकार एवं पद्मश्री अशोक चक्रधर तथा वीर रस के प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार सहित अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने साहित्य, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवा शक्ति की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

‘अभिव्यंजना 5.0’ केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं बल्कि युवा पीढ़ी को सृजन, संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने का एक प्रभावी मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में कविता पाठ, साहित्यिक संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से साहित्य प्रेमियों को नई प्रेरणा मिली।

उत्तराखंड में आयोजित इस तरह के साहित्यिक आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।

खेत बचाओ अभियान बनेगा जनआंदोलन, अल्मोड़ा में किसानों के बीच बोले सीएम धामी

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खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प

अल्मोड़ा। जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की शक्ति और आत्मनिर्भरता के आधार हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी को मां के समान सम्मान दिया गया है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और रासायनिक पदार्थों के अत्यधिक उपयोग से बचना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने किसानों से नियमित मिट्टी परीक्षण कराने, जल संरक्षण पर ध्यान देने तथा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना ही सतत विकास का आधार है।

बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को फसलों के चयन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बागवानी, पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मांडुआ, झंगोरा, चौलाई सहित मोटे अनाजों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसानों की आय वृद्धि के मामले में उत्तराखंड का देश में अग्रणी राज्यों में शामिल होना सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने की घोषणा भी की, जिससे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिल सकेगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां लागू कर रही है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों ने कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने काशीपुर को दी 25.19 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, कई कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

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काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार, 25.19 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से काशीपुर क्षेत्र के लिए 25.19 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार काशीपुर के समग्र विकास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है तथा क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 8 प्रमुख चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। प्रथम चरण में स्टेडियम तिराहे को “ननकाना साहिब चौक” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके सौंदर्यीकरण के लिए 3.35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 4.30 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि 16.81 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (एनएच-309) के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया है। इसके अलावा काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक ओपन जिम तथा 49.24 लाख रुपये की लागत से तैयार उधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण के प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि काशीपुर कुमाऊँ का महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है। इसे और अधिक विकसित करने के लिए 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन किया जा चुका है। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी शुरू की गई है। साथ ही शहर के ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। सरकार केवल शिलान्यास नहीं बल्कि योजनाओं का समयबद्ध लोकार्पण सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

कुंभ 2027, नंदा देवी राजजात और सड़क परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री ने खोला खजाना

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मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, सड़क निर्माण, पेयजल योजनाओं, पर्यटन संवर्धन, धार्मिक आयोजनों की तैयारियों तथा किसानों की आर्थिकी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुल ₹213 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 की नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 10 तक डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए ₹8.68 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। वहीं कुंभ मेला-2027 की व्यवस्थाओं के लिए पुलिस प्रशासन हेतु प्रस्तावित ₹35 करोड़ की धनराशि को भी मंजूरी दी गई।

राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़क एवं आधारभूत ढांचा विकास के लिए भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इनमें रुद्रपुर के बिंदुखेड़ा-रायपुर मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹3.95 करोड़, देहरादून में रिस्पना पुल से धर्मपुर चौक तक तीन लेन एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए ₹3.37 करोड़, जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में शहीद लांस नायक दिनेश सिंह मोटर मार्ग के सुधारीकरण हेतु ₹4.92 करोड़ तथा ऊखीमठ क्षेत्र में ताला-बरंगाली मोटर मार्ग के डामरीकरण हेतु ₹3.17 करोड़ की स्वीकृति शामिल है।

धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कई योजनाओं को मंजूरी मिली है। सल्ट क्षेत्र स्थित कुलांटेश्वर महादेव मेला स्थल के सौंदर्यीकरण हेतु ₹50.08 लाख, धारचूला के बौन गांव में मंदिर सौंदर्यीकरण एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए ₹85 लाख तथा चौखुटिया क्षेत्र में राम पादुका मंदिर स्नान घाट निर्माण के लिए ₹37.60 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में चंपावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना हेतु ₹60 लाख की स्वीकृति दी गई है। वहीं रुद्रप्रयाग की अगस्त्यमुनि नगर पंचायत की छेनागाड़ पेयजल योजना के लिए ₹55.22 करोड़ तथा देहरादून के गंगोत्री विहार क्षेत्र में नलकूप खनन एवं संबंधित कार्यों के लिए ₹2.22 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई है।

कृषि एवं किसानों के हित में भी मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए फसल ऋण, वाणिज्यिक फसलों तथा सहकारी क्षेत्र की मिलों को ऋण सहायता के लिए प्रस्तावित धनराशि में से ₹81.47 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त बागेश्वर में देवलधार-माईथान-लेटी-गिरेछीना मोटर मार्ग निर्माण, सितारगंज क्षेत्र में विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों तथा हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र में श्मशान घाट की बाउंड्रीवाल निर्माण जैसी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के सोमेश्वर विकासखंड स्थित ताकुला राजकीय प्राथमिक विद्यालय धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, संस्कृति, पर्यटन और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में 3-बी गार्डन का किया शुभारम्भ

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मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन का शुभारम्भ, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया।

यह विशेष उद्यान मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। उद्यान में ऐसे पौधों का रोपण किया जा रहा है जो परागण को बढ़ावा देने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रह सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन वर्तमान समय की आवश्यकता है। 3-बी गार्डन न केवल मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देगा बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा। यह उद्यान आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों में प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित द्वारा उपयुक्त पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ किया गया। उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी और पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त परिसर में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण वृक्षों के समीप नए पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता और पया जैसी प्रजातियों के पौधे भी पिछले वर्ष से लगाए गए हैं, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय कार्यों की सराहना करते हुए मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर ही सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

एक क्लिक में 9.74 लाख लोगों के खातों में पहुंची 176.59 करोड़ की पेंशन

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मुख्यमंत्री धामी ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रुपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मई 2026 की पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में वन क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों को कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। साथ ही मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम स्वनिधि और राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं ने लाखों लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क दिए जा रहे हैं। दिव्यांग कर्मचारियों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है और स्वयं सहायता समूहों को लखपति दीदी योजना एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। राज्य में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में राज्य विशेष श्रेणी राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही को आवश्यक बताया। उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के सदस्यों से दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।