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मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया बजरंग सेतु और हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण

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मुख्य सचिव उत्तराखंड द्वारा टिहरी गढ़वाल में बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश ने सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत कीं।

मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पूर्ण अनुपालन के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने नरेंद्रनगर विकासखंड के प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का भी दौरा किया। भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर ने उन्हें प्रतिदिन आने वाले पर्यटकों, ग्राहकों की संख्या और दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए रीप योजना से छह लाख रुपये, बैंक ऋण के रूप में तीन लाख रुपये तथा सीएलएफ के माध्यम से एक लाख रुपये का योगदान प्राप्त हुआ है।

मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और मेनू को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्री आनंद बर्धन ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय पर्यटन, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक विकास, खनन एवं आयुष विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मोहम्मद असलम, ईओ तपोवन अंजलि तथा बीडीओ श्रुति वत्स सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा प्रबंधन में यूकाड़ा की बड़ी पहल, 08 हेली कंपनी दे रही 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा

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देहरादून आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में चारधाम यात्रा के लिए संचालित प्रत्येक हेली कंपनी द्वारा यूकाडा को 10-10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका उपयोग आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों में किया जा रहा है।

वर्तमान में चारधाम यात्रा में संचालित आठ हेली कंपनियों द्वारा कुल 80 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए गए हैं। इन घंटों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, एयर रेस्क्यू तथा दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत अप्रैल माह से अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं, पिछले एक वर्ष में विभिन्न आपदा एवं रेस्क्यू अभियानों के दौरान 200 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं राहत एवं बचाव कार्यों की जीवनरेखा साबित होती हैं। मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन इन निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का तत्काल उपयोग कर प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत पहुंचा सकेगा। इससे आपदा प्रभावित लोगों तक समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सुरक्षित एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में यूकाडा की यह पहल एक अभिनव मॉडल के रूप में उभर रही है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेली कंपनियों के चयन की टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही प्रत्येक कंपनी से 10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का प्रावधान रखा गया था। इसका उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे यात्रियों की सहायता तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए त्वरित हवाई सेवाएं उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।
यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन अमित शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वाले अथवा चिकित्सकीय आपात स्थिति का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है, जबकि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ क्षेत्र से ही 100 से अधिक लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के तहत एयर रेस्क्यू सुविधा प्रदान की गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उत्तराखंड दौरे की तैयारियां तेज, देहरादून प्रशासन हाई अलर्ट पर

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

देहरादून। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राष्ट्रपति के 12 और 13 जून 2026 को देहरादून भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 12 जून को देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन पहुंचेंगी और 13 जून को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

डीएम आशीष चौहान ने की तैयारियों की समीक्षा

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, विद्युत, पेयजल, संचार नेटवर्क और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक सभी व्यवस्थाएं त्रुटिरहित और चाक-चौबंद रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए सभी व्यवस्थाओं का पूर्व परीक्षण किया जाए।

राष्ट्रपति निकेतन में विशेष इंतजाम

डीएम ने राष्ट्रपति निकेतन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, संचार नेटवर्क और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पहले से सुनिश्चित की जाएं।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में राष्ट्रपति के भ्रमण मार्ग और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित रूट पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात प्रबंधन को प्रभावी और सुचारू रखा जाए।

उन्होंने भ्रमण से जुड़े सभी स्थलों पर नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा विभागीय समन्वय बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और प्रशासन का लक्ष्य सभी व्यवस्थाओं को उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना है।

सिंगल विंडो निवेश मामलों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

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निवेश प्रस्तावों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में सिंगल विंडो के अंतर्गत निवेश से संबंधित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा की गई तथा नए निवेश प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर धारा 143 (भूमि उपयोग परिवर्तन) एवं धारा 154 से संबंधित मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत आने वाले मामलों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत विभिन्न विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों और क्लीयरेंस के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सचिव उद्योग को भी निर्देश दिए कि लंबित मामलों में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत बनाने के लिए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाना जरूरी है। निवेश परियोजनाओं में अनावश्यक देरी राज्य के औद्योगिक विकास को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में निवेश संबंधी विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत नए निवेश प्रस्तावों को समिति की संस्तुति प्रदान की गई।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सौरभ गहरवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा पर सीएम धामी का औचक निरीक्षण, ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की व्यवस्थाओं को परखा

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मुख्यमंत्री धामी का ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में औचक निरीक्षण, यात्रियों से लिया फीडबैक

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच केंद्र, ठहरने की व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं पर फीडबैक भी लिया।

रजिस्ट्रेशन में इंतजार न करना पड़े: मुख्यमंत्री

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कूलर लगाने तथा पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से “अतिथि देवो भव:” की भावना के साथ यात्रियों की सहायता करने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

यात्रियों ने की व्यवस्थाओं की सराहना

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रद्धालुओं ने ट्रांजिट कैंप में उपलब्ध रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य जांच, आवास और अन्य सुविधाओं की प्रशंसा की। कई बुजुर्ग यात्रियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना आकर्षण का केंद्र

ट्रांजिट कैंप में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण और महाभारत का प्रसारण किया जा रहा है, जिसे श्रद्धालुओं ने सराहा। यात्रियों का कहना है कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है।

स्थानीय उत्पादों को भी मिल रहा बढ़ावा

ट्रांजिट कैंप में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की बिक्री की जा रही है। इससे एक ओर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को भी नया बाजार मिल रहा है।

चारधाम यात्रा पर डीएम आशीष चौहान सख्त, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर डीएम आशीष चौहान सख्त, बोले- किसी स्तर पर न हो लापरवाही

देहरादून। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम चारधाम यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयों की उपलब्धता, शौचालयों की नियमित सफाई और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट, ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं पर भी लगातार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता और चिकित्सा सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रमुख पड़ावों पर बढ़ेगी प्रशासनिक निगरानी

डीएम ने उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को प्रमुख यात्रा पड़ावों पर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण केंद्रों और होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

यात्रा मार्गों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, वाहन फिटनेस जांच और आरटीओ चेकिंग व्यवस्था को भी और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

रात्रि 10 बजे के बाद सीमित होगा भारी वाहनों का संचालन

यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि रात 10 बजे के बाद केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जाए। इससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।

फेक वीडियो और अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं और फेक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को सही और समय पर जानकारी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

इसके लिए नगर निगम, एमडीडीए, स्मार्ट सिटी, एफएम रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की पहचान और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सकारात्मक यात्रा अनुभव प्रदान करें।

उन्होंने दोहराया कि यात्रा व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

23 करोड़ पर्यटक पहुंचे उत्तराखंड, शहरी विकास पर सीएम धामी का बड़ा विजन

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ऋषिकेश में 29.78 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, महापौर परिषद बैठक में बोले सीएम धामी

ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित होटल नटराज में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक में प्रतिभाग करते हुए 29.78 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में देशभर से आए महापौरों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने शहरों को विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की आधारशिला बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महापौर केवल अपने शहर के प्रथम नागरिक नहीं हैं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं के प्रतिनिधि भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन देश के भविष्य और विकास की संभावनाएं शहरों में आकार लेती हैं।

चारधाम यात्रा में बना नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के शुरुआती 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आदि कैलाश यात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं मां पूर्णागिरि धाम में भी 24 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

चार वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में 23 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है। राज्य सरकार पर्यटन, धार्मिक यात्रा और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

शहरी विकास में उत्तराखंड की नई पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और अमृत मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। साथ ही निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना और श्वानों की बढ़ती संख्या नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना लागू की गई है।

ऋषिकेश में ईवी चार्जिंग स्टेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसके अलावा 4.83 करोड़ रुपये की लागत से 12 स्थानों पर वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई।

इसके साथ ही 23.15 करोड़ रुपये की लागत से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत लालपानी बीट क्षेत्र में कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनिटरी लैंडफिल साइट निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया।

विकसित भारत के लिए मजबूत होंगे शहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर देश की पहचान और विकास का चेहरा होते हैं। यदि शहर स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर होंगे तो भारत की वैश्विक छवि और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने सभी नगर निकायों से स्वच्छता, हरित विकास, ऊर्जा संरक्षण और स्थानीय रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सौर ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उत्तराखंड में बच्चों की जन्म से शिक्षा तक होगी डिजिटल ट्रैकिंग, सरकार बनाएगी यूनिफाइड प्लेटफॉर्म

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए बच्चों की जन्म से लेकर स्कूल शिक्षा पूरी होने तक की पूरी यात्रा को डिजिटल रूप से ट्रैक करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी बच्चों की ABHA ID और APAAR ID तैयार की जाए तथा इन दोनों प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाकर ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे बच्चे के जन्म से लेकर विद्यालय से पासआउट होने तक का संपूर्ण रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे।

एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगा शिक्षा और स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड

सरकार की योजना के तहत बच्चे के जन्म, टीकाकरण, आंगनबाड़ी में प्रवेश, स्कूल नामांकन, शैक्षणिक उपलब्धियों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। इससे विभिन्न विभागों को बच्चों की प्रगति की निगरानी करने में आसानी होगी और योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में ABHA और APAAR ID के माध्यम से स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे और अधिक व्यापक बनाकर एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा।

अभिभावकों को मिलेगा SMS अलर्ट

नई व्यवस्था के तहत अभिभावकों को स्वतः SMS भेजे जाएंगे। यदि कोई बच्चा टीकाकरण, आंगनबाड़ी प्रवेश या स्कूल में दाखिले के लिए पात्र होगा, तो सिस्टम समय रहते अभिभावकों को सूचना देगा।

इससे बच्चों के टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और स्कूल नामांकन में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।

विभाग करेंगे नियमित फॉलोअप

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से संबंधित विभाग बच्चों की प्रगति का नियमित फॉलोअप कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर समय पर हस्तक्षेप कर पाएंगे।

एनआईसी और आईटीडीए तैयार करेंगे रोडमैप

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों, National Informatics Centre और Information Technology Development Agency को मिलकर विस्तृत मंथन करने और इस परियोजना का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस विषय पर दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मददगार साबित हो सकती है। एकीकृत डेटा उपलब्ध होने से ड्रॉपआउट दर कम करने, टीकाकरण कवरेज बढ़ाने और बच्चों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

उत्तराखंड में एग्री स्टैक पर मुख्य सचिव सख्त, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने के निर्देश

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उत्तराखंड में एग्री स्टैक मिशन पर सरकार सख्त, किसान पंजीकरण नहीं हुआ तो अटक सकती हैं योजनाएं

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने किसानों से जुड़े डिजिटल डाटाबेस तैयार करने वाली महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक परियोजना को लेकर सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट किया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करते हुए स्पष्ट किया कि किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में अंश निर्धारण और पंजीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

किसान पंजीकरण से जुड़ा होगा उर्वरक वितरण

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में उर्वरकों का वितरण किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में सभी जिलाधिकारी विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत किसान पंजीकरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि गांव स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर किसानों का पंजीकरण कराया जाए और प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।

पीएम किसान योजना पर पड़ सकता है असर

मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि यदि किसान पंजीकरण समय पर पूरा नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है। साथ ही उर्वरक वितरण प्रक्रिया में भी बाधा आ सकती है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में छात्रों और स्वयं सहायता समूहों की मदद

प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे की गति बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने नवाचार आधारित रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर इस अभियान से जोड़ा जा सकता है।

इससे सर्वेक्षण कार्य तेजी से पूरा होगा और कृषि संबंधी आंकड़े अधिक सटीक रूप से उपलब्ध हो सकेंगे।

किसानों को जागरूक करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना की सफलता के लिए किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जिला प्रशासन को गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पंजीकरण और डिजिटल सर्वे के महत्व की जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।

डिजिटल कृषि व्यवस्था की ओर बड़ा कदम

एग्री स्टैक परियोजना के माध्यम से किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ ही फसल सर्वेक्षण, उर्वरक वितरण और कृषि प्रबंधन की प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसानों को डिजिटल कृषि प्रणाली से जोड़कर उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

सीएम धामी से राजस्थान के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर की मुलाकात, शिक्षा और पंचायती राज पर हुई अहम चर्चा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मदन दिलावर ने की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री (स्कूल शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा) श्री मदन दिलावर ने शिष्टाचार भेंट की।
भेंट के दौरान उनके मध्य शिक्षा, पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, ग्रामीण विकास तथा स्थानीय स्वशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के विषयों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने तथा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।
कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा शिक्षा, संस्कृति संरक्षण तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने दोनों राज्यों के मध्य शिक्षा, संस्कृति एवं स्थानीय स्वशासन से जुड़े विषयों पर सहयोग और समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया।