Home Blog Page 11

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर CM धामी का संदेश, बोले- योग भारत की अमूल्य धरोहर और स्वस्थ जीवन का आधार|BHADAS4INDIA

0

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। खटीमा से जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग मानवता के कल्याण का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग के माध्यम से आज दुनिया में भारत की विशिष्ट पहचान बनी है। योग के लिए पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। उन्होंने कहा कि महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक बनाने की राह दिखाई है। योग शरीर, श्वास और मन को जोड़कर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि तन, मन और आत्मा का समन्वय है। नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करता है, जीवन में संतुलन लाता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि योग हमारी प्राचीन संस्कृति और ऋषि-मुनियों की अमूल्य देन है, जो आज पूरी मानवता को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण विश्व को स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मक जीवन का संदेश देता है। उत्तराखंड की पहचान आज भी योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के तहत योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही योग प्रशिक्षकों को सहयोग प्रदान कर योग और वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश स्पष्ट है कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त समाज के निर्माण का आधार भी है। सरकार उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन में उत्तराखण्ड पुलिस नंबर-1, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया सम्मानित|BHADAS4INDIA

0

उत्तराखण्ड पुलिस ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को भारत सरकार के प्रतिष्ठित “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यह सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से एडीजी प्रशासन ए.पी. अंशुमान को प्रदान किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग को बधाई दी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उत्तराखण्ड पुलिस को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। देशभर के राज्यों के पुलिस विभागों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद उत्तराखण्ड पुलिस को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया।

नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित सम्मान समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी. अंशुमान को यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए किए गए प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस लगातार नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए किए गए प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखण्ड पुलिस को यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सुशासन और बेहतर नागरिक सेवाओं की दिशा में राज्य सरकार एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयासों की सफलता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते हुए नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगी और प्रदेश का गौरव बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित और जनकेंद्रित सेवाओं के माध्यम से जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

पासपोर्ट सत्यापन जैसी महत्वपूर्ण नागरिक सेवा में राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को नई पहचान दिलाई है। यह उपलब्धि न केवल पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड के लिए भी सम्मान की बात है।

पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, उत्तराखंड के 8 लाख किसानों को मिला 159 करोड़ रुपये का लाभ|BHADAS4INDIA

0

प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर देहरादून के हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना और प्रदेश के किसानों को बधाई दी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 18 हजार 880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में योजना की शुरुआत के समय उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान लाभान्वित हो रहे थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 8 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार पर किसानों के बढ़ते विश्वास और योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा किसानों के परिश्रम पर आधारित है और किसान राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उत्तराखंड सरकार भी किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को निशुल्क कर चुकी है तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 115 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए गए हैं। वहीं वर्षा आधारित खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए 1000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन लागू किए गए हैं, जिनमें किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज, कोल्ड चेन और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। महक क्रांति नीति के तहत प्रदेश में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सगंध खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के माध्यम से एक बार फिर करोड़ों किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि पहुंची है। उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को भी इसका लाभ मिला है। सरकार का दावा है कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लगातार काम कर रही हैं।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि|BHADAS4INDIA

0

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए लाभार्थी कर्मचारियों और नियोक्ताओं को सम्मानित किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिकों को लगभग 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत रोजगार योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आज योजना की दूसरी किस्त जारी की गई है, जिसके तहत देशभर के लाखों युवाओं और श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उत्तराखंड में भी करीब 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को 24 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जा रही है। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले संस्थानों को प्रत्येक कर्मचारी पर चार वर्षों तक प्रतिमाह 3 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार और उद्योगों को प्रोत्साहन देने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार भी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, कौशल विकास योजना और अन्य कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा रहा है। औद्योगिक नीति, स्टार्टअप नीति, लॉजिस्टिक नीति और एमएसएमई नीति के जरिए उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इसके साथ ही स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप, प्लास्टिक पार्क, अरोमा पार्क और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, कौशल और नवाचार की शक्ति को पहचानते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के युवा अपने परिश्रम, कौशल और समर्पण से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मेरठ से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, 150 किमी RRTS कॉरिडोर के सर्वे की तैयारी | Bhadas4India

0

मेरठ से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन
ढाई से तीन घंटे में पूरा होगा सफर

मुख्यमंत्री धामी की पहल रंग लाई
मेरठ-ऋषिकेश RRTS कॉरिडोर पर बनी सहमति

दिल्ली-ऋषिकेश कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
नमो भारत ट्रेन का विस्तार लक्ष्मणझूला तक प्रस्तावित

उत्तराखंड को मिलेगा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क
मेरठ से हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक चलेगी नमो भारत ट्रेन

तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी
मेरठ से ऋषिकेश तक RRTS परियोजना का सर्वे जल्द

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी नमो भारत
मेरठ से ऋषिकेश का सफर होगा आसान

मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत ट्रेन को मिली रफ्तार

 मोदीपुरम से लक्ष्मणझूला तक प्रस्तावित कॉरिडोर
 150 किमी लंबे ट्रैक का होगा सर्वे
 दिल्ली-ऋषिकेश सफर सिमटकर 2.5-3 घंटे
 हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश को मिलेगा लाभ

उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई उड़ान 

गुजरात में शेर के हमले में उत्तराखंड के युवक की मौत, पिथौरागढ़ में शोक की लहर; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़|BHADAS4INDIA

0

रोजगार की तलाश में उत्तराखंड से गुजरात गए एक युवक की शेर के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना की खबर जैसे ही पिथौरागढ़ जिले के गणाईगंगोली क्षेत्र में स्थित उसके गांव धारी धुमलाकोट पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रकाश चंद्र भट्ट पुत्र हरगोबिंद भट्ट के रूप में हुई है। प्रकाश रोजगार के सिलसिले में गुजरात में रह रहे थे, जहां शेर के हमले में उनकी जान चली गई। इस दुखद घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

परिवार पर लगातार टूट रही हैं विपत्तियां

प्रकाश के भाई ललित भट्ट ने बताया कि परिवार पहले ही कई दुखद घटनाओं का सामना कर चुका है। दो वर्ष पहले एक अन्य भाई का असमय निधन हो गया था और अब प्रकाश की मौत ने परिवार को फिर से गहरे संकट में डाल दिया है। चार भाइयों वाले परिवार में अब केवल दो भाई ही शेष रह गए हैं।

ललित गांव में मजदूरी कर परिवार का सहयोग करते हैं, जबकि बड़े भाई भूपेश भट्ट चंडीगढ़ में निजी नौकरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है।

15 साल पहले मां का निधन, अब बेटे को खोने का गम

परिवार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। करीब 15 वर्ष पहले प्रकाश की मां का भी निधन हो चुका था। वृद्ध पिता हरगोविंद भट्ट गांव में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। जवान बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद पिता और बुजुर्ग दादी मोहनी देवी गहरे सदमे में हैं। ग्रामीण लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

आर्थिक सहायता की उठी मांग

गांव के पूर्व प्रधान जोगा राम ने राज्य सरकार से मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और इस कठिन समय में सरकारी मदद परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है। यह घटना एक बार फिर उन उत्तराखंडी युवाओं की पीड़ा को सामने लाती है, जो रोजगार की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। प्रकाश चंद्र भट्ट की असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है।

कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद, तलवारबाजी में कई घायल; व्यापारियों में नाराजगी|BHADAS4INDIA

0

कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद, तलवारबाजी में कई घायल; व्यापारियों में नाराजगी

उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी के बाद तलवारबाजी की घटना सामने आई। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद पहले मामूली बहस से शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने धारदार हथियार निकाल लिए। घटना में घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान शांति, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव से रही है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

खेत में उतरे सीएम धामी, टिलर चलाकर दिया जैविक खेती और कृषि परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश|BHADAS4INDIA

0

खेत में उतरे सीएम धामी, टिलर चलाकर दिया जैविक खेती और कृषि परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित अपने खेत में टिलर चलाकर जुताई की और गोबर की खाद डालकर जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने खटीमा स्थित नगला तराई आवास के खेत में किसान की भूमिका में नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की और गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता श्रीमती बिशना देवी भी उनके साथ मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री धामी ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के योगदान और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

समाधान दिवस बना उम्मीद की किरण: 4 गंभीर बीमार बच्चों का होगा मुफ्त इलाज, भू-माफियाओं पर भी सख्त कार्रवाई|BHADAS4INDIA

0

देहरादून में समाधान दिवस के दौरान 146 शिकायतें दर्ज हुईं। जिला प्रशासन ने 4 गंभीर बीमार बच्चों के मुफ्त इलाज का रास्ता साफ किया, जबकि भू-माफियाओं और बुजुर्गों के उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पौड़ी को 110 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने किया विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय महोत्सव|BHADAS4INDIA

0

पौड़ी को 110 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने किया विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय महोत्सव|BHADAS4INDIA

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी में डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया और कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव बनाने की घोषणा की। 110.55 करोड़ रुपये की 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

पौड़ी गढ़वाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास और संस्कृति को नई गति देते हुए 110.55 करोड़ रुपये की 19 विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया और कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित नव विकसित जिला विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन कर वहां स्थापित वैज्ञानिक मॉडल, आधुनिक उपकरणों और इंटरएक्टिव प्रदर्शनों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कंडोलिया मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि कंडोलिया महोत्सव को अब राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एक जनपद-दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालय, मिलेट मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।

उन्होंने बताया कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे फैसले राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं शामिल हैं।