पौड़ी को 110 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने किया विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय महोत्सव|BHADAS4INDIA
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी में डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया और कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव बनाने की घोषणा की। 110.55 करोड़ रुपये की 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
पौड़ी गढ़वाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास और संस्कृति को नई गति देते हुए 110.55 करोड़ रुपये की 19 विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया और कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित नव विकसित जिला विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन कर वहां स्थापित वैज्ञानिक मॉडल, आधुनिक उपकरणों और इंटरएक्टिव प्रदर्शनों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कंडोलिया मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि कंडोलिया महोत्सव को अब राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एक जनपद-दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालय, मिलेट मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे फैसले राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं शामिल हैं।

