Thursday, March 26, 2026
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₹256 करोड़ का महिला स्पोर्ट्स कॉलेज | लोहाघाट में सीएम धामी का निरीक्षण

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₹256 करोड़ का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज: लोहाघाट में सीएम धामी का बड़ा निरीक्षण

जनपद Champawat के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से बन रहे प्रदेश के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थलीय निरीक्षण किया।

₹256 करोड़ का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज: लोहाघाट में सीएम धामी का बड़ा निरीक्षण

उत्तराखंड की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं! महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का काम तेज

 लोहाघाट में बन रहा हाईटेक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, 300 खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल

 खेल क्रांति की तैयारी? प्रदेश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का सीएम ने लिया जायजा

 फुटबॉल से एस्ट्रोटर्फ हॉकी तक… ₹256 करोड़ के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में क्या होगा खास?

यह संस्थान उत्तराखंड की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं

निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन खेल अवसंरचना की विस्तृत समीक्षा की गई:

  • फुटबॉल ग्राउंड

  • एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड

  • वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट

  • सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक

इन सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

300 बालिकाओं के लिए आवासीय व्यवस्था

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में 300 बालिकाओं की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जा रहा है। इसके अलावा:

  • स्टाफ क्वार्टर

  • प्रशासनिक भवन

  • एकेडमिक ब्लॉक

  • मल्टीपर्पज हॉल

  • ऑडिटोरियम

  • गेस्ट हाउस

जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

यह कॉलेज प्रशिक्षण, शिक्षा और आवास की समग्र व्यवस्था प्रदान करेगा, जिससे विशेषकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बेटियों को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।

क्यों अहम है यह परियोजना?

  • राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

  • खेल और शिक्षा का समन्वित मॉडल

  • ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

  • खेल के माध्यम से रोजगार और पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान प्रदेश की बेटियों को सशक्त बनाने और खेल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

लोहाघाट में बन रहा यह ₹256 करोड़ का महिला स्पोर्ट्स कॉलेज केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों के सपनों को पंख देने की पहल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ यह संस्थान आने वाले वर्षों में राज्य को खेल मानचित्र पर नई ऊंचाई दिला सकता है।

नयार वैली फेस्टिवल की धूम: सीएम धामी ने एडवेंचर गतिविधियों को दिखाई हरी झंडी

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नयार वैली फेस्टिवल की धूम: सीएम धामी ने एडवेंचर गतिविधियों को दिखाई हरी झंडी

नयार वैली फेस्टिवल का आगाज़: पर्यटन, एडवेंचर और रोजगार को नई उड़ान

नयार वैली फेस्टिवल की धूम: सीएम धामी ने एडवेंचर गतिविधियों को दिखाई हरी झंडी

 पौड़ी की नयार घाटी को बड़ी सौगात, पैराग्लाइडिंग सेंटर से पर्यटन को नई उड़ान

नयार वैली बनेगी एडवेंचर हब? सीएम धामी ने किए बड़े ऐलान

 पर्यटन, रोजगार और विकास का संगम: नयार वैली फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ

 पैराग्लाइडिंग से हॉट एयर बैलून तक… नयार वैली फेस्टिवल में दिखा रोमांच का रंग

जनपद Pauri Garhwal के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। Nayar Valley में आयोजित यह महोत्सव पर्यटन, परंपरा और विकास के संगम के रूप में उभरा, जहां साहसिक गतिविधियों से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक एक ही मंच पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।

मुख्यमंत्री ने इसे क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नई पहचान दिलाने वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पौड़ी की नयार घाटी को बड़ी सौगात, पैराग्लाइडिंग सेंटर से पर्यटन को नई उड़ान

नयार घाटी बनेगी एडवेंचर टूरिज्म हब

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही विकासखंड पोखड़ा में रसलवांण दीवा मंदिर, बीरोंखाल में कालिंका मंदिर, एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर और पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

महोत्सव के दौरान पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज और रिवर्स बंजी जैसी एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ किया गया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण पहल है।

महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति जानी। महिला एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई, जबकि समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों को दिव्यांग उपकरण प्रदान किए गए।

उन्होंने महिला समूहों, साइक्लिस्टों और एंगलरों से संवाद कर उनके अनुभव साझा किए और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया।

पौड़ी में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है:

  • National Institute of Technology का श्रीनगर में 650 करोड़ की लागत से निर्माण

  • खोह नदी को स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

  • कोटद्वार में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट

  • गढ़िया गांव में प्रदेश की पहली NCC अकादमी

  • मालन नदी पर पुल निर्माण

  • सतपुली झील, माउंटेन म्यूजियम और तारामंडल जैसी परियोजनाएं

इन परियोजनाओं से पर्यटन, रोजगार और आधारभूत ढांचे को नई गति मिलेगी।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 से शुरू अभियान के तहत प्रशासन की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और प्रमाणपत्र व दस्तावेज घर-घर पहुंचा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

क्यों खास है नयार वैली फेस्टिवल?

  • पर्यटन और संस्कृति का संगम

  • युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर

  • एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा

  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

  • जिला प्रशासन द्वारा सुव्यवस्थित बहुआयामी आयोजन

नयार घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे एडवेंचर और इको-टूरिज्म के लिए आदर्श बनाते हैं।

नयार वैली फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पौड़ी गढ़वाल के संतुलित और सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम है। यदि घोषित योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो नयार घाटी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल कर सकती है।

नगर निकायों की बदलेगी तस्वीर? वित्तीय आत्मनिर्भरता पर बड़ा मंथन

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नगर निकायों की बदलेगी तस्वीर? वित्तीय आत्मनिर्भरता पर बड़ा मंथन

स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन, राज्य की अर्थव्यवस्था में बढ़ेगी भागीदारी

उत्तराखंड में नगर निगम, नगर पालिका और जिला पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन। भूमि प्रबंधन, राजस्व सुधार और नीड-आधारित जिला योजना मॉडल पर जोर। उत्तराखंड में नगर निकायों और जिला पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा मंथन हुआ है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन और राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर की मौजूदगी में हुई बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का फोकस साफ था—नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और जिला पंचायतों को सिर्फ अनुदान पर निर्भर रहने की बजाय मजबूत आर्थिक आधार देना।

क्यों पिछड़ रहे हैं स्थानीय निकाय?

चर्चा के दौरान यह सामने आया कि वित्तीय आत्मनिर्भरता के अवसर मौजूद होने के बावजूद स्थानीय निकाय अपेक्षित स्तर तक सक्षम नहीं बन पाए हैं। इसके पीछे कई कारण बताए गए:

  • सीमित स्थानीय राजस्व स्रोत

  • पारंपरिक और धीमी कार्यशैली

  • प्रभावी एवं स्पष्ट बायलॉज का अभाव

  • भूमि प्रबंधन में कमज़ोरियां

  • अत्यधिक राजनीतिक केंद्रित निर्णय प्रणाली

इन कारणों से राजस्व सृजन की संभावनाएं पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पा रही हैं।

राज्य वित्त आयोग से व्यावहारिक सुझावों की अपेक्षा

मुख्य सचिव ने राज्य वित्त आयोग से कहा कि स्थानीय शहरी निकायों और जिला पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए व्यावहारिक, समयबद्ध और क्रियान्वयन योग्य सुझाव दिए जाएं।

लक्ष्य यह है कि:

  • निकाय अपने स्वयं के संसाधनों में वृद्धि करें

  • नई आय के स्रोत विकसित हों

  • प्रशासनिक क्षमता में सुधार हो

  • स्थानीय स्तर पर विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हों

भूमि प्रबंधन और बायलॉज में सुधार पर जोर

आयोग की ओर से सुझाव दिया गया कि शहरी निकायों के लिए भूमि प्रबंधन और राजस्व सृजन से जुड़े बायलॉज को मजबूत किया जाए।

  • नवाचारों को अपनाने (Adoption of Innovation)

  • विशेषज्ञता आधारित कार्य संस्कृति

  • स्पष्ट नियम और पारदर्शी प्रक्रिया

  • प्रभावी क्रियान्वयन तंत्र

इन सुधारों के बिना वित्तीय आत्मनिर्भरता संभव नहीं होगी।

जिला योजना में बदलाव की जरूरत

बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिला योजना का आवंटन एलोकेशन आधारित है। इसे “नीड और आउटकम” आधारित मॉडल में बदलने की आवश्यकता है, ताकि संसाधनों का उपयोग परिणाम आधारित हो और विकास कार्यों का सीधा प्रभाव दिखे।

क्यों अहम है यह पहल?

स्थानीय निकाय राज्य की विकास संरचना की नींव होते हैं। यदि वे आर्थिक रूप से सक्षम होंगे, तो:

  • स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी

  • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

  • राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी

  • केंद्र और राज्य पर वित्तीय दबाव कम होगा

यह पहल उत्तराखंड में विकेंद्रीकृत विकास मॉडल की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक में आयोग के सदस्य पी.एस. जंगपांगी, एम.सी. जोशी, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर और डॉ. आर. राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आगे क्या?

राज्य वित्त आयोग से अब ठोस और क्रियान्वयन योग्य सिफारिशों की उम्मीद है। यदि भूमि प्रबंधन, बायलॉज सुधार और राजस्व मॉडल में बदलाव लागू होते हैं, तो नगर निकायों की तस्वीर बदल सकती है।

स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सिर्फ प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समग्र आर्थिक प्रगति की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।

चारधाम यात्रा 2026 में बड़ा बदलाव: अब QR कोड और व्हाट्सएप अलर्ट से मिलेगी हर अपडेट

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चारधाम यात्रा 2026 की तैयारी तेज: QR कोड, व्हाट्सएप अलर्ट और हाई-टेक मॉनिटरिंग से बदलेगा यात्रा अनुभव

उत्तराखंड में Char Dham Yatra 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, तकनीक-सक्षम और व्यवस्थित बनाने पर फोकस किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर ट्रैफिक प्रबंधन और रियल-टाइम सूचना प्रणाली तक, व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है।

चारधाम यात्रा 2026 में बड़ा बदलाव: अब QR कोड और व्हाट्सएप अलर्ट से मिलेगी हर अपडेट सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी यात्रा अनुभव देना।

केदारनाथ–बद्रीनाथ मार्ग पर विशेष तैयारी

यात्रा मार्ग विशेषकर Kedarnath और Badrinath रूट पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

  • सभी चिकित्सालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाएगा

  • अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस तैनात होंगी

  • निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी

  • संवेदनशील स्थलों की पहचान कर निगरानी बढ़ाई जाएगी

इस बार क्या रहेगा नया?

चारधाम यात्रा 2026 होगी हाई-टेक! केदारनाथ-बद्रीनाथ रूट पर नई डिजिटल व्यवस्था लागू

व्हाट्सएप अलर्ट सिस्टम

ट्रैफिक जाम, मौसम बदलाव या किसी भी आपात स्थिति की सूचना यात्रियों तक सीधे मोबाइल पर पहुंचेगी।

QR कोड आधारित सूचना

प्रमुख स्थलों पर QR कोड लगाए जाएंगे। स्कैन करते ही यात्रियों को मार्ग, दूरी, सुविधाएं और जरूरी संपर्क जानकारी मिल सकेगी।

GPS और रियल-टाइम मॉनिटरिंग

वाहनों और संसाधनों की निगरानी के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग लागू की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

भीड़ प्रबंधन पर सख्त रणनीति

यात्रियों के लिए राहत भरी खबर: चारधाम यात्रा 2026 में ट्रैफिक और भीड़ पर सख्त प्लान

हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम पहुंचते हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए:

  • टाइम स्लॉट आधारित दर्शन व्यवस्था

  • डिजिटल काउंटिंग सिस्टम

  • वैकल्पिक पार्किंग और रूट डायवर्जन

  • संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा

जैसे उपाय लागू किए जा सकते हैं।

आपदा प्रबंधन और प्री-पोजिशनिंग चारधाम जाने वालों के लिए जरूरी अपडेट: इस बार ऐसे बदलेगा पूरा यात्रा सिस्टम

चारधाम मार्ग पर्वतीय और संवेदनशील है। इसलिए:

  • मशीनरी और उपकरणों की अग्रिम तैनाती

  • वैकल्पिक मार्गों की पहचान

  • परिसंपत्तियों की मैपिंग

  • त्वरित निर्णय प्रक्रिया

पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जिलों की सक्रिय भूमिका

यात्रा प्रबंधन में Chamoli, Rudraprayag और Uttarkashi प्रशासन को स्थानीय स्तर पर समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यावरण और स्वच्छता पर भी जोर

  • प्लास्टिक प्रतिबंध

  • कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था

  • स्वच्छता अभियान

  • सतत (Sustainable) यात्रा मॉडल

चारधाम यात्रा 2026 को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है चारधाम यात्रा 2026 की तैयारी?

चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और स्थानीय रोजगार से भी जुड़ी है। बेहतर प्रबंधन से न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि राज्य की छवि भी मजबूत होगी।

चारधाम यात्रा 2026 इस बार अधिक संगठित, तकनीक-सक्षम और सुरक्षित स्वरूप में दिखाई दे सकती है। QR कोड, व्हाट्सएप अलर्ट, GPS मॉनिटरिंग और मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं यात्रा अनुभव को नया आयाम देंगी।

यदि तैयारियां तय समय में पूरी होती हैं, तो यह यात्रा प्रबंधन के लिहाज से एक मॉडल बन सकती है।

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां: सुरक्षित, सुगम और तकनीक-सक्षम यात्रा की व्यापक कार्ययोजना

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चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां: सुरक्षित, सुगम और तकनीक-सक्षम यात्रा की व्यापक कार्ययोजना

उत्तराखंड सरकार ने Char Dham Yatra 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों को समयबद्ध और परिणाम-उन्मुख कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए।

चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा, स्वास्थ्य और विद्युत आपूर्ति पर विशेष फोकस

यात्रा मार्ग—Kedarnath और Badrinath—पर सभी चिकित्सालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा विभाग को निर्बाध और संतुलित वोल्टेज की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि पीक सीजन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग को ट्रैफिक जाम, भीड़ या आकस्मिक स्थिति की जानकारी यात्रियों तक व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से तत्काल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन और प्री-पोजिशनिंग: त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयारी

  • यात्रा मार्ग पर मशीनों, उपकरणों और टूल्स की अग्रिम तैनाती (Pre-positioning)

  • परिसंपत्तियों (Assets) की मैपिंग

  • आपात स्थिति में यात्रा रोकने की दशा में स्थान और अवधि निर्धारण

  • पशुधन पंजीकरण व उपचार के लिए स्थानीय निकायों के साथ समन्वय

इन उपायों का उद्देश्य चारधाम यात्रा 2026 के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

टेक्नोलॉजी-ड्रिवन चारधाम यात्रा: QR कोड, साइनेज और SOP

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर QR कोड लगाए जाएंगे, जिनसे स्थान और आसपास की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। स्पष्ट एवं बहुभाषी साइनेज लगाने और यात्रा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने पर भी बल दिया गया है।

जिलाधिकारी Chamoli, Rudraprayag और Uttarkashi को स्थानीय स्तर पर विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए सुदृढ़ प्लान

पिछले वर्षों के अनुभवों की समीक्षा कर क्राउड मैनेजमेंट की व्यवहारिक और मजबूत योजना तैयार की जा रही है, ताकि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।

 चारधाम यात्रा 2026

1. चारधाम यात्रा 2026 की तैयारी में क्या खास है?

सुरक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप अलर्ट और QR-आधारित सूचना प्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है।

2. किन मार्गों पर विशेष फोकस है?

केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य और विद्युत व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।

3. क्या भीड़ प्रबंधन की नई योजना बनेगी?

हाँ, पिछले अनुभवों के आधार पर मजबूत और व्यावहारिक क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है।

घनसाली में 41.21 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद Tehri Garhwal के Ghansali में 41.21 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इनमें 13.43 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण और 27.78 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उच्चीकृत किए जाने का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल हेतु भूमि दान करने वाले कृष्णा गैरोला एवं उनके परिवार को सम्मानित किया।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिलखी पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है।
उन्होंने बताया कि:

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार मिल रहा है।

  • डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।

  • नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।

 सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्य

 लोकार्पित योजनाएं

  • पीएमजीएसवाई के अंतर्गत धमातोली–घनसाली–अखोड़ी मोटर मार्ग अपग्रेडेशन

  • नागेश्वर सौड–गोना मोटर मार्ग अपग्रेडेशन

  • राजकीय इंटर कॉलेज कोट विशन में भवन पुनर्निर्माण

 शिलान्यासित योजनाएं

  • यू-प्रिपेयर योजना के अंतर्गत 50 मीटर स्टील गर्डर मोटर सेतु निर्माण

  • तहसील बालगंगा के आवासीय एवं अनावासीय भवन

  • गंगी में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण

  • पिलखी पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण

 विकास कार्यों में तेजी का संकल्प

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, उनका कार्य रुकना नहीं चाहिए और शीघ्र लोकार्पण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने पहाड़ों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।

स्वर्गीय इंद्रमणी बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए क्षेत्र की प्रमुख मांगों पर प्राथमिकता से कार्य करने का आश्वासन दिया।

 होली की अग्रिम शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को होली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि सौंपे गए ज्ञापन में शामिल योजनाओं को भी मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक

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सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

डोर-टू-डोर कलेक्शन और सोर्स सेग्रीगेशन पर जोर

मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कूड़े के सोर्स सेग्रीगेशन को प्रभावी बनाने और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

जहां कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट की आवश्यकता है, वहां शीघ्र भूमि चयन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

ऑनलाइन ट्रैकिंग और जवाबदेही प्रणाली

मुख्य सचिव ने कूड़ा निस्तारण में लगे वाहनों, चालकों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

साथ ही ड्यूटी और वेतन आधारित ऑटो सिस्टम लागू करने पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

आधुनिक तकनीक और मशीनरी का उपयोग

शहरी विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि जिन निकायों में मशीनों और उपकरणों की आवश्यकता है, वहां किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रभावी उपयोग हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया गया। देहरादून में GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग

बैठक में शहरी विकास सचिव नितेश झा ने जानकारी दी कि Dehradun में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग का ट्रायल चल रहा है।

इस प्रणाली से:

  • अधिकारी वाहनों की निगरानी कर सकेंगे

  • नागरिक कूड़ा वाहन की लोकेशन और आगमन समय देख सकेंगे

  • ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे

जल्द ही इस GPS आधारित वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

नैनीताल–मसूरी व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय समीक्षा

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नैनीताल–मसूरी व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय समीक्षा आनंद बर्धन की अध्यक्षता में Nainital एवं Mussoorie से संबंधित समस्याओं के समाधान और व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

यातायात, सुरक्षा और सौंदर्यकरण पर मंथन

बैठक में समुचित यातायात प्रबंधन, आवश्यक स्थलों पर लाइटिंग, मुख्य मार्गों के रंग-रोगन, साफ-सफाई, सौंदर्यकरण और पर्यटकों की सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने दोनों मंडलों के आयुक्तों, आईजी तथा Dehradun और नैनीताल के जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

त्वरित प्रस्ताव और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन

निर्देश दिए गए कि सुरक्षा, सड़क सुधार, पार्किंग, मोबाइल नेटवर्क, कूड़ा निस्तारण और लाइटिंग से जुड़े प्रस्ताव आवश्यकतानुसार तत्काल प्रस्तुत किए जाएं।
चल रहे कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

 पीक सीजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं

पर्यटन सीजन को देखते हुए:

  • वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था

  • रूट डायवर्जन

  • अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम

स्थानीय स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों सहित सभी हितधारकों से बेहतर समन्वय पर भी बल दिया गया।

 नेटवर्क ब्लाइंड स्पॉट और पार्किंग पर फोकस

नैनीताल मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क के ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित करने और लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मसूरी में किंग्रेट स्थित पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए पर्यटन विभाग के साथ कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

 स्वच्छता और अनुशासन

  • अव्यवस्थित तारों का जाल हटाने

  • भद्दे विज्ञापनों को हटाने

  • नालियों की सफाई

  • रेलिंग, रंगाई-पुताई और सौंदर्यकरण कार्य

समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

 ओवरचार्जिंग और दुर्व्यवहार पर सख्ती

पर्यटकों से ओवरचार्जिंग या दुर्व्यवहार की शिकायतों पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया।
महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ब्रज मंडल में होली का रंग, अबीर-गुलाल से सराबोर बरसाना

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ब्रज मंडल में होली का रंग, अबीर-गुलाल से सराबोर बरसाना

Barsana में होली का रंग पूरे ब्रज मंडल को अपने उल्लास में समेटे हुए है। अबीर और गुलाल की उड़ती बौछारों के बीच लठमार होली का अनोखा अंदाज हर किसी को आकर्षित कर रहा है।

 मथुरा से बरसाना तक रंगों की बहार

Mathura से लेकर बरसाना तक हर गली और चौक गुलाल से रंगा नजर आ रहा है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक इस अद्भुत उत्सव को देखने भारत पहुंचते हैं।

 नंदगांव के हुरियारों का स्वागत

Nandgaon से आए हुरियारों का पिली पोखर पर पारंपरिक स्वागत किया गया। यहां से हुरियारे भगवान श्री कृष्ण की ध्वजा लेकर श्रीजी मंदिर पहुंचे।

 लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लाखों श्रद्धालु ब्रज मंडल में इस रंगोत्सव का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

 लठमार होली का अनोखा आनंद

बरसाना की लठमार होली में अबीर-गुलाल, ढोल-नगाड़ों और राधे-राधे के जयघोष के बीच श्रद्धालु पूरी तरह रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। आस्था, परंपरा और उत्साह का यह संगम ब्रज की पहचान बना हुआ है।

आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा SDRF–SDMF प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा

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राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में SDRF–SDMF प्रस्तावों की समीक्षा

Dehradun में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में State Disaster Response Fund (SDRF) एवं State Disaster Mitigation Fund (SDMF) मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों और आपदा प्रबंधन कार्यों की वित्तीय व भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई।

 बजट उपयोग में डुप्लीकेसी न हो

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागों को सीधे उपलब्ध कराए गए बजट और जिलाधिकारियों के माध्यम से आवंटित बजट के व्यय में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन न हो।

उन्होंने विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों से समन्वित एवं सुसंगत क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा।

सिविल संरचनाओं के साथ ग्रीनरी पर जोर

बैठक में निर्देशित किया गया कि सुरक्षात्मक एवं मिटिगेशन कार्यों में सिविल स्ट्रक्चर के साथ प्लांटेशन और ग्रीनरी सपोर्टिंग कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि दीर्घकालिक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र विकसित हो सके।

सुरक्षात्मक कार्यों की टिकाऊ अवधि सुनिश्चित करें

सिंचाई, पेयजल, लोक निर्माण और वन विभाग सहित संबंधित एजेंसियों से कार्यों की टिकाऊ अवधि की जानकारी ली गई।

सिंचाई विभाग ने बताया कि प्रोटेक्शन कार्यों की टिकाऊ अवधि लगभग 25 वर्ष तक रहती है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्य न्यूनतम निर्धारित अवधि तक टिकाऊ रहें और पारदर्शिता व गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संपादित किए जाएं।

अग्रिम प्रस्तावों का भी अवलोकन

बैठक में चालू वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी सुरक्षात्मक प्रस्तावों का भी परीक्षण किया गया।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।