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एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी एवं पुनर्निर्माण के पुनर्निधारण से लाभान्वित होगा उत्तराखंड

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सीएम धामी द्वारा केंद्र में की गई प्रभावी पैरवी के सकारात्मक परिणाम आए सामने, आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत में सुविधा के साथ ही जनसामान्य की परेशानियो को किया जा सकेगा दूर, राज्य कैबिनेट ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का प्रकट किया आभार

गृह मंत्रालय भारत सरकार, आपदा प्रबंधन प्रभाग द्वारा एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की दरों का पुनर्निर्धारण किए जाने पर राज्य कैबिनेट ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया है। इस मामले में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्तर से प्रभावी पैरवी की गई जिसके फलस्वरूप सकारात्मक परिणाम सामने हैं।

दरअसल, पूर्व में एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी एवं पुनर्निर्माण के लिए मानक तय नहीं थे और दरें भी काफी कम थी। इसके चलते आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत में व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इन व्यवहारिक कठिनाईयों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा कई बार गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र प्रेषित करते हुए अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से भी प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिलकर एस०डी०आर०एफ० के मानक की धनराशि बढ़ाये जाने के लिए कई बार अनुरोध किया गया।

उनके द्वारा इस बारे में उत्तराखण्ड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए धनराशि बढ़ाये जाने के लिए प्रभावी पैरवी की गयी, जिसके फलस्वरूप भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा अब रिकवरी और पुनर्निर्माण के सम्बन्ध में 14.08.2024 को विस्तृत नवीन दिशा-निर्देश निर्गत कर दिये गये हैं और विभिन्न कार्यों के लिए लागू मानकों में वृद्धि कर दी गयी है। ऐसा करने से उत्तराखण्ड जैसे आपदा से प्रभावित राज्य को अत्यधिक लाभ होगा तथा आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत में सुविधा होगी और जन सामान्य की परेशानियो को दूर किया जाना सभव हो सकेगा।

मुख्य संशोधन

पूर्व में मैदानी इलाकों में पक्के घरों के लिये निर्धारित मानक रू0 1.20 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रू० 90 हजार प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर रू0 1.80 लाख कर दिया गया है तथा पहाडी क्षेत्रों पूर्व निर्धारित मानक 1.30 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रु० 1.00 लाख प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर रू0 2.00 लाख प्रति घर कर दिया गया है।

प्राथमिक स्कूलों के लिए पूर्व में निर्धारित मानक प्रति विद्यालय रुपये 2 लाख की सीमा के अध्यधीन रहते हुए वास्तविक व्यय के अनुसार परिवर्तित करते हुए प्राथमिक स्कूलों के लिये 30 से 70 प्रशित की क्षति होने पर रु0 7.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रु० 15.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के नाम से पूर्व में मानक निर्धारित नहीं थे, किन्तु अब माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रू0 12.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 25.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये पूर्व में रू0 2.50 लाख प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अध्यधीन वास्तविक व्यय के अनुसार अनुमन्य था, जिसको अब वृद्धि कर उपकेन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 30 से 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 9.20 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 18.40 लाख अनुमन्य किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिये यह राशि क्रमशः रू0 7.91 लाख तथा रू0 15.81 लाख अनुमन्य किया गया है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की क्षति तक रू० 20.99 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर 41.97 लाख अनुमन्य है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 24.72 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक रू0 49.45 लाख अनुमन्य है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू०79.06 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 158.12 लाख अनुमन्य किया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू० 92.86 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 185.72 लाख अनुमन्य किया गया है।

पुल प्रति संख्या में 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 1750.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 3500.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

तटबन्ध प्रति कि०मी० के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 50.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 100.00 लाख अनुमन्य किया गया है। सामुदायिक भवन के लिये निर्धारित मानकों में भी वृद्धि की गयी है।

सड़क एवं परिवहन खण्ड में ईकाई प्रति कि०मी० के लिये प्रमुख जिला सड़के के लिये मैदानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू0 32.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 64.00 अनुमन्य किया गया है। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू0 93.75 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 187.75 लाख अनुमन्य है।

अन्य जिला सड़कों के लिये भी मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू० 26.75 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 54.50 लाख अनुमन्य किया गया है। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की सीमा तक 80 लाख तथा पहाड़ी सड़कों के लिए 159.88 लाख अनुमन्य किया गया है।

चार करोड़ से अधिक की चरस के साथ दो गिरफ्तार

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खटीमा से चार करोड़ 50 लाख की चरस के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है उत्तराखंड में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ड्रग्स फ्री उत्तराखंड की मुहिम को साकार करती पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है सितारगंज के दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है

मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” मिशन के साथ आगे बढ़ते हुए #UttarakhandPolice एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (A.N.T.F.) व ऊधमसिंहनगर पुलिस ने 04 करोड़ 50 लाख रूपये कीमत की स्मैक की तस्करी करते हुए सितारगंज निवासी कुलवंत सिंह और जसंदीप सिंह को खटीमा के चकरपुर बनमंडी महादेव मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है।

चार करोड़ से अधिक की चरस के साथ दो गिरफ्तार

पूर्व सीएम निशंक की घोषणा 13 सालों में पूरी नहीं सीएम धामी से मांग

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सरनोल सुतड़ी- सरुताल बुग्याल क्षेत्र को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग, सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल जिसमे सरनोल सुतड़ी- सरुताल बुग्याल क्षेत्र को पर्यटक स्थल घोषित किए जाने की मांग की गई बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता मनवीर चौहान के नेतृत्व में सीएम धामी से मिली प्रतिनिधि मंडल ने सीएम से वर्ष 2011 में पूर्व सीएम निशंक की घोषणा को पूरा किए जाने की बात रखी गई है

राजकीय इंटर कालेज सरनौल का नाम होगा वीर बलिदानी श्रवण कुमार के नाम

देहरादून। सरनोल सुतड़ी- सरुताल बुग्याल क्षेत्र को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के नेतृत्व मे क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राजकीय इंटर कालेज सरनौल का नाम वीर बलिदानी श्रवण कुमार के नाम पर करने की भी मांग की।

सीएम को दिये ज्ञापन मे क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2011 मे तत्कालीन सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने इस स्थल को पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन तब से अभी तक न इस ट्रैक को न मानचित्र पर उतारा गया और न ही कोई स्वीकृति संबंधी कार्यवाही धरातल पर आई।

सरनोल से सुतडी होते हुए सरुताल बुग्याल के मध्य मनमोहक पुष्प वाटिका और आकर्षक बुग्याल हैं। सुतडी सरुताल ट्रैक पर पर्यटन की अपार संभावना है। पर्यटक स्थल घोषित होने से संपूर्ण यामुनाघाटी एवं रवाई क्षेत्र के लोगों और युवाओं के लिए यह रोजगार का अहम जरिया बन सकेगा। उन्होंने घोषणा के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति देने की मांग की।

राजकीय इंटर कालेज सरनौल का नाम अमर शहीद वीर बलिदानी श्रवण सिंह चौहान के नाम पर किये जाने की मांग पर सीएम ने सकारात्मक अश्वासन दिया।

इस मौके पर जगमोहन सिंह राणा, बलवीर सिंह राणा,सरदार रावत , तरवीन राणा,अवतार रावत , धनवीर रावत,राजेंद्र सेमवाल,जबर सिंह चौहान,सोबेंद्र सिंह चौहान,कमला जुड़ियाल,कपूर राणा,प्यार चंद राणा,सरदार चौहान ,विमल चौहान चैन सिंह महर आदि लोग उपस्थित थे ।

मंत्रिमंडल मीटिंग में अनुपूरक बजट पर लगी मोहर

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देहरादून उत्तराखंड विधानसभा सत्र गैरसैण में होने जा रहा है तीन दिनों तक 21 अगस्त से शुरू होकर सत्र 23 तक आहूत होने का समय निर्धारित किया गया है सत्र को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है मंत्रिमंडल मीटिंग में अनुपूरक बजट पर लगी मोहर के बाद इसको सत्र में पेश किया जायेगा

मंत्रीमंडल मीटिंग में कुल आठ प्रस्ताव पेश किये गए जिसमे सबसे पहले अनुपूरक बजट का प्रस्ताव पास किया गया है चीनी मिल में 68 मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने पर सहमति मिली है मृतक आश्रितों के पद पर लगी रोक को मंत्रीमंडल ने हटा दिया है

चीनी मिल में 123 सीजन कर्मियों के मृतक आश्रितों के पदों को भरने का फैसला अगली मीटिंग में होगा दैनिक वेतन भोगी सविदा कर्मियों के नियमितीकरण फैसले पर चर्चा की गई अब पांच साल की जगह दस साल की सेवा का आधार नियमितीकरण के लिए लागु किया जायेगा

उत्तराखंड सरकार गैरसैंण विस सत्र में अनुपूरक बजट 5600 करोड़ को पारित कराना चाहती है। इसके अलावा बैठक में विस के पटल पर रखी जाने वाले प्रत्यावेदन और सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य सचिवालय में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सुबह 11.30 बजे से शुरू होगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट का प्रस्ताव लाया गया। अनुपूरक बजट 5600 करोड़ का है जिनका अनुमोदन मंत्री मंडल ने दिया है

द्रोणनगरी के भ्रमण पर “महादेव” मुख्यमंत्री धामी ने दीप जलाया

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देहरादून भव्य राम मंदिर अयोध्या की झांकी के दर्शन से लेकर शनिवार को देहरादून की सड़को पर महादेव नज़र आए हर साल आयोजित होने वाली यात्रा को लेकर धार्मिक उत्साह देखा जाता है Tapkeshwar Mahadev Yatra Dehradun देहरादून में द्रोणनगरी के भ्रमण पर ‘महादेव के दर्शन के लिए जगह जगह स्वागत किया जाता है

महाकाल की भस्म आरती में डमरू बजाने वाले और महाकाल उज्जैन में मृदंग बजाने वाली पार्टी, महाराष्ट्र की प्रसिद्ध ढोल पार्टी भी प्रस्तुति देती नज़र आ रही है शोभायात्रा सहारनपुर चौक स्थित शिवाजी धर्मशाला से शुरू हुई। टपकेश्वर महादेव के तीनों स्वरूप के दर्शन यात्रा में हो रहे है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी महाराज ने दीप जलाकर यात्रा का शुभारंभ किया भव्य राम मंदिर अयोध्या की झांकी के दर्शन के साथ साथ लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए डमरू की थाप पर देहरादून वासी थिरकते देखे गए

हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी हुई यात्रा को लेकर देहरादून पुलिस ने ट्रैफिक प्लान पहले ही जारी कर दिया था जिसके चलते यात्रा मार्गो पर अधिक ट्रैफिक नहीं रहे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सहारनपुर चौक, देहरादून में टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री कृष्णा गिरी महाराज एवं महंत दिगम्बर भरत गिरी महाराज ने पूजा-अर्चना के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

   इस अवसर पर  विधायक श्री खजान दास, टपकेश्वर सेवा दल के अध्यक्ष श्री गोपाल कुमार गुप्ता, महासचिव श्री महेश खंडेलवाल, श्री अनुज गुप्ता एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र तीन साल में 16 हजार सरकारी नौकरी

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देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित 236 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रथम चरण की काउंसलिंग में 473 सहायक अध्यापकों का चयन किया गया है, शेष अभ्यर्थियों को संबंधित जनपदों से नियुक्ति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब स्थिति वाले स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए, इसके लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी दी जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते यह उनका सौभाग्य है कि जिन शिक्षकों के ऊपर राज्य के नौनिहालों के भविष्य का निर्माण करने की बड़ी जिम्मेदारी है, उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक की समाज में अहम भूमिका होती है। बच्चों के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। अच्छी शिक्षा से एक बच्चा देश और समाज के लिए अनमोल धरोहर साबित होता है। बेहतर शिक्षा जीवन का सबसे मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार हो रहे है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित शिक्षक जिन स्कूलों में जायेंगे उनकी ऑनरशिप लेंगे और नवाचार के कार्य करेंगे। नये शिक्षकों के आने से स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई आशाएं जगेगीं।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग और डिजिटल शिक्षा, शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

जीवन का लक्ष्य तय और दिशा स्पष्ट होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग है। बच्चों को उनकी प्रतिभाओं के आधार पर तैयार करना बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सेवायोजित किया गया है। गैर सरकारी क्षेत्रों में भी रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रारंभिग शिक्षा में 2906 पदों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया गतिमान है। इसके तहत पहले चरण में 473 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति मिली है। अब स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी अच्छी हो गई है।

जिन स्कूलों में दस से कम छात्र हैं, वहां एक शिक्षक रहेगा, जहां 10 से ज्यादा छात्र हैं वहां दो, जहां 40 से ज्यादा छात्र हैं वहां 3, जहां 70 से ज्यादा छात्र हैं वहां पर 4 एवं जहां 100 से ज्यादा छात्र हैं वहां 5 शिक्षक दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जहां एक शिक्षक है और अगर वह अवकाश पर जाता है तो नजदीकी विद्यालय जहां दो शिक्षक हैं, वहां से एक को उक्त विद्यालय में भेजा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में कक्षा 1 से 12 तक त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार स्थानांतरण नीति के अंतर्गत लगभग 6 हजार से ज्यादा शिक्षकों के स्थानांतरण हुए। स्थानांतरण में काउंसलिंग व्यवस्था का असर यह रहा कि जिनका ट्रांसफर हुआ वे तो खुश हैं, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ वो भी खुश हैं।

उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री एवं सम्पूर्ण कैबिनेट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों की शीघ्र पदोन्नति के लिए भी सरकार कोई न कोई रास्ता निकालने जा रही है। गेस्ट फैकल्टी कि मांगों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि उनको अपना जनपद मिल जाए। इनकी वेतन वृद्धि से जुड़ी मांग पर भी विचार किया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरू, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक विद्यालयी शिक्षा अजय कुमार नौडियाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व पीएम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को उनकी छठी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि

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भाजपा परिवार ने भारत रत्न पूर्व पीएम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को उनकी छठी पुण्य तिथि पर गोष्ठी आयोजित कर श्रद्धांजलि दी है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, अटल सरकार की नीतियों और उनके बताए रास्ते पर मोदी सरकार लगातार आगे बढ़ रही है । साथ ही राज्य निर्माण में वाजपेई जी के अटल योगदान और उनके व्यक्तित्व कृतित्व को समर्पित स्मारक का निर्माण मुख्यमंत्री से वार्ता कर शीघ्र कराने का आश्वासन भी दिया।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी में पार्टी पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपने संस्थापक एवं वैचारिक प्रतिष्ठान स्वर्गीय अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने उनके जीवनवृत और विचारों को याद करते हुए, उनके दिखाए रास्ते पर देश निर्माण का आह्वाहन किया । इस मौके पर अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, उनका समूचा जीवन प्रत्येक पार्टी कार्यकर्ता के लिए समाज में अपनी भूमिका निर्वहन में आत्मसार करता है । भाजपा का संगठन ही नही मोदी जी के नेतृत्व वाली हमारी एनडीए सरकार भी, उनके दिखाए रास्ते और सिद्धांतों पर काम कर रही है। चाहे आधारभूत ढांचे का निर्माण हो, स्वास्थ्य हो, विदेश नीति हो, चाहे विदेश नीति की बात हो, चाहे आम आदमी की कल्याण योजनाओं की बात हो, प्रत्येक क्षेत्र में अटल सरकार की नीतियों की छाप दिखाई देती है।

उन्होंने उत्तराखंड निर्माण में उनके योगदान को अमूल्य बताते हुए कहा, अटल जी ने सरकार जाने की कीमत पर भी राज्य का निर्माण करवाया है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा, अल्पमत की सरकार और सहयोगी दलों के नए राज्य बनाने के खिलाफ होने के बावजूद उन्होंने देवभूमि की किस्मत खोलने वाला निर्णय लिया। चर्चा के दौरान सामने आए, राज्य में अटल जी का स्मारक निर्माण करने के विषय का उन्होंने समर्थन किया। साथ ही कहा, हम सभी चाहते हैं कि राज्य निर्माण में अटल जी के स्वर्णिम योगदान, राज्य विकास को लेकर उनकी सरकार के कामों और उनसे जुड़ी यादों को संजोने वाले भव्य स्मारक का निर्माण किया जाए। इस संबंध में उन्होंने भरोसा दिलाया कि यथाशीघ्र इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं नगर निगम से चर्चा करेंगे । ताकि अटल के व्यक्तित्व, कृतित्व और राज्य निर्माण एवं विकास में उनका योगदान इस स्मारक के माध्यम से भविष्य की पीढ़ी को रास्ता दिखाने का काम करे।

गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष श्री नरेश बंसल ने कहा, उनका योगदान राष्ट्र निर्माण से लेकर आज निर्माण तक अतुलनीय रहा है । विगत 10 वर्षों से मोदी सरकार भी अटल जी की गुड गवर्नेंस की नीति पर ही चल रही है । उन्होंने देश की विकास के सूचकांक पर जहां छोड़ा था आज वहीं से आगे एनडीए सरकार देश को बढ़ा रही है । साथ ही उन्होंने कहा, अटल को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि होगी कि पार्टी के विस्तार में आए नए लोगों को सहयोग और पार्टी की रीति नीति की जानकारी साझा करें ।

इस दौरान धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा, अटल जी व्यवहार में सरल लेकिन किसी भी परिस्थितियों में अपनी बात को रखने के लिए जाने जाते थे । देहरादून में उनकी एक सभा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, तमाम विपरीत परिस्थिति और हंगामे के बावजूद उन्होंने विस्तार से अपनी बात लोगों को समझाई । राज्य का निर्माण तो उन्होंने सरकार गिराने की धमकी के विरुद्ध जाकर किया। प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, राजपुर विधायक खजान दास, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कोली, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, सरकार में दायित्वधारी ज्योति गैरोला, विनय रुहेला, विनोद उनियाल, अनिल गोयल, मुकेश कोली, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक, कमलेश रमन, ज्योति गैरोला, सुभाष बड़थ्वाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

मुख्यमंत्री की कलाई पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने बांधा रक्षा सूत्र, दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में महिलाओं को मिला आर्थिक लाभ आशा नौटियाल

मुख्यमंत्री सरकारी आवास पर उत्तराखंड सशक्त बहना योजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कृषि मंत्री गणेश जोशी के साथ में भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल में हिस्सा लिया ।

इस मौके पर आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर रखी बंधी उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं और दीर्घायु स्वस्थ रहने की बधाई दी।

मुख्यमंत्री की कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं को लाभ मिल रहा है।10 माह में स्वयं सहायता समूहों ने योजना के माध्यम से किया ₹318.98 लाख का कारोबार किया हैं प्रदेश के 95 ब्लॉकों में की जा रही उत्पादों की बिक्री की जा रही है । भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि योजना से करीब 37 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है।

उनका कहना है कि पिछले साल रक्षाबंधन पर 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का लक्ष्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध करना था। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं आर्थिक तौर पर मजबूत हो रही है और उनकीआर्थिक की स्थिति निरंतर बेहतर हो रही है।

उनका कहना है कि प्रदेश के 95 ब्लॉकों में कुल 1428 स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ₹318.98 लाख का कारोबार किया गया। जल्द ही प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में भी स्टॉल लगाए जाएंगे।

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की बहनों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने की लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है ना सिर्फ योजनाओं का संचालन हो रहा है बल्कि सरकारी नौकरियों के लिए 33 फ़ीसदी का आरक्षण भी उन्हें दिया गया है इसी तरह से पंचायत में भी आरक्षण दिया गया है और महिलाओं को शिक्षा स्वास्थ्य के साथ कई सेक्टर में प्राथमिकताएं दी जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की नारी शक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है महिला सशक्तिकरण उत्तराखंड में चरितार्थ हो रहा है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए योजनाओं का संचालन कर रहे हैं जिसकी वजह से प्रदेश की सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

आज के कार्यक्रम में गीता रावत प्रदेश महामंत्री, रुचि भट्ट , मोहनी पोखरियाल रश्मि रस्तोगी प्रदेश उपाध्यक्ष, कमली भट्ट ,पूनम बटोला , रीता चमोली प्रदेश मंत्री ,प्रदेश मीडिया प्रभारी नेहा शर्मा कार्यालय सचिव शकुंतला देवलाल प्रदेश आईटी प्रभारी प्रिंस रावत, प्रदेश कोषाध्यक्ष वंदना ठाकुर, जिला अध्यक्ष अर्चना बागड़ी के साथ इंदिरा आर्य कविता शाह कृष्णा तोमर प्रतिभा चौहान सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी रंजना चतुर्वेदी आईटी सह प्रभारी अंजलि नैथानी के साथ अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महिलाओं के सशक्तिकरण की चाबी बनी “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना”

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महिलाओं के सशक्तिकरण की चाबी बनी “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना”

10 माह में स्वयं सहायता समूहों ने योजना के माध्यम से किया ₹318.98 लाख का कारोबार

प्रदेश के 95 ब्लॉकों में की जा रही उत्पादों की बिक्री

उत्तराखंड में शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना प्रदेश की मातृ शक्ति को सशक्त बनाने में वरदान साबित हो रही है। वर्तमान में प्रदेश की करीब 37 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। बीते एक वर्ष में योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों ने संपूर्ण प्रदेश में ₹318.98 लाख का कारोबार किया है।

बीते वर्ष रक्षाबंधन पर 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का लक्ष्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध करना था। इसके लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाती है साथ ही उत्पादों के विपणन की व्यवस्था की जाती है।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (मार्केटिंग) रोहित सिंह ने बताया कि योजना के तहत अगस्त 2023 से जून 2024 की समावधि के दौरान प्रदेश के 95 ब्लॉकों में कुल 1428 स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ₹318.98 लाख का कारोबार किया गया।

इस वर्ष भी विभाग ने प्रत्येक महीने की 25-30 तारीख के बीच ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगाने एवं प्रदेश में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों पर स्टॉल लगाकर समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन का निर्णय लिया है। इस वर्ष देहरादून स्थित सचिवालय में स्टॉल के माध्यम से योजना की शुरुआत की गई है। जल्द ही प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में भी स्टॉल लगाए जाएंगे।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी में जबरदस्त उछाल आया है। वो आत्मनिर्भर और सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग से लेकर ब्रांडिंग तक की व्यवस्था की जा रही है।

रेस्ट्रोरेंट के वाश रूम में मोबाइल/डिवाइस लगाकर महिलाओ की आपत्तिजनक क्लिप बनाने वाले अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

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महिलाओ की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दून पुलिस, एसएसपी देहरादून द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल अभियोग पंजीकृत करने के दिये थे निर्देश

दिनांक 15-08-2024 की रात्री में कन्ट्रोल रूम को एक महिला द्वारा फोन कर सूचना दी गई कि चकराता रोड स्थित आनन्दम रेस्ट्रोरेंट के महिला वाशरूम में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल छिपाकर रिकॉर्डिंग की जा रही थी , जिसे रेस्ट्रोरेंट में आयी कुछ महिलाओ द्वारा वाशरूम का इस्तेमाल करने के दौरान देखा गया था, उनके द्वारा इसकी सूचना रेस्ट्रोरेंट सचांलक को दी गई तथा उन्हें लेकर दोबारा वाशरूम में गये तो उक्त डिवाईस/मोबाइल वाशरूम से गायब मिले।

सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कैंट मय पुलिस बल के तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घटना के सम्बंध में उपस्थित महिलाओ से जानकारी ली गई, घटना की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए तत्काल अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिये गये, जिस पर थाना कैंट पर रेस्ट्रोरेंट पर आयी महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर तत्काल रेस्ट्रोरेंट संचालक व अन्य के विरुद्ध सम्बन्धित धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना के सम्बन्ध में रेस्टोरेंट के संचालक व रेस्टोरेंट में नियुक्त सभी कर्मियों से गहनता से पूछताछ करने पर रेस्ट्रोरेंट में हाउसकीपिंग का कार्य करने वाले एक कर्मचारी की बातों पर सदेंह होने पर पुलिस द्वारा उसे मौके से हिरासत में लिया गया, जिसे थाने लाकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा महिला वाशरूम में मोबाइल छुपाकर रखना स्वीकार किया गया तथा बताया कि वह रेस्टोरेंट में बने तीनो महिला वाशरूम में सफाई का काम करता है, इस दौरान उसके द्वारा महिला वाश रूम में मोबाइल/डिवाइस छिपाकर रख दिया था तथा महिलाओ को जब वाशरूम में मोबाइल रखे होने की जानकारी हुई तथा वे लोग जब इसकी शिकायत रेस्ट्रोरेंट संचालक से करने के लिये गये, उसी दौरान अभियुक्त द्वारा वाशरूम से मोबाइल को हटाकर उसमे से उक्त सभी वीडियो क्लिपो को डिलीट कर दिया।

पुलिस द्वारा अभियुक्त के कब्जे से उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु फॉरेंसिक लैब भेजा जायेगा।

नाम/पता अभियुक्त

विनोद पुत्र परमेशवर मंडल, निवासी चरककुटीर, थाना मनिहारी, धनबाद, झारखंड