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बाबा बौखनाग डोली में सीएम हुए शामिल

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सीएम पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को परेड ग्राउंड में बाबा बौखनाग की डोली के अयोध्या धाम भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हुए। बाबा बौखनाग की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और डोली को स्वयं कंधा देकर रवाना किया।

सीएम ने बाबा बौखनाग डोली समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारी बाबा बौखनाग के प्रति गहरी आस्था है। बाबा की कृपा पूरे उत्तराखंड पर है। इसका उदाहरण सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की सकुशल रिहाई है। जिनकी कृपा से यह असंभव कार्य संभव हो सका। बाबा का स्मरण करने से हमें रास्ता मिला और सभी लोग सकुशल रेस्क्यू किए गए। पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और हमारे प्रयासों की तारीफ भी हुई, यह बाबा का आशीर्वाद रहा। सीएम ने कहा कि बाबा की कृपा से हमारा राज्य नीति आयोग की ओर से जारी सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 10वें से पहले स्थान पर आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा की कृपा से आज हमारा राज्य नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 10वें से पहले स्थान पर आया है। चारधाम यात्रा में भी रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। बाबा की कृपा से यमुनोत्री और गंगोत्री में भी श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में बढ़ी है। गंगोत्री यमुनोत्री के साथ महासू देवता के स्थल हनोल का भी मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। अस्कोट से आराकोट तक राज्य समग्र रूप में विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है, हमने राज्य हित में अनेक कठिन व कठोर निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता अधिनियम लागू कर हमने प्रदेश की जनता से किया वायदा पूरा किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली समान नागरिक संहिता की गंगा पूरे देश में जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि जैसे पवित्र भूमि पर लंबे समय से विभिन्न विभागों की सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा था। सरकार द्वारा अभियान चलाकर ऐसी 05 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये प्रदेश में किसी भी तरह का धर्मांतरण ना हो पाए इसके लिए सख्त कानून का प्रावधान किया गया है। सरकार संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध हमने सख्त कार्रवाई करते हुए दंगा निरोधक कानून बनाया है। जिसके अंतर्गत संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले से ही उसकी वसूली की जाएगी।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल में 15 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई हैं। प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं की प्रतिभा का सम्मान किया गया है। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से युवा एक साथ कई पदों के लिये पात्रता में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, तीर्थाटन राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है। सड़कों के विकास, हवाई यातायात एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास से चारधाम यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा दुगने तीर्थ यात्री प्रदेश में आये हैं।

चारधाम यात्रा में भी रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। बाबा की कृपा से यमुनोत्री और गंगोत्री में भी श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में बढ़ी है। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, मनवीर चौहान, विनोद डोभाल, दीपक बिजल्वाण, सत्येंद्र राणा, आलोक रावत, चंडी प्रसाद, यशवंत सिंह, गोपाल सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

बाबा का मंदिर जल्द बनकर तैयार होगा
सीएम ने कहा, श्रमिकों को सकुशल निकालने के बाद वहां पर बाबा बौखनाग के मंदिर निर्माण की घोषणा की थी। वह कार्य हो रहा है। शीघ्र ही मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। सीएम ने बड़कोट पंपिंग पेयजल योजना के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए बाबा बौखनाग मेले को राजकीय मेले के रूप में आयोजित किए जाने की बात कही।

दिल्ली के श्री केदारनाथ धाम ट्रस्ट और मंदिर का बदलेगा नाम

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दिल्ली के श्री केदारनाथ धाम ट्रस्ट और मंदिर का बदलेगा नाम

दिल्ली में केदारनाथ धाम नहीं बल्कि केदारनाथ मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उसके बाद भी कुछ लोग इस मुद्दे को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं दिल्ली के श्री केदारनाथ धाम ट्रस्ट और मंदिर का बदलेगा नाम, दोनों के नाम से हटेगा धाम इसको लेकर दिल्ली ट्रस्ट ने मीडिया से बात करते हुए तस्वीर साफ कर दी है उत्तराखंड में मंदिर निर्माण को लेकर विरोध को हवा देने का काम कई दिनों से चल रहा था अब राज्य में विरोध करने वाले धार्मिक पंडितो ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर अपना धरना बाबा केदारनाथ धाम में खत्म कर दिया है फिलहाल इस साजिश में कई राजनेता से लेकर ऐसे लोगो की भूमिका भी समाने आई है जो धामी सरकार की छवि को धूमिल करने का प्लान तैयार किये हुए थे अब सिर्फ मंदिर निर्माण होगा जिसके बाद ऐसे लोगो को सियासत करने का अवसर नहीं मिलेगा जो अभी तक सरकार के खिलाफ काम कर रहे थे।

दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के निर्माण को लेकर विवाद गहराने के बाद श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट ने ट्रस्ट और मंदिर का नाम बदलने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र रौतेला ने कहा कि कुछ लोगों की धाम शब्द को लेकर नाराजगी है। जिसे देखते हुए दोनों के नाम से धाम शब्द हटा दिया जाएगा। ट्रस्ट की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रेस क्लब में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि दिल्ली में केदारनाथ धाम नहीं बल्कि केदारनाथ मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उसके बाद भी कुछ लोग इस मुद्दे को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तराखंड में स्थित बाबा केदारनाथ करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और हमेशा रहेंगे, इसलिए लोगों की आस्था से खिलवाड़ का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम केवल दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का निर्माण कर रहे हैं।

भगवान शिव का एक मंदिर बना रहे हैं और ये पहली बार नहीं है जब बाबा भोलेनाथ का किसी स्थान पर मंदिर बन रहा हो, लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसे केदारनाथ धाम से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह सिर्फ और सिर्फ एक मंदिर है।

रौतेला ने कहा, इस पूरे प्रकरण में कुछ लोगों ने यह विषय भी उठाया कि बाबा केदारनाथ का मंदिर एक ज्योतिर्लिंग है इसलिए उसकी कोई दूसरी प्रतिकृति नहीं हो सकती है, इस पर ट्रस्ट का कहना है कि हमारे जो 12 ज्योतिर्लिंग हैं उन सभी ज्योतिर्लिंग के नाम से देश में कई मंदिर बने हैं।

गुजरात में मुख्य सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है और दिल्ली में भी एक सोमनाथ मंदिर है। आंध्र प्रदेश में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है और बेंगलुरू में भी मल्लिकार्जुन मंदिर है। उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है और महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी नाम से मंदिर है। बदरीनाथ उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। जबकि मुंबई में भी इसी नाम से एक मंदिर बना हुआ है।

सीएम धामी का ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं
ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र रौतेला ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ट्रस्ट के अनुरोध पर मंदिर के भूमि पूजन के लिए आए थे। उनका और सरकार का ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं है। केदारनाथ धाम के मसले पर कुछ सोशल मीडिया में चल रहे वीडियो के बारे में उन्होंने कहा, ट्रस्ट ने इस तरह की कोई बयानबाजी नहीं की।

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मानसून सीजन में लगभग 05 लाख 30 पौधे लगाने का लक्ष्य

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उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला मंगलवार को जिले भर में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने सामूहिक रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम और पूजा अर्चना कर पर्व मनाया, स्कूलों, कॉलेजों में छात्र छात्राओं ने पौध रोपण कर पर्यावरण को साफ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। वहीं जिले के विभिन्न इलाकों में जिला प्रशासन की टीम,अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने एक पेड़ माँ के नाम थीम पर जिले भर में वृहद पौध रोपण किया।जिले में इस मानसून सीजन में लगभग 05 लाख 30 पौधे लगाने का लक्ष्य है वहीं आज लगभग एक लाख पौधों का रोपण किया गया।

हल्द्वानी नगर निगम पार्क नैनीताल रोड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों को अपनी मंगल कामनाएं भेंट की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्पएक वृक्ष मां के नाम को जीवंत रूप देने के लिए हम सब वचनबद्ध हैं। निश्चित रूप से हरेला हरियाली का त्योहार है यह उत्तराखंड के विशिष्ट त्योहारों में से एक है। पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में 30 पेड़ अनिवार्य रूप से लगाने चाहिए क्योंकि हर मनुष्य अपने जीवनकाल में लगभग 30 पेड़ो के बराबर ऑक्सीजन को ग्रहण करता है। हम सभी को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करना होगा।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने लोक पर्व हरेले की बधाई देते हुए हल्द्वानी के पेयजल निगम कार्यालय, नगर निगम पार्क में छायादार, बेलदार पौधों का रोपण किया। साथ उपस्थित सभी सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में आज हरेला पर्व धूमधाम के साथ और वृहद स्तर पर राज्य के दोनों मण्डल में पौध रोपण कर मनाया जा रहा है।बताया कि वर्षाकाल के दौरान पूरे कुमाऊं में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे, साथ ही प्राधिकरण वाले क्षेत्र सरकारी भूमि, सड़कों के दोनों तरफ लता, बेल वाले फूल लगाए जाएंगे। जिसकी शुरुआत आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को पेयजल निगम के कार्यालय से की।कहा कि हल्द्वानी में लता, बेल, फूल लगाने से आने वाले सालों में हल्द्वानी को फूलों के शहर के रूप में नई पहचान मिल सकेगी ।

डीएम वंदना सिंह ने भी नगर निगम पार्क में पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित रखने का संदेश दिया। कहा कि हमें प्रण लेना होगा कि हम पौधों को लगाने के साथ साथ संरक्षित भी रखेंगे।

इस दौरान कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और ऑर्गेनिक चाय, सुगंधित तेल, वनस्पति प्रजाति के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विकासखंड ओखलकांडा के स्वयं सहायता समूह जय दुर्गा एसएचजी, ओखलकांडा के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही वन संरक्षण, संवर्धन और वनों को वनाग्नि से बचने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किए गए अतुलनीय कार्यों के लिए भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हल्द्वानी नगर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले सफाई निरीक्षकों, पर्यावरण मित्रों और सफाई नायकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इसी क्रम में आज कोटाबाग, रामनगर, ओखलकांडा, भीमताल, रामगढ़, बेतालघाट, धारी, हल्द्वानी ब्लॉक में वन विभाग, उद्यान विभाग, खंड विकास अधिकारी, शिक्षा अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकारी भवन, विद्यालयों, ग्रामीण- शहरी आदि इलाकों में 33 से अधिक स्थानों में पौध रोपण किया जिसमें फलदार और छायादार पौधे रोपे गए। साथ ही रोपे गए पौधो की देख रेख और संरक्षण की जिम्मेदारी ली।

इस दौरान कार्यक्रम में नैनीताल विधायक सरिता आर्या, हल्द्वानी ब्लॉक प्रमुख रूपा देवी, जिलाधिकारी वंदना सिंह,मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार पांडे, एस ई मृदुला सिंह, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई, एसडीएम हल्द्वानी परितोष वर्मा, ईई ए के कटारिया, ज्योति पालनी, तहसीलदार सचिन कुमार, उपनिदेशक खेल राशिका सिद्धिकी, एसडीओ ममता चंद, शशि सिंह सहित स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय जनता मौजूद थी।

मुख्यमंत्री ने किया जागेश्वर धाम के प्रसिद्ध श्रावणी मेले का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जागेश्वर धाम पहुंचे जहां उन्होंने प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक महीने चलने वाले श्रावणी मेले का पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जागेश्वर के भंडारा स्थल में पदम का वृक्ष भी लगाया तथा हरेला की शुभकामनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जागेश्वर महादेव का पंचामृत से रुद्राभिषेक भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले की शुभकामनाएं दी।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के विकास को समर्पित सरकार है। इसी का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी की गई सतत विकास रिपोर्ट में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर आया है। यह हमारे उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास को समर्पित सरकार है। अल्मोड़ा के कोसी से कौसानी तक साइकिल ट्रैक का निर्माण किए जाने पर कार्य किया जा रहा है जिससे अल्मोड़ा जनपद के पर्यटन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा शहर के विस्तार की भी योजना है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम पौराणिक संस्कृति का अप्रतिम प्रतीक है। यहां आकर एक अलग ही शांति की अनुभूति मिलती है। भगवान जागेश्वर सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर आकर वें बहुत अभिभूत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोई अपनी मर्जी से नहीं बल्कि बाबा के बुलावे पर ही आता है। उन्हें बाबा का बुलावा आया तो वे यहां आए।
श्रावणी मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला पौराणिक संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है। श्रावणी मेला सदियों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है।

उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना की है तब से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के यहां आने से लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार देश एवं प्रदेश में विकास के नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीर्थाटन को बढ़ाने में भी उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केदारनाथ एवं बदरीनाथ मंदिर के मास्टर प्लान के माध्यम से केदारनाथ एवं बदरीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है उसी प्रकार जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के माध्यम से भी यहां के लोगों के आजीविका के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के कार्य पूरा हो जाने के बाद प्रति वर्ष 10 लाख श्रृद्धालु यहां आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से यहां के लोगों एवं जनपद की आर्थिकी में भी बढ़ोतरी होगी एवं जीवन खुशहाल होगा।

इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी जनपद एवं प्रदेशवासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले के शुभकनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में अनेक कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सुदूर आदि कैलाश में कराकर योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सड़कों का कायाकल्प होगा एवं प्रदेश तेजी से मजबूत अर्थव्यवस्था को और अग्रसर होगा।

विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री के जागेश्वर धाम आने के लिए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगातार प्रदेश एवं जनपद के लिए अहम फैसले लिए जा रहे हैं। जो प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश बहुगुणा, उपाध्यक्ष जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति नवीन चंद्र भट्ट, प्रबंधक ज्योत्सना पंत, पुजारी प्रतिनिधि पंडित नवीन चंद्र भट्ट,जिला उपाध्यक्ष भाजपा प्रकाश भट्ट, मंडल अध्यक्ष हरीश प्रकाश सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा जिला मजिस्ट्रेट विनीत तोमर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे समेत अन्य विभागीय अधिकारी एवं आम जनमानस उपस्थित थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास को लेकर निम्न घोषणाएं भी की हैं

  1. सरयू (सेराघाट) से वृद्ध जागेश्वर सहित जागेश्वर क्षेत्र के लिए पेयजल पंपिंग योजना का निर्माण किया जाएगा।
  2. भगततोला कपकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जाएगा।
  3. मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत वृद्ध जागेश्वर को धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
  4. भिकियासेन में डाम का निर्माण किया जाएगा।
  5. चमडखान में बैंक की स्थापना की जाएगी।
  6. भरतोली के प्राचीन देवायल मंदिर का जीर्णोधार किया जाएगा।
  7. डिप्टेश्वर महादेव एवं कोटेश्वर महादेव का जीर्णोधार तथा सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
  8. मर्चुला भिकियासेन मोटर मार्ग पर रामगंगा नदी पर रडास नमक मोटर पुल का निर्माण किया जाएगा।
  9. महात्मा गांधी इंटर कॉलेज चनोदा सोमेश्वर के अपूर्ण भवन का निर्माण किया जाएगा।
  10. चायखन – थूवासीमल से ध्युली – धोनी (अडोली सिमोली) व ध्यूली रौतेला चौना बैंड तक लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा।
  11. सोमेश्वर के ग्राम सभा रहत में धूनी गैर नमक स्थान पर मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा।
  12. शहर फाटक नंगधूनी मंदिर के पास मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
  13. कंडार खोवा के सुनियाकोट माटीला मोटर मार्ग से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक तथा मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा ।
  14. विकासखंड हवालबाग के गोविंदपुर स्थित देवडघाट के नानकोसी में मिनी बैराज का निर्माण किया जाएगा।
  15. जागेश्वर विधानसभा में 40 किमी डामरीकरण के प्रस्ताव पर जो भी संभव होगा इस पर कार्य किया जाएगा।

UP: शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था दो माह के लिए स्थगित

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यूपी डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामले में शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कतों को खत्म करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। ये जानकारी प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम ने दी।

बता दें कि मंगलवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ बेसिक के शिक्षक संगठनों की हुई वार्ता हुई। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि शासन ने फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित करने पर सहमति दी है। जल्द इसका आदेश जारी होगा। शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कत के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शिक्षाविद, शिक्षक नेता और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले ही सभी डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के साथ मिलकर शिक्षकों व शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे पहले भी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।

परिषदीय विद्यालयों में आठ जुलाई से शिक्षकों के डिजिटल अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर शिक्षक पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत थे। सोमवार को भी उन्होंने हर जिले में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा।

हरेला पर्व पर मालदेवता देहरादून में आयोजित शहीदों के नाम पौधरोपण कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने किया वृक्षारोपण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरेला पर्व के अवसर पर मालदेवता देहरादून में आयोजित ‘शहीदों के नाम पौधरोपण’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान जम्मू के कठुआ में शहीद हुए उत्तराखण्ड के जवानों एवं बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि दुर्घटना में मृतक वन्य कर्मियों की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप पौधा रोपण किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास करने वाले स्कूलों एवं वन पंचायतों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला पर्व सुख, समृद्धि, शान्ति, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है। यह पर्व जीवन को प्रकृति के साथ जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम प्राकृतिक धरोहर एवं विरासत को संरक्षित कर भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण देंगे। इस बार राज्य में हरेला पर्व की थीम पर्यावरण की रखवाली, घर-घर हरियाली, लाये समृद्धि और खुशहाली निर्धारित की गई है। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में सभी को योगदान देने के लिए अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तापमान में वृद्धि होना, सबके लिए चिंतन का विषय है। देवभूमि उत्तराखण्ड को प्रकृत्ति ने सब कुछ दिया है। हमारी जिम्मेदारी है कि प्रकृति प्रदत्त सम्पदाओं का सही तरह से उपयोग हो। वृक्षारोपण और जल संरक्षण की दिशा में सबको मिलकर प्रयास करने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हरेला पर्व पर 50 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सरकार के साथ जनसहयोग भी लिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 15 अगस्त तक बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जायेगा। सरकार के साथ स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ और जनसहयोग को इसमें लिया जायेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि जो भी वृक्षारोपण किये जा रहे हैं, उनका संरक्षण भी करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक कार्य किये गये हैं। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरूआत की थी। तब से अब तक देश में करोड़ों पौधे रोपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उत्तराखण्ड ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के लिए देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है।

हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी विद्यालयों, कॉलेजों, निकायों, जनप्रतिनिधियों तथा सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों से भी अपने परिसर में अधिक से अधिक पौधों का रोपण का आह्वाहन किया। मुख्यमंत्री ने मिश्रित वन के तहत पर्यावरण विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ‘सिंगलास वन’ विकसित करने के लिए प्रयास कर रही रूद्रप्रयाग जनपद के कोट ग्राम पंचायत की मातृशक्ति के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण के लिए भी कार्य किये जा रहे हैं, यह एक सराहनीय पहल है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला पर्व के उपलक्ष्य में इस वर्ष प्रदेश में 01 करोड़ 64 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान 15 अगस्त तक चलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान यहां का नैसर्गिक सौन्दर्य है। वन सम्पदा राज्य की आजीविका का महत्वपूर्ण संसाधन है। वन सम्पदाओं को बढ़ाने और जल संरक्षण की दिशा में हमें निरन्तर कार्य करने हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को शुद्ध वतावरण देने के लिए सबको वृक्षारोपण और जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने होंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) डॉ. धनंजय मोहन, आईजी गढ़वाल के.एस नगन्याल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दून पुलिस परिवार ने हर्षोल्लास के साथ मनाया “लोक पर्व हरेला”

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हरेला पर्व के अवसर पर एसएसपी देहरादून द्वारा रायपुर क्षेत्र में मालदेवता में भी वृक्षारोपण कर आम जन को अपने आस पास अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

हरेला पर्व के दौरान जनपद के सभी थाना/चौकी परिसर में वृहद स्तर पर पौधारोपण करते हुए पूर्व से लगे पौधों व क्यारियों का भी सौंदर्यकरण किया गया।

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों के अलावा देवभूमि युवा संगठन से आशिष नौटियाल (अध्यक्ष), दीपक नौटियाल (सचिव), श्रीमती भावना विश्वनाथ (एक्सक्यूटिव डायरेक्टर, बेर्निगाढ़ हाइड्रो पॉवर लिमिटेड) व अन्य पुलिस अधिकारी गण व आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर ने निकाय चुनाव के लिए भरा जोश

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देहरादून में बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति विस्तारक बैठक में उत्तराखंड सरकार के तीन साल लोकसभा चुनाव में मिली तीसरी बार जीत को लेकर ऊर्जा भरने का काम किया गया भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम धामी ने कहा कि विपक्षी सरकारों में केवल योजनाएं बनती थीं लेकिन हम जिन योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी करते हैं।

लोकसभा चुनाव के बाद सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक हुई। जिसमें बदरीनाथ व मंगलौर विधानसभा उपचुनाव की हार और आगामी निकाय चुनाव की रणनीति पर मंथन किया गया। इसके अलावा बैठक में तीन राजनीतिक प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।

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ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम धामी ने कहा कि आप सबकी मेहनत से ही पार्टी सबके बीच लोकप्रिय होती है। आप सबको देखकर मन में खुशी हो रही है। कहा कि हमारे कार्यकर्ता को जमीनी स्तर पर कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इसके बावजूद हमारा हर कार्यकर्ता जहां कम हैं, वहां हम हैं के साथ खड़ा होता है।

धारा 370 हो या तीन तलाक, समान नागरिक संहिता हो या राम मंदिर निर्माण। ये सभी हमारे वैचारिक संकल्प को दर्शाते हैं। हम सभी पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया में जो तस्वीर बनी है, उसके साक्षी हैं। हमारे इस महामंथन से जो उत्साह रूपी अमृत निकलेगा, वह हमारी पार्टी को और अधिक आगे बढ़ाएंगे।

हम टीम उत्तराखंड हैं। हमें टीम स्पीरिट से काम करना है। कहा कि हमें निकाय, पंचायत और केदारनाथ उपचुनाव में जाना है। प्रत्येक कार्यकर्ता को हमारी हर योजना को जन जन तक पहुंचना होगा। हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना है। एक नई ऊर्जा के साथ यहां से वापस जाना है।