Tuesday, January 20, 2026
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लालकुआं ट्रांसपोर्ट नगर में अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला एवं पुरुष को कुचला… दोनों की मौके पर ही मौत

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लालकुआं। नगर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से स्कूटी सवार महिला एवं पुरुष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, उक्त घटना से जहां क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, वहीं दुर्घटना करने वाले वाहन का अभी पता नहीं चल सका है, समाचार जारी होने तक स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। स्कूटी सवार महिला एवं पुरुष लालकुआं से वीआईपी गेट क्षेत्र की ओर को जा रहा था, समझा जा रहा है कि पीछे से आए किसी अज्ञात बड़े वाहन ने जोरदार टक्कर मार कर दोनों को कुचल दिया, जिससे दोनों की ही मौके पर मौत हो गई। मृतक पुरुष ने सिर में सेंचुरी पेपर मिल का हेलमेट एवं सेफ्टी शूज पहने हुए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हल्द्वानी में देखें पूरा कार्यक्रम

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हल्द्वानी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 17 जनवरी शनिवार को नैनीताल जिले के हल्द्वानी आंवला विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शेफ संवाद कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 17 जनवरी 2026, शनिवार को नैनीताल जिले के हल्द्वानी भ्रमण पर पहुंच रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री आंवला विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री शनिवार को दोपहर 12:30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा देहरादून से प्रस्थान कर पूर्वाह्न 01:30 बजे आंवला विश्वविद्यालय लामाचौड़ परिसर हेलीपैड पहुंचेंगे। शेफ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के उपरांत मुख्यमंत्री अपराह्न 2:30 बजे आंवला हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा देहरादून को प्रस्थान करेंगे।

मुख्यमंत्री के जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत अलर्ट मोड में नैनीताल पुलिस

SSP NAINITAL डॉo मंजुनाथ टीसी ने पुलिस अधिकारियों संग गोष्ठी आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के दिनांक 17.01.2026 शनिवार को नैनीताल जनपद में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉo मंजुनाथ टीसी द्वारा शुक्रवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा कर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए—

सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर पार्किंग की स्पष्ट व्यवस्था एवं भीड़भाड़ न होने देने हेतु पुलिस बल तैनात।
हेलीपैड क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, रिहर्सल ड्रिल एवं संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के आदेश।

सभी मार्गों पर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने, आवश्यक रूट डायवर्जन के निर्देश।

वीआईपी मूवमेंट के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों की विशेष निगरानी व किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु टीमों को तैयार रहने के निर्देश।

सोशल मीडिया और मैन्युअल इंटेलिजेंस के माध्यम से संदिग्ध/अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी एवं आवश्यक होने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश।

कार्यक्रम में तैनात सभी अधिकारी/कर्मचारियों को भलीभांति ब्रीफ करने तथा प्रत्येक प्वाइंट पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश।

संवेदनशील स्थानों एवं कार्यक्रम स्थल के आसपास चेकिंग प्वाइंट्स को फिक्स करते हुए सघन चेकिंग, एंटी-सबोटाज चेक, वाहन सत्यापन तथा संदिग्ध व्यक्तियों/सामानों की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश।

एसएसपी नैनीताल ने कहा कि— मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रुद्रप्रयाग में बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिरा, एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत

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रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत रैंतोली पेट्रोल पंप के समीप बीती शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक बोलेरो कैंपर वाहन अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी गिर गया. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य की तलाश जारी है. वहीं पुलिस एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम ने शव को बड़ी मशक्कत के बाद नदी से बाहर निकाला. जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

गौर हो कि देर रात लगभग 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक बोलेरो कैंपर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से अलकनंदा नदी में गिर गया है. सूचना मिलते ही चौकी जवाड़ी, कोतवाली रुद्रप्रयाग, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, आपदा नियंत्रण कक्ष, 108 एंबुलेंस एवं जल पुलिस को तत्काल मौके पर रवाना किया गया. सभी संबंधित विभागों की टीमों ने रात में ही घटनास्थल पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि बोलेरो कैंपर सीधे नदी में जा गिरा. कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम द्वारा नदी से एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया, जिसे 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उक्त व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस के अनुसार वाहन के विवरण व मृतक की शिनाख्त के संबंध में जानकारी अलग से साझा की जाएगी. देर रात करीब 4 बजे तक खोजबीन कार्य जारी रहा, जिसके बाद अंधेरा और परिस्थितियों को देखते हुए अभियान स्थगित किया गया. शेष तलाश एवं रेस्क्यू कार्य आज पुनः प्रारंभ किया जाएगा. घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है. पुलिस व प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

Uttarakhand : भू-अधिग्रहण का झंझट खत्म, अब टेबल पर मोलभाव कर जमीन लेगी धामी सरकार

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उत्तराखंड सरकार विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ‘लैंड परचेज पॉलिसी’ ला रही है। अब भू-अधिग्रहण की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय सीधे किसानों और ग्रामीणों से मोलभाव कर जमीन खरीदी जाएगी। राजस्व विभाग इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट मंजूरी के लिए पेश करने जा रहा है, जिससे जमीन मालिकों को ज्यादा मुआवजा मिल सकेगा।

  • सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए अब सीधे जमीन मालिकों से टेबल पर बैठकर मोलभाव होगा।
  • नई पॉलिसी में मौजूदा सर्किल रेट के चार गुना से भी बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
  • राजस्व विभाग अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखेगा।
  • मकसद भू-अधिग्रहण में लगने वाले सालों के समय और प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत को रोकना है।

देहरादून : उत्तराखंड में अब सरकारी योजनाओं के लिए अपनी जमीन देने वाले लोगों को कोर्ट-कचहरी और फाइलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार ‘लैंड परचेज पॉलिसी’ (Land Purchase Policy) लाने की तैयारी कर चुकी है।

इसका सीधा मतलब है कि सरकार अब जमीन का अधिग्रहण (Acquisition) करने के बजाय उसे सीधे किसान या जमीन मालिक से खरीदेगी। राजस्व विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही धामी कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

मोलभाव का मिलेगा मौका, मुआवजे में बढ़ोतरी

वर्तमान में लागू भू-अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजे के तौर पर सर्किल रेट का चार गुना पैसा देने का नियम है, लेकिन यह प्रक्रिया इतनी जटिल है कि इसमें सालों लग जाते हैं। नई लैंड परचेज पॉलिसी में ‘मोलभाव’ (Negotiation) को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का प्रयास है कि जमीन मालिकों को उनकी जमीन का सही और अधिक भाव तुरंत मिले ताकि वे खुशी-खुशी जमीन देने को तैयार हों। पॉलिसी को आकर्षक बनाने के लिए इसमें कड़े और स्पष्ट प्रावधान किए जा रहे हैं, जिससे आम आदमी को नुकसान न हो और उसे बाज़ार भाव के हिसाब से बेहतर रकम मिल सके।

क्यों पड़ी नई नीति की जरूरत?

राजस्व सचिव एसएन पांडेय के अनुसार, मौजूदा भू-अधिग्रहण प्रक्रिया बेहद लंबी और उलझाऊ है। कई बार जमीन न मिल पाने के कारण बड़े सरकारी प्रोजेक्ट लटक जाते हैं या उन्हें रद्द करना पड़ता है। देरी होने से प्रोजेक्ट की लागत (Cost) भी कई गुना बढ़ जाती है।

इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार अधिग्रहण के विकल्प के तौर पर सीधे खरीद का रास्ता अपना रही है। इससे न केवल योजनाएं समय पर पूरी होंगी, बल्कि जमीन मालिकों को भी तत्काल भुगतान मिल सकेगा। राजस्व विभाग का पूरा फोकस अब इस पॉलिसी को अमली जादा पहनाने पर है।

हरिद्वार डीएसओ श्याम आर्य गिरफ्तार, पीए पर भी शिकंजा, 50 हजार की घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए

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हरिद्वार। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) श्याम आर्य और उनके निजी सहायक गौरव शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार, 16 जनवरी को की गई, जिससे पूरे पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया।

श्याम आर्य को कुछ समय पहले ही हरिद्वार में तैनात किया गया था। इससे पहले यहां के डीएसओ तेजबल सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर बदलाव किया गया था। व्यवस्था सुधार के उद्देश्य से भेजे गए श्याम आर्य खुद अब घूस लेते हुए विजिलेंस के जाल में फंस गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्याम आर्य (पुत्र बी.आर. आर्य) और उनके निजी सहायक गौरव शर्मा (पुत्र रमेश शर्मा) पर आरोप है कि उन्होंने एक राशन डीलर से कार्य से संबंधित लाभ देने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मांग से परेशान होकर राशन डीलर ने सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। बरामद की गई रकम को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं है।

कार्रवाई के बाद पूर्ति विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की सूचना दे दी गई है, वहीं आम जनता और राशन डीलरों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Dehradun : मक्का-मदीना में रोक तो कुंभ में क्यों नहीं? महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस से पूछा सवाल

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देहरादून में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगी रोक का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जैसे मक्का-मदीना में नियमों का पालन होता है, वैसे ही सनातन परंपराओं और पुरोहितों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

  • कुंभ में प्रवेश पर तकरार: महेंद्र भट्ट ने कहा, कुंभ क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर आपत्ति जताना कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति है।
  • मक्का-मदीना का तर्क: भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब मक्का-मदीना में गैर-मुस्लिम वर्जित हैं, तो कुंभ के नियमों से दिक्कत क्यों?
  • सुखवंत आत्महत्या प्रकरण: मामले में कुमाऊं कमिश्नर की जांच जारी, भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • अगस्त्यमुनि विवाद: 20 करोड़ के स्टेडियम निर्माण में तोड़फोड़ को गलत बताया, कहा- विरोध के लिए न्यायालय का रास्ता खुला था।

देहरादून : हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रही बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने साफ कहा कि कुंभ क्षेत्र में यह नियम पहले से स्थापित है और सभी को स्थानीय पुरोहित समाज और धर्माचार्यों की परंपराओं का पालन करना चाहिए।

मक्का-मदीना और सनातन भावना का तर्क

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर सनातन भावनाओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब मक्का और मदीना जैसे धर्मस्थलों में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, तो सनातनी तीर्थों की मर्यादा का भी वैसा ही सम्मान होना चाहिए।

उनका कहना था कि कोई भी गैर-हिंदू, जो हिंदू धर्म अपनाने का इच्छुक न हो, वह पुण्य पाने की भावना से गंगा स्नान नहीं करेगा। ऐसे में वहां पहले से प्रचलित नियमों के पालन में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सुखवंत आत्महत्या प्रकरण: कमिश्नर कर रहे जांच

किसान सुखवंत आत्महत्या मामले पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर कुमाऊं कमिश्नर द्वारा मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई है।

जांच अधिकारी सभी संभावित आरोपियों और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी प्रकरण की तरह यहां भी विरोध के लिए केवल बहाने तलाश रही है, जबकि जनता को जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए।

सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ जायज नहीं

अगस्त्यमुनि में हुई घटना पर स्थिति साफ करते हुए महेंद्र भट्ट ने बताया कि विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां 20 करोड़ की लागत से स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत अब तक लगभग 8 करोड़ रुपये का कार्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी को निर्माण कार्य से शिकायत थी, तो न्यायालय जाने या शिकायत दर्ज कराने के विकल्प खुले थे। सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राजनीतिक लाभ के लिए उकसाने वाले तत्वों से सावधान रहें।

Dehradun-Paonta Sahib सफर में बड़ा बदलाव: अब 2 घंटे नहीं, सिर्फ 35 मिनट लगेंगे

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  • पांवटा साहिब से देहरादून की यात्रा का समय 2 घंटे से घटकर करीब 35 मिनट रह जाएगा।
  • परियोजना का 31.50 किलोमीटर हिस्सा यातायात के लिए खोल दिया गया है; पूर्ण कार्य फरवरी 2026 तक संपन्न होगा।
  • हरबर्टपुर, सेलाकुई और सुधोवाला को बायपास करने के लिए 25 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड हाईवे बना है।
  • 1,175 मीटर लंबा यमुना नदी पुल और आधुनिक सुरक्षा तकनीक इस कॉरिडोर की खासियत है।
  • यह मार्ग दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से भी सीधे जुड़ेगा।

देहरादून : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल दिया है। पांवटा साहिब से देहरादून (बल्लूपुर) के बीच बनने वाले फोर-लेन एनएच-07 कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में है।

इस परियोजना के पूरा होने से जिस सफर में पहले 2 घंटे लगते थे, वह अब मात्र 35 मिनट में पूरा हो सकेगा। यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि परियोजना के 31.50 किलोमीटर हिस्से पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों से मिलेगी मुक्ति

एनएच-07 परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ग्रीनफील्ड बायपास’ है। एनएचएआई ने पुराने रूट के बजाय लगभग 25 किलोमीटर का बिल्कुल नया रास्ता (ग्रीनफील्ड हाईवे) तैयार किया है। इससे वाहन चालकों को पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला के संकरे और जाम वाले बाजारों में नहीं फंसना पड़ेगा।

इस नए बदलाव से कुल रास्ते की लंबाई 7 किलोमीटर कम हो गई है। पहले यह मार्ग 52 किलोमीटर का था, जो अब घटकर 44.800 किलोमीटर रह गया है। यह मार्ग सीधे चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री तक पहुंच को भी सुगम बनाएगा।

1,646 करोड़ की लागत और दो बड़े पैकेज

एनएचएआई इस परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) के तहत दो हिस्सों में बना रहा है। कुल 1,646.21 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का खर्च भी शामिल है।

पहले पैकेज में पांवटा साहिब से मेदनीपुर तक 18.700 किलोमीटर सड़क बनाई गई है, जिस पर 553.21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें 1,175 मीटर लंबा चार-लेन का यमुना नदी पुल इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है।

दूसरा पैकेज मेदनीपुर से बल्लूपुर (देहरादून) तक 26.100 किलोमीटर का है, जिसकी लागत 1,093 करोड़ रुपये है। घनी आबादी के बीच यातायात को बिना रोके चलाने के लिए इसमें कई अंडरपास और सर्विस रोड बनाए गए हैं। इस परियोजना के लिए उत्तराखंड के 21 और हिमाचल के 4 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का उपयोग

यात्रियों की सुरक्षा के लिए कॉरिडोर में आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। रात में सामने से आने वाली गाड़ियों की लाइट से बचने के लिए एंटी-ग्लेयर स्क्रीन लगाई गई हैं। साथ ही, ऊंचे किनारों पर ‘थ्री बीम क्रैश बैरियर’ लगाए गए हैं।

पूरे रूट की निगरानी 24×7 पीटीजेड (PTZ) कैमरों से की जाएगी। आसन नदी पर भी 105 मीटर लंबा चार-लेन पुल बनाया गया है। बिटुमिन की खपत कम करने के लिए निर्माण में टेंसर तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।

दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव

यह नया हाईवे सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का भी केंद्र बनेगा। इसे दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। इससे देहरादून शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों (थ्रू-ट्रैफिक) को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा, जिससे शहर को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। भविष्य में यह मार्ग प्रस्तावित देहरादून-मसूरी कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा।

परियोजना का बचा हुआ काम, जिसमें कुछ हिस्सों में आरई वॉल और पेवमेंट का कार्य शामिल है, फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट के बाद ही तैयार हिस्सों को यातायात के लिए खोला गया है।

प्रशासन गांव की ओरः न्याय पंचायत सुआखोली में कैबिनेट मंत्री ने सुनी जन समस्याएं, 33 में से 14 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

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सुआखोली बहुउद्देशीय शिविरः 611 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ,

शिविर में बड़ी सौगातः किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर 02 पावर वीडर

शिविर में त्वरित सेवा, 02 वृद्धावस्था पेंशन, 05 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान, 55 आधार कार्ड अपडेशन मौके पर,

वयोश्री योजना के तहत 52 बुजुर्गों को मिले 206 सहायक उपकरण

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से जनता को मिल रहा त्वरित समाधान- गणेश जोशी

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को रायपुर ब्लॉक के दूरस्थ न्याय पंचायत सुआखोली में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 33 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से दो महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा पांच लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की। कृषि विभाग के माध्यम से 80 प्रतिशत अनुदान पर दो पावर वीडर तथा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आशा कार्यकत्रियों को जैकेट प्रदान की।

शिविर में मौके पर ही 05 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान कार्ड तथा 55 आधार कार्ड अद्यतन किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा वयोश्री योजना के अंतर्गत 52 वरिष्ठ नागरिकों को कुल 206 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए। साथ ही, दो लाभार्थियों की वृद्धावस्था पेंशन भी मौके पर ही स्वीकृत की गई। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि जनता का हित सर्वाेपरि है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों के माध्यम से जहां एक ओर ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका नाम परिवर्तित कर VB—G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) किया गया है। योजना से संबंधित कई महत्वपूर्ण नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत 100 कार्यदिवस निर्धारित थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 125 कार्यदिवस कर दिया गया है। साथ ही, पहले 15 दिनों में भुगतान की व्यवस्था थी, जिसे संशोधित करते हुए अब साप्ताहिक भुगतान प्रणाली लागू की गई है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा VB—G RAM G योजना को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित में निरंतर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्य कर रही है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान 32 शिकायतों में से 14 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।

शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा विभिन्न जनसमस्याएँ रखी गईं। सुआखोली में पार्किंग व्यवस्था, बैंक शाखा एवं एटीएम स्थापना, ग्राम नालीकला में सामुदायिक भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना तथा ग्राम मोटीधार में आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों के सुधारीकरण एवं झूलते विद्युत तारों व पोलों को स्थानांतरित किए जाने की मांग प्रमुख रही।

ग्रामीणों ने मोटीधार-ल्वारीगढ़, मोटीधार-मसराना, कालीगढ़-दुर्मा एवं सुआखोली-नालीकला मोटर मार्गों के निर्माण में हो रही देरी तथा चमासारी मोटर मार्ग का मलवा अन्य संपर्क मार्गों पर आने की समस्या भी उठाई। इसके साथ ही चामासारी पम्पिंग योजना से पेयजल आपूर्ति प्रारंभ न होने की शिकायत दर्ज की गई। जल संस्थान द्वारा अवगत कराया गया कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन के सुधारीकरण हेतु आंगणन तैयार कर लिया गया है। चामासारी वन क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण नए खालों के बनने से खेतों में पानी आने की शिकायत पर वन एवं कृषि विभाग को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान ग्रामीणों की अन्य समस्याओं का भी मौके पर ही समाधान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में कुल 611 लोगों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 63, होम्योपैथिक विभाग द्वारा 23 तथा आयुर्वेद विभाग द्वारा 35 लोगों की स्वास्थ्य जाँच कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। पशुपालन विभाग ने 05 कृषकों को पशु औषधियां उपलब्ध कराईं। राजस्व विभाग द्वारा आय, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री किसान योजना से संबंधित कुल 109 प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 08 तथा उद्यान विभाग द्वारा 37 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा वयोश्री योजना के अंतर्गत 52 वरिष्ठ नागरिकों को 206 सहायक उपकरण निशुल्क वितरित के साथ 02 लोगों की वृद्धावस्था पेंशन मौके पर स्वीकृत की गई। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 16 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज द्वारा किसान, दिव्यांग, विधवा पेंशन व परिवार रजिस्टर के 65, मत्स्य 15, एनआरएलएम के अंतर्गत 04, विद्युत विभाग के 11, उरेडा 40 तथा डेयरी 30 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य मंत्री डा. देवेन्द्र वसीम, मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, जिप सदस्य वीर सिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, सिल्ला क्षेत्र पंचायत सदस्य रामकली, बुरासखंडा क्षेत्र पंचायत सदस्य अंशिका, ग्राम प्रधान बुरासखंडा पूनम, ग्राम प्रधान नालीकला अरविन्द राणा, ग्राम प्रधान मोटीधार प्रेम कोली, ग्राम प्रधान सिल्ला मगन उनियाल, ग्राम प्रधान क्यारा रविन्द्र सिंह अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, एबीडीओ सुनील उनियाल, ई-डिस्ट्रक्ट मैनेजर हरेन्द्र सिंह एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

धामी की रफ्तार से ध्वस्त चर्चाओं के मोहताज साजिशकर्ता

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धामी की रफ्तार से ध्वस्त चर्चाओं के मोहताज साजिशकर्ता

धामी की रफ्तार से ध्वस्त चर्चाओं के मोहताज साजिशकर्ता देवभूमि में शोर बहुत हुआ, लेकिन हिला कुछ नहीं।
नेतृत्व बदलने की अफवाहें फैलाने वाले आज भी उसी जगह खड़े हैं, जहाँ से शुरू हुए थे—अटकलबाज़ी में।
“धामी आज हटेंगे, कल हटेंगे” कहने वालों की राजनीति सिर्फ कुर्सी की चर्चा तक सिमट कर रह गई, जबकि पुष्कर सिंह धामी काम की राजनीति लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

 2021 में जब धामी पहली बार मुख्यमंत्री बने, हालात उनके पक्ष में नहीं थे।
 2022 में इतिहास रचते हुए भाजपा को दोबारा सत्ता में लौटाया।
 2024 में लोकसभा चुनाव में फिर 5-0 का क्लीन स्वीप।
 निकाय, पंचायत और उपचुनाव—हर मोर्चे पर जीत की मुहर।

चुनाव ही नहीं, संकटों की कसौटी पर भी धामी खरे उतरे।
नकल माफिया, अंकिता भंडारी प्रकरण जैसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच और CBI की संस्तुति देकर उन्होंने जनभावनाओं को सम्मान दिया।
जोशीमठ से सिलक्यारा तक, धराली से थराली तक—आपदाओं में मुख्यमंत्री खुद ग्राउंड ज़ीरो पर डटे रहे, अफसरशाही को नहीं, जवाबदेही को आगे रखा।

हिंदुत्व के मुद्दों पर भी धामी सरकार ने बिना हिचक, बिना शोर ठोस फैसले लिए—
सख्त धर्मांतरण कानून
लैंड जिहाद व लव जिहाद पर कार्रवाई
अवैध मदरसे और मजारों पर सख्ती
चारधाम, मानसखंड और धार्मिक पर्यटन को नई गति

आज धामी सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि
विश्वसनीय नेतृत्व
संकट प्रबंधन का चेहरा
हिंदुत्व एजेंडे का मजबूत स्तंभ
बन चुके हैं।

यही वजह है कि अफवाहें चलाने वाले थकते जा रहे हैं,
और पुष्कर सिंह धामी अबाध गति से शासन चला रहे हैं।
भाजपा हाईकमान का भरोसा, मोदी–शाह का समर्थन और जनता का विश्वास—
यही है धामी की असली ताकत।

ऋषिकेश-बदरीनाथ National Highway पर फंसा ट्राला, सात घंटे तक लगा रहा 5 KM लंबा जाम

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रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय स्थित बदरीनाथ हाईवे पेट्रोल पंप के पास एक ट्राला फंसने से लगभग सात घंटे तक यातायात बाधित रहा। जिससे यात्रियों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा। बड़ी मशक्कत के बाद लगभग 12 बजे हाईवे को यातायात के लिए सुचारु किया गया।

शुक्रवार सुबह की घटना

शुक्रवार सुबह पांच बजे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के पास एक बड़ी मशीन लेकर गौचर की ओर जा रहा एक ट्रक ट्राला बीच मार्ग में फंस गया। जिससे हाईवे के दोनो ओर पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

ट्राला बीच मार्ग में फंसा

पुलिस प्रशासन ने जाम खोलने के काफी प्रयास किए, लेकिन ट्राला बीच मार्ग में फंसने से उसे सीधा करने में काफी समय लग गया। इस बीच पेट्रोल पंप से सुमेरपुर और गुलाबराय तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ट्राला को मार्ग से हटाया

पुलिस ने जवाड़ी बाईपास पर वाहनों को रोकते हुए व्यवस्था बनाने के प्रयास किए। लगभग 12 बजे जेसीबी की मदद से ट्राला को सड़क किनारे किया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई।

यातायात किया सुचारु

पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल ने बताया कि ट्राला फंसने से जाम की स्थिति पैदा हुई, लेकिन जेसीबी की मदद से ट्राला को हाईवे से हटाने के बाद जाम को खोलते हुए यातायात सुचारु किया गया।