संस्कृति, स्वाभिमान और समर्पण जनजातीय परंपराओं को नमन

0
198
जनजाति समागम–2026 का समापन

देवभूमि की पवित्र वादियों में जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में जब जनजाति समागम–2026 का समापन हुआ, तो वातावरण लोकधुनों, पारंपरिक वेशभूषा और आस्था से सराबोर हो उठा।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय समाज को नमन करते हुए कहा—
“हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले भाई-बहन केवल नागरिक नहीं, बल्कि देश की सीमाओं के सजग प्रहरी हैं।”

मुख्यमंत्री ने नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास और भूमि मामलों के समाधान, सामुदायिक भवन निर्माण, स्व. गौरा देवी जी की प्रतिमा और पार्क निर्माण, बैरासकुंड मंदिर के सौंदर्यीकरण जैसी घोषणाएँ कर जनभावनाओं को सम्मान दिया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से प्रकृति को पूजा है, लोकज्ञान को जिया है और संस्कृति को संजोया है। आज आवश्यकता है कि इस विरासत को नई पीढ़ी तक गर्व के साथ पहुँचाया जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय उत्थान के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विकास की किरण अंतिम पंक्ति तक पहुँचेगी।

लोकगीतों की गूंज, पारंपरिक नृत्य की लय और जनसहभागिता के इस अद्भुत संगम ने यह संदेश दिया—
जनजातीय संस्कृति केवल अतीत नहीं… यह उत्तराखंड का गर्व, वर्तमान और भविष्य है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here